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  "type": "article",
  "title": "स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किए गिरफ्तारी वारंट, कार्लेस पुइगडेमोंट की लगभग एक दशक बाद वतन वापसी का रास्ता साफ",
  "summary": "स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने कैटालोनिया के पूर्व राष्ट्रपति कार्लेस पुइगडेमोंट और उनके सहयोगियों के खिलाफ जारी राष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिए हैं। 2017 के स्वतंत्रता जनमत संग्रह के बाद से निर्वासन में रह रहे नेता अब बिना गिरफ्तारी के डर के स्वदेश लौट सकते हैं।",
  "content": "स्पेन की शीर्ष अदालत ने कैटालोनिया के पूर्व राष्ट्रपति कार्लेस पुइगडेमोंट के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को वापस लेने के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिससे करीब दस साल से देश से बाहर रह रहे अलगाववादी नेता के लिए स्वदेश लौटने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। साल 2017 में मैड्रिड के कड़े विरोध के बावजूद क्षेत्रीय सरकार द्वारा आयोजित कराए गए स्वतंत्रता जनमत संग्रह के बाद से ही पुइगडेमोंट पर कानूनी शिकंजा कसा हुआ था। अदालत के इस ताजा आदेश के बाद अब वह बिना किसी गिरफ्तारी के भय के स्पेन की धरती पर कदम रख सकेंगे।\n\nलंबी कानूनी खींचतान और माफी कानून की व्याख्या\nसोमवार को आए इस न्यायिक आदेश ने स्पेन की न्यायपालिका और पूर्व कैटलन नेतृत्व के बीच वर्षों से जारी कानूनी रस्साकशी का पटाक्षेप कर दिया है। स्पेन की समाजवादी सरकार ने साल 2024 में अलगाववादी आंदोलन में शामिल दर्जनों राजनेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक बहुचर्चित और विवादास्पद माफी कानून पेश किया था। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने यह दलील देते हुए पुइगडेमोंट और उनके कुछ प्रमुख सहयोगियों को इस माफी के दायरे से बाहर रखने की बात कही थी कि जनमत संग्रह के आयोजन में कथित वित्तीय अपराध जुड़े हुए थे।\n\nहालांकि, संवैधानिक अदालत ने इसी महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के उस पुराने रुख को खारिज कर दिया था। इसके बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने धुर दक्षिणपंथी वॉक्स पार्टी की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें पुइगडेमोंट के साथ-साथ उनके पूर्व मंत्रियों लुईस पुइग और टोनी कोमिन के राष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट रद्द करने के कदम को चुनौती दी गई थी। इस फैसले ने इन सभी नेताओं की वापसी की औपचारिक बाधाएं हटा दी हैं।\n\n2017 का जनमत संग्रह और निर्वासन का दौर\nसाल 2017 में कराया गया वह प्रतिबंधित जनमत संग्रह स्पेन में फ्रांसिस्को फ्रेंको के निधन के बाद बहाल हुए लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे गंभीर राजनीतिक संकट माना जाता है। मतदान के दौरान भारी पुलिस कार्रवाई देखने को मिली थी। इसके बावजूद क्षेत्र के अलगाववादी बहुमत ने स्वतंत्रता की घोषणा कर दी थी, जिसके जवाब में केंद्रीय सत्ता मैड्रिड ने कैटलन संसद को भंग कर दिया, वहां के शीर्ष नेतृत्व को बर्खास्त कर दिया और तत्काल चुनाव कराने के आदेश दिए थे। इसके तुरंत बाद ही क्षेत्र पर प्रत्यक्ष शासन लागू कर दिया गया था।\n\nकार्रवाई से बचने के लिए पुइगडेमोंट बेल्जियम चले गए थे और तब से वे वाटरलू में रहकर अपने राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ा रहे थे। दूसरी ओर, साल 2017 के घटनाक्रम में भूमिका निभाने वाले उनके नौ पूर्व सहयोगियों को जेल की सजा काटनी पड़ी थी। हालांकि, स्पेन सरकार द्वारा साल 2021 में माफी दिए जाने के बाद उन सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया था।