# युद्ध अपराधों के मामले में कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को हेग अदालत ने सुनाई 25 साल जेल की सजा

> हेग स्थित विशेष अदालत ने 1990 के दशक के कोसोवो स्वतंत्रता युद्ध के दौरान हत्या, प्रताड़ना और अपहरण जैसे युद्ध अपराधों में संलिप्तता के लिए कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को 25 साल कैद का फैसला सुनाया है।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/kosovo-ke-purva-rashtrapati-hashim-thaci-ko-hague-adalata-ne-sunai-25-sala-jela-ki-saja-34143 · **Language:** Hindi
**Tags:** हाशिम थाची, कोसोवो, हेग, युद्ध अपराध, सर्बिया, कोसोवो लिबरेशन आर्मी, प्रिस्टिना

हेग स्थित विशेष अदालत ने कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची को 1990 के दशक के संघर्ष के दौरान गंभीर युद्ध अपराधों का दोषी ठहराते हुए 25 साल जेल की सजा सुनाई है। बुधवार को आए इस ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने 58 वर्षीय नेता को उस दौर में हुए अत्याचारों के लिए जवाबदेह माना जब कोसोवो ने सर्बिया से अलग होने के लिए सशस्त्र संघर्ष छेड़ा था। तीन साल तक चले सघन ट्रायल के बाद अदालत ने यह निर्णय सुनाया, जिसमें थाची पर हत्या, गैरकानूनी हिरासत, यातना और क्रूर व्यवहार के गंभीर अभियोग सिद्ध पाए गए।

## हेग में तीन साल चला ऐतिहासिक मुकदमा
द हेग में चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया में दोनों पक्षों की दलीलों और पेश किए गए साक्ष्यों की गहन समीक्षा की गई। अभियोजन पक्ष ने थाची पर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लगभग 100 नागरिकों की जान लेने और लोगों को जबरन गायब करने जैसी अमानवीय वारदातों में सीधी भूमिका निभाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में यह स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ लगाए गए कई अन्य आरोप पर्याप्त प्रमाण न होने के कारण साबित नहीं हो सके। इसके बावजूद, सिद्ध हुए अपराधों की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीशों ने उन्हें 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा मुकर्रर की।

## कोसोवो लिबरेशन आर्मी के शीर्ष कमांडर रहे हैं थाची
हाशिम थाची 1990 के शुरुआती दशक में गठित कोसोवो लिबरेशन आर्मी (केएलए) के सह-संस्थापक और प्रमुख सैन्य कमांडर थे। उस समय यह संगठन सर्बिया के एक प्रांत के रूप में मौजूद कोसोवो में रहने वाले जातीय अल्बानियाई समुदाय के लोगों का एक गुरिल्ला गुट था। इस संगठन ने बेलग्रेड के शासन से मुक्ति पाने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करते हुए हथियार उठाए थे। इस सशस्त्र विद्रोह और उसके बाद भड़के पूरे युद्ध में 10,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। युद्ध के दौरान केएलए पर क्षेत्र में रहने वाले अल्पसंख्यक जातीय सर्ब नागरिकों और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और उन पर हमले करने के आरोप लगे थे।

## समान आरोपों में तीन अन्य पूर्व कमांडर भी कटघरे में
अदालत की इस कानूनी कार्यवाही में हाशिम थाची अकेले नहीं थे। उनके साथ केएलए के तीन अन्य पूर्व शीर्ष कमांडरों पर भी समानांतर रूप से मुकदमा चलाया गया। इन तीनों पूर्व कमांडरों पर भी 1990 के संघर्ष के दौरान सामूहिक हिंसा, अत्याचार, नागरिकों को बंधक बनाने और युद्ध अपराधों को अंजाम देने के ऐसे ही आरोप तय किए गए थे। विशेष अदालत ने इन सभी पूर्व सैन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच की, जिन्होंने उस खूनी संघर्ष में गुरिल्ला बल का नेतृत्व किया था।

## गुरिल्ला कमांडर से राष्ट्रपति बनने का सफर
युद्ध समाप्त होने और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बाद जब कोसोवो ने 2008 में सर्बिया से अपनी स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा की, तब हाशिम थाची देश के पहले प्रधानमंत्री चुने गए। बाद के वर्षों में वे पदोन्नत होकर कोसोवो के राष्ट्रपति बने। गृहक्षेत्र में उन्हें लंबे समय तक स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े नायक के रूप में देखा जाता रहा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा युद्ध अपराधों के औपचारिक अभियोग तय किए जाने के बाद उन्होंने वर्ष 2020 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे हेग जाकर कानूनी प्रक्रिया और आरोपों का सामना कर सकें।

## राजधानी प्रिस्टिना में सन्नाटा और मायूसी
फैसला सुनाए जाने के दौरान कोसोवो भर में सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़ जमा हुई। राजधानी प्रिस्टिना सहित कई शहरों में अदालत की सीधी कार्यवाही दिखाने के लिए विशाल स्क्रीन लगाई गई थीं। जैसे ही न्यायाधीशों ने 25 साल के कारावास का आदेश पढ़ा, वहां मौजूद हजारों समर्थकों में गहरा शोक छा गया। सार्वजनिक चौराहों पर लोग फफक-फफक कर रोते देखे गए। कोसोवो के अधिकांश नागरिकों के लिए, जो थाची को एक संप्रभु राष्ट्र के निर्माता और नायक के रूप में पूजते रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय अदालत का यह फैसला एक अत्यंत दर्दनाक झटका साबित हुआ है।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा किसी पूर्व राष्ट्राध्यक्ष को युद्ध अपराधों के लिए 25 साल की सजा सुनाया जाना वैश्विक कूटनीति, न्याय व्यवस्था और बाल्कन क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण नजीर पेश करता है।

