उत्तरी आयरलैंड में एआई युक्त हार्डवेयर उत्पादों पर लागू होंगे यूरोपीय संघ के कड़े नियम ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूरोपीय संघ का कृत्रिम बुद्धिमत्ता कानून उत्तरी आयरलैंड में केवल उन्हीं भौतिक उत्पादों पर लागू होगा जिनमें एआई प्रणाली अंतर्निहित है। सामान्य सॉफ्टवेयर टूल्स और ऑनलाइन सेवाओं को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है। यूरोपीय संघ के कृत्रिम बुद्धिमत्ता कानून के कुछ विशिष्ट प्रावधान उत्तरी आयरलैंड में भी प्रभावी होंगे। ब्रिटेन की सरकार ने इस व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि यह नियम पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से नहीं, बल्कि बेहद सीमित दायरे में लागू किए जाएंगे। उत्तरी आयरलैंड में प्रौद्योगिकी का सामान्य विनियामक ढांचा तय करने का अधिकार मुख्य रूप से ब्रिटिश सरकार और स्टॉर्मोंट के पास ही सुरक्षित रहेगा। विंडसर फ्रेमवर्क और भौतिक उत्पादों का दायरा यह कानूनी व्यवस्था ब्रेक्जिट समझौते के तहत तैयार किए गए विंडसर फ्रेमवर्क का प्रत्यक्ष परिणाम है। इस विशेष समझौते के कारण उत्तरी आयरलैंड वस्तुओं के मामले में यूरोपीय संघ के एकल बाजार का हिस्सा बना हुआ है। एकल बाजार से जुड़े नियमों के तहत, यदि किसी भौतिक उत्पाद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रणाली आंतरिक रूप से जुड़ी हुई है और उसे उत्तरी आयरलैंड के बाजार में बिक्री के लिए उतारा जाता है, तो उस पर ब्रुसेल्स के नियम लागू होंगे। ब्रिटेन सरकार ने साफ किया है कि यूरोपीय संघ का कानून उत्तरी आयरलैंड पर पूरी तरह थोपा नहीं जा रहा है। सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कानून केवल तभी प्रभावी माना जाएगा जब कोई एआई सिस्टम किसी मूर्त और भौतिक उत्पाद के साथ गहराई से एकीकृत हो और उस उत्पाद को उत्तरी आयरलैंड के बाजार में पेश किया जा रहा हो। इसका सीधा अर्थ यह है कि भौतिक उपकरणों से अलग मौजूद तकनीक इस दायरे में नहीं आएगी। सॉफ्टवेयर और स्थानीय कारोबारों को मिली राहत प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सामान्य उपयोग और रोजमर्रा के व्यापारिक कामकाज को लेकर नियमों में पूरी स्पष्टता रखी गई है। ब्रिटिश सरकार ने रेखांकित किया है कि यदि उत्तरी आयरलैंड का कोई व्यापारिक प्रतिष्ठान अपने कामकाज को व्यवस्थित करने, डेटा का विश्लेषण करने या नियमित व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए ऑनलाइन या डाउनलोड किए जा सकने वाले एआई टूल्स का उपयोग करता है, तो उस पर इन यूरोपीय नियमों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही ऐसे डिजिटल टूल्स का निर्माण करने वाले डेवलपर्स के लिए भी बड़ी राहत की बात सामने आई है। यदि डेवलपर्स द्वारा तैयार किए गए टूल्स का उपयोग उत्तरी आयरलैंड में किया जाता है, तो उन पर तब तक कोई बाध्यता या कानूनी दायित्व नहीं थोपा जाएगा, जब तक कि वह एआई तकनीक किसी ऐसे भौतिक उत्पाद के साथ सीधे तौर पर न जुड़ी हो जिसे स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा हो। किन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पड़ेगा सीधा असर दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले कई आधुनिक गैजेट्स इस कानूनी परिधि में