टोलेडो हाई-स्पीड ट्रेन हादसे से स्पेन में आक्रोश, संकट में पेड्रो सांचेज की सरकार स्पेन के मध्य इलाके में हुए भीषण हाई-स्पीड रेल हादसे में 69 लोगों की मौत के बाद आम चुनाव से ऐन पहले प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार पर राजनीतिक संकट गहरा गया है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड से दक्षिण की ओर जाने वाली हाई-स्पीड रेल लाइन पर एक बार फिर भीषण रेल टक्कर की घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। मध्य स्पेन के टोलेडो में पटरियों और ढलान पर बिखरे मलबे से अब तक 69 शव बरामद किए जा चुके हैं। यह भीषण त्रासदी ऐसे समय में घटी है जब बमुश्किल नौ महीने पहले कोर्डोबा के पास दो ट्रेनों की जोरदार टक्कर में 46 लोगों की जान चली गई थी। लगातार दूसरे बड़े हादसे ने न केवल पीड़ितों के परिवारों को असहनीय व्यक्तिगत आघात पहुँचाया है, बल्कि देश के आधुनिक रेल तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के नेतृत्व वाली सोशलिस्ट सरकार पर जनता के भरोसे को भी चकनाचूर कर दिया है। यह पूरा घटनाक्रम उनके द्वारा समय से पहले बुलाए गए मध्यावधि आम चुनाव से ठीक कुछ हफ्ते पहले घटा है, जिसने पूरे चुनावी समीकरण को बदल दिया है। हादसे के बाद सरकार का बचाव और मानवीय चूक का दावा टोलेडो रेल हादसे की औपचारिक जाँच अभी शुरू ही हुई थी कि सरकार ने पूरे घटनाक्रम की व्याख्या को अपने नियंत्रण में लेने की तत्परता दिखाई। टक्कर के कुछ ही घंटों के भीतर परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने खुलकर कहना शुरू कर दिया कि इस भयानक हादसे के पीछे मानवीय चूक मुख्य कारण थी। ऐसा करके उन्होंने जवाबदेही को कैबिनेट और राजनीतिक नेतृत्व से दूर रखने का स्पष्ट प्रयास किया। शुक्रवार को वे मीडिया के सामने दूसरी बार पेश हुए ताकि सरकार के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश का मुकाबला कर सकें और इस दुर्घटना से जुड़े वस्तुनिष्ठ तथ्यों को सार्वजनिक तौर पर पेश कर सकें। विपक्षी पार्टी पीपुल्स पार्टी ने उनके इस्तीफे की जोरदार मांग करते हुए इसे एक नैतिक कदम करार दिया है। विपक्षी हमलों के जवाब में परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने पीड़ितों के प्रति गहरा दुख और संवेदना व्यक्त करने के बाद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने बुनियादी ढांचे में लंबे समय से निवेश की कमी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुएंते ने जोर देकर कहा कि स्पेन का हाई-स्पीड सिग्नलिंग सुरक्षा तंत्र, जिसे एलजेडबी कहा जाता है, न तो पुराना है और न ही अपर्याप्त। उन्होंने दलील दी कि जर्मनी और ऑस्ट्रिया भी इसी सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी उजागर किया कि स्पेन में इस साल अब तक यह प्रणाली 170 बार विफल हो चुकी है। उन्होंने इस विफलता के आंकड़े को सामान्य बताते हुए इसे यूरोपीय संघ के औसत के आसपास करार दिया। कंट्रोल रूम की चूक और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का आदेश असली संकट उस समय पैदा होता है जब ऑटोमैटिक सुरक्षा प्रणाली विफल हो जाती है और रेल लाइन का नियंत्रण पूरी तरह से मैनुअल संचालन पर आ जाता है। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस दुर्घटना में एक के बाद एक कई मानवीय गलतियाँ हुईं जो अंततः जानलेवा साबित हुईं। दुर्घटना के वक्त के ऑडियो कॉल और मैड्रिड के मुख्य कंट्रोल सेंटर की बड़ी स्क्रीनों पर आसन्न टक्कर की स्थिति बिल्कुल साफ दिखाई दे रही थी। ऑडियो रिकॉर्डिंग से बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जब ट्रैक पर आगे एक ट्रेन पहले से फंसी हुई थी, उसी दौरान कंट्रोलर ने पीछे रुकी हुई ट्रेन को दोबारा चलने का निर्देश दे दिया। कंट्रोलर ने उस ट्रेन को 160 किलोमीटर प्रति घंटा (100 मील प्रति घंटा) की रफ्तार से आगे बढ़ने का ग्रीन सिग्नल दे दिया। परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने पुष्टि की कि मैड्रिड कंट्रोल सेंटर के उपकरण सही काम कर रहे थे, स्क्रीन पर सब कुछ साफ दिख रहा था और कर्मचारियों को पता था कि क्या हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद आगे बढ़ रही ट्रेन को रुकने का कोई आदेश कभी जारी नहीं किया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राजनीतिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देंगे, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया और पद पर बने रहने को अपना कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि वे चीजों का सामना करेंगे, स्थिति स्पष्ट करेंगे और सिस्टम को सुधारने की दिशा में काम करेंगे ताकि रेल यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके। पेड्रो सांचेज के लिए गहराता राजनीतिक संकट इस हादसे ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सत्ताधारी टीम के लिए राजनीतिक मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ा दी हैं। रेल दुर्घटना से पहले ही वे भ्रष्टाचार के आरोपों और देश भर में आवास की बढ़ती लागत को लेकर भारी जनआक्रोश का सामना कर रहे थे। प्रधानमंत्री के करीबी रिश्तेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगातार बने हुए हैं, हालांकि उन्होंने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। इसके अलावा, गर्मियों के दौरान मोरक्को से स्पेन के सेउटा इलाके में प्रवासियों के अचानक बड़े पैमाने पर आने के मुद्दे पर भी दक्षिणपंथी विपक्ष सरकार पर नाकामी और बजट की कमी का आरोप लगा रहा था। वहीं 70 से अधिक वर्षों से अपने घर में रह रही मारिकार्मेन अबास्कल को बेदखल किए जाने के बाद हुई मौत ने पूरे देश में हाउसिंग संकट को लेकर उग्र विरोध प्रदर्शनों को भड़का दिया था। पोलिंग एजेंसी इप्सोस के पाको कामास का कहना है कि यह न केवल एक बेहद गंभीर दुर्घटना है, बल्कि बहुत कम समय में हुआ दूसरा बड़ा हादसा है। उनका मानना है कि इस घटना ने न सिर्फ रेलवे बल्कि देश की संस्थाओं से भी लोगों का विश्वास तोड़ दिया है, और स्पेन में जब ऐसी चीजें होती हैं तो जनता सीधे सरकार को दोषी ठहराती है। हादसे से पहले भी सांचेज के दोबारा चुनाव जीतने की संभावना काफी कमजोर दिख रही थी, लेकिन अब यह पूरी तरह धराशायी होती नजर आ रही है। चुनावी समीकरण और सड़कों पर आक्रोश मैड्रिड के कार्लोस तृतीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पाब्लो साइमन के अनुसार, हालिया जनमत सर्वेक्षणों में मध्य-दक्षिणपंथी पीपुल्स पार्टी के पहले स्थान पर आने और धुर दक्षिणपंथी वॉक्स पार्टी के साथ गठबंधन सरकार बनाने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 95 प्रतिशत सिमुलेशन में इस दक्षिणपंथी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। प्रधानमंत्री सांचेज अब तक एक सकारात्मक चुनावी अभियान चला रहे थे ताकि उदासीन मतदाताओं को सोशलिस्ट पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा सके। लेकिन प्रोफेसर साइमन का कहना है कि सरकार ने अब चुनाव के एजेंडे और जनभावनाओं पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया है, और पूरे देश में एक तरह की निराशा और अव्यवस्था का माहौल बन गया है। इस बीच मैड्रिड में सुदूर दक्षिणपंथी समूहों के नेतृत्व में छोटे स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं और संभावित टकराव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है। आम यात्रियों में भी भारी डर और नाराजगी देखी जा रही है। शहर के स्टेशन पर आधी खाली ट्रेन से उतरी पालोमा नाम की एक यात्री ने बताया कि सभी लोग बेहद गमगीन और खामोशी के साथ यात्रा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें हाई-स्पीड ट्रेन से सफर करने में डर लगता है और सरकार से वे बेहद नाराज हैं। पालोमा का कहना था कि यह भीषण हादसा उनके वोट के फैसले को पूरी तरह बदल देगा और वे वामपंथ से हटकर दक्षिणपंथ की ओर रुख करेंगी। वहीं रोजाना हाई-स्पीड एवीई ट्रेन से मैड्रिड आने-जाने वाली लूसिया ने कहा कि भले ही यह मानवीय चूक हो, लेकिन 100 से अधिक मौतों वाले दो बड़े हादसों के बाद स्थिति बहुत खराब हो चुकी है और अब बदलाव बेहद जरूरी है। इसका आप पर असर स्पेन के रेल यात्रियों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा तथा देश की चुनावी राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। • दैनिक रेल यात्रियों पर प्रभाव: हाई-स्पीड नेटवर्क पर सफर करने वाले यात्रियों में सुरक्षा को लेकर भारी डर पैदा हो गया है। कई मार्गों पर ट्रेनों में भीड़ कम देखी जा रही है और लोग यात्रा के दौरान असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। • आगामी आम चुनाव पर असर: कुछ ही हफ्तों में होने वाले मध्यावधि चुनावों में मतदाता सत्ताधारी दल से किनारा कर सकते हैं। इस हादसे के बाद जनता का झुकाव विपक्षी दलों की ओर बढ़ने से सरकार बदलने के पूरे आसार बन रहे हैं। • रेल सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव: विफलता के समय मैनुअल नियंत्रण के प्रोटोकॉल की सख्त समीक्षा की जाएगी। 160 किमी प्रति घंटे की गति सीमा और कंट्रोल रूम संचालन नियमों में कड़े बदलाव होने की संभावना है। • यूरोपीय रेल मानकों पर चर्चा: एलजेडबी सुरक्षा सिग्नलिंग प्रणाली की साल भर में 170 विफलताओं के बाद पूरे यूरोप में बहस शुरू हो सकती है। स्वचालित सिस्टम के फेल होने पर आपातकालीन बैकअप व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया जाएगा। ऐसा क्यों हुआ यह भीषण रेल हादसा स्वचालित सुरक्षा सिग्नल प्रणाली में खराबी आने और उसके बाद कंट्रोल रूम स्तर पर गंभीर मानवीय चूक होने के कारण हुआ। • सिग्नलिंग प्रणाली की विफलता: स्पेन की हाई-स्पीड लाइन पर उपयोग होने वाली एलजेडबी सुरक्षा प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी आई। इस प्रणाली के फेल होने पर रेल मार्ग का नियंत्रण कंप्यूटर से हटकर पूरी तरह से मानव ऑपरेटरों के हाथों में चला गया। • कंट्रोलर द्वारा गलत निर्देश: मैड्रिड के कंट्रोल सेंटर में बैठे ऑपरेटर ने ट्रैक पर आगे फंसी दूसरी ट्रेन की मौजूदगी के बावजूद पीछे रुकी ट्रेन को चलने की अनुमति दे दी। ऑपरेटर ने रुकी हुई ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ने का निर्देश जारी कर दिया। • चेतावनी के बावजूद रोक न लगाना: मैड्रिड स्थित मुख्य नियंत्रण केंद्र की बड़ी स्क्रीन और ऑडियो कॉल पर दोनों ट्रेनों की स्थिति और आसन्न टक्कर स्पष्ट दिख रही थी। तमाम उपकरण ठीक होने के बाद भी आगे बढ़ रही ट्रेन को रुकने का समय रहते कोई आपातकालीन आदेश नहीं भेजा गया। • हालिया दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि: स्पेन में बमुश्किल नौ महीने पहले कोर्डोबा के पास भी दो ट्रेनों की टक्कर में 46 लोगों की जान गई थी। बुनियादी ढांचे में निवेश की कमी और मैनुअल नियंत्रण के दौरान बार-बार होने वाली चूकों ने इस खतरे को और गहरा कर दिया था। सवाल-जवाब 1. टोलेडो हाई-स्पीड रेल हादसे में कितने लोगों की जान गई है? मध्य स्पेन के टोलेडो में पटरियों और ढलान पर बिखरे मलबे से अब तक 69 शव बरामद किए जा चुके हैं। 2. हादसे के समय कंट्रोल रूम से क्या गंभीर चूक हुई? कंट्रोलर ने आगे एक ट्रेन फंसी होने के बावजूद पीछे वाली ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी थी। 3. स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने इस हादसे पर क्या रुख अपनाया? उन्होंने इसे मानवीय चूक बताते हुए अपने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी और कहा कि वे पद पर रहकर सिस्टम सुधारने का काम करेंगे। 4. एलजेडबी सिग्नलिंग प्रणाली इस साल स्पेन में कितनी बार विफल हो चुकी है? परिवहन मंत्री के अनुसार, यह सुरक्षा प्रणाली इस साल अब तक 170 बार विफल हो चुकी है, जिसे उन्होंने यूरोपीय संघ के औसत के अनुसार बताया। 5. क्या स्पेन में हाल के महीनों में ऐसा कोई दूसरा रेल हादसा हुआ था? हां, लगभग नौ महीने पहले कोर्डोबा के पास दो ट्रेनों की टक्कर में 46 यात्रियों की मौत हुई थी। 6. इस रेल दुर्घटना का प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के चुनाव अभियान पर क्या असर पड़ा है? हादसे से कुछ हफ्ते पहले होने वाले आम चुनावों में सांचेज की संभावनाएं काफी कमजोर हो गई हैं और दक्षिणपंथी दलों की जीत के आसार बढ़ गए हैं। https://trendkia.com/europe/toledo-hai-spida-trena-hadase-se-spain-men-akrosha-snkata-men-pedro-s-nchez-ki-sarakara-53787 TrendKia — Har trend, sabse pehle.