# ओस्लो में ट्रंप के दूत से मुलाकात के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, मिसाइल हमलों पर अमेरिकी खुफिया इनपुट फिर शुरू

> यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ओस्लो में डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से वार्ता के बाद पुष्टि की कि रूसी हमलों की अग्रिम चेतावनी से जुड़ा अमेरिकी खुफिया तंत्र दोबारा सक्रिय हो गया है।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/oslo-men-donald-trump-ke-duta-se-mulakata-ke-bada-yukreni-rashtrapati-ne-kaha-misaila-hamalon-para-us-khuphiya-inaputa-phira-shuru-49913 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूक्रेन युद्ध, वोलोदिमिर जेलेंस्की, डोनाल्ड ट्रंप, स्टीव विटकॉफ, रूस यूक्रेन शांति वार्ता, ओस्लो बैठक, पैट्रियट मिसाइल, स्टारलिंक

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित एक अहम कूटनीतिक बैठक के पश्चात यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि घातक रूसी मिसाइल हमलों से जुड़ी अमेरिकी सैन्य खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान अब फिर से सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ चली विस्तृत चर्चा के उपरांत यह बयान सामने आया है। हाल के दिनों में कीव प्रशासन ने वाशिंगटन पर बेहद महत्वपूर्ण खुफिया सूचनाएं रोकने का खुला आरोप लगाया था, जिसे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खारिज करते हुए बेहद आपत्तिजनक करार दिया था।

## शांति वार्ता की दिशा में प्रगति और ओस्लो बैठक के कूटनीतिक समीकरण
ओस्लो में हुई इस बहुपक्षीय कूटनीतिक चर्चा में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। बातचीत संपन्न होने के बाद राष्ट्रपति स्टब ने संकेत दिया कि युद्ध समाप्ति के शांति प्रस्तावों को लेकर ठोस प्रगति दर्ज की गई है। यद्यपि उन्होंने मसौदे के बारीक विवरण सार्वजनिक नहीं किए, पर यह जरूर स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में व्यापक धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता होगी। यूक्रेनी नेतृत्व और उनके यूरोपीय सहयोगियों का मानना है कि ओस्लो में तय हुए इन नए प्रस्तावों पर अब अंतिम प्रतिक्रिया देने की पूरी जिम्मेदारी मॉस्को की है। इसी सिलसिले में विटकॉफ बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच रहे हैं, जहां वे रूसी पक्ष के समक्ष इन बिंदुओं को रखेंगे।

मंगलवार को संपन्न हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में विटकॉफ स्वयं मंच पर उपस्थित नहीं थे। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के दामाद एवं प्रमुख दूत जेरेड कुशनर ने वीडियो लिंक के माध्यम से इस वार्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन घटनाक्रमों पर अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, किंतु रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि क्रेमलिन विटकॉफ के प्रस्तावों को सुनेगा जरूर, पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक समझौते या रियायत को पूरी तरह खारिज करेगा।

## वाशिंगटन और कीव के रिश्तों में तनाव का दौर
बीते कुछ हफ्तों के दौरान अमेरिका और यूक्रेन के द्विपक्षीय संबंधों में खासी तल्खी और कड़वाहट देखी गई है। यह तनाव इस स्तर तक गहरा गया था कि डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से बयान दे दिया था कि यूक्रेन को अब एक नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए। इसके अतिरिक्त ट्रंप ने हाल ही में यह भी टिप्पणी की थी कि यूक्रेन की ओर से बातचीत की मेज पर किसी अन्य व्यक्ति को कमान संभालनी चाहिए।

ओस्लो में जेलेंस्की की प्रेस वार्ता समाप्त होने के तुरंत बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक बार फिर दोहराया कि वे चाहते हैं कीव किसी समझौते पर पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि रूस इस मामले का निपटारा चाहता है और यूक्रेन के लिए इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ चुका है। उल्लेखनीय है कि पुतिन ने वर्ष 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य आक्रमण शुरू किया था और मौजूदा समय में मॉस्को के नियंत्रण में लगभग 20% यूक्रेनी भूभाग मौजूद है।

