# क्रामातोर्स्क में यात्री बसों पर रूसी ग्लाइड बमों की तबाही, 30 से अधिक लोगों की मौत

> पूर्वी यूक्रेन के क्रामातोर्स्क में दो नागरिक बसों पर हुए भीषण ग्लाइड बम हमले में 30 से ज्यादा यात्रियों की जान चली गई और 18 अन्य घायल हो गए।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-10-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/kramatorsk-men-yatri-bason-para-rusi-glaida-bamon-ki-tabahi-30-se-adhika-logon-ki-mauta-44848 · **Language:** Hindi
**Tags:** रूस यूक्रेन युद्ध, क्रामातोर्स्क, ग्लाइड बम हमला, दोनेत्स्क, वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, कीव, डोनबास

पूर्वी यूक्रेन के फ्रंटलाइन शहर क्रामातोर्स्क में नागरिकों से भरी दो सार्वजनिक बसों पर हुए भीषण रूसी ग्लाइड बम हमले में 30 से अधिक लोगों की जान चली गई है। बचाव अधिकारियों ने घटनास्थल से शवों और मलबे को निकालते हुए भारी तबाही की पुष्टि की है। इसी हमले के दौरान क्रामातोर्स्क समुदाय से जुड़े बिलेंके गांव में भी तीन अन्य लोग मारे गए। दोनेत्स्क क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख वादिम फिलाश्किन के अनुसार, इस घातक बमबारी में 18 अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले का मुख्य मकसद अधिक से अधिक निर्दोष यात्रियों को निशाना बनाना था। लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच अधिकारियों ने यात्रियों और ड्राइवरों की जिंदगी को बचाने के लिए पूरे इलाके में सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से बंद करने का फरमान जारी कर दिया है।

## क्रामातोर्स्क में बसों पर बमबारी और बचाव कार्य की स्थिति
घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय अभियोजकों की ओर से साझा किए गए विवरण और तस्वीरों में जलती हुई बसों के केवल लोहे के ढांचे दिखाई दे रहे हैं। चारों तरफ बिखरा मलबा और सड़क पर पड़े हताहत लोग हमले की भयावहता बयां कर रहे हैं। दोनेत्स्क क्षेत्रीय प्रमुख वादिम फिलाश्किन ने बताया कि हमले का निशाना बनीं बसें नियमित रूप से स्थानीय यात्रियों को ले जा रही थीं। उन्होंने बचे हुए सभी नागरिकों से तत्काल प्रभाव से पूर्वी मोर्चे को छोड़कर यूक्रेन के सुरक्षित पश्चिमी व मध्य हिस्सों में चले जाने की पुरजोर अपील की है। फिलाश्किन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी सूरत में बस ड्राइवरों और निर्दोष नागरिकों की जान को जोखिम में नहीं डाल सकता, जिसके चलते क्रामातोर्स्क और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में बसों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है।

क्रामातोर्स्क नगर परिषद ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे रूसी सेना द्वारा आम नागरिकों के खिलाफ किया गया एक भयानक अपराध करार दिया है। स्थानीय प्रशासन ने रेखांकित किया कि जिस जगह पर यह ग्लाइड बम गिराया गया, वहां दूर-दूर तक कोई सैन्य ठिकाना या सुरक्षा प्रतिष्ठान मौजूद नहीं था। मास्को की तरफ से इस ताजा नरसंहार पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है। युद्ध के अधिकांश समय के दौरान क्रामातोर्स्क यूक्रेनी सेना के लिए एक बेहद अहम लॉजिस्टिक्स और सप्लाई हब के रूप में काम करता रहा है। हालांकि, रूसी सेना के शहर के पूर्वी छोर के करीब पहुंचने के बाद से यहां लगभग रोजाना हमले हो रहे हैं।

## ग्लाइड बमों का खतरा और डोनबास पर कब्जे की रणनीति
रूसी सेना क्रामातोर्स्क और पड़ोसी शहर स्लोव्यान्स्क को निशाना बनाने के लिए विशेष रूप से ग्लाइड बमों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है। ये पारंपरिक बमों से काफी अलग और घातक होते हैं क्योंकि इनमें छोटे पंख (विंगलेट्स) लगे होते हैं। इन पंखों की मदद से बम केवल गुरुत्वाकर्षण के सहारे सीधे नीचे गिरने के बजाय हवा में ग्लाइड करते हुए लंबी दूरी तक सटीक निशाने की ओर आगे बढ़ते हैं। यूक्रेनी सुरक्षा तंत्र के अनुसार, अगस्त के आखिर में अकेले क्रामातोर्स्क शहर पर एक ही दिन में नौ ग्लाइड बम दागे गए थे, जिससे बड़े पैमाने पर ढांचागत नुकसान हुआ था।

