# कूड़े के पहाड़ में दो दिन खोजा गया वो टुकड़ा, इटली में फेंकी गई 10 लाख यूरो की लॉटरी पर्ची यूं लौटी

> बितोंतो में एक शख्स ने गलतफहमी में अपनी जीती हुई लॉटरी पर्ची कचरे में फेंक दी। सफाई कंपनी के कर्मचारियों ने कूड़े के ढेर में दो दिन तक छानबीन कर 10 लाख यूरो की वह पर्ची ढूंढ निकाली।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-08-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/kure-ke-pahara-men-do-dina-khoja-gaya-vo-tukara-italy-men-phenki-gai-10-lakha-euro-ki-lotari-parchi-yun-lauti-14009 · **Language:** Hindi
**Tags:** इटली लॉटरी, बितोंतो, 10 लाख यूरो, सफाईकर्मी, जीती पर्ची कचरे में, रोबेर्तो तोस्कानो

इटली के बितोंतो में एक लॉटरी खिलाड़ी शायद इस वक्त देश का सबसे खुशकिस्मत इंसान है। उसने अपनी 10 लाख यूरो (£857,158) की जीती हुई पर्ची गलती से कचरे में फेंक दी थी, लेकिन सफाईकर्मियों ने कूड़े के ढेर से वह गुमशुदा टुकड़ा ढूंढ निकाला और उसकी किस्मत वापस लौटा दी।

यह खिलाड़ी अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहता। उसने दक्षिणी इटली के बितोंतो की एक दुकान में अपने नंबर मिलवाए, जहां मशीन ने बताया कि पर्ची का भुगतान नहीं हो सकता। यह सुनकर उसने पर्ची वहीं दुकान के कूड़ेदान में डाल दी।

## एक फोन कॉल और खुली सारी गुत्थी
दरअसल पूरी गड़बड़ी एक संदेश की वजह से हुई। सफाई कंपनी के प्रमुख रोबेर्तो निकोला तोस्कानो के मुताबिक, जब इनाम इतना बड़ा हो कि दुकान से उसका भुगतान न हो सके, तब मशीन पर भुगतान न होने वाला संदेश दिखता है। खिलाड़ी को लगा कि उसकी पर्ची पर कुछ नहीं निकला और उसने उसे रद्दी समझकर फेंक दिया।

घर लौटने पर उसके परिवार ने बताया कि उसके हमेशा खेले जाने वाले पसंदीदा नंबर, यानी 2, 4, 8, 10 और 51, इस बार निकल आए हैं। तोस्कानो ने बताया, ‘‘तभी उसे गलतफहमी का एहसास हुआ। इसके बाद वे सब मिलकर दुकान गए और पता चला कि पर्चियां फेंकी जा चुकी थीं और हमारे एक कर्मचारी उन्हें उठा ले गए थे।’’ तोस्कानो उस SANB कंपनी के निदेशक हैं, जो इस इलाके में कचरा उठाने का काम संभालती है।

## कूड़े की गाड़ी रोकी गई
खिलाड़ी ने जैसे ही सफाई कंपनी से संपर्क किया, कर्मचारियों ने उस कूड़ा गाड़ी को खोज निकाला। राहत की बात यह रही कि उसका सारा कचरा तब तक दबाकर निपटाने के लिए भेजा नहीं गया था। तोस्कानो ने बताया कि गनीमत रही कि उस दिन रविवार था, वरना पूरा कचरा तब तक लैंडफिल में पहुंच चुका होता।

इसके बाद उस गाड़ी को एक खास जगह ले जाया गया, जहां कूड़े के पूरे पहाड़ में छिपे कागज के उस छोटे से टुकड़े को ढूंढने की मशक्कत शुरू हुई। यह किसी भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा काम था।

## दो दिन बाद मिली किस्मत
आखिरकार दो दिन की लगातार तलाश के बाद मंगलवार सुबह एक सफाईकर्मी को वह जीतने वाली पर्ची मिल गई। तोस्कानो ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्ची छेदों से भरे एक थैले में दूसरी खराब हो चुकी पर्चियों के साथ पड़ी थी, और यही उन चंद पर्चियों में से एक थी जो सही-सलामत बची रह गई थी।

हालांकि इस पूरी खोजबीन का खर्च खुद विजेता को उठाना पड़ेगा। तलाश शुरू होने से पहले ही उसने एक लिखित घोषणा पर दस्तखत किए थे, जिसमें उसने इस खोज पर होने वाले सारे खर्च को चुकाने का वादा किया था।

## किस्मत का साथ यहीं नहीं रुका
दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरे किस्से में किस्मत की मेहरबानी दूसरों पर भी बरसी। तोस्कानो और उनके साथियों ने मजाक-मजाक में एक स्क्रैच कार्ड खरीदा और उस पर उन्हें 50 यूरो (£43) का इनाम निकल आया। यानी कूड़े के ढेर में दबी एक पर्ची ने न सिर्फ एक इंसान की करोड़ों की किस्मत लौटाई, बल्कि उसे ढूंढने वालों के चेहरे पर भी मुस्कान बिखेर दी।

## इसका आप पर असर
- **आम पाठकों के लिए:** लॉटरी या स्क्रैच कार्ड की पर्ची फेंकने से पहले नतीजा अच्छे से जांच लें, क्योंकि ‘भुगतान नहीं’ जैसा संदेश हमेशा हार का मतलब नहीं होता, बड़े इनाम पर भी यही दिखता है।
- **विजेता के लिए:** पर्ची भले मिल गई, पर उसे ढूंढने में हुआ पूरा खर्च खुद विजेता को ही चुकाना होगा, क्योंकि उसने पहले ही इसका वादा किया था।

## सवाल-जवाब

### 1. विजेता ने अपनी पर्ची क्यों फेंक दी थी?
दुकान की मशीन ने ‘भुगतान नहीं हो सकता’ का संदेश दिखाया, जिसे उसने हार समझ लिया। असल में यह संदेश तब आता है जब इनाम इतना बड़ा हो कि दुकान से उसका भुगतान न हो सके।

### 2. जीतने वाले नंबर कौन से थे?
विजेता के हमेशा खेले जाने वाले पसंदीदा नंबर 2, 4, 8, 10 और 51 इस ड्रॉ में निकले।

### 3. पर्ची कितने की थी?
यह पर्ची 10 लाख यूरो (£857,158) की जीत वाली थी।

### 4. पर्ची कहां और कैसे मिली?
कूड़ा गाड़ी को एक खास जगह ले जाकर छानबीन की गई और दो दिन बाद मंगलवार सुबह एक सफाईकर्मी को वह पर्ची छेदों वाले एक थैले में दूसरी खराब पर्चियों के बीच मिली।

### 5. क्या खोज का खर्च विजेता को उठाना होगा?
हां, पूरी खोजबीन का खर्च विजेता को ही चुकाना होगा, क्योंकि उसने पहले ही इसकी लिखित घोषणा पर दस्तखत किए थे।

### 6. रविवार होने से क्या फर्क पड़ा?
रविवार होने की वजह से कचरा तब तक निपटाने के लिए नहीं भेजा गया था, वरना वह लैंडफिल में पहुंच चुका होता और पर्ची शायद कभी नहीं मिलती।

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