यूक्रेन के सुमी में दवा फैक्ट्री पर रूसी ड्रोन स्ट्राइक, एक की मौत और कई घायल यूक्रेनी शहर सुमी में एक दवा निर्माण संयंत्र पर रूसी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए, जबकि कीव और निप्रो के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया है। यूक्रेन के सुमी शहर में एक दवा संयंत्र पर हुए रूसी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हमले के बाद सामने आई जानकारियों में यह दावा किया जा रहा है कि निशाना बना संयंत्र भारतीय दवा निर्माता कंपनी कुसुम हेल्थकेयर से जुड़ा था, यद्यपि इस संबंध में अब तक कोई औपचारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को इस घटना की जानकारी सार्वजनिक करते हुए नागरिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई। सुमी क्षेत्र में हुई इस बमबारी ने एक बार फिर स्वास्थ्य और आवश्यक आपूर्ति से जुड़े प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को बनाया गया निशाना राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मारे गए नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इन आक्रामक कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने रेखांकित किया कि रूसी सैन्य बलों ने राजधानी कीव में पिवनिचनी ब्रिज को निशाना बनाया और निप्रो शहर में एक महत्वपूर्ण संचार केंद्र पर भी हमला किया, जिसमें कई नागरिक चोटिल हुए। जेलेंस्की द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, केवल इसी एक सप्ताह के भीतर यूक्रेन की धरती पर भारी गोलाबारी की गई है। इस दौरान 1,900 से अधिक ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलें दागी गईं। इन हमलों में आधुनिक तकनीक से लैस 800 से ज्यादा जेट चालित ड्रोनों का इस्तेमाल दर्ज किया गया है। रात भर में 135 मानव रहित विमानों से भारी बमबारी सोशल मीडिया मंच X पर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए बताया कि रात के समय यूक्रेन भर में 135 हमलावर ड्रोनों की लहर भेजी गई थी। इन ड्रोनों में से 50 से अधिक जेट शक्ति से संचालित थे, जिनकी गति और मारक क्षमता अत्यधिक तेज मानी जाती है। हमलों की इस श्रृंखला ने कीव, निप्रो, खार्किव, डोनेट्स्क, सुमी और ज़ापोरिज्जिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया। जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलावरों के मुख्य निशाने आम रिहायशी इमारतें और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर हैं, यानी वे सभी चीजें जो आम रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। लगातार बमबारी के कारण अनेक प्रभावित इलाकों में बिजली ग्रिड ठप हो गए और विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, जहां आपातकालीन मरम्मत टीमें युद्धस्तर पर सेवाएं बहाल करने में जुटी हुई हैं। जर्मनी के चांसलर का कीव दौरा और नई रक्षा सहायता की रूपरेखा यह भीषण हवाई हमला उस समय देखने को मिला है जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन पहुंचे और उन्होंने कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की। मर्ज का यह दौरा युद्ध की इस घड़ी में यूक्रेन के साथ यूरोपीय एकजुटता को प्रदर्शित करने वाला माना जा रहा है। बातचीत के दौरान चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने आगाह किया कि रूस की सैन्य मशीन यदि आज न रोकी गई तो देर-सबेर वह अन्य यूरोपीय संप्रभु देशों के लिए भी सीधा खतरा बन जाएगी। उन्होंने कीव प्रशासन को आश्वासन दिया कि आवश्यक रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। लगातार तेज होते हवाई और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से अधिक उन्नत इंटरसेप्टर रक्षा प्रणालियों की त्वरित मांग उठाई है। इस पृष्ठभूमि में बर्लिन और कीव के मध्य 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के एक नए सैन्य सहायता पैकेज पर सहमति बनने के संकेत मिले हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने चांसलर मर्ज के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे एक ऐसे राष्ट्र