## जमीनी मोर्चे पर भीषण ड्रोन हमले और नागरिकों की मौत
कूटनीतिक वार्ताओं के दौर के बीच ही मंगलवार को भी यूक्रेनी रिहायशी और बुनियादी ठिकानों पर रूसी ड्रोन हमलों का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। आधिकारिक यूक्रेनी आंकड़ों के मुताबिक इन ताजा हमलों में कम से कम 10 लोगों ने अपनी जान गंवाई। हताहतों का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कीव और उससे सटे क्षेत्र में चार लोगों की मृत्यु हुई, चार अन्य नागरिक पूर्वी डोनेट्स्क इलाके में मारे गए, जबकि मध्यवर्ती शहर द्निप्रो में दो नागरिकों की मौत दर्ज की गई।

ओस्लो वार्ता की शुरुआत से पूर्व विटकॉफ, फिनिश राष्ट्रपति स्टब और जेलेंस्की ने एक साथ बैठक की रूपरेखा तय की थी। इस बैठक में दोनों पक्षों के मध्य बने गतिरोध को सुलझाने की प्राथमिक कोशिश की गई।

## खुफिया साझाकरण तंत्र और एयर डिफेंस पर यूक्रेनी पक्ष
मंगलवार की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने खुफिया जानकारी की बहाली पर संतोष जताया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, 
> "Speaking about early warning, which is very important for our people, our children, adults, civilians because we can hear when ballistic[s] is coming - so we are thankful to American side, now it works, it's great,"

इसके साथ ही जेलेंस्की ने स्पेसएक्स के स्टारलिंक उपग्रह नेटवर्क को लेकर भी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई। दरअसल हालिया दिनों में यूक्रेनी सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अमेरिकी प्लेटफॉर्म स्टारलिंक की इंटरनेट गति पर सीमाएं लगाई गई हैं, जिसका उपयोग कीव द्वारा रूस के विरुद्ध ड्रोन हमले संचालित करने के लिए किया जाता रहा है। इसके अलावा जेलेंस्की ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, 
> "Of course, we are not losing this war, but we are losing people because Russia attacks,"

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी साझा किया कि ओस्लो बैठक के दौरान यूक्रेन के लिए मजबूत सुरक्षा गारंटियों तथा ऊर्जा अवसंरचना पर युद्धविराम से जुड़े प्रस्तावों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में उपस्थित नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने की किसी भी वार्ता प्रक्रिया में यूरोप की मौजूदगी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

## प्रतिनिधिमंडल का पुराना संपर्क और ईंधन राजनीति का विवाद
ओस्लो यात्रा के दौरान जेलेंस्की के साथ यूक्रेनी खुफिया प्रमुख रुस्तम उमेरोव तथा प्रभावशाली सांसद डेविड अराखामिया भी शामिल थे। इन दोनों प्रमुख अधिकारियों ने इसी महीने की शुरुआत में मियामी शहर में विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ शुरुआती दौर की वार्ताएं की थीं। पूर्व में जब रिश्तों में गतिरोध आया था, तब जेलेंस्की ने तंज कसते हुए इसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए जन्मदिन का सुखद तोहफा करार दिया था।

आगामी महीने में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर ट्रंप यूक्रेन की सैन्य रणनीति पर भी सवाल उठा चुके हैं। ट्रंप ने अमेरिकी नेतृत्व वाले ईरान युद्ध के बाद से लगातार बढ़ रही वैश्विक ईंधन कीमतों के लिए यूक्रेन द्वारा रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को जिम्मेदार ठहराया है।