- **वैश्विक कानूनी जवाबदेही:** यह फैसला स्पष्ट करता है कि राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे नेता भी अतीत के गंभीर मानवाधिकार हनन और युद्ध अपराधों से कानूनी प्रतिरक्षा नहीं पा सकते। वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति सरकारों की जवाबदेही और अधिक सख्त होगी।
- **बाल्कन क्षेत्र में कूटनीतिक प्रभाव:** कोसोवो और सर्बिया के बीच पहले से ही मौजूद तनावपूर्ण संबंधों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ने की संभावना है। दोनों देशों के बीच जारी सामान्यीकरण की वार्ताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर नए सिरे से दबाव बढ़ सकता है।
- **अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर नजर रखने वालों के लिए:** वैश्विक मामलों और कानून के छात्रों व शोधकर्ताओं के लिए यह फैसला संप्रभुता बनाम अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के क्रियान्वयन का एक अहम उदाहरण है। वे समझ सकते हैं कि दशक पुराने सशस्त्र संघर्षों के मामलों में भी अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण किस तरह सजा तय करते हैं।
- **कोसोवो के नागरिकों के लिए:** कोसोवो के समाज में अपने राष्ट्रीय नेताओं और मुक्ति संग्राम के इतिहास को लेकर चल रही बहसों को गहरा झटका लगा है। घरेलू राजनीति में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े पुराने नेताओं के प्रभाव और राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह फैसला 1990 के दशक में कोसोवो और सर्बिया के बीच हुए हिंसक संघर्ष, स्वतंत्रता की मांग को लेकर खड़े हुए गुरिल्ला आंदोलन और उसके दौरान हुए कथित मानवाधिकार हनन की लंबी कानूनी जांच का नतीजा है।

- **1990 के दशक का सशस्त्र संघर्ष:** सर्बिया के शासन से अलग होकर पूर्ण स्वतंत्रता हासिल करने के लिए कोसोवो लिबरेशन आर्मी का गठन हुआ था, जिसके चलते छिड़े युद्ध में 10,000 से अधिक लोगों की मौत हुई। इस संघर्ष के दौरान बड़े पैमाने पर जातीय हिंसा और नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आई थीं।
- **गंभीर युद्ध अपराधों के पुख्ता प्रमाण:** अभियोजन पक्ष ने जांच में पाया कि गुरिल्ला कमान के तहत हत्या, गैरकानूनी हिरासत, यातना और जबरन गायब करने जैसी अमानवीय वारदातों को अंजाम दिया गया था। अदालत ने तीन साल तक चले ट्रायल में इन साक्ष्यों को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त माना।
- **विशेष न्यायाधिकरण की स्थापना:** संघर्ष के दौरान हुए अपराधों की निष्पक्ष जांच और शीर्ष नेताओं की जवाबदेही तय करने के लिए हेग में एक विशेष अदालत का गठन किया गया था। इस अदालत द्वारा 2020 में औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद थाची को इस्तीफा देकर पेश होना पड़ा।

## सवाल-जवाब

### 1. हाशिम थाची को किस अदालत ने सजा सुनाई है?
हेग स्थित एक विशेष अदालत ने हाशिम थाची को युद्ध अपराधों के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

### 2. पूर्व राष्ट्रपति को कितने साल की कैद की सजा मिली है?
अदालत ने हाशिम थाची को 25 साल जेल की सजा सुनाई है।

### 3. थाची पर कौन से मुख्य आरोप सिद्ध हुए हैं?
थाची को हत्या, गैरकानूनी गिरफ्तारी, यातना और क्रूर व्यवहार जैसे युद्ध अपराधों का दोषी पाया गया है।

### 4. यह मामला किस समय अवधि की घटनाओं से जुड़ा हुआ है?
यह मामला 1990 के दशक में सर्बिया के खिलाफ कोसोवो के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए अपराधों से संबंधित है।

### 5. 1990 के दशक के उस युद्ध में कितने लोगों की जान गई थी?
उस युद्ध में 10,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।

### 6. हाशिम थाची ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा कब और क्यों दिया था?
थाची ने वर्ष 2020 में हेग अदालत में युद्ध अपराधों के आरोपों का सामना करने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

### 7. क्या इस मुकदमे में अन्य लोग भी शामिल थे?
हां, कोसोवो लिबरेशन आर्मी के तीन अन्य पूर्व कमांडर भी समान आरोपों के तहत उनके साथ मुकदमे का सामना कर रहे थे।

### 8. कोसोवो ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कब की थी?
कोसोवो ने वर्ष 2008 में औपचारिक रूप से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी, जिसके बाद थाची उसके पहले प्रधानमंत्री बने थे।

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