# रूस से जंग ने यूक्रेन को कर्ज के पहाड़ तले दबाया, हर नागरिक पर 7 लाख से ज्यादा का बोझ; चुकाने में लग सकते हैं 35 साल

> रूसी एजेंसी TASS की रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2022 में जंग शुरू होने के बाद यूक्रेन का कर्ज दोगुने से ज्यादा बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। सांसदों का अनुमान है कि इसे चुकाने में करीब 35 साल लग सकते हैं।

**Category:** यूरोप · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/rusa-se-jnga-ne-yukrena-ko-karja-ke-pahara-tale-dabaya-hara-nagarika-para-7-lakh-489

रूस के साथ चल रही लंबी जंग ने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को जिस मोड़ पर ला खड़ा किया है, वह अब आंकड़ों में भी साफ दिखने लगा है। रूसी समाचार एजेंसी TASS की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी 2022 में लड़ाई छिड़ने के बाद से यूक्रेन के सिर चढ़ा कर्ज 110 बिलियन डॉलर यानी करीब 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये और बढ़ गया है। इसी के साथ देश का कुल कर्ज बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 19 लाख करोड़ भारतीय रुपये तक जा पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2024 से जारी लड़ाई, लगातार बढ़ता रक्षा खर्च और बाहरी आर्थिक मदद पर बढ़ती निर्भरता ही इस तेज उछाल की मुख्य वजह बनी है।

## दो साल में कर्ज दोगुने से भी आगे

TASS ने शनिवार को यह दावा करते हुए यूक्रेन के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला दिया। एजेंसी के मुताबिक 2022 से अब तक यह कर्ज 110 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये बढ़ चुका है, और इसमें विदेशी तथा घरेलू, दोनों तरह की देनदारियां शामिल हैं। पहले यह आंकड़ा 97.96 बिलियन डॉलर था, जो अब 208.97 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यानी कुल मिलाकर करीब 111.01 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी, जिसने महज दो साल में देश का कर्ज दोगुने से भी ज्यादा कर दिया।

## विदेशी कर्ज में सबसे तेज उछाल

रिपोर्ट बताती है कि सबसे बड़ा झटका विदेशी कर्ज के मोर्चे पर लगा है। यह हिस्सा 57.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर 162.73 बिलियन डॉलर, यानी 15 लाख करोड़ भारतीय रुपये से भी ज्यादा हो गया है — 2022 के मुकाबले करीब तीन गुना। एजेंसी का कहना है कि इस रकम में से करीब 10 बिलियन डॉलर अकेले International Monetary Fund को लौटाने हैं, जबकि बाकी हिस्सा यूक्रेन को उन तमाम सहयोगी देशों को चुकाना है जिन्होंने युद्ध के दौरान उसकी मदद की।

## हर यूक्रेनी के कंधे पर 7 लाख से ज्यादा का बोझ

दिलचस्प बात यह है कि पश्चिमी देशों से मिली सैन्य सहायता और ग्रांट के बावजूद यूक्रेन का कर्ज तेजी से चढ़ता गया। TASS ने 'Institute for Demography and Social Studies' का हवाला देते हुए हिसाब लगाया कि करीब 2.8 करोड़ की आबादी के आधार पर अब हर यूक्रेनी नागरिक के हिस्से में औसतन करीब 7 हजार 500 डॉलर, यानी लगभग 7 लाख 13 हजार 328 भारतीय रुपये का सरकारी कर्ज आता है। यह बोझ हर बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पर बंटा हुआ माना गया है।

## चुकाने में बीत सकती है पूरी पीढ़ी

इस आर्थिक दबाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यूक्रेन की एकसदनीय विधायिका वेरखोव्ना राडा के सांसदों का खुद मानना है कि मौजूदा कर्ज को पूरी तरह चुकाने में ही करीब 35 साल लग सकते हैं। यही वजह है कि देश लगातार पश्चिम का दरवाजा खटखटा रहा है। हाल ही में यूरोपियन यूनियन ने यूक्रेन के लिए 90 बिलियन यूरो के लोन पैकेज का ऐलान किया है, जो जल्द ही शुरू होने वाला है। फिलहाल यह राहत भले लगे, लेकिन आगे चलकर यही बढ़ता कर्ज देश के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है।

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