\n\nयूरोप में राजनीतिक मौजूदगी और बार्सिलोना का संक्षिप्त दौरा\nबेल्जियम में रहते हुए भी पुइगडेमोंट ने कैटलन स्वायत्तता के मुद्दे को लगातार जीवंत बनाए रखा। वे साल 2019 में यूरोपीय संसद के सदस्य (MEP) चुने गए और इसके बाद 2024 में अपनी मध्य-दक्षिणपंथी पार्टी टुगेदर फॉर कैटालोनिया (JxCat) के नेता के रूप में कैटलन संसद के लिए भी चुने गए। उन्होंने दक्षिणी फ्रांस में रहकर अपनी चुनावी रैलियां आयोजित की थीं, जहां सीमा पार से बड़ी संख्या में उनके समर्थक उनसे मिलने पहुंचे थे।\n\nदेश छोड़ने के बाद से पुइगडेमोंट केवल एक बार ही अल्पकाल के लिए स्पेन लौटे थे। साल 2024 में बार्सिलोना में अचानक प्रकट होकर उन्होंने अपने समर्थकों की एक सभा को संबोधित किया था। इस अप्रत्याशित उपस्थिति के तुरंत बाद पुलिस ने उनकी धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन हिरासत में लिए जाने से पहले ही वे सीमा पार फ्रांस भागने में सफल रहे थे। पूरे निर्वासन काल में वे पूरे यूरोप का भ्रमण करते रहे और स्पेन की लोकतांत्रिक व्यवस्था की खुली आलोचना करते रहे।\n\nफैसले पर पुइगडेमोंट की प्रतिक्रिया और आगे की योजना\nसुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले की घोषणा होते ही पुइगडेमोंट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने विदेश में रुकने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका जनमत को जगाने, इस संघर्ष का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने और स्पेन की जमीनी सच्चाई को यूरोप के केंद्र से दुनिया के सामने रखने की थी। हालांकि, वे व्यक्तिगत रूप से किस तारीख को स्पेन लौटेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।\n\nइस बीच, उनके पूर्व क्षेत्रीय स्वास्थ्य मंत्री टोनी कोमिन इसी सप्ताह मैड्रिड की यात्रा करने की तैयारी में हैं। वे वहां MEP के रूप में अपनी स्थिति से जुड़ी प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करेंगे, जिससे स्पष्ट है कि इस अदालती आदेश का त्वरित राजनीतिक और प्रशासनिक असर दिखाई देने लगा है।\n\nकैटालोनिया का बदला हुआ सियासी परिदृश्य\nपुइगडेमोंट जिस स्पेन में लौटने की तैयारी कर रहे हैं, वह एक दशक पहले के माहौल से काफी बदल चुका है। मौजूदा दौर में कैटलन अलगाववाद का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में हाशिए पर जा चुका है और मतदाताओं का ध्यान आवास संकट तथा आव्रजन जैसे बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित हो गया है।\n\nसाल 2023 के राष्ट्रीय आम चुनाव के बाद मौजूदा प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ को नई वामपंथी सरकार गठित करने के लिए पुइगडेमोंट की पार्टी JxCat का संसदीय समर्थन अनिवार्य रूप से लेना पड़ा था। लेकिन खुद कैटालोनिया के आंतरिक राजनीतिक परिदृश्य में JxCat संघर्ष के दौर से गुजर रही है, जहां एक धुर दक्षिणपंथी अलगाववादी दल कैटलन अलायंस उसके पारंपरिक वोट बैंक में तेजी से सेंध लगा रहा है। इसके साथ ही अगले महीने होने वाले स्पेन के आम चुनावों में ऐसी संभावनाएं भी बन रही हैं कि धुर दक्षिणपंथी खेमा पहली बार सरकार में प्रवेश कर सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nस्पेन के सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कैटालोनिया और स्पेन की समूची राजनीति पर गहरा असर डालेगा, जिससे कानूनी गतिरोध खत्म होने के साथ-साथ आगामी चुनावों में नए सियासी समीकरण देखने को मिलेंगे।\n\n• राजनीतिक स्थिरता पर प्रभाव: यह अदालती आदेश स्पेन की राष्ट्रीय संसद में प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की गठबंधन सरकार को स्थिरता प्रदान कर सकता है। पुइगडेमोंट की पार्टी के समर्थन पर टिकी सरकार के लिए यह फैसला राजनीतिक विवादों को फिलहाल कम करने में मददगार साबित होगा।\n• कैटालोनिया के मतदाताओं के लिए: क्षेत्रीय स्तर पर अलगाववादी राजनीति के ध्रुवीकरण में बदलाव देखने को मिलेगा। परंपरागत समर्थक अब मध्य-दक्षिणपंथी पार्टी और तेजी से उभर रहे धूर दक्षिणपंथी कैटलन अलायंस के बीच अपनी प्राथमिकताओं का दोबारा आकलन करेंगे।