आ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, ऐसे स्मार्ट स्पीकर जिनमें इन-बिल्ट एआई वॉयस असिस्टेंट मौजूद रहता है, इन नियमों के दायरे में आएंगे। इसके अलावा ऐसी स्मार्ट घड़ियां, जिनके संचालन के लिए निर्माता कंपनी के एआई-आधारित स्वास्थ्य निगरानी एप्लिकेशन की आवश्यकता होती है, उन पर भी यह कानून प्रभावी होगा। यूरोपीय संघ के इस नियामक तंत्र का मूल सिद्धांत जोखिम प्रबंधन पर आधारित है। कानून की मुख्य अवधारणा समाज को संभावित नुकसान पहुंचाने की क्षमता के आधार पर एआई प्रणालियों को विनियमित करने की है। जिस एआई तकनीक में समाज के लिए जोखिम का स्तर जितना अधिक होगा, उसके लिए नियम उतने ही कड़े तय किए गए हैं। अत्यधिक जोखिम वाली कुछ एआई एप्लिकेशनों के उपयोग पर तो पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रावधान भी इसमें शामिल है। नियमों के चयन में स्टॉर्मोंट और ब्रिटिश सरकार की भूमिका व्यापारिक और विनियामक प्रक्रियाओं के अनुसार, जब भी यूरोपीय संघ द्वारा वस्तुओं के विनियमन से जुड़े नियमों में संशोधन या अपडेट किया जाता है, तब ब्रिटिश सरकार यह तय करती है कि उनमें से कौन से नियम उत्तरी आयरलैंड में लागू किए जाने चाहिए। दोनों पक्षों के बीच इस पर सहमति बनना अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके साथ ही, कुछ विशेष परिस्थितियों में इस प्रकार के कानूनी प्रस्तावों पर उत्तरी आयरलैंड की विधानसभा को भी मतदान करने और अपनी राय दर्ज कराने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होता है। इस लोकतांत्रिक संतुलन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि स्थानीय व्यापार और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए ही नए नियमों को मंजूरी दी जाए। इसका आप पर असर स्मार्ट डिवाइस निर्माताओं, आयातकों और उत्तरी आयरलैंड के तकनीकी उपभोक्ताओं के लिए यह निर्णय विनियामक स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करता है। • हार्डवेयर निर्माताओं पर प्रभाव: एआई-युक्त इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को उत्तरी आयरलैंड के बाजार में अपने उपकरण बेचने के लिए यूरोपीय मानकों का पालन करना होगा। इसका मतलब है कि वॉयस असिस्टेंट स्पीकर और हेल्थ ट्रैकिंग घड़ियों जैसे गैजेट्स को कड़े सुरक्षा परीक्षणों से गुजरना पड़ेगा। • स्थानीय व्यवसायों को राहत: जो कंपनियां सामान्य कामकाज के लिए चैटबॉट्स या डेटा विश्लेषण सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती हैं, उन पर नए यूरोपीय नियमों का कोई असर नहीं होगा। वे अतिरिक्त कानूनी औपचारिकताओं के बिना अपने ऑनलाइन और डाउनलोडेबल एआई टूल्स का उपयोग जारी रख सकती हैं। • सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए स्थिति: केवल डिजिटल एप्लिकेशन बनाने वाले डेवलपर्स यूरोपीय संघ के इन कड़े दायित्वों से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। जब तक उनका कोड किसी सीधे बेचे जाने वाले भौतिक उपकरण का हिस्सा नहीं बनता, उन पर कोई अतिरिक्त अनुपालन बोझ नहीं पड़ेगा। • उपभोक्ता सुरक्षा का स्तर: बाजार में बिकने वाले एआई-आधारित स्मार्ट वियरेबल्स और घरेलू उपकरणों पर जोखिम-आधारित कड़े सुरक्षा मानक लागू होंगे। उपभोक्ताओं को ऐसे गैजेट्स मिलेंगे जो