# यूक्रेन में सड़कों पर उतरे लोग, ज़ेलेंस्की के लोकप्रिय रक्षा मंत्री को हटाए जाने से भड़का गुस्सा

> यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाकर मेजर जनरल येवहेन ख्मारा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री बनाया, जिसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और यह सामने आया कि यह फैसला सेनाध्यक्ष ओलेक्सांद्र सिरस्की के साथ तनाव से जुड़ा था।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-07-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/ukraine-men-sarakon-para-utare-loga-zelensky-ke-lokapriya-raksha-mntri-ko-hatae-jane-se-bharaka-gussa-8193 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूक्रेन, ज़ेलेंस्की, मिखाइलो फेडोरोव, रक्षा मंत्री, ओलेक्सांद्र सिरस्की, कीव विरोध प्रदर्शन, आईटी आर्मी, क्रीमिया ड्रोन हमले

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के एक अचानक फैसले ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटा दिया, जिसके बाद आम लोगों में गुस्सा भड़क उठा, सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गए और संसद सदस्यों ने भी खुलकर इस फैसले का विरोध किया। रूस के साथ चल रहे युद्ध के बीच आया यह फैसला इस सवाल को फिर हवा दे गया है कि यूक्रेन का सिविल नेतृत्व और सेना का शीर्ष नेतृत्व आपस में कितने तालमेल से काम कर रहे हैं, और राष्ट्रपति के पास आंतरिक मतभेद संभालने की कितनी गुंजाइश बची है।

## कीव की सड़कों पर उतरा गुस्सा
गुरुवार सुबह कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों में ज्यादातर युवाओं की भीड़ फेडोरोव को हटाए जाने के विरोध में जमा हो गई, जो पूरे पैमाने के युद्ध की शुरुआत के बाद से देखे गए सबसे साफ जन-असंतोष में गिना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां उठा रखी थीं, जिन पर लिखा था "फेडोरोव को मत छुओ" और "जीत में रोड़े मत अटकाओ!" भीड़ "शर्म करो!" के नारे भी लगाती रही। कीव के बीचोंबीच स्थित इवान फ्रैंको चौक पर हुए प्रदर्शन में दो युवा प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां थाम रखी थीं, जिन पर लिखा था "यह क्या कर रहे हो, बेवकूफ?" और "यह उन सबके लिए है जो यहां नहीं आ सके।" इसी प्रदर्शन में मौजूद 31 वर्षीय मारिया लावरीनेत्स ने कहा, "मेरे बहुत सारे दोस्त सेना में हैं। उनमें से कई मारे जा चुके हैं। मैं नहीं चाहती कि यह सिलसिला यूं ही चलता रहे।" उन्होंने आगे कहा, "हम फेडोरोव के काम के नतीजे देख रहे हैं। हम जवानों का जोश देख रहे हैं, हमें उनके साथ खड़ा होना चाहिए।" जब ज़ेलेंस्की से इन प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, "लोगों का सड़कों पर उतरना सही है। मैं समझता हूं, सुन रहा हूं, और समाज जो कह रहा है उस पर अमल भी कर रहा हूं।"

## कार्यवाहक रक्षा मंत्री के तौर पर नया चेहरा
गुरुवार शाम तक ज़ेलेंस्की ने सुरक्षा सेवा यानी SBU के कार्यवाहक प्रमुख मेजर जनरल येवहेन ख्मारा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नामित कर दिया, यानी मंत्रालय की कमान अस्थायी तौर पर किसी और राजनीतिक चेहरे की बजाय एक वरिष्ठ खुफिया और सुरक्षा अधिकारी के हाथ में सौंप दी गई। इस नियुक्ति का ऐलान करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, "ख्मारा को तकनीकी लड़ाकू अभियानों का व्यापक और कई मायनों में अभूतपूर्व अनुभव है।" इससे पहले संसद सदस्यों के गुरुवार को ही एक अलग प्रस्ताव पर वोट डालने की उम्मीद थी, जिसमें मौजूदा गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको को रक्षा मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव था। लेकिन ज़ेलेंस्की ने साफ किया कि क्लिमेंको का नाम सिर्फ विचाराधीन कई नामों में से एक था और संसद में अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव पेश ही नहीं किया गया था, यानी स्थायी उत्तराधिकारी कौन होगा यह सवाल अब भी खुला है।

