रूसी ड्रोन घुसपैठ के कारण वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की उड़ान में देरी, ओस्लो जाते समय मोल्दोवा में रोकना पड़ा विमान मोल्दोवा से ओस्लो के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहे वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की का विमान एक रूसी ड्रोन के मोल्दोवा सीमा पार करने के बाद लगभग एक घंटे तक रनवे पर खड़ा रहा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की विमान यात्रा उस समय बाधित हो गई जब एक रूसी ड्रोन मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में दाखिल हो गया। यह घटना उस वक्त हुई जब उनका विमान ओस्लो जाने के लिए मोल्दोवा के चिसिनाउ से उड़ान भरने की तैयारी में था। नार्वे के दिवंगत किंग हेराल्ड वी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की अपनी पत्नी ओलेना के साथ मोल्दोवा पहुंचे थे और उन्हें बुधवार के समारोह के लिए रवाना होना था। जैसे ही मानवरहित रूसी विमान ने मोल्दोवा की सीमा को पार किया, सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया और तुरंत हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया। इस आपात स्थिति के कारण वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की का विमान लगभग एक घंटे तक रनवे पर ही रुका रहा और अधिकारियों द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद ही उसे उड़ान की अनुमति दी गई। हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों पर असर मोल्दोवा के सरकारी प्रवक्ता दुमित्री सिओरिचि ने जानकारी दी कि यूक्रेन की दिशा से रूसी ड्रोन के प्रवेश करने के बाद देश का एयरस्पेस बंद कर दिया गया था। इस व्यवधान के कारण कुल तीन उड़ानों के प्रस्थान और चार उड़ानों के आगमन में देरी हुई। स्थानीय समयानुसार शाम 17:20 बजे के बाद ही अधिकारियों ने पुष्टि की कि संबंधित ड्रोन चिसिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 160 किलोमीटर दूर आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें विस्फोट हो गया। इसके बाद ही हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू किया जा सका। अधिकारियों द्वारा यह पुष्टि किए जाने के बाद ही कि ड्रोन म्हाइलेनिउ वेची गांव के पास जमीन पर गिर चुका है, वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के विमान को उड़ान भरने की अनुमति प्रदान की गई। ओस्लो में हुई उच्चस्तरीय बैठकें सभी बाधाओं को पार करते हुए वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और उनकी पत्नी ओलेना मंगलवार शाम को सुरक्षित ओस्लो पहुंच गए। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने नार्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे और अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन वार्ताओं का मुख्य एजेंडा यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। जब वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की चिसिनाउ में थे, तब इस ड्रोन घुसपैठ को लेकर शुरुआती स्तर पर खासी चिंता जताई गई थी। नार्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने सार्वजनिक प्रसारक एनआरके को बताया था कि मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त राष्ट्रपति का विमान लगभग एक ड्रोन की चपेट में आने से बाल-बाल बचा था। हालांकि, यूक्रेन के एक अन्य सूत्र ने फ्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि इस खतरे को कुछ हद तक बढ़ाचढ़ाकर पेश किया गया था। रूस की बढ़ती ड्रोन क्षमताएं और हमले रूसी सेना अब अत्याधुनिक जेट-संचालित मानवरहित विमानों का इस्तेमाल कर रही है, जो काफी तेज गति से उड़ते हैं और जिन्हें रोक पाना पारंपरिक रक्षा प्रणालियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बीबीसी वेरीफाई के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि यूक्रेन की राजधानी कीएव को साल 2022 के बाद से अब सबसे अधिक बार हवाई हमले की चेतावनियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां औसतन रोजाना दस बार सायरन बज रहे हैं। इन तमाम हमलों के बीच यूक्रेन ने भी अपनी ड्रोन क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए रूस के भीतर गहरी स्ट्राइक की है। हाल ही में यूक्रेन ने रूसी गैस संयंत्रों पर एक रिकॉर्ड हमले को अंजाम देने की घोषणा की है, जो इस संघर्ष की प्रकृति में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। साइबेरिया तक गहरी स्ट्राइक और नागरिकों पर हमले यूक्रेनी ड्रोनों ने बुधवार को रूस के भीतर 3,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए उत्तरी साइबेरिया के यामालो-नेनेट्स स्वायत्त जिले में स्थित एक गैस प्रसंस्करण संयंत्र को निशाना बनाया। यूक्रेन के स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से रूसी भूमि पर यह उनका सबसे गहरा हमला था, क्योंकि यामालो-नेनेट्स क्षेत्र रूस के मुख्य तेल और गैस प्रसंस्करण केंद्रों में से एक है। दूसरी ओर, रूसी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कीएव में एक पेट्रोल पंप पर रात भर हमला किया, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यूक्रनाफ्ता तेल कंपनी के सीईओ बोहडान कुकुरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर नागरिक आबादी के बीच आतंक और भय पैदा करने का प्रयास है। फरवरी 2022 में देश पर आक्रमण करने के बाद से ही रूस और यूक्रेन के बीच यह विनाशकारी युद्ध लगातार जारी है। इसका आप पर असर यह घटना दर्शाती है कि यूरोपीय हवाई क्षेत्र और क्षेत्रीय सुरक्षा वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों के बीच कितने संवेदनशील हो चुके हैं। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वैश्विक स्तर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को मध्य यूरोपीय देशों के हवाई क्षेत्र में होने वाले ऐसे सुरक्षा बदलावों और रूट परिवर्तन के प्रति सतर्क रहना चाहिए। • मोल्दोवा और यूरोप में: स्थानीय निवासियों और उड़ानों के यात्रियों को कड़े सुरक्षा उपायों, अचानक एयरस्पेस बंद होने और संभावित देरी के लिए तैयार रहना होगा। ऐसा क्यों हुआ यह घटना रूस और यूक्रेन के बीच जारी सैन्य संघर्ष और सीमावर्ती देशों में ड्रोन घुसपैठ के बढ़ते खतरों का सीधा परिणाम है। • ड्रोन का हवाई क्षेत्र में प्रवेश: रूसी सेना द्वारा लगातार तैनात किए जा रहे तेज गति वाले जेट-संचालित मानवरहित विमानों की वजह से पड़ोसी देशों की सीमाओं पर सुरक्षा खतरे पैदा हो रहे हैं। • तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल: मोल्दोवा के उड्डयन अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया ताकि किसी भी अप्रिय हवाई दुर्घटना को टाला जा सके। • लंबी दूरी के हमलों का विस्तार: दोनों पक्ष अब एक-दूसरे के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सैन्य लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाने के लिए ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की का विमान क्यों रोका गया था? एक रूसी ड्रोन के मोल्दोवा की सीमा पार करने और हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के कारण सुरक्षा कारणों से विमान को रोका गया था। 2. यह घटना कहां घटी थी? यह घटना मोल्दोवा के चिसिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई, जहां से राष्ट्रपति ओस्लो जाने के लिए उड़ान भरने वाले थे। 3. ड्रोन कहां जाकर गिरा? ड्रोन चिसिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 160 किलोमीटर दूर म्हाइलेनिउ वेची गांव के पास आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 4. वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की किस कार्यक्रम के लिए यात्रा कर रहे थे? वह नार्वे के दिवंगत किंग हेराल्ड वी के अंतिम संस्कार में शामिल होने और ओस्लो में द्विपक्षीय वार्ता करने जा रहे थे। https://trendkia.com/europe/russian-drone-incursion-delays-zelensky-flight-to-oslo-via-moldova-30970 TrendKia — Har trend, sabse pehle.