# साक्सोनी-अनहाल्ट चुनाव में एएफडी की बढ़त से जर्मनी की इतिहास और राष्ट्रवादी राजनीति पर छिड़ी बहस

> पूर्वी जर्मनी के राज्य साक्सोनी-अनहाल्ट में 6 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले सुदूर-दक्षिणपंथी अल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंड (एएफडी) पार्टी सर्वेक्षणों में सबसे आगे चल रही है। पार्टी की यह सफलता देश की पारंपरिक ऐतिहासिक चेतना और नाजी युग से जुड़ी राष्ट्रबोध प्रणाली को चुनौती दे रही है।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/saxony-anhalt-chunava-men-afd-ki-barhata-se-germany-ki-itihasa-aura-rashtravadi-rajaniti-para-chhiri-bahasa-22958 · **Language:** Hindi
**Tags:** जर्मनी चुनाव, एएफडी पार्टी, साक्सोनी अनहाल्ट, उलरिच जीगमंड, जर्मन राजनीति, नाजी इतिहास, यूरोप समाचार

जर्मनी के पूर्वी राज्य साक्सोनी-अनहाल्ट में 6 सितंबर को प्रस्तावित प्रांतीय विधानसभा चुनाव से पहले देश का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। यहाँ के मतदाता सर्वेक्षणों में सुदूर-दक्षिणपंथी राजनीतिक दल अल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंड यानी एएफडी काफी मजबूत बढ़त बनाए हुए है। यदि यह दल चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने में सफल रहता है, तो यह आधुनिक जर्मनी के इतिहास में एक अप्रत्याशित और दूरगामी मोड़ साबित होगा। यह पहला अवसर होगा जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के दौर में कोई सुदूर-दक्षिणपंथी राजनीतिक दल जर्मनी के किसी राज्य में सत्ता की बागडोर संभालेगा। इस दल ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जर्मनी की पारंपरिक स्मरण संस्कृति यानी एरिनरंगस्कुलतूर पर कड़ा प्रहार किया है और इसे एक प्रकार की हीन भावना या अपराधबोध की ग्रंथि करार दिया है। जर्मन समाज में नाजी काल के अत्याचारों को स्वीकार करना और उनसे सबक लेना दशकों से देश की नैतिक रीढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में एएफडी का यह एजेंडा पूरे राष्ट्र में एक तीखे बौद्धिक और सामाजिक संघर्ष को जन्म दे रहा है।

## स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव और बिस्मार्क के युग पर जोर
यदि एएफडी साक्सोनी-अनहाल्ट में प्रांतीय सरकार बनाने में कामयाब होती है, तो उसके पास शिक्षा, पुलिस प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थानों की नीतियों को तय करने के व्यापक अधिकार होंगे। पार्टी ने राज्य के शिक्षा पाठ्यक्रम में बड़े पैमाने पर फेरबदल करने की योजना तैयार की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को नाजी शासन और द्वितीय विश्व युद्ध के काले अध्यायों के बारे में अपेक्षाकृत कम पढ़ाना और उसके स्थान पर उन्नीसवीं सदी के जर्मन इतिहास पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है। इस नीतिगत दस्तावेज को आकार देने वाले नेता हंस-थॉमस टिलशनाइडर ने अपनी रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय समाजवाद यानी नाजीवाद का अध्ययन पाठ्यक्रम का हिस्सा बना रहेगा, लेकिन उसकी मात्रा कम कर दी जाएगी। उन्होंने जर्मन सार्वजनिक प्रसारण मंच पर विचार व्यक्त करते हुए इसे एक वाक्य में परिभाषित किया था कि हमें हिटलर के अध्ययन को घटाकर बिस्मार्क के योगदान को अधिक प्राथमिकता देनी होगी। ऑटो वोन बिस्मार्क वही ऐतिहासिक पुरुष थे जिन्होंने 1871 में आधुनिक जर्मन राष्ट्र का एकीकरण किया था। पार्टी का तर्क है कि 1914 से पहले के उस स्वर्णिम दौर पर जोर दिया जाना चाहिए जब जर्मन भूमि को कवियों और दार्शनिकों के महान केंद्र के रूप में जाना जाता था।

## दैनिक राष्ट्रध्वज वंदन और सैन्य स्मारकों का संरक्षण
शिक्षा प्रणाली में वैचारिक परिवर्तन के अतिरिक्त, एएफडी ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में हर कार्यदिवस की शुरुआत में जर्मन राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनिवार्य बनाने का वादा किया है। इसके साथ ही, दल ने युद्ध के दौरान देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जर्मन सैनिकों के स्मारकों के बेहतर रख-रखाव और संरक्षण के लिए विशेष बजटीय प्रावधान करने की घोषणा की है। पार्टी समर्थकों का मानना है कि आधुनिक जर्मन नागरिकों को अपने देश के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास पर गर्व करना चाहिए और नाजी युग के काले इतिहास के प्रति अत्यधिक केंद्रित रहने की आवश्यकता नहीं है। उदाहरण के लिए, क्वेर्फर्ट शहर में आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान सत्तर वर्षीय एएफडी समर्थक गर्द अपनी मोबिलिटी स्कूटर पर छोटा जर्मन झंडा लगाए पहुंचे थे। उनका स्पष्ट मानना था कि अतीत की घटनाओं को मिटाया नहीं जा सकता, परंतु द्वितीय विश्व युद्ध की त्रासदी का आज की वर्तमान पीढ़ी से कोई सीधा संबंध नहीं बचा है। वे मानते हैं कि जर्मनी को नाजी दौर से पहले के उस दौर की ओर मुड़कर देखना चाहिए जब यह देश महान विचारों और महान साहित्य का जन्मदाता माना जाता था।