## सेनाध्यक्ष सिरस्की से टकराव की असली वजह
पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि फेडोरोव की विदाई का असली कारण सेनाध्यक्ष ओलेक्सांद्र सिरस्की के साथ उनका तनाव है, और खुद फेडोरोव और ज़ेलेंस्की ने अपने सार्वजनिक बयानों से लगभग इसकी पुष्टि कर दी। गुरुवार को फेडोरोव ने खुलासा किया कि उन्होंने ज़ेलेंस्की को सुझाव दिया था कि सिरस्की के साथ-साथ जनरल स्टाफ प्रमुख आंद्री ह्नातोव को भी पद से हटाया जाए। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़ेलेंस्की ने माना कि जनरल स्टाफ और रक्षा मंत्रालय के बीच टकराव "ढांचागत" रहा है और यह "अलग-अलग स्तरों पर" सामने आता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सिरस्की और फेडोरोव सिर्फ उनकी मध्यस्थता से ही साथ काम कर पाते थे। अपनी अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडोरोव ने याद किया, "जब राष्ट्रपति ने कहा कि वे सिरस्की को हटाने की योजना नहीं बना रहे, तो मैंने कहा कि मैं उनके साथ काम करना सीख लूंगा।" लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि "हमने जो भी पहल सुझाई, उन सबको रोक दिया गया।" सिरस्की के बारे में बोलते हुए फेडोरोव ने कहा, "रूस को असममित तरीके से हराने का रास्ता खोजने की बजाय, जो कि सेनाध्यक्ष का काम है, उन्होंने हमारे देश को बांटने का रास्ता खोज लिया है।" इसके जवाब में सिरस्की ने टेलीग्राम पर एक छोटा सा संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें 2022 में कीव के आसपास चलाए गए उस रक्षा अभियान पर "गर्व" है, जब रूसी सेना राजधानी के करीब पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि वे "युद्ध और एक असरदार रणनीति पर ध्यान" केंद्रित रखना जारी रखेंगे, और अंत में फेडोरोव को "आगे की सफलता" की शुभकामनाएं दीं, जो इस सार्वजनिक विवाद के आकार को देखते हुए बेहद संक्षिप्त जवाब था।

## मंत्रालय की काया पलटने वाला मंत्री
35 वर्षीय फेडोरोव को इसी साल जनवरी में ही रक्षा मंत्री बनाया गया था, लेकिन इतने कम समय में ही उन्हें उस मंत्रालय में नई जान फूंकने का श्रेय दिया जाने लगा, जिसे यूक्रेन में ज्यादातर लोग नौकरशाही और पुरानी सोवियत-दौर की सोच में जकड़ा हुआ मानते थे। उन्होंने मंत्रालय के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाई और मोर्चे पर यूक्रेन के प्रदर्शन को परखने और बेहतर बनाने के लिए डेटा के इस्तेमाल पर जोर दिया, जो मंत्रालय की पुरानी और सुस्त कार्यशैली से एक साफ बदलाव था। सरकार में आने से पहले फेडोरोव यूक्रेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री रह चुके थे, और 2022 में रूस के पूरे पैमाने पर हमले की शुरुआत से ही उन्होंने एक स्वयंसेवी "आईटी आर्मी ऑफ यूक्रेन" खड़ी की थी, जिसने रूसी ठिकानों के खिलाफ साइबर हमले किए। इसके बाद उन्होंने "आर्मी ऑफ ड्रोन्स" नाम से एक सफल फंडरेजिंग मुहिम चलाई और युद्ध में "गेमिफिकेशन" जैसे तरीके भी शामिल किए, यानी उन्होंने ऐसा सिस्टम बनाया जिसमें यूक्रेनी सैन्य टुकड़ियों को रूसी ठिकानों पर हमला करने पर क्रेडिट दिए जाते थे, ताकि टुकड़ियां पुष्ट हमलों के लिए आपस में होड़ करें। हाईटेक युद्ध, ड्रोन और खरीद प्रक्रिया के आधुनिकीकरण को लेकर उनका यही रुझान रक्षा मंत्री बनने के बाद भी बना रहा। अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही उन्होंने स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क से गुजारिश की थी कि रूस को ड्रोन हमलों के लिए स्टारलिंक सैटेलाइट का इस्तेमाल करने से रोका जाए, जिससे रूस के मोर्चे पर होने वाले अभियानों और उसकी बढ़त में काफी रुकावट आई थी, क्योंकि दोनों पक्षों के लिए युद्धक्षेत्र में संपर्क बनाए रखने में स्टारलिंक की भूमिका बेहद अहम हो चुकी थी। उनके मंत्रालय की रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप पर हाल के हमलों में भी अहम भूमिका रही, और पिछले महीने ही फेडोरोव ने मध्यम दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए क्रीमिया को रूस से पूरी तरह "काट देने" की कसम खाई थी, जो दिखाता है कि उनके नेतृत्व में मंत्रालय की सोच लंबी दूरी के तकनीक-आधारित अभियानों की तरफ कितनी बढ़ गई थी।