भौगोलिक और रणनीतिक रूप से क्रामातोर्स्क और स्लोव्यान्स्क एक महत्वपूर्ण रक्षात्मक बेल्ट का हिस्सा हैं, जिसे एक मजबूत किला माना जाता रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पूरे डोनबास औद्योगिक क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित करने का दावा कर चुके हैं और मास्को की सेना इसी रक्षा पंक्ति को भेदने की लगातार कोशिश कर रही है। मास्को लंबे समय से यूक्रेन पर अपने पूर्ण पैमाने के हमले को रूसी भाषी डोनबास क्षेत्र के तथाकथित संरक्षण और मुक्ति के नाम पर सही ठहराता आया है। पूरा डोनबास मुख्य रूप से दो प्रमुख क्षेत्रों लुहांस्क और दोनेत्स्क से मिलकर बना है। लुहांस्क का अधिकांश भूभाग पहले ही रूसी नियंत्रण में जा चुका है, और अब क्रेमलिन दोनेत्स्क के उस शेष 20 प्रतिशत हिस्से पर भी कब्जा जमाने के प्रयास में जुटा है जो अभी यूक्रेन के पास है।

## यूक्रेनी नेतृत्व की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इस जानलेवा हमले पर बेहद कड़ा रुख जाहिर करते हुए पीड़ित परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि यह हमला बिना जवाब के नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि रूस डोनबास में जीवन के हर निशान को मिटाने पर आमादा है और दुनिया को इस पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया देनी चाहिए, बिल्कुल वैसी ही जैसी रूस अपने द्वारा की गई मौतों के लिए हकदार है। ज़ेलेंस्की ने साफ किया कि सिर्फ जुबानी हमदर्दी से काम नहीं चलेगा और यूक्रेन के साझेदार देशों को देश की सुरक्षा के लिए नए रक्षा पैकेजों के जरिए ठोस कार्रवाई करनी होगी।

इस बीच, कीव पहुंचे ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने गुरुवार को राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात की। मिलिबैंड ने हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रिहायशी इलाकों पर ये हमले पुतिन के बुरे इरादों और दुष्ट रणनीति को दर्शाते हैं। उन्होंने रूस की युद्ध मशीनरी, तेल कंपनियों, युद्ध के वित्तपोषण, शैडो फ्लीट और क्रिप्टो नेटवर्क पर और अधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। मिलिबैंड ने ज़ेलेंस्की को आश्वस्त किया कि ब्रिटेन इस संघर्ष में जीत हासिल करने तक यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा चाहे इसमें कितना भी समय लगे।

## प्रिलुकी से कीव तक आम नागरिकों पर बढ़ता संकट
क्रामातोर्स्क का यह हमला यूक्रेन भर में नागरिक ठिकानों पर हुए भीषण हवाई हमलों की एक व्यापक कड़ी का हिस्सा है। बुधवार तड़के राजधानी कीव के पूर्व में स्थित प्रिलुकी शहर में एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत पर हुए हमले में 22 लोग मारे गए थे, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल थे। दुखद बात यह रही कि मारे गए बच्चों में से तीन की उम्र केवल एक वर्ष थी। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेन में इस वर्ष अगस्त तक मारे गए नागरिकों की कुल संख्या 2025 में पूरे साल के दौरान हुई मौतों के आंकड़े को भी पार कर चुकी है, जो हमलों की बढ़ती तीव्रता को दिखाता है।

राजधानी कीव पर भी लगातार हवाई हमले जारी हैं और दिनभर हवाई हमलों के सायरन गूंजते रहते हैं। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि गुरुवार को हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हुए, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। लगातार हो रहे हमलों के कारण स्कूली बच्चों को कक्षाएं छोड़कर बंकरों और सबवे स्टेशनों में शरण लेनी पड़ रही है। स्थानीय व्यापार ठप हो रहे हैं और सार्वजनिक परिवहन सेवा बाधित हो चुकी है। प्रिलुकी हमले से ठीक पहले ज़ेलेंस्की ने इस सप्ताह खुफिया सूचनाओं के हवाले से रूस के एक बड़े हमले की योजना के प्रति सचेत किया था, जिसके बाद कीव के हजारों परिवारों ने बचाव के लिए मेट्रो स्टेशनों का रुख किया था।

## ऊर्जा ढांचे पर चोट और एयर डिफेंस मिसाइलों की भारी किल्लत
यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और बुनियादी सुविधाओं पर रूस के निरंतर हमलों ने नागरिकों के दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिजली स्टेशनों को निशाना बनाए जाने से कई शहरों में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है, जिसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। राजधानी कीव के स्थानीय जल आपूर्ति प्राधिकरण ने गुरुवार को चेतावनी दी कि बिजली कटौती के कारण शहर के दाएं किनारे पर पानी का दबाव तेजी से गिर रहा है। ऊर्जा नेटवर्क पर बढ़ते हमलों से सर्दियों से ठीक पहले मानवीय संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।

वर्तमान में खुफिया चेतावनियां ही आम यूक्रेनी नागरिकों के पास बचाव का एकमात्र प्रमुख साधन बची हैं। दुनिया भर में इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी चल रही है, जिसके चलते यूक्रेन के पास आने वाली रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों और हवाई हमलों को हवा में ही मार गिराने के विकल्प बेहद सीमित हो गए हैं। दोनों देशों ने हाल के महीनों में एक-दूसरे के खिलाफ लंबी दूरी के हमलों को तेज कर दिया है, जिसमें रूस द्वारा यूक्रेन के डेटा केंद्रों और लॉजिस्टिक्स गोदामों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। पर्याप्त मिसाइल रक्षा प्रणालियों के अभाव में आम जनता और सार्वजनिक संपत्तियों पर विनाश का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

