# कीव में स्टार्मर की आखिरी यात्रा, ब्रिटेन ने यूक्रेन के लिए अटूट समर्थन दोहराया

> सर कीर स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी आखिरी यूक्रेन यात्रा पर कीव पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की और यूक्रेन के लिए ब्रिटेन के अटूट समर्थन का भरोसा दोहराया।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-07-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/kyiv-men-starmer-ki-akhiri-yatra-britain-ne-ukraine-ke-lie-atuta-samarthana-doharaya-8101 · **Language:** Hindi
**Tags:** कीर स्टार्मर, यूक्रेन युद्ध, वोलोदिमीर जेलेंस्की, एंडी बर्नहम, ब्रिटेन यूक्रेन साझेदारी, बीएई सिस्टम्स, काला सागर हमले

सर कीर स्टार्मर गुरुवार को कीव पहुंचे। यह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी यूक्रेन की आखिरी यात्रा मानी जा रही है। राजधानी के रेलवे स्टेशन पर यूक्रेनी अधिकारियों ने उनका स्वागत किया, इसके बाद उसी दिन बाद में उनकी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात तय थी।

## विदाई यात्रा, लेकिन संदेश साफ
यह यात्रा एंडी बर्नहम के लेबर पार्टी नेता और प्रधानमंत्री बनने से ठीक पहले हो रही है, यानी यह स्टार्मर के अपने कार्यकाल के अंत का भी प्रतीक है। यात्रा से पहले जारी बयान में स्टार्मर ने कहा कि फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद से यूक्रेनी लोगों ने जिस दृढ़ता का परिचय दिया है, उसी ने यूरोप की सुरक्षा को बचाए रखा है। इस बयान ने पूरी यात्रा को महज विदाई से आगे बढ़ाकर एक भरोसा दोहराने वाला मौका बना दिया, खासकर तब जब लंदन में सत्ता बदलने वाली है।

## दो साल में मजबूत हुए रिश्ते
स्टार्मर ने अपने बयान में प्रधानमंत्री के तौर पर बीते दो साल में यूक्रेन युद्ध में ब्रिटेन के योगदान का ब्योरा दिया। इसमें ब्रिटेन और यूक्रेन के बीच 100 साल के साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर शामिल हैं, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार संबंधों को मौजूदा जंग से कहीं आगे तक मजबूत बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में यूक्रेन के लिए शांति सेना तैयार करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों की अगुआई खुद उन्होंने की, जो जंग थमने के बाद भी यूक्रेन की सुरक्षा का आधार बनेगी। स्टार्मर ने कहा, "जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब मुझे पता था कि ब्रिटेन को सिर्फ मौजूदा हालात में यूक्रेन के साथ खड़ा नहीं होना है, बल्कि उसकी लंबी अवधि की सुरक्षा और कामयाबी की नींव तैयार करने में मदद करनी है।"

## रक्षा बजट बढ़ा, नई तकनीक पर जोर
स्टार्मर ने कहा कि उनकी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाया है और भविष्य की युद्ध तकनीकों में आगे रहने का काम किया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कोशिश सिर्फ ब्रिटेन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सहयोगी देशों को भी साथ लेकर चली। उन्होंने कहा, "हम इस सफर में दूसरों को भी साथ लाए हैं। जैसा हमने हाल के हफ्तों में जी7 और नाटो शिखर सम्मेलनों में दिखाया, ब्रिटेन और उसके सहयोगी देश रूसी आक्रामकता के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हैं।" उनका इशारा हाल की इन कूटनीतिक बैठकों की ओर था, जो यह दिखाती हैं कि यूक्रेन के पक्ष में पश्चिमी देशों की एकजुटता अब भी बरकरार है।

## यूक्रेन को मिलेंगे नए आर्टिलरी बैरल
राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ इस यात्रा के दौरान सैन्य साजोसामान की एक ठोस खेप भी भेजी जा रही है। बीएई सिस्टम्स के साथ हुए £61m के कॉन्ट्रैक्ट के तहत 150 ब्रिटिश निर्मित आर्टिलरी बैरल में से पहली खेप यूक्रेन को उसकी रक्षा मजबूत करने के लिए दी जा रही है। स्टार्मर ने अपने बयान में कहा, "मुझे ब्रिटेन के योगदान पर बहुत गर्व है। यह काम आगे भी जारी रहेगा, और यूक्रेन के लिए हमारा अटूट समर्थन हमेशा बना रहेगा।" उन्होंने हथियारों की इस खेप को सीधे तौर पर अपने इस वादे से जोड़ा कि उनके पद छोड़ने के बाद भी यह समर्थन कम नहीं होगा।

