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  "type": "article",
  "title": "बेलग्रेड में भारी भीड़ के बीच हुआ रात्को म्लादिच का अंतिम संस्कार",
  "summary": "बोस्निया के पूर्व सैन्य कमांडर और युद्ध अपराधी रात्को म्लादिच के अंतिम संस्कार में सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड़ में हजारों लोग शामिल हुए। इस आयोजन पर यूरोपीय संघ ने गहरी आपत्ति जताई है।",
  "content": "सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में हाल ही में एक ऐसा आयोजन देखने को मिला जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दे दिया है। बोस्निया के कुख्यात सैन्य नेता और सजायाफ्ता युद्ध अपराधी रात्को म्लादिच के अंतिम संस्कार के मौके पर हजारों की संख्या में आम लोग और उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। इस आयोजन ने एक बार फिर बाल्कन क्षेत्र के उस पुराने और दर्दनाक इतिहास को सतह पर ला दिया है, जिससे उबरने की कोशिशें आज भी जारी हैं।\n\nहेग की जेल में हुई थी मौत\nरात्को म्लादिच का निधन नीदरलैंड्स के हेग शहर में स्थित संयुक्त राष्ट्र की एक जेल में हुआ था, जहां वे अपनी उम्रकैद की सजा काट रहे थे। जब उनकी मृत्यु हुई, तब उनकी आयु 84 वर्ष थी। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के एक युद्ध अपराध न्यायाधिकरण द्वारा वर्ष 1921 में Srebrenica नरसंहार में उनकी भूमिका के लिए नरसंहार का दोषी ठहराया गया था। उस भयानक नरसंहार में लगभग 8,000 बोस्नियाई मुस्लिम पुरुषों और लड़कों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप की सबसे भीषण त्रासदियों में गिना जाता है।\n\nयूरोपीय संघ की कड़ी आलोचना और राजनीतिक विवाद\nशुरुआत में सर्बियाई सरकार के एक मंत्री ने यह बयान दिया था कि रात्को म्लादिच को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। हालांकि, यूरोपीय देशों के कड़े विरोध के बाद इन योजनाओं में संशोधन किया गया। सोमवार को यूरोपीय संघ ने इस पूरे घटनाक्रम और रात्को म्लादिच के महिमामंडन की तीव्र निंदा की। यूरोपीय संघ की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि रात्को म्लादिच एक दोषी युद्ध अपराधी थे जिन्होंने मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध, युद्ध अपराध और नरसंहार किए थे। बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि युद्ध अपराधियों का किसी भी प्रकार का महिमामंडन करना, नरसंहार से इनकार करना या इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना यूरोपीय मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है और इसका यूरोपीय संघ या इसके सदस्य बनने की इच्छा रखने वाले देशों में कोई स्थान नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि सर्बिया वर्ष 2012 से यूरोपीय संघ का उम्मीदवार देश बना हुआ है, हालांकि हाल के दिनों में वहां सदस्यता को लेकर चल रही बातचीत की रफ्तार धीमी पड़ गई है।\n\n1990 के दशक का खूनी संघर्ष और गिरफ्तारी\nइतिहास के पन्नों को पलटें तो रात्को म्लादिच ने 1990 के दशक के दौरान बोस्नियाई सर्ब सेनाओं का नेतृत्व किया था, जो बोस्नियाई क्रोएशियाई और बोस्नियाई मुस्लिम सेनाओं के खिलाफ लड़ रही थीं। वर्ष 1992 से 1995 के बीच चले बोस्नियाई युद्ध के दौरान उनकी सेनाओं ने बोस्निया-हर्जेगोविना में गैर-सर्ब आबादी को जबरन खदेड़ने के लिए जातीय सफाए जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। उनके नेतृत्व में सैनिकों ने साराएवो की राजधानी को चारों तरफ से घेर लिया था, जिसके परिणामस्वरूप 10,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। युद्ध समाप्त होने के कई साल बाद आखिरकार वर्ष 2011 में रात्को म्लादिच को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले वे लगभग 16 वर्षों तक छिपे रहे और उन पर मुकदमा चलने के बाद 2021 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।\n\nसमर्थकों की नजरों में नायक और चर्च में श्रद्धांजलि\nकानूनी रूप से दोषी ठहराए जाने के बावजूद सर्बियाई समाज के एक बड़े वर्ग में रात्को म्लादिच की छवि आज भी एक राष्ट्रीय नायक की बनी हुई है। कई सर्ब राष्ट्रवादी उन्हें देश का रक्षक और वीर मानते हैं, विशेषकर Republika Srpska के बोस्नियाई सर्ब बहुल क्षेत्र में, जहां उनकी मृत्यु के बाद शोक सभाएं और रैलियां आयोजित की गईं। अंतिम संस्कार से पहले सर्बियाई सरकार के कई मंत्री भी उस चर्च के बाहर श्रद्धांजलि देने पहुंचे जहां रात्को म्लादिच का पार्थिव शरीर रखा गया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान रक्षा मंत्री ब्रातिस्लाव गाशिच और न्याय मंत्री नेनाद वुजिच सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।