के प्रमुख हैं जो आम नागरिकों की जान बचाने के प्रयासों में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में दोनों पक्ष ऐसे रणनीतिक फैसलों को अंतिम रूप दे रहे हैं जो यूक्रेन और समूचे यूरोप की रक्षा क्षमताओं को मजबूती देंगे, ताकि आक्रमण का सामूहिक मुकाबला किया जा सके। इसका आप पर असर यूक्रेन में दवा संयंत्र पर हमला आवश्यक दवाओं के उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को सीधा नुकसान पहुंचा सकता है। • वैश्विक आपूर्ति पर असर: दवा निर्माण इकाइयों पर हमले से युद्धग्रस्त क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। आपूर्ति बाधित होने पर स्थानीय नागरिकों को जीवनरक्षक दवाओं के लिए बाहरी मानवीय सहायता पर निर्भर रहना पड़ेगा। • भारतीय हितों की सुरक्षा: भारतीय दवा कंपनियों के विदेशी संयंत्रों पर युद्ध के खतरे से अंतरराष्ट्रीय निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विदेश में काम कर रही कंपनियों को अपने कर्मचारियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा समीक्षा तेज करनी होगी। • ऊर्जा और बिजली संकट: हमलों में बुनियादी ढांचे के क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है। प्रभावित इलाकों के निवासियों को दैनिक जीवन और संचार सेवाओं के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। • रक्षा कूटनीति का असर: यूक्रेन को मिलने वाले 1 अरब अमेरिकी डॉलर के नए सैन्य पैकेज से हवाई रक्षा प्रणालियों में इजाफा होगा। इससे आम नागरिकों को आने वाले दिनों में ड्रोन हमलों से बेहतर सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ यह हमला यूक्रेन के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा नेटवर्क और औद्योगिक ठिकानों को लगातार निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाने की व्यापक सैन्य रणनीति का हिस्सा है। • व्यापक हवाई रणनीति: सुमी, कीव और निप्रो पर किए गए हमले नागरिक और औद्योगिक सुविधाओं को पंगु बनाने के निरंतर दबाव के तहत हुए हैं। एक ही रात में 135 ड्रोन दागकर यूक्रेनी वायु रक्षा तंत्र को व्यस्त करने का प्रयास किया गया। • जेट चालित ड्रोनों का बढ़ता प्रयोग: हालिया हमलों में 50 से अधिक जेट पावर्ड ड्रोनों का उपयोग देखा गया है। ये पारंपरिक ड्रोनों की तुलना में अधिक तीव्र गति से लक्ष्य तक पहुंचते हैं, जिससे उन्हें मार गिराना अपेक्षाकृत अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। • उच्च स्तरीय कूटनीतिक दौरे का समय: यह तीव्र हमला ठीक उसी दिन हुआ जब जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन के समर्थन में कीव पहुंचे थे। ऐसे कूटनीतिक दौरों के दौरान आक्रामक सैन्य दबाव बनाना दोनों पक्षों की रणनीतिक खींचतान को दर्शाता है। सवाल-जवाब 1. सुमी में ड्रोन हमले में क्या नुकसान हुआ है? सुमी में एक दवा निर्माण संयंत्र पर ड्रोन गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। 2. क्या प्रभावित दवा संयंत्र किसी भारतीय कंपनी का था? मीडिया रिपोर्ट्स में इसे भारतीय दवा कंपनी कुसुम हेल्थकेयर का संयंत्र बताया गया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। 3. एक हफ्ते में यूक्रेन पर कितने हवाई हमले दर्ज किए गए? राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार एक हफ्ते में 1,900 से ज्यादा ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलों से हमले किए गए। 4. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कीव में क्या कहा? मर्ज ने चेतावनी दी कि रूस की सैन्य कार्रवाई देर-सबेर अन्य यूरोपीय देशों के लिए खतरा बनेगी और यूक्रेन को जरूरी सैन्य सहायता का भरोसा दिया। 5. यूक्रेन और जर्मनी के बीच किस सहायता पैकेज पर बातचीत हो रही है? दोनों देशों के बीच 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के सैन्य सहायता पैकेज पर समझौता होने की संभावना है। https://trendkia.com/europe/ukraine-ke-sumy-men-dava-phaiktri-para-russian-drone-strike-eka-ki-mauta-aura-kai-ghayala-42815 TrendKia — Har trend, sabse pehle.