रूसी हवाई क्षेत्र में यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमले: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पैदा हुआ गंभीर खतरा यूक्रेन द्वारा रूसी सीमा के भीतर ड्रोन अभियानों को तेज किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों और बीमा प्रदाताओं के लिए रूसी हवाई क्षेत्र को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी यूरोप में जारी सैन्य संघर्ष के बीच आसमान में युद्ध की तीव्रता एक नए और खतरनाक चरण में पहुंच गई है। यूक्रेन द्वारा रूसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रोन अभियानों के विस्तार के बाद अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के लिए गंभीर चेतावनी जारी की गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार रात अपने वीडियो संबोधन में स्पष्ट किया कि रूस का हवाई क्षेत्र अब व्यावसायिक उड़ानों के लिए पूरी तरह से असुरक्षित होता जा रहा है और यह व्यावहारिक रूप से बंद होने की स्थिति में है। यह चेतावनी उन सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस, विमानन बीमा कंपनियों और लॉजिस्टिक्स एजेंसियों के लिए जारी की गई है जो सेंट पीटर्सबर्ग और मॉस्को जैसे प्रमुख रूसी शहरों के हवाई अड्डों का उपयोग करती हैं। रूसी आसमान में बड़ी संख्या में मानवरहित सैन्य ड्रोन की मौजूदगी के कारण यात्री और मालवाहक उड़ानों के लिए जोखिम अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ गया है। रूसी आसमान में बढ़ता सैन्य जोखिम और उड़ानों पर असर पूर्वी यूरोप के हवाई मार्गों पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन अब अत्यधिक जटिल और जोखिम भरा हो गया है। यूक्रेनी सैन्य रणनीति अब रूसी सीमाओं के भीतर स्थित उच्च-मूल्य वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर केंद्रित है। हाल के दिनों में रूसी क्षेत्र के भीतर गहराई में स्थित बड़े ऊर्जा संयंत्रों, औद्योगिक परिसरों और प्रमुख वाणिज्यिक खुदरा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है। यूक्रेनी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना नागरिक उड्डयन को सीधे तौर पर कोई खतरा नहीं पहुंचाना चाहती, लेकिन रूसी आसमान में सैन्य ड्रोन के बड़े पैमाने पर संचालन के कारण पैदा हुए जोखिमों को नजरअंदाज करना अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए संभव नहीं है। स्थिति से यह साफ झलकता है कि रूस द्वारा शुरू किए गए इस युद्ध के कारण पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय विमानन गलियारे धीरे-धीरे बंद हो रहे हैं। फरवरी 2022 में रूस द्वारा किए गए पूर्ण स्तर के सैन्य हमले के बाद से ही यूक्रेन का अपना हवाई क्षेत्र नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद है। हालांकि, रूसी हवाई क्षेत्र में गैर-पश्चिमी देशों की उड़ानों की आवाजाही अब तक जारी थी। लेकिन लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के विस्तार ने अब अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और विमानन सुरक्षा नियामकों की सुरक्षा गणनाओं को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। सुरक्षा एजेंसियों का आकलन और मिसाइल पहचान में गलती का खतरा विमानन जोखिम सलाहकार एजेंसी ऑस्प्रे फ्लाइट सॉल्यूशंस द्वारा जारी वैश्विक सुरक्षा अलर्ट में क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र के खतरों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। एजेंसी के विश्लेषकों के अनुसार, हालांकि यूक्रेन के अधिकांश ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुख्य केंद्र सीमा से 300 किलोमीटर (186 मील) के दायरे में है, लेकिन चालू वर्ष के दौरान रूसी क्षेत्र में काफी गहराई तक दैनिक हमले जारी रहने की प्रबल संभावना है। सुरक्षा रिपोर्टों में यह भी चेतावनी दी गई है कि कम समय में रूसी हवाई क्षेत्र के भीतर इन हमलों की आवृत्ति और भी बढ़ सकती है। विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि युद्ध क्षेत्र से सटे आसमान में रडार की गलतफहमी, उड़ानों की गलत पहचान या वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा की जाने वाली मानवीय और तकनीकी गलतियों का जोखिम बहुत बढ़ गया है। आने वाले मानवरहित हवाई वाहनों को रोकने के लिए जब रूसी वायु रक्षा नेटवर्क हाई अलर्ट पर काम करते हैं, तो आसपास से गुजरने वाले नागरिक विमानों के गलती से निशाना बनने या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के हस्तक्षेप का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस का विभक्त रुख और लंबे हवाई मार्ग यूरोप और एशिया के बीच उड़ानों का संचालन करने वाली अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस इस स्थिति में दो अलग-अलग वर्गों में बंटी नजर आती हैं। फरवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद से ही अधिकांश पश्चिमी व्यावसायिक एयरलाइंस ने रूसी हवाई क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों का बहिष्कार कर दिया था। इसके विपरीत, चीन, तुर्की और खाड़ी देशों की प्रमुख एयरलाइंस ने रूसी हवाई क्षेत्र का उपयोग जारी रखा, जिससे उन्हें यूरोप और एशिया के बीच उड़ानों के समय और जेट ईंधन की खपत में काफी बचत हो रही थी। हालांकि, रूसी शहरों के ऊपर सैन्य ड्रोन हमलों और वायु रक्षा अभियानों के लगातार बढ़ने से अब इन एयरलाइंस