\n\nअंतिम संस्कार की मुख्य धार्मिक रस्म का नेतृत्व सर्ब ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रमुख पैट्रीच पोरफिरिजे ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रात्को म्लादिच का नाम सर्ब ऑर्थोडॉक्स जनता की स्मृतियों और प्रार्थनाओं में हमेशा गहराई से दर्ज रहेगा जो उनके प्रति अगाध आभार की भावना रखते हैं। अनुष्ठान के शुरुआती घंटों में सेंट लुका चर्च के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं। बड़ी संख्या में सेना के पूर्व सैनिक और आम नागरिक चर्च के भीतर जाकर ताबूत के दर्शन करने के लिए घंटों खड़े रहे। लोगों में से कई ने उनके चित्र वाले झपटे या चादरें ओढ़ रखी थीं और धूप के बीच लाउडस्पीकर पर बज रहे choir संगीत के साथ लोग कतारों में खड़े नजर आए।\n\nअंतिम यात्रा और कड़ा विरोध\nचर्च के अंदर रात्को म्लादिच के ताबूत की सुरक्षा युद्ध के पूर्व सैनिकों द्वारा की जा रही थी, जबकि उनकी पत्नी, बेटे और पोते-पोतियां वहां आने वाले लोगों की संवेदनाएं स्वीकार कर रहे थे। पिछले सप्ताह ही उनके ताबूत को एक सरकारी विमान के जरिए सर्बिया वापस लाया गया था, जिसे छह सैनिकों ने कंधा दिया था और उस पर राष्ट्रध्वज लिपटा हुआ था। बोस्निया और सर्बिया के अधिकांश शहरों से लोगों को अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए मुफ्त बस सेवाएं मुहैया कराई गईं।\n\nदूसरी ओर, इस सार्वजनिक विदाई ने युद्ध के उन भयानक जख्मों को फिर से हरा कर दिया है, जिन्हें पीड़ित परिवार आज भी नहीं भूल पाए हैं। साराएवो की रहने वाली ज़द्रावका ग्वोज़्दार, जिन्होंने इस शहर की घेराबंदी के दौरान अपने नौ साल के बेटे को खो दिया था, ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में इस आयोजन को बेहद भयावह बताया। उन्होंने कहा कि म्लादिच को एक नायक के रूप में पेश करने के बजाय हमेशा के लिए भुला देना चाहिए था और उन्हें केवल एक कसाई के रूप में याद रखा जाना चाहिए।\n\nविशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने रात्को म्लादिच के अपराधों का विस्तृत ऐतिहासिक रिकॉर्ड तैयार किया था, लेकिन सर्बियाई मीडिया और शिक्षा प्रणाली में आज भी पीड़ितों के नजरिए को पूरी तरह से नहीं दर्शाया गया है। युद्ध और संघर्ष से उबरने वाले समाजों के लिए अपने अतीत की जिम्मेदारी स्वीकार करना बेहद कठिन चुनौती बना हुआ है। अंतिम संस्कार की पूर्व संध्या पर Red Star Belgrade फुटबॉल क्लब के समर्थकों ने भी एक मैच के दौरान रात्को म्लादिच की तस्वीर वाला एक बड़ा बैनर प्रदर्शित किया था।\n\nइसका आप पर असर\nरात्को म्लादिच के अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का मुख्य असर बाल्कन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के राजनयिक संबंधों पर पड़ा है।\n\n• अंतरराष्ट्रीय राजनीति: यूरोपीय संघ ने सर्बिया के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे सर्बिया के यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया और अधिक जटिल हो सकती है।\n• क्षेत्रीय तनाव: इस आयोजन ने बोस्निया और सर्बिया के बीच के ऐतिहासिक और राजनीतिक तनाव को फिर से सतह पर ला दिया है, जिससे युद्ध पीड़ितों की भावनाएं आहत हुई हैं।\n• घरेलू राजनीति: सर्बियाई सरकार के मंत्रियों की उपस्थिति से यह संकेत मिलता है कि देश की राजनीति में राष्ट्रवादी भावनाओं का प्रभाव अभी भी मजबूत बना हुआ है।\n• मानवीय दृष्टिकोण: युद्ध पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए यह घटना अतीत के उन भयानक जख्मों को कुरेदने वाली साबित हुई है जिन्हें वे आज भी भूला नहीं पाए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रात्को म्लादिच कौन थे?\nरात्को म्लादिच बोस्नियाई युद्ध के दौरान बोस्नियाई सर्ब सेना के कमांडर थे जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की अदालत ने युद्ध अपराधों और नरसंहार का दोषी ठहराया था।\n\n2. उनका निधन कहां और कब हुआ?\nउनका निधन 84 वर्ष की आयु में नीदरलैंड्स के हेग शहर में स्थित संयुक्त राष्ट्र की एक जेल में हुआ था जहां वे उम्रकैद की सजा काट रहे थे।\n\n3. उनके अंतिम संस्कार का आयोजन कहां किया गया?\nउनका अंतिम संस्कार सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में किया गया जहां हजारों की संख्या में लोग और समर्थक शामिल हुए।\n\n4. यूरोपीय संघ ने इस अंतिम संस्कार पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nयूरोपीय संघ ने इस आयोजन और उनके महिमामंडन की कड़ी निंदा करते हुए इसे यूरोपीय मूल्यों के खिलाफ बताया है।\n\n5. उन्हें किस मामले में सजा सुनाई गई थी?\nउन्हें 1995 के Srebrenica नरसंहार और मानवता के खिलाफ अन्य अपराधों में नरसंहार का दोषी पाया गया था।\n\n6. अंतिम संस्कार में कौन-से प्रमुख सर्बियाई मंत्री शामिल हुए?\nस्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्री ब्रातिस्लाव गाशिच और न्याय मंत्री नेनाद वुजिच सहित कई अधिकारी श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।",
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  "category": "यूरोप",
  "publishedAt": "2026-09-07",
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