## इसका आप पर असर
क्रामातोर्स्क में सार्वजनिक बसों पर हुए भीषण हमले ने फ्रंटलाइन क्षेत्रों में नागरिक जीवन और बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी जोखिम पैदा कर दिया है।

- **परिवहन और आवाजाही:** क्रामातोर्स्क और पड़ोसी इलाकों में सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। आम नागरिकों और ड्राइवरों की सुरक्षा के मद्देनजर अब सड़कों पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहेगा।
- **नागरिकों की सुरक्षा:** क्षेत्रीय प्रशासन ने अग्रिम मोर्चे के इलाकों में रह रहे सभी नागरिकों से तुरंत सुरक्षित पश्चिमी क्षेत्रों की ओर निकलने की अपील की है। जो लोग फ्रंटलाइन शहरों में रुके हैं, उन्हें लगातार बंकरों और मेट्रो स्टेशनों में शरण लेनी पड़ रही है।
- **बिजली और पानी का संकट:** ऊर्जा ग्रिड पर हमलों के चलते राजधानी कीव के दाएं किनारे समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी का दबाव घट गया है और बिजली कटौती बढ़ गई है। आने वाले दिनों में नागरिकों को पानी की किल्लत और लगातार ब्लैकआउट का सामना करना पड़ सकता है।
- **वैश्विक रक्षा आपूर्ति:** विश्व स्तर पर इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी के कारण हवाई हमलों से बचाव के उपाय सीमित हो गए हैं। स्थानीय आबादी के पास अब हमलों से बचने के लिए केवल अग्रिम सायरन और भूमिगत शेल्टर ही प्रमुख साधन रह गए हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हमला पूर्वी डोनबास क्षेत्र के पूर्ण नियंत्रण के लिए रूस द्वारा तेज किए गए सैन्य अभियान और हवाई रणनीतियों का सीधा परिणाम है।

- **डोनबास पर कब्जे की रणनीति:** मास्को पूरे डोनबास औद्योगिक क्षेत्र पर नियंत्रण करना चाहता है, जिसमें दोनेत्स्क का शेष 20 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। क्रामातोर्स्क और स्लोव्यान्स्क इस क्षेत्र के प्रमुख रक्षात्मक किले हैं, जिन पर रूसी सेना लगातार दबाव बना रही है।
- **ग्लाइड बम तकनीक का बढ़ता उपयोग:** रूसी सेना पारंपरिक बमों में पंख लगाकर उन्हें विंग्ड ग्लाइड बम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। ये बम हवा में लंबी दूरी तय करके आते हैं, जिन्हें मौजूदा यूक्रेनी रक्षा प्रणालियों द्वारा ट्रैक और नष्ट करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
- **यूक्रेनी रक्षा मिसाइलों का अभाव:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी बनी हुई है। पर्याप्त इंटरसेप्टर न होने के कारण यूक्रेनी सेना शहर की ओर दागे जा रहे भारी बैलिस्टिक और ग्लाइड हथियारों को हवा में रोकने में असमर्थ है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्रामातोर्स्क में बस हमले में कितने लोग मारे गए और कितने घायल हुए?
इस हमले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई और 18 अन्य घायल हुए, जबकि पास के बिलेंके गांव में तीन अन्य लोग मारे गए।

### 2. हमले के बाद स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन को लेकर क्या फैसला किया?
यात्रियों और ड्राइवरों की जान बचाने के लिए अधिकारियों ने क्रामातोर्स्क और आसपास के क्षेत्रों में सभी सार्वजनिक बसों का संचालन तुरंत बंद कर दिया।

### 3. ग्लाइड बम साधारण बमों से किस तरह अलग होते हैं?
ग्लाइड बमों में विंगलेट्स यानी छोटे पंख लगे होते हैं, जिससे वे सीधे नीचे गिरने के बजाय लंबी दूरी तक हवा में तैरते हुए लक्ष्य पर सटीक निशाना साधते हैं।

### 4. रूस डोनबास क्षेत्र में किन इलाकों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है?
रूस पूरे डोनबास पर कब्जा करना चाहता है, जिसमें लुहांस्क का अधिकांश हिस्सा पहले ही उसके पास है और अब वह दोनेत्स्क के बाकी 20 प्रतिशत हिस्से को निशाना बना रहा है।

### 5. ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने यूक्रेन में क्या घोषणाएं कीं?
एड मिलिबैंड ने रूस की युद्ध मशीनरी, तेल कंपनियों, शैडो फ्लीट और क्रिप्टो नेटवर्क पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की और यूक्रेन को निरंतर समर्थन का भरोसा दिया।

### 6. ऊर्जा ग्रिड पर हमलों से कीव में नागरिकों पर क्या असर पड़ा है?
बिजली कटौती के कारण कीव के दाएं किनारे पर पानी का दबाव गिर गया है और लोगों को बिजली के साथ-साथ पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

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