## कीव में बड़ा सरकारी फेरबदल
फेडोरोव को हटाया जाना ज़ेलेंस्की के एक बड़े फेरबदल का हिस्सा था, जिसमें इस हफ्ते कीव में एक से ज्यादा बड़े पदों पर बदलाव हुआ। इसी दौरान संसद ने राज्य के तेल और गैस निगम के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की को नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी। यह नियुक्ति युलिया स्विरिडेंको के इसी हफ्ते की शुरुआत में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद हुई, यानी कुछ ही दिनों के भीतर यूक्रेन में प्रधानमंत्री पद और रक्षा मंत्री पद, दोनों पर नए चेहरे आ गए, जो युद्धकालीन कीव के हिसाब से भी असामान्य रफ्तार है।

## फेडोरोव ने सलाहकार बनने से किया इनकार
फेडोरोव ने बताया कि ज़ेलेंस्की ने उन्हें अपनी टीम में सलाहकार के तौर पर बने रहने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद राष्ट्रपति के खिलाफ जाना नहीं है और उन्हें "पूरा भरोसा" है कि ज़ेलेंस्की "यूक्रेनी जनता की बात सुनते हैं, जानते हैं कि क्या करना है, और यह मामला सौ फीसदी सुलझ जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता कि उन्होंने सिरस्की वाले मामले में अभी तक किसी का पक्ष लिया है। मैंने आज उनसे बात की और कहा कि मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर काम कर रहा हूं।" पद से हटाए जाने के थोड़ी देर बाद ही फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में फेडोरोव ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि वे "असममित रणनीति, तेज नवाचार और संगठनात्मक ताकत के जरिए दुश्मन को हराने का काम आगे भी जारी रखेंगे।"

## सैनिकों और साथियों का साथ
फेडोरोव को हटाए जाने की उन लोगों ने भी कड़ी आलोचना की, जिन्होंने उनके साथ या उनके नेतृत्व में काम किया था, और इनमें से कई ने खबर आने के कुछ ही घंटों में खुलकर अपनी नाराजगी जता दी। यूक्रेनी सैनिक ओलेक्सांद्र ने कहा, "यह ज़ेलेंस्की की पूरी राष्ट्रपति पारी की सबसे बड़ी गलती है।" उन्होंने बताया कि उन्होंने इसी साल फेडोरोव की टीम और उनकी सोच पर भरोसा करके सेना जॉइन की थी। उन्होंने आगे कहा, "मैं किसी को नहीं जानता जो उन्हें हटाए जाने के फैसले का समर्थन करता हो, न सेना में, न समाज में।" जाने-माने ब्लॉगर सेरही स्टेरनेंको, जिन्हें फेडोरोव ने खुद सलाहकार बनाकर लाया था, उन्होंने अपने पूर्व बॉस को "हमारे पूरे इतिहास का सबसे अच्छा रक्षा मंत्री" बताया और उन "नौकरशाही अड़चनों और जानबूझकर की गई देरी" की आलोचना की, जिन्हें उन्होंने गहरे सुधारों के रास्ते की रुकावट बताया। एक और पूर्व सलाहकार, जो तकनीकी विशेषज्ञ हैं और "फ्लैश" उपनाम से जाने जाते हैं, उन्होंने कहा कि फेडोरोव की टीम का हिस्सा रहना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा, "मेरे पास कई सिस्टम तक पहुंच थी और मैं दुश्मन की गतिविधियों का विश्लेषण कर पाता था। मैं उनके अगले कदम का अंदाजा लगा सकता था। अब मैं ऐसा नहीं कर पाऊंगा।" जाने-माने ड्रोन यूनिट कमांडर पावलो येलिजारोव ने फेडोरोव को हटाए जाने के विरोध में यूक्रेनी वायुसेना के उप-कमांडर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस फैसले को "देश की रक्षा क्षमता के लिए एक बड़ी बुराई" बताया।