ओस्लो में औपचारिक वार्ता की शुरुआत से पूर्व जेलेंस्की ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ भी रचनात्मक विमर्श की बात कही थी, जिसमें त्वरित पूर्व चेतावनी, मिसाइल इंटरसेप्टर और स्टारलिंक की निरंतरता जैसे मुद्दे शामिल थे। मंगलवार को अपुष्ट दावों में यह बात सामने आई थी कि अमेरिका निर्मित पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की अतिरिक्त आपूर्ति को अभी मंजूरी नहीं मिली है, जो रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में एकमात्र प्रभावी रक्षा कवच साबित हुआ है।

वर्तमान में भारत के आधिकारिक दौरे पर मौजूद मार्को रुबियो ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्वीकार किया कि यह संभव हो सकता है कि पैट्रियट इंटरसेप्टर अभी यूक्रेन नहीं पहुंचे हों, लेकिन उन्होंने बल देकर कहा कि वाशिंगटन ने जानबूझकर कीव को किसी भी प्रकार की सहायता देने से इनकार नहीं किया है।

## यूरोपीय नेताओं की चिंताएं और अमेरिकी रुख में मतभेद
रूस के प्रति हालिया अमेरिकी बयानों और रणनीतियों को लेकर यूरोपीय सहयोगी देशों में बेचैनी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। सोमवार को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने युद्ध के संदर्भ में अमेरिका की तरफ से आ रहे मिले-जुले संकेतों और संदेशों पर अपनी चिंता जाहिर की। ब्लूमबर्ग टीवी से बात करते हुए जर्मन चांसलर ने कहा, 
> "It's really a big effort for our budgets, it's really a big thing for the European Union, but we are doing that and we are trying to keep on doing that until this terrible war ends,"
 मर्ज ने यह भी रेखांकित किया कि वे पूरी अमेरिकी सरकार को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस संकट का समाधान सभी साझेदारों को मिलकर ही निकालना होगा।

दूसरी ओर वाशिंगटन के शीर्ष नेतृत्व का रुख कुछ अलग संकेत दे रहा है। सोमवार को एक साक्षात्कार में जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से पूछा गया कि क्या वे यूक्रेन को एक अमेरिकी सहयोगी मानते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कीव निश्चित रूप से कुछ मामलों में एक भागीदार है, किंतु कई मौकों पर दोनों के हित एक-दूसरे से भिन्न हो जाते हैं। वेंस ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी राय में यूक्रेन को रूसी ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति वेंस ने औपचारिक संधि के अभाव को रेखांकित करते हुए कहा, 
> "We don't have a formal alliance as far as I know with Ukraine. They're not in Nato, I don't think they should be in Nato... we're gonna work together on some things, but also we're going to be opposite on some things too,"
 इस तरह ओस्लो में खुफिया साझाकरण बहाल होने के बावजूद सामरिक नीति, नाटो सदस्यता और शांति वार्ता की शर्तों को लेकर पश्चिमी सहयोगियों के भीतर मतभेद अभी भी बरकरार हैं।

## इसका आप पर असर
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिकी खुफिया इनपुट की बहाली और शांति वार्ताओं की सुगबुगाहट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव भारतीय घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों को सीधे प्रभावित करते हैं। यदि वार्ता से ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रुकते हैं तो आयात बिल में राहत मिल सकती है, अन्यथा ईंधन कीमतों का दबाव बना रहेगा।
- **यूक्रेन में:** बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की त्वरित पूर्व सूचना मिलने से आम नागरिकों, बच्चों और परिवारों को सुरक्षित बंकरों में जाने का आवश्यक समय मिल सकेगा। इससे रिहायशी इलाकों में रूसी मिसाइलों और ड्रोनों से होने वाले हताहतों की संख्या को कम करने में सीधी मदद मिलेगी।
- **वैश्विक ऊर्जा उपभोक्ताओं पर:** यूक्रेन द्वारा रूसी तेल शोधन संयंत्रों पर हमलों और अमेरिकी दबाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। यदि ऊर्जा संघर्ष विराम पर सहमति बनती है तो रिफाइनरी आपूर्ति स्थिर हो सकेगी, जिससे वैश्विक ईंधन कीमतों पर लगाम लग सकती है।
- **हवाई यात्रा और व्यापार पर:** पूर्वी यूरोप में सुरक्षा अनिश्चितताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग और वैश्विक शिपिंग लागतें लगातार प्रभावित हो रही हैं। शांति प्रस्तावों पर ठोस प्रगति होने पर ही वाणिज्यिक उड़ानों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में सामान्य स्थिति लौट पाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यूक्रेन और अमेरिका के बीच खुफिया जानकारी रोकने के आरोपों के बाद पैदा हुए कूटनीतिक तनाव को सुलझाने के लिए ओस्लो में यह आपात बैठक आयोजित की गई।