## चरमपंथ के आरोप और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी
एएफडी के इस राष्ट्रवादी एजेंडे को लेकर जर्मनी की मुख्यधारा के अन्य राजनीतिक दलों में भारी चिंता और आक्रोश है। साक्सोनी-अनहाल्ट सहित कई अन्य राज्यों में वर्ष 2023 से ही घरेलू खुफिया एजेंसियों ने एएफडी की स्थानीय शाखा को आधिकारिक तौर पर दक्षिणपंथी चरमपंथी संगठन के रूप में चिह्नित कर रखा है। खुफिया जांच रिपोर्टों के निष्कर्षों के अनुसार, पार्टी की आंतरिक संरचना और रणनीतिक लक्ष्य लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं तथा उनमें नस्लवादी विचारधारा का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। हालांकि, एएफडी नेतृत्व इन सभी आरोपों और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यवाहियों को सिरे से खारिज करता रहा है। पार्टी का कहना है कि ये सभी तमगे और जांच कार्रवाइयां उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा गढ़े गए दुर्भावनापूर्ण प्रचार का हिस्सा हैं। मुख्यधारा के अन्य सभी राजनीतिक दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे चुनाव परिणामों के बाद भी एएफडी के साथ किसी प्रकार का गठबंधन या सरकार का गठन नहीं करेंगे।

## उलरिच जीगमंड का राजनीतिक उभार और विवादास्पद मुलाकातें
साक्सोनी-अनहाल्ट में एएफडी का चेहरा और संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार 35 वर्षीय उलरिच जीगमंड हैं। पूर्व में एयर-फreshener के विक्रेता रह चुके जीगमंड अपनी आक्रामक भाषण शैली और सोशल मीडिया के कुशल उपयोग के बल पर पार्टी के भीतर एक प्रमुख जननेता बनकर उभरे हैं। वे अपने प्रचार अभियानों के दौरान जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। क्वेर्फर्ट की चुनावी रैलियों में लोग उनके साथ तस्वीर खिंचवाने और हस्तपुस्तिकाओं पर हस्ताक्षर लेने के लिए लंबे समय तक कतारों में खड़े रहते हैं। जीगमंड अपने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण का बचाव करते हुए तर्क देते हैं कि अपने देश की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करना दुनिया की सबसे स्वाभाविक बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्मनी का इतिहास कई शताब्दियों पुराना और विविधता से भरा हुआ है, और वे इसे इसकी सभी ऊंचाइयों और गहराइयों के साथ, परंतु एक सकारात्मक दृष्टिकोण और गर्व के भाव के साथ आने वाली पीढ़ियों को सिखाना चाहते हैं।

हालांकि, जीगमंड की राजनीतिक गतिविधियां गंभीर विवादों से घिरी रही हैं। वर्ष 2024 में एएफडी पर प्रतिबंध लगाने की मांग तब दोबारा तेज हो गई जब यह जानकारी सामने आई कि जीगमंड वर्ष 2023 में बर्लिन के पास पॉट्सडैम शहर में आयोजित एक निजी बैठक में शामिल हुए थे। उस बैठक में ऑस्ट्रिया के सुदूर-दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मार्टिन सेल्नर भी उपस्थित थे। सेल्नर का अतीत नव-नाजी आंदोलनों से जुड़ा रहा है, जिसे वे बाद में अपने युवाकाल की भूल बता चुके हैं। वर्तमान में सेल्नर पुनर्प्रवास या रीमाइग्रेशन की अवधारणा के प्रबल समर्थक हैं। इस अवधारणा का सीधा अर्थ प्रवासियों या विदेशी पृष्ठभूमि वाले लोगों को देश से बाहर निकालने या उन पर दबाव बनाकर वापस भेजने की योजना से लगाया जाता है। जब इस संबंध में प्रश्न पूछा गया तो जीगमंड ने स्पष्ट किया कि 2023 की उस एकल बैठक के बाद से उनकी सेल्नर से कोई बातचीत या मुलाकात नहीं हुई है। वहीं एएफडी का दावा है कि उसकी पुनर्प्रवास नीति पूरी तरह से कानूनी ढांचे के भीतर होगी और इसका ध्यान केवल अपराधियों तथा अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के निष्कासन पर केंद्रित रहेगा।