अधिक सुरक्षित और प्रमाणित यूरोपीय मानकों के अनुसार तैयार किए गए हैं। ऐसा क्यों हुआ ब्रेक्जिट के बाद उत्तरी आयरलैंड की अनूठी व्यापारिक स्थिति और यूरोपीय संघ के एकल बाजार से उसके जुड़ाव के कारण यह कानूनी व्यवस्था लागू की गई है। • विंडसर फ्रेमवर्क की अनिवार्यता: ब्रेक्जिट के बाद तय हुए विंडसर फ्रेमवर्क के तहत उत्तरी आयरलैंड अभी भी भौतिक वस्तुओं के मामले में यूरोपीय संघ के एकल बाजार में शामिल है। इसी कारण जब कोई एआई प्रणाली किसी भौतिक वस्तु के साथ जुड़ी होती है, तो उस पर एकल बाजार के व्यापारिक नियम स्वतः लागू हो जाते हैं। • सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में अंतर: ब्रिटिश सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्टीकरण दिया ताकि डिजिटल सेवाओं और भौतिक वस्तुओं के विनियामक ढांचे में कोई भ्रम न रहे। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सामान्य सॉफ्टवेयर उपयोग को यूरोपीय संघ की लालफीताशाही से बचाना था। • जोखिम आधारित यूरोपीय दृष्टिकोण: यूरोपीय संघ ने अपने एआई कानून को समाज पर पड़ने वाले संभावित नुकसान के पैमाने पर तैयार किया है। अधिक जोखिम वाले भौतिक उत्पादों को कड़े मानकों में बांधना इस नीति का प्राथमिक आधार रहा है। • सहमति और मतदान की संवैधानिक प्रक्रिया: जब भी यूरोपीय संघ के नियमों में बदलाव होता है, तब ब्रिटेन सरकार और आवश्यकता पड़ने पर उत्तरी आयरलैंड की विधानसभा को यह तय करने का अधिकार होता है कि किन नियमों को स्थानीय स्तर पर लागू किया जाए। सवाल-जवाब 1. क्या यूरोपीय संघ का पूरा एआई कानून उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा? नहीं, ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कानून पूरी तरह लागू नहीं होगा, बल्कि केवल भौतिक उत्पादों में शामिल एआई पर ही प्रभावी होगा। 2. उत्तरी आयरलैंड में किन उत्पादों पर ये नियम लागू होंगे? यह नियम इन-बिल्ट एआई वॉयस असिस्टेंट वाले स्मार्ट स्पीकर और स्वास्थ्य निगरानी ऐप वाली स्मार्ट घड़ियों जैसे भौतिक गैजेट्स पर लागू होंगे। 3. क्या सामान्य सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन एआई टूल्स का उपयोग करने वाले व्यवसायों पर इसका असर पड़ेगा? नहीं, डेटा विश्लेषण या कार्य प्रबंधन के लिए ऑनलाइन या डाउनलोड किए जा सकने वाले एआई टूल्स का उपयोग करने वाले कारोबारों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 4. उत्तरी आयरलैंड में एआई का सामान्य विनियमन किसके हाथ में रहेगा? एआई के सामान्य विनियमन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ब्रिटेन की सरकार और स्टॉर्मोंट के पास रहेगी। 5. यह कानून किस आधार पर लागू किया जा रहा है? यह व्यवस्था विंडसर फ्रेमवर्क के कारण लागू हो रही है, जो उत्तरी आयरलैंड को वस्तुओं के लिए यूरोपीय संघ के एकल बाजार में बनाए रखता है। 6. क्या इस विषय पर उत्तरी आयरलैंड की विधानसभा को कोई अधिकार है? हाँ, कुछ विशेष परिस्थितियों में नए नियमों के लागू होने के मामले पर उत्तरी आयरलैंड की विधानसभा को मतदान करने का अधिकार प्राप्त है। https://trendkia.com/europe/northern-ireland-men-ai-yukta-hardaveyara-utpadon-para-lagu-honge-european-union-ke-kare-niyama-56613 TrendKia — Har trend, sabse pehle.