## आगे यूक्रेन के नेतृत्व के लिए क्या
कुल मिलाकर, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, इस्तीफे और फेडोरोव, सिरस्की और ज़ेलेंस्की के बीच खुलकर हुई तीखी बयानबाजी, ये सब मिलकर बताते हैं कि यह अंदरूनी टकराव अब बंद कमरों की राजनीति से निकलकर पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है, और वह भी ऐसे वक्त में जब यूक्रेन अपने युद्ध-नेतृत्व में इस तरह की खुली दरार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता। आने वाले हफ्तों में ज़ेलेंस्की इस पूरे मामले को कैसे संभालते हैं और स्थायी रक्षा मंत्री के तौर पर आखिर में किसे चुनते हैं, इससे उनकी सरकार की स्थिरता को लेकर आम यूक्रेनी नागरिकों के साथ-साथ कीव के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की राय भी तय होगी।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर भारत या किसी खास शहर से नहीं जुड़ी है, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध पर नजर रखने वाले हर पाठक के लिए इसके मायने हैं।

- **युद्ध पर नजर रखने वालों के लिए:** यूक्रेन की सिविल रक्षा लीडरशिप और सेनाध्यक्ष के बीच खुलकर सामने आया यह टकराव, और साथ ही कीव में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में यूक्रेन की ड्रोन रणनीति और मोर्चे पर उसकी ���ोजना में अंदरूनी उठापटक का असर दिख सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. मिखाइलो फेडोरोव को रक्षा मंत्री पद से क्यों हटाया गया?
फेडोरोव और ज़ेलेंस्की दोनों ने संकेत दिया कि यह फैसला सेनाध्यक्ष ओलेक्सांद्र सिरस्की के साथ चल रहे तनाव से जुड़ा था, क्योंकि फेडोरोव ने सिरस्की और जनरल स्टाफ प्रमुख आंद्री ह्नातोव को हटाने का सुझाव दिया था।

### 2. फेडोरोव की जगह कार्यवाहक रक्षा मंत्री किसे बनाया गया?
सुरक्षा सेवा SBU के कार्यवाहक प्रमुख मेजर जनरल येवहेन ख्मारा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नामित किया गया है।

### 3. फेडोरोव कब से रक्षा मंत्री थे?
35 वर्षीय फेडोरोव को इसी साल जनवरी में रक्षा मंत्री बनाया गया था।

### 4. फेडोरोव को हटाए जाने के बाद यूक्रेन में क्या हुआ?
गुरुवार सुबह कीव और अन्य शहरों में ज्यादातर युवाओं की भीड़ सड़कों पर उतर आई, तख्तियां और नारों के साथ विरोध जताया, और कई सैनिकों तथा पूर्व सलाहकारों ने भी खुलकर नाराजगी जताई।

### 5. फेडोरोव ने सेनाध्यक्ष सिरस्की पर क्या आरोप लगाया?
फेडोरोव ने कहा कि रूस को असममित तरीके से हराने का रास्ता खोजने की बजाय सिरस्की ने देश को बांटने का रास्ता खोज लिया है, और उनकी सुझाई पहलों को रोक दिया गया।

### 6. फेडोरोव की जगह किसे स्थायी रक्षा मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव था?
गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको का नाम प्रस्तावित था, लेकिन ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह सिर्फ विचाराधीन कई नामों में से एक था और कोई औपचारिक प्रस्ताव अभी पेश नहीं हुआ था।

### 7. इसी दौरान सरकार में और क्या फेरबदल हुआ?
युलिया स्विरिडेंको के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद संसद ने राज्य तेल-गैस निगम के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की को नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने को मंजूरी दी।

### 8. फेडोरोव ने सलाहकार बने रहने का प्रस्ताव क्यों ठुकराया?
फेडोरोव ने खुद बताया कि ज़ेलेंस्की ने उन्हें टीम में सलाहकार बने रहने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर चलते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._