के लिए भी खतरे का स्तर असहनीय होता जा रहा है। यदि इन एयरलाइंस को रूसी हवाई क्षेत्र से हटकर वैकल्पिक लंबे मार्गों का चयन करना पड़ता है, तो इससे उड़ानों की दूरी में हजारों मील का इजाफा होगा। इसका सीधा असर ईंधन की बढ़ती लागत, उड़ान के समय में बढ़ोतरी और यात्रियों के लिए हवाई टिकटों के महंगे होने के रूप में सामने आएगा। रूस का पलटवार और बुनियादी ढांचे को नुकसान का दावा कीव से जारी इस कड़ी चेतावनी पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कड़ा ऐतराज जताया है। किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए पुतिन ने यूक्रेनी बयान को राज्य प्रायोजित आतंकवाद की घोषणा करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि रूस यूक्रेन के भीतर अपने सैन्य अभियानों को और तेज करेगा और फिलहाल किसी भी तरह की शांति वार्ता की संभावना को खारिज कर दिया। पुतिन का कहना था कि आतंकवाद का सहारा लेने वालों के साथ बातचीत नहीं की जा सकती। किर्गिस्तान सम्मेलन में बोलते हुए पुतिन ने स्वीकार किया कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूस के भीतर कुछ ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, उन्होंने नुकसान की गंभीरता को कम आंकते हुए दावा किया कि रूसी मरम्मत दलों ने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया है और वर्तमान में केवल 10% तेल रिफाइनरियों की मरम्मत का काम ही बाकी बचा है। अतीत के भीषण हवाई हादसे और नागरिक उड्डयन के गंभीर सबक रूसी हवाई क्षेत्र में नागरिक उड़ानों की सुरक्षा को लेकर पैदा हुई चिंताएं अतीत की दुखद घटनाओं से भी जुड़ी हुई हैं। पिछले साल संयुक्त राष्ट्र की विमानन एजेंसी ने औपचारिक रूप से निर्णय दिया था कि जुलाई 2014 में पूर्वी यूक्रेन के ऊपर मलेशिया एयरलाइन्स की फ्लाइट MH17 को गिराए जाने के लिए रूस ही जिम्मेदार था। उस हादसे में रूसी निर्मित मिसाइल का शिकार होकर विमान में सवार सभी 298 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी। यद्यपि अंतरराष्ट्रीय जांच के निष्कर्षों के बावजूद क्रेमलिन हमेशा से इस आपदा में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करता रहा है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024 में पुतिन ने पड़ोसी देश अजरबैजान के राष्ट्रपति से रूसी हवाई क्षेत्र में एक वाणिज्यिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर औपचारिक रूप से माफी मांगी थी, जिसमें 38 लोगों की जान चली गई थी। उस समय दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया था कि यह दुखद घटना तब घटी जब रूसी वायु रक्षा प्रणालियाँ यूक्रेनी ड्रोन हमलों का जवाब दे रही थीं। ये ऐतिहासिक उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि जब नागरिक विमान भारी सैन्य संघर्ष और ड्रोन हमलों से घिरे हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए कितना गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों और एयरलाइंस के लिए यह घटनाक्रम सीधा वित्तीय और परिचालन संबंधी प्रभाव डालता है। • अंतरराष्ट्रीय हवाई किरायों में बढ़ोतरी: एशियाई और यूरोपीय शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक महंगे टिकट खरीदने पड़ सकते हैं। यदि चीनी और खाड़ी देशों की एयरलाइंस रूसी हवाई क्षेत्र छोड़ती हैं, तो लंबे मार्गों के कारण ईंधन की खपत और परिचालन लागत बढ़ जाएगी। • उड़ान के समय में वृद्धि: कनेक्टिंग और सीधी उड़ानों के यात्रा समय में कई घंटों का इजाफा होगा। लंबे वैकल्पिक हवाई मार्गों को अपनाने से वैश्विक फ्लाइट शेड्यूलिंग और एयरलाइंस कनेक्टिंग टाइम प्रभावित होगा। • वैश्विक माल ढुलाई पर असर: अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो और कूरियर सेवाओं की लागत में वृद्धि होगी। आवश्यक वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक्स की आपूर्ति श्रृंखला में देरी की संभावना पैदा हो सकती है। • बीमा प्रीमियम दरों में उछाल: युद्ध क्षेत्र के निकट से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमानन बीमा दरें बढ़ सकती हैं। इसका अप्रत्यक्ष बोझ अंततः यात्रियों पर ही पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए क्या चेतावनी दी है? राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन अभियानों के कारण रूसी आसमान पूरी तरह से खतरनाक हो रहा है और यह व्यावहारिक रूप से बंद होने की स्थिति में है। 2. कौन सी एयरलाइंस अब भी रूसी हवाई क्षेत्र का उपयोग कर रही हैं? चीन, तुर्की और खाड़ी देशों की कमर्शियल एयरलाइंस समय और ईंधन बचाने के लिए अब भी रूसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही हैं। 3. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया दी? पुतिन ने इस बयान को 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' की घोषणा करार दिया और कहा कि रूस यूक्रेन पर अपने हमले जारी रखेगा। 4. विमानन जोखिम सलाहकार ऑस्प्रे फ्लाइट सॉल्यूशंस का क्या आकलन है? ऑस्प्रे फ्लाइट सॉल्यूशंस ने चेतावनी दी है कि सीमा से 300 किमी के भीतर और रूसी क्षेत्र में गहराई तक दैनिक ड्रोन हमले जारी रहेंगे, जिससे मिसाइल की गलत पहचान का खतरा है। https://trendkia.com/europe/russia-ke-havai-kshetra-men-ukraine-ke-barhate-drona-hamale-antararashtriya-uranon-ke-lie-paida-hua-gnbhira-khatara-26212 TrendKia — Har trend, sabse pehle.