\n• आगामी आम चुनाव पर असर: अगले महीने होने वाले आम चुनाव में दक्षिणपंथी और धुर दक्षिणपंथी दल इस फैसले को राष्ट्रीय संप्रभुता के मुद्दे के रूप में भुनाने की कोशिश करेंगे। इससे आम मतदाताओं के बीच सुरक्षा, राष्ट्रवाद और आव्रजन से जुड़े बहसों का जोर बढ़ेगा।\n• यूरोपीय स्तर पर कूटनीति: यूरोपीय संघ के भीतर क्षेत्रीय स्वायत्तता और प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों में यह एक बड़ा नजीर बनेगा। निर्वासित नेताओं के स्वदेश लौटने से यूरोपीय संसद में उनकी भूमिका और राजनीतिक गतिविधियां अधिक सक्रिय हो सकेंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह फैसला स्पेन के संवैधानिक संतुलन, 2024 के माफी कानून की कानूनी समीक्षा और दक्षिणपंथी अपीलों के खारिज होने के बाद संभव हुआ है। अदालत ने पाया कि जनमत संग्रह से जुड़े वित्तीय आरोपों को माफी के दायरे से बाहर रखने की पूर्व व्याख्या वैध नहीं थी।\n\n• संवैधानिक अदालत का हस्तक्षेप: सुप्रीम कोर्ट द्वारा माफी कानून से वित्तीय अपराधों के आधार पर छूट दिए जाने के फैसले को संवैधानिक अदालत ने इसी महीने की शुरुआत में पलट दिया था। शीर्ष न्यायिक संस्था ने स्पष्ट किया कि 2024 का यह कानून पुइगडेमोंट और उनके सहयोगियों पर भी लागू होता है।\n• दक्षिणपंथी दल की याचिका का खारिज होना: स्पेन के धुर दक्षिणपंथी वॉक्स दल ने गिरफ्तारी वारंट रद्द करने के खिलाफ अपील दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को कानूनी आधार पर पूरी तरह खारिज कर दिया, जिससे वारंट हटाने का रास्ता साफ हुआ।\n• 2024 के माफी कानून का उद्देश्य: मैड्रिड की समाजवादी सरकार ने 2017 के स्वतंत्रता आंदोलन से उपजे सामाजिक और राजनीतिक तनाव को कम करने के लिए यह माफी योजना पेश की थी। इस राजनीतिक समझौते का मुख्य लक्ष्य अलगाववादी संघर्ष से जुड़े मुकदमों को बंद करना था।\n• संसदीय समर्थन की अनिवार्यता: साल 2023 के चुनावों के बाद सरकार बनाने के लिए प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ को पुइगडेमोंट के दल का समर्थन जरूरी था। इसी राजनीतिक समझौते के कारण माफी कानून अस्तित्व में आया, जिसका अंतिम कानूनी नतीजा इस अदालती फैसले के रूप में सामने आया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सुप्रीम कोर्ट ने कार्लेस पुइगडेमोंट को लेकर क्या फैसला सुनाया है?\nअदालत ने पुइगडेमोंट और उनके दो पूर्व मंत्रियों के खिलाफ जारी राष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है, जिससे वे बिना गिरफ्तारी के डर के स्पेन लौट सकते हैं।\n\n2. पुइगडेमोंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी किए गए थे?\nयह वारंट 2017 में कैटालोनिया में स्पेन सरकार की अनुमति के बिना आयोजित कराए गए स्वतंत्रता जनमत संग्रह से जुड़े आरोपों के तहत जारी किए गए थे।\n\n3. पुइगडेमोंट देश छोड़कर कहां रह रहे थे?\nसाल 2017 के जनमत संग्रह के बाद वे बेल्जियम चले गए थे और तब से मुख्य रूप से वाटरलू में रहकर अपने राजनीतिक अभियान चला रहे थे।\n\n4. क्या पुइगडेमोंट निर्वासन के बाद कभी स्पेन आए थे?\nहां, उन्होंने साल 2024 में बार्सिलोना में समर्थकों को संबोधित किया था और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले सीमा पार फ्रांस भाग गए थे।\n\n5. पुइगडेमोंट के साथ किन अन्य नेताओं के गिरफ्तारी वारंट रद्द हुए हैं?\nअदालत ने उनके पूर्व मंत्रियों लुईस पुइग और टोनी कोमिन के खिलाफ जारी वारंट भी हटा दिए हैं।\n\n6. टोनी कोमिन की क्या योजना है?\nपूर्व स्वास्थ्य मंत्री टोनी कोमिन इसी सप्ताह मैड्रिड जाकर यूरोपीय संसद के सदस्य (MEP) के दर्जे से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करेंगे।\n\n7. स्पेन में कैटलन अलगाववाद की मौजूदा स्थिति क्या है?\nवर्तमान में यह मुद्दा स्पेन की राजनीति में हाशिए पर आ गया है और अब मतदाताओं का मुख्य ध्यान आवास और आव्रजन जैसे मुद्दों पर है।",
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  "category": "यूरोप",
  "publishedAt": "2026-10-20",
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