फर्जी बम धमकियों से हिला मीडिया जगत, आरटीई और स्काई समेत कई दफ्तर खाली कराए गए शुक्रवार सुबह आयरलैंड और यूरोप भर के प्रमुख मीडिया संस्थानों को ईमेल पर फर्जी बम धमकियां मिलीं, जिसके बाद आरटीई और न्यूस्टॉकएफएम जैसे संस्थानों के दफ्तरों को एहतियातन खाली कराना पड़ा। शुक्रवार की सुबह आयरलैंड के सार्वजनिक सेवा प्रसारक आरटीई और कई अन्य प्रमुख मीडिया घरानों के दफ्तरों को उस समय अचानक खाली कराना पड़ गया जब परिसरों को उड़ाने की धमकियां मिलने लगीं। सुरक्षा के मद्देनजर सशस्त्र गार्डई यानी आयरिश पुलिस तुरंत हरकत में आई और डबलिन स्थित आरटीई के मुख्य मुख्यालय पर भारी बल तैनात कर दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से पूरी मुस्तैदी से निपटा जा सके। इन सुरक्षा चेतावनियों का दायरा केवल आयरलैंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शुक्रवार को यूरोप के अन्य हिस्सों में स्थित कई अन्य मीडिया आउटलेट्स को भी इसी तरह के खतरनाक संदेश भेजे गए, जिससे पूरे यूरोपीय मीडिया जगत में सनसनी फैल गई। ईमेल के जरिए दी गई थी धमकी और 45 मिनट का अल्टीमेटम घटना की जानकारी देते हुए आरटीई की जानी-मानी प्रस्तुतकर्ता सारा मैकइनरनी ने बताया कि शुक्रवार को सुबह ठीक 08:33 बजे आरटीई के मुख्य समाचार कक्ष को एक इलेक्ट्रॉनिक मेल प्राप्त हुआ था। इस धमकी भरे संदेश का विषय 'मैसेज टू द वेस्ट' यानी पश्चिम के लिए संदेश रखा गया था, जिसमें दावा किया गया था कि अगले 45 मिनट के भीतर परिसर में एक शक्तिशाली बम फट जाएगा। इस सनसनीखेज सूचना के मिलते ही न्यूज़ रूम प्रबंधन ने तुरंत सक्रियता दिखाई और बिना किसी देरी के मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। हालांकि अधिकारियों के बीच हुई शुरुआती चर्चा के बाद यह अनुमान लगाया गया था कि यह चेतावनी महज एक अफवाह हो सकती है, लेकिन फिर भी किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इमारत को खाली कराने का कठोर निर्णय लिया गया। कई अन्य मीडिया घरानों में भी मची अफरा-तफरी इस सुरक्षा संकट की चपेट में केवल आरटीई ही नहीं आया, बल्कि डबलिन स्थित रेडियो स्टेशन न्यूस्टॉकएफएम और प्रतिष्ठित अखबार आयरिश इंडिपेंडेंट के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी धमकियां मिलने के बाद कुछ समय के लिए अपने दफ्तर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। न्यूस्टॉकएफएम की लोकप्रिय प्रस्तोता क्लेयर बायरन ने अपनी प्रसारण ड्यूटी पर वापस लौटते समय श्रोताओं को पूरी घटना से अवगत कराते हुए बताया कि उन्हें भी एक संदेश मिला था जिसके आधार पर इमारत खाली करने की सलाह दी गई थी। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक आधिकारिक बयान में न्यूस्टॉकएफएम के मूल संगठन बाऊर मीडिया ने स्पष्ट किया कि सुबह के वक्त उनके दफ्तरों को भी खाली कराना पड़ा था क्योंकि उन्हें एक फर्जी बम धमकी का सामना करना पड़ा था, हालांकि बाद में सभी कर्मचारियों को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और प्रसारण सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गया। वर्जिन मीडिया और स्काई ब्रॉडकास्टर की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सभी मीडिया संस्थानों ने अपनी कार्यप्रणाली के अनुसार अलग-अलग कदम उठाए। वर्जिन मीडिया आयरलैंड की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उन्हें भी एक सुरक्षा धमकी वाला ईमेल मिला था, जिसे यूरोपीय मीडिया प्लेटफॉर्मों पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया था। वर्जिन मीडिया ने अपने स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया और अन गार्डिया सीचाना यानी आयरिश पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा, हालांकि राहत की बात यह रही कि उनके यहां से कोई निकासी नहीं हुई और वे पूरे समय ऑन एयर बने रहे। दूसरी ओर, कॉकाकास्ट के स्वामित्व वाले प्रमुख प्रसारक स्काई ने भी पुष्टि की कि आरटीई के अपनी इमारत खाली करने के कुछ घंटों बाद उन्हें भी सुरक्षा संबंधी धमकी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल सुरक्षा आकलन किया और मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी ताकि कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शीर्ष नेताओं और पुलिस की कड़ी प्रतिक्रिया आयरलैंड के ताइसीच यानी प्रधानमंत्री माइकेल मार्टिन ने इस पूरी स्थिति को बेहद चिंताजनक करार देते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आयरिश जनता की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि किस तरह से अपरंपरागत गतिविधियों के जरिए समाज के सामान्य कामकाज को बाधित करना, डर और चिंता पैदा करना बेहद आसान हो सकता है। ताइनाइसटी यानी उप प्रधानमंत्री साइमन हैरिस ने इस स्थिति को एक गंभीर और लगातार विकसित होने वाला मामला बताया और कॉर्क 96एफएम को दिए अपने साक्षात्कार में याद दिलाया कि पिछले कुछ दिनों के दौरान विमानन क्षेत्र को लेकर भी इसी तरह की कई बम धमकियां सामने आ चुकी हैं। अन गार्डिया सीचाना यानी आयरिश पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि वे आयरलैंड और यूरोप भर के मीडिया संगठनों को मिले इस खतरे से पूरी तरह अवगत हैं और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं। इसका आप पर असर इन फर्जी बम धमकियों के कारण मीडिया संस्थानों के कामकाज और दैनिक प्रसारण पर सीधा असर पड़ा है, जिससे कर्मचारियों और आम जनता में अस्थायी रूप से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। • भारत में: देश भर के मीडिया घरानों और सार्वजनिक संस्थानों को इस तरह की घटनाओं से अपनी साइबर सुरक्षा और ईमेल फ़िल्टरिंग प्रणालियों को और अधिक कड़ा करने की प्रेरणा मिलती है। • आयरलैंड में: डबलिन और अन्य शहरों में स्थित मीडियाकर्मियों को अचानक दफ्तर छोड़ने पड़े, जिससे लाइव प्रसारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ और सुरक्षा प्रोटोकॉल की नए सिरे से समीक्षा करनी पड़ी। ऐसा क्यों हुआ यह घटना इस बात का परिणाम है कि किस तरह असामाजिक तत्व आसानी से ईमेल और डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग करके सुनियोजित तरीके से दहशत फैला सकते हैं। हाल के दिनों में विमानन क्षेत्र और विभिन्न सार्वजनिक परिसरों को निशाना बनाकर ऐसी कई फर्जी चेतावनियां दी जा चुकी हैं। • डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग: आरोपियों ने मीडिया संगठनों के सामान्य इनबॉक्स पर धमकियां भेजकर जानबूझकर बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा करने का प्रयास किया। • सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनिवार्यता: धमकी फर्जी होने की संभावना के बावजूद, मानवीय जीवन की रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए संस्थानों को अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ा। • जांच जारी: आयरिश पुलिस, रक्षा बल और यूरोपीय साइबर प्राधिकरण यह पता लगाने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं कि इन समन्वित संदेशों के पीछे कौन लोग शामिल थे। सवाल-जवाब 1. यह बम धमकी किन मीडिया संस्थानों को मिली थी? यह धमकी आयरलैंड के आरटीई, आयरिश इंडिपेंडेंट, न्यूस्टॉकएफएम और ब्रिटेन के स्काई ब्रॉडकास्टर समेत कई यूरोपीय मीडिया संगठनों को मिली थी। 2. धमकी मिलने का समय और तरीका क्या था? शुक्रवार सुबह 08:33 बजे आरटीई के समाचार कक्ष को 'मैसेज टू द वेस्ट' विषय के साथ एक ईमेल भेजा गया था जिसमें 45 मिनट में बम फटने की चेतावनी दी गई थी। 3. क्या धमकियां वास्तविक थीं या फर्जी? आयरिश सरकार और पुलिस ने जांच के बाद इन चेतावनियों को 'फर्जी धमकियां' करार दिया है। 4. क्या इस घटना से प्रसारण में कोई बाधा आई? हाँ, कुछ प्रसारकों को अपने लाइव कार्यक्रम रोकने पड़े और दफ्तर खाली करने पड़े, जबकि वर्जिन मीडिया जैसी कुछ अन्य कंपनियों ने बिना निकासी के ऑन एयर बने रहना जारी रखा। 5. इस मामले में कौन सी एजेंसियां जांच कर रही हैं? आयरिश पुलिस (गार्डाई), रक्षा बल, साइबर प्राधिकरण और उनके यूरोपीय समकक्ष मिलकर इस मामले की जाँच कर रहे हैं। https://trendkia.com/europe/media-outlets-evacuated-across-europe-and-ireland-following-hoax-bomb-threats-57252 TrendKia — Har trend, sabse pehle.