## जंग की कीमत की याद दिलाते हमले
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जंग की हिंसा अब भी थमी नहीं है। रूसी हमलों में काला सागर में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद आठ लोगों की मौत हो गई। इस आंकड़े का जिक्र स्टार्मर ने अपनी बातचीत में किया, जिसमें उन्होंने ब्रिटेन की यूक्रेन के प्रति एकजुटता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "मैंने उनसे मुलाकात कर उन्हें यह बताया कि हमारा देश उनके और यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा।" यह टिप्पणी बताती है कि यूक्रेनी समकक्षों को सीधे दिया गया संदेश विदाई का नहीं, बल्कि निरंतरता का था।

## घर में भी बदल रहा नेतृत्व
स्टार्मर की खुद की राजनीतिक विदाई अब तय समय पर है। उनके उत्तराधिकारी एंडी बर्नहम शुक्रवार को लेबर पार्टी के नेता बनेंगे और सोमवार तक प्रधानमंत्री पद संभालने की उम्मीद है, यानी यह कीव यात्रा लगभग तय तौर पर स्टार्मर की ब्रिटेन के सरकार प्रमुख के तौर पर आखिरी यात्रा है। इसका मतलब यह भी है कि यूक्रेन को लेकर स्टार्मर ने जो भी वादे किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई नेतृत्व टीम पर होगी। फिर भी अपने बयान में उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन का यह अटूट समर्थन प्रधानमंत्री बदलने से खत्म नहीं होगा, बल्कि डाउनिंग स्ट्रीट में अगला कोई भी हो, यह समर्थन हमेशा बना रहेगा।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से नहीं जुड़ी, लेकिन ब्रिटेन-यूक्रेन संबंधों और रक्षा उद्योग पर नजर रखने वालों के लिए अहम है।

- **ब्रिटेन के रक्षा उद्योग के लिए:** बीएई सिस्टम्स के साथ हुए £61m के कॉन्ट्रैक्ट के तहत 150 आर्टिलरी बैरल का ऑर्डर यूक्रेन को समर्थन देने से जुड़े उत्पादन और रोजगार को बनाए रखता है।
- **जंग पर नजर रखने वालों के लिए:** ब्रिटेन का दोहराया गया अटूट समर्थन, 100 साल का साझेदारी समझौता और भविष्य की शांति सेना की योजना बताती है कि यूक्रेन के लिए पश्चिमी देशों का साथ प्रधानमंत्री बदलने के बावजूद जारी रहेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. स्टार्मर की यह यात्रा यूक्रेन की आखिरी यात्रा क्यों मानी जा रही है?
क्योंकि एंडी बर्नहम शुक्रवार को लेबर पार्टी के नेता बनेंगे और सोमवार तक प्रधानमंत्री पद संभालने की उम्मीद है, जिससे स्टार्मर का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।

### 2. कीव में स्टार्मर किससे मिले?
उनकी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से गुरुवार को कीव में मुलाकात तय थी।

### 3. स्टार्मर ने यूक्रेन को लेकर ब्रिटेन के समर्थन पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लिए ब्रिटेन का अटूट समर्थन जारी रहेगा और यह हमेशा बना रहेगा।

### 4. स्टार्मर के कार्यकाल में ब्रिटेन ने यूक्रेन के लिए क्या किया?
ब्रिटेन ने यूक्रेन के साथ 100 साल का साझेदारी समझौता किया, भविष्य की शांति सेना बनाने की कोशिशों की अगुआई की, रक्षा निवेश बढ़ाया और बीएई सिस्टम्स के साथ £61m के कॉन्ट्रैक्ट के तहत 150 ब्रिटिश निर्मित आर्टिलरी बैरल में से पहली खेप यूक्रेन भेज रहा है।

### 5. काला सागर में तेल टैंकरों पर हमले में क्या हुआ?
स्टार्मर के बयान के मुताबिक, रूसी हमलों में काला सागर के तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद आठ लोगों की मौत हो गई।

### 6. एंडी बर्नहम कब प्रधानमंत्री पद संभालेंगे?
वे शुक्रवार को लेबर पार्टी के नेता बनेंगे और सोमवार तक प्रधानमंत्री पद संभालने की उम्मीद है।

### 7. ब्रिटेन-यूक्रेन 100 साल के साझेदारी समझौते का मकसद क्या है?
इसका मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार संबंधों को लंबे समय तक मजबूत बनाना है।

### 8. स्टार्मर ने रक्षा तकनीक को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने रक्षा में निवेश बढ़ाया है और भविष्य की युद्ध तकनीकों में आगे रहने का काम किया है।

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