# मॉस्को क्यों साध रहा है डोनाल्ड ट्रंप के एनर्जी सीजफायर पर चुप्पी?

> डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीजफायर के ऐलान के बाद मॉस्को की चुप्पी और रूसी मीडिया के बयानों ने नई चर्चा छेड़ दी है।

**Type:** article · **Category:** यूरोप · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/europe/why-moscow-is-keeping-quiet-on-trump-energy-ceasefire-47145 · **Language:** Hindi
**Tags:** रूस-यूक्रेन युद्ध, डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन, ऊर्जा सीजफायर, क्रेमलिन

यूक्रेन में रूसी हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर तत्काल प्रभाव से संघर्ष विराम की घोषणा के बाद से मॉस्को ने आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है। इस अप्रत्याशित ऐलान पर क्रेमलिन के रुख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कयास लगाए जा रहे हैं, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे अपने लिए पूरी तरह से नई और हैरान करने वाली खबर करार दिया है।

## क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और रूसी मीडिया का नजरिया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पत्रकारों के साथ अपनी दैनिक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान इस कथित संघर्ष विराम समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। दिमित्री पेसकोव ने केवल इतना कहा कि दोनों पक्षों के बीच संपर्क लगातार बने हुए हैं और जैसे ही इस संबंध में साझा करने योग्य कोई ठोस जानकारी होगी, मीडिया को अवगत करा दिया जाएगा। हालांकि क्रेमलिन भले ही आधिकारिक तौर पर बचते नजर आ रहा हो, लेकिन रूसी सरकारी और समर्थक मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान को मॉस्को के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखना शुरू कर दिया है।

## रूस के पक्ष में एकतरफा फायदा
प्रमुख रूसी समाचार आउटलेट मोस्कोव्स्की कोम्सोमोलेट्स ने अपने विश्लेषण में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि इस समझौते से रूस को स्पष्ट लाभ मिल रहा है। इस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस व्यवस्था का मतलब यह है कि रूस को केवल यूक्रेन की बची हुई आखिरी तेल रिफाइनरी को नष्ट करने से बचना होगा, हालांकि उस पर पहले ही कई बार हमले हो चुके हैं और वह बमुश्किल ही काम कर रही है। इसके विपरीत कीव को उन तमाम रूसी रिफाइनारियों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं होगी जो देश भर में फैली हुई हैं, जिससे यह व्यवस्था एकतरफा रूप से मॉस्को के पक्ष में चली जाती है।

## ड्रोन हमलों का बढ़ता दायरा और अमेरिकी राजनीति
हाल के महीनों में लंबी दूरी के यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूसी तेल प्रतिष्ठानों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है, जिसकी वजह से देश के भीतर ईंधन की भारी किल्लत जैसी समस्याएं पैदा हुई हैं। यदि इस प्रकार के हमले आगे भी जारी रहते हैं, तो रूस की ओर से यह दावा किया जाने की पूरी संभावना है कि कीव सीधे तौर पर अमेरिकी आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही यह भी तर्क दिया जा सकता है कि इससे नवंबर महीने में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की संभावनाओं को भी झटका लग सकता है।

## व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया और राजनीतिक समीकरण
डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि इस समझौते से अमेरिकी उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचेगा, हालांकि इस बात को लेकर व्यापक संशय बना हुआ है कि इससे ईंधन की कीमतों में कोई खास कमी आ पाएगी या नहीं। इसके बावजूद क्रेमलिन इस बात से बेहद खुश नजर आ रहा है कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण वाइट हाउस में संभावित नाराजगी से कीव के लिए अमेरिकी समर्थन में कटौती हो सकती है। मॉस्को इस बात का भी स्वागत करेगा यदि वाशिंगटन की ओर से यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद कर दिया जाए और यूरोप के रास्ते कीव पहुंचने वाले हथियारों की बिक्री पर रोक लगा दी जाए।

## राष्ट्रपति चुनाव और संघर्ष विराम की शर्तें
रूसी नेतृत्व इस बात से भी बेहद प्रसन्न है कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए। इसके जवाब में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए रूस से साठ दिन के संघर्ष विराम की मांग की है। हालांकि दिमित्री पेसकोव ने साफ कर दिया है कि क्रेमलिन और राष्ट्रपति का रुख पहले भी कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि वे किसी भी तरह के संघर्ष विराम के पक्ष में नहीं हैं बल्कि स्थायी शांति चाहते हैं।

## रूस का सैन्य दबाव और कड़ा रुख
सोमवार को क्रेमलिन की तरफ से चुनाव कराने के लिए यूक्रेन को केवल एक दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव दिया गया, जिसे कीव या पश्चिमी देशों द्वारा कभी भी एक गंभीर प्रस्ताव के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध को रोकने की इच्छा कभी नहीं दिखाई है और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बयानों से यह साफ झलकता है कि सर्दियों के करीब आते ही मॉस्को लगातार हमलों के जरिए यूक्रेन पर दबाव बढ़ाना चाहता है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी सोमवार को यह बयान दिया कि यूक्रेन उस राहत का जरा भी हकदार नहीं है जो किसी संघर्ष विराम के बाद मिल सकती है।

## इसका आप पर असर
इस घटनाक्रम का वैश्विक ऊर्जा बाजारों और भू-राजनीतिक सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू ईंधन दरों पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है।
- **वैश्विक स्तर पर:** ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संभावित समझौतों से वैश्विक बाजार में ईंधन आपूर्ति की अनिश्चितताएं कम हो सकती हैं।
- **आपूर्ति श्रृंखला:** तेल रिफाइनरियों पर हमलों के रुकने से वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद की जा रही है।
- **राजनीतिक प्रभाव:** अमेरिकी नेतृत्व के बयानों और फैसलों से पश्चिमी देशों की कूटनीतिक रणनीतियों में बदलाव आ सकता है।
- **सुरक्षा स्थिति:** पूर्वी यूरोप में जारी संघर्ष के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और शरणार्थी संकट से जुड़ी चिंताएं बनी हुई हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह स्थिति दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे सैन्य संघर्ष और अमेरिका की नई कूटनीतिक पहलों के कारण उपजी है।

- **सैन्य तनाव:** यूक्रेन द्वारा लगातार किए जा रहे लंबी दूरी के ड्रोन हमलों से रूसी तेल प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- **आर्थिक दबाव:** ईंधन की कमी से जूझ रहे रूस के लिए यह समझौता घरेलू बाजार में राहत पाने का एक जरिया बन गया है।
- **कूटनीतिक प्राथमिकताएं:** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अचानक की गई घोषणा ने दोनों पक्षों को बातचीत की नई मेज पर ला खड़ा किया है।
- **राजनीतिक हित:** अमेरिका में आगामी चुनावों और घरेलू राजनीति का असर भी इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय समझौतों के प्रस्तावों पर पड़ रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. डोनाल्ड ट्रंप ने किस समझौते की घोषणा की है?
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर तत्काल प्रभाव से संघर्ष विराम की घोषणा की है।

### 2. वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?
यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह उनके लिए पूरी तरह से एक नई और अप्रत्याशित खबर है।

### 3. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने क्या कहा?
दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संपर्क जारी हैं और ठोस जानकारी मिलने पर अवगत कराया जाएगा।

### 4. रूसी मीडिया इस समझौते को कैसे देख रहा है?
रूसी मीडिया इसे मॉस्को के लिए एकतरफा फायदे का सौदा और एक बड़ा तोहफा मान रहा है।

### 5. यूक्रेन ने संघर्ष विराम के बदले क्या मांग रखी है?
यूक्रेन ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए रूस से 60 दिन के संघर्ष विराम की मांग की है।

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