- **सीधा कारण:** कीव प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से वाशिंगटन पर रूसी मिसाइल हमलों से जुड़ी महत्वपूर्ण अग्रिम खुफिया जानकारी रोकने का आरोप लगाया था। इस विवाद को शांत करने और गलतफहमियों को दूर करने के लिए ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को ओस्लो भेजा गया।
- **कूटनीतिक परिस्थितियां:** वाशिंगटन और कीव के रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट, ट्रंप की ओर से यूक्रेन में नए नेतृत्व की मांग, और ईंधन कीमतों को लेकर मतभेदों ने स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बना दिया था। इसके साथ ही यूरोप यह सुनिश्चित करना चाहता था कि युद्ध समाप्ति की किसी भी चर्चा में उसकी भागीदारी अनिवार्य रहे।
- **रणनीतिक गतिरोध:** यूक्रेन द्वारा रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों और स्टारलिंक सेवाओं पर लगी पाबंदियों ने युद्धक्षेत्र के समन्वय को जटिल बना दिया था। आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और ईंधन मूल्य वृद्धि ने अमेरिकी प्रशासन पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया।
- **आगे की राह:** ओस्लो में चर्चा किए गए शांति और सुरक्षा प्रस्तावों को लेकर स्टीव विटकॉफ सेंट पीटर्सबर्ग जा रहे हैं, जहां रूसी नेतृत्व की औपचारिक प्रतिक्रिया से तय होगा कि बातचीत आगे बढ़ेगी या गतिरोध गहराएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. ओस्लो बैठक के बाद वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी खुफिया जानकारी को लेकर क्या कहा?
जेलेंस्की ने कहा कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की अग्रिम चेतावनी से जुड़ा अमेरिकी खुफिया तंत्र अब फिर से काम कर रहा है और वे इसके लिए आभारी हैं।

### 2. ओस्लो में हुई वार्ता में किन प्रमुख नेताओं और दूतों ने भाग लिया?
इस बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर शामिल हुए, जबकि जेरेड कुशनर वीडियो लिंक से जुड़े।

### 3. क्रेमलिन का शांति प्रस्तावों पर क्या रुख है?
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मॉस्को स्टीव विटकॉफ के प्रस्तावों को सुनेगा, लेकिन किसी भी राजनीतिक रियायत को पूरी तरह खारिज करेगा।

### 4. बैठक के दिन यूक्रेन में हमलों से कितना नुकसान हुआ?
मंगलवार को रूसी ड्रोन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई, जिनमें कीव में चार, डोनेट्स्क में चार और द्निप्रो में दो नागरिक शामिल हैं।

### 5. स्टारलिंक और पैट्रियट मिसाइलों को लेकर क्या स्थिति सामने आई?
जेलेंस्की ने स्टारलिंक की गति सीमाओं के समाधान की उम्मीद जताई, जबकि मार्को रुबियो ने माना कि पैट्रियट इंटरसेप्टर अभी शायद नहीं पहुंचे हैं, लेकिन जानबूझकर आपूर्ति रोकने से इनकार किया।

### 6. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूक्रेन के साथ संबंधों पर क्या बयान दिया?
जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका का यूक्रेन के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है और वे नाटो में यूक्रेन के शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं।

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