## सांस्कृतिक संस्थानों पर खतरे और ऐतिहासिक तुलनाएं
पार्टी की सांस्कृतिक नीतियों ने राज्य के बौद्धिक और कलात्मक वर्गों में भारी हलचल पैदा कर दी है। एएफडी ने अपने मांग पत्र में घोषणा की है कि वह जर्मन-विरोधी मानी जाने वाली कलात्मक गतिविधियों और संस्थाओं को मिलने वाली सरकारी वित्तीय सहायता में कटौती करेगी। इस घोषणा की तुलना कई इतिहासकार और विश्लेषक 1937 के नाजी दौर से कर रहे हैं, जब हिटलर के शासन ने सांस्कृतिक गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करते हुए तथाकथित विकृत कला प्रदर्शनी यानी डिजनेरेट आर्ट एक्जीबिशन का आयोजन किया था। आइजलेबेन शहर के स्थानीय रंगमंच के निदेशक फ्रैंक मार्टिन विडमायर ने इस नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जर्मनी के अधिकांश थिएटरों की तरह उनका संस्थान भी राज्य द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता पर निर्भर है। विडमायर का कहना है कि यह तय करने का अधिकार किसके पास होगा कि कौन सी कला पर्याप्त रूप से जर्मन है और कौन सी नहीं। वे इसे नाजी प्रचार तकनीकों का उपयोग कर सांस्कृतिक संस्थाओं और कलाकारों को डराने का प्रयास मानते हैं। इसके विपरीत, एएफडी का कहना है कि कलात्मक स्वतंत्रता को कानून का संरक्षण प्राप्त है, लेकिन करदाताओं के पैसे का उपयोग मुख्य रूप से ऐसी कला को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए जो जर्मन राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करे।

## जर्मनी की स्मरण संस्कृति का भविष्य और भावी राह
जर्मनी में ऐतिहासिक अपराधबोध और स्मरण संस्कृति यानी एरिनरंगस्कुलतूर को लेकर बहस नई नहीं है। पूर्व में भी एएफडी के वरिष्ठ नेताओं के बयानों पर भारी विवाद हो चुका है। उदाहरण के लिए, वर्ष 2018 में पार्टी के तत्कालीन सह-नेता अलेक्जेंडर गॉलैंड ने नाजी शासन के दौर की तुलना जर्मन इतिहास के हजार वर्षों में पक्षियों की बीट के एक छोटे धब्बे से की थी। इससे पूर्व 2017 में थुरिंगिया राज्य में पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष बीजोर्न होक्के ने बर्लिन स्थित नरसंहार स्मारक यानी होलोकॉस्ट मेमोरियल को शर्म का स्मारक करार दिया था। थिएटर निदेशक विडमायर का मानना है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पैदा हुई पीढ़ियों को व्यक्तिगत रूप से दोषी महसूस करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अतीत की सभी विभीषिकाओं का अध्ययन करना आवश्यक है ताकि वैसी घटनाएं दोबारा कभी न घटें। साक्सोनी-अनहाल्ट का यह चुनाव जर्मनी की भावी राजनीतिक दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है।

## इसका आप पर असर
साक्सोनी-अनहाल्ट चुनाव के परिणाम जर्मनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतिगत प्राथमिकताओं पर गहरा प्रभाव डालेंगे।

- **वैश्विक स्तर पर:** यूरोप के सबसे बड़े अर्थतंत्र जर्मनी की राजनीतिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है, जिससे यूरोपीय संघ की नीतियों और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर दीर्घकालिक असर देखने को मिलेगा।
- **सांस्कृतिक व सामाजिक स्तर पर:** जर्मन शिक्षा प्रणाली, कला संस्थानों और ऐतिहासिक चेतना के ढांचे में दूरगामी बदलाव आ सकते हैं, जिससे देश की सामाजिक विविधता और अप्रवासन नीतियों पर बहस तेज होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. साक्सोनी-अनहाल्ट में चुनाव कब प्रस्तावित हैं?
साक्सोनी-अनहाल्ट राज्य में प्रांतीय विधानसभा चुनाव 6 सितंबर को होने तय हुए हैं।

### 2. एएफडी पार्टी शिक्षा पाठ्यक्रम में क्या बदलाव चाहती है?
पार्टी नाजी काल के अध्ययन का समय घटाकर 1871 के जर्मन एकीकरण और ओटो वोन बिस्मार्क के ऐतिहासिक युग पर अधिक जोर देना चाहती है।

### 3. उलरिच जीगमंड कौन हैं?
उलरिच जीगमंड 35 वर्षीय पूर्व एयर-फ्रेसनर विक्रेता हैं जो साक्सोनी-अनहाल्ट में एएफडी के प्रमुख नेता और संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं।

### 4. एरिनरंगस्कुलतूर या स्मरण संस्कृति क्या है?
यह जर्मनी की वह पारंपरिक प्रणाली है जिसके तहत नाजी काल के अपराधों और द्वितीय विश्व युद्ध की घटनाओं से सीख लेकर भावी पीढ़ी को शिक्षित किया जाता है।

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