यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में पहुंचे ज़ेलेंस्की, ट्रंप ने कहा पुतिन की तुलना में यूक्रेनी राष्ट्रपति से निपटना अधिक कठिन ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं से सहयोग जुटाने पहुंचे वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ज़ेलेंस्की समझौता नहीं चाहते। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में आयोजित यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यूक्रेनी नेता से निपटना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुकाबले कहीं अधिक कठिन है। यह बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है जब यूक्रेन सर्दियों की शुरुआत के साथ अपनी ऊर्जा व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को बचाए रखने के लिए यूरोपीय सहयोगियों से मदद की गुहार लगा रहा है। रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों को ट्रंप ने बताया शर्मनाक अमेरिकी समाचार माध्यम न्यूज़मैक्स को गुरुवार शाम दिए गए एक साक्षात्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ज़ेलेंस्की के प्रति अपनी नापसंदगी साफ शब्दों में बयां की। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति के प्रशंसक नहीं हैं और उनके साथ काम करना बेहद जटिल है। ट्रंप ने कहा, "वह समझौता नहीं करना चाहते। वह कहते हैं कि वह समझौता चाहते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करते।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुतिन ज़ेलेंस्की से नफरत करते हैं और ज़ेलेंस्की पुतिन से, और जब दोनों पक्षों के बीच इतनी गहरी नफरत हो तो किसी समझौते पर पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। रूस के तेल शोधन संयंत्रों पर यूक्रेन की ओर से हाल ही में किए गए हमलों के सिलसिले पर अपनी नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने इसे पूरी तरह शर्मनाक करार दिया। ट्रंप के अनुसार इन हमलों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि युद्ध के मैदान में हमले के लिए और भी कई लक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने से बचना चाहिए था। डीजल समझौते और पाबंदियों से वाशिंगटन और कीव में तनातनी वाशिंगटन और कीव के रिश्तों में आई इस कड़वाहट के पीछे कई अहम कारण हैं। हाल ही में अमेरिका ने घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए मास्को से डीजल आयात करने का एक विवादित सौदा किया था। फरवरी में ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद से अमेरिका में ईंधन खासकर डीजल के दामों में भारी उछाल देखा गया था। अगले महीने होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी जनता के बीच अपने घटते समर्थन को दुरुस्त करने के लिए ट्रंप प्रशासन ने यह कदम उठाया। इस डीजल समझौते पर ज़ेलेंस्की ने तीखा विरोध जताया था और इसे पुतिन के लिए एक बड़ा तोहफा बताया था। ज़ेलेंस्की ने कहा था कि यह उस जंग में निवेश करने जैसा है जिसे खत्म होना चाहिए, न कि लंबा खींचना चाहिए। इसके अलावा, युद्धक्षेत्र में यूक्रेन के सैटेलाइट संचार पर लगाई गई पाबंदियों ने भी दोनों देशों के बीच तनाव को भड़का दिया है। मंगलवार की रात जब संचार नेटवर्क सीमित था, तब यूक्रेन पर रूस ने कई घातक हमले किए, जिसके बारे में स्थानीय निवासियों और सरकार का कहना था कि उन्हें हमले की कोई पूर्व चेतावनी तक नहीं मिल सकी थी। ट्रंप प्रशासन ने कीव को पहले ही आगाह किया था कि अगर उसने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद नहीं किए तो वह खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया रोक सकता है, जो यूक्रेन की सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानी जाती है। ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ का साथ और बढ़ती सर्दी की चुनौती अमेरिकी राष्ट्रपति के नए बयानों पर ज़ेलेंस्की ने सीधे तौर पर कोई पलटवार नहीं किया, लेकिन शुक्रवार को जब वह ब्रसेल्स शिखर सम्मेलन में पहुंचे तो उन्होंने वास्तविक नेताओं का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक स्थल पर ज़ेलेंस्की के साथ यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ट्रंप की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर सीजफायर की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ ने ऊर्जा संघर्षविराम का समर्थन किया था, लेकिन रूस ने एक मिनट के लिए भी इसका सम्मान नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को और कड़ा किया जाना चाहिए। ब्रसेल्स शिखर सम्मेलन का मुख्य एजेंडा यूक्रेन को वित्तीय सहायता मुहैया कराना और उसे एक और बेहद ठंडी सर्दी से सुरक्षित निकालना है। फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर किए गए आक्रमण के बाद से यूक्रेन के सामने यह पांचवीं कड़ाके की सर्दी है। वॉन डेर लेयेन ने ज़ेलेंस्की को आश्वस्त किया कि रूस भले ही यूक्रेन के ऊर्जा और पानी के बुनियादी ढांचे को तबाह करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा हो, लेकिन यूरोपीय संघ पूरी मजबूती के साथ यूक्रेन के पक्ष में खड़ा है। ज़ेलेंस्की ने इस दौरान कहा कि उनका देश युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहता है, लेकिन रूस की तरफ से शांति की ऐसी कोई इच्छा नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से यूक्रेन को सर्दियों के लिए पूरी तैयारी करनी होगी, जिसमें ऊर्जा सहायता के साथ-साथ रक्षा उपकरण और व्यापक वित्तीय मदद का पैकेज शामिल होना चाहिए। जंग के मोर्चे पर दोनों तरफ से भीषण हवाई हमले राजनयिक बयानबाजी के बीच युद्ध के मैदान में भीषण हमलों का दौर जारी है। यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव में रूसी ड्रोन हमले में कई लोगों की जान चली गई, जबकि पश्चिमी वोलिन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद करीब 270,000 घरों की बिजली गुल हो गई। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी रिव्ने क्षेत्र में भी रूसी ड्रोन हमले के बाद आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों को मलबे में तलाश अभियान चलाना पड़ा। दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी रूस के अंदर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार 26 रूसी क्षेत्रों के ऊपर 644 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया, जिसके चलते मास्को के ऊपर का हवाई क्षेत्र कई घंटों तक बंद रहा और उड़ानों में भारी देरी हुई। मास्को के मेयर ने दावा किया कि राजधानी की तरफ बढ़ रहे 94 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। मास्को के पूर्व में स्थित व्लादिमीर क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि इलाके के हीटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान से बचाने के लिए यूक्रेनी ड्रोनों को रास्ते में ही रोक दिया गया। वहीं दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन औद्योगिक और गोदाम परिसरों से टकराए, जिससे वहां भीषण आग लग गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। यूरोपीय नेताओं से लगातार वार्ता ज़ेलेंस्की ने ट्रंप के संघर्षविराम के अनुरोध पर रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले तीन दिन के लिए रोके थे, लेकिन गुरुवार को उन्होंने यह कहते हुए हमलों को फिर से शुरू करने की घोषणा की कि मास्को ने कभी हमले बंद ही नहीं किए थे। ब्रसेल्स में अपनी मौजूदगी के दौरान ज़ेलेंस्की लगातार उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने नाटो प्रमुख मार्क रुटे के साथ-साथ पोलैंड, फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। शुक्रवार को यूरोपीय आयोग और यूरोपीय परिषद के प्रमुखों से बातचीत के अलावा उनकी योजना हंगरी, फिनलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों से भी मिलने की रही। इसका आप पर असर अमेरिकी और यूक्रेनी नेतृत्व के बीच बढ़ती तनातनी तथा ऊर्जा ठिकानों पर दोनों ओर से जारी हमलों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। • कच्चे तेल की कीमतें: रूसी रिफाइनरियों पर हमलों और वैश्विक आपूर्ति में अवरोध से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल और डीजल की कीमतों में तेजी आ सकती है। भारत जैसे बड़े आयातक देश में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव तथा लॉजिस्टिक्स लागत पर इसका सीधा दबाव बढ़ सकता है। • वैश्विक वित्तीय बाजार: ऊर्जा युद्ध और प्रतिबंधों के कड़े होने से अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में अस्थिरता और अनिश्चितता का माहौल बना रह सकता है। आम निवेशकों को कमोडिटी और ऊर्जा सेक्टर से जुड़े फंड्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। • यूक्रेन में बुनियादी सुविधाएं: कड़ाके की ठंड से ठीक पहले बिजली और पानी के बुनियादी ढांचे पर भीषण हमलों से यूक्रेन के लाखों नागरिकों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। करीब 270,000 घरों में बिजली ठप होने से ठंड के मौसम में हीटिंग और जरूरी सेवाओं का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। • अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात: मास्को और आसपास के हवाई क्षेत्र में सैकड़ों ड्रोनों के मंडराने और उड़ानों के रद्द होने से रूस के ऊपर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय रूट प्रभावित हो रहे हैं। लंबी दूरी के हवाई यात्रियों को उड़ानों में देरी और बदले हुए यात्रा मार्गों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा क्यों हुआ यह कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा ठिकानों पर जारी हमलों और अमेरिका द्वारा रूस से डीजल आयात करने के फैसले से उपजे आपसी अविश्वास के कारण पैदा हुआ है। • रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमले: यूक्रेन ने अपनी ऊर्जा व्यवस्था को तबाह करने वाले हमलों के जवाब में रूस के 26 क्षेत्रों और उसकी तेल रिफाइनरियों को ड्रोन से निशाना बनाना शुरू किया, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ाने वाला कदम बताकर खारिज कर दिया। • अमेरिका-रूस डीजल सौदा: फरवरी में ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद अमेरिका में आसमान छूती ईंधन कीमतों पर काबू पाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने मास्को से डीजल आयात करने का समझौता किया, जिससे कीव बेहद नाराज हो गया और इसे युद्ध को बढ़ावा देने वाला कदम माना। • संघर्षविराम की विफलता: अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुरोध पर तीन दिन के लिए ऊर्जा हमलों को रोका गया था, लेकिन मास्को द्वारा खारकीव और वोलिन पर हमले जारी रखने के कारण यूक्रेन ने हमलों को फिर से शुरू करने का फैसला किया। • संचार और खुफिया पाबंदियां: अमेरिका द्वारा यूक्रेन के सैटेलाइट संचार पर लगाई गई पाबंदियों और खुफिया जानकारी रोकने की चेतावनियों ने दोनों देशों के सैन्य सहयोग और राजनयिक संबंधों में गहरी दरार पैदा कर दी है। सवाल-जवाब 1. डोनाल्ड ट्रंप ने वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को लेकर क्या टिप्पणी की? ट्रंप ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति से निपटना व्लादिमीर पुतिन के मुकाबले ज्यादा मुश्किल है और वह वास्तविक शांति समझौता नहीं चाहते हैं। 2. ट्रंप यूक्रेन द्वारा रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ क्यों हैं? ट्रंप का मानना है कि इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ते हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें प्रभावित होती हैं। 3. अमेरिका और यूक्रेन के बीच डीजल सौदे को लेकर क्या विवाद है? अमेरिका ने ईंधन कीमतों पर नियंत्रण के लिए रूस से डीजल आयात का सौदा किया, जिसे ज़ेलेंस्की ने पुतिन के लिए तोहफा और युद्ध को लंबा खींचने वाला बताया। 4. ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है? शिखर सम्मेलन का मुख्य एजेंडा यूक्रेन को वित्तीय सहायता देना और पांचवीं कड़ाके की सर्दी में उसकी ऊर्जा और रक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है। 5. यूक्रेनी हमलों से रूस में क्या नुकसान हुआ? यूक्रेन के सैकड़ों ड्रोनों के कारण मास्को का हवाई क्षेत्र कई घंटों बंद रहा, 94 ड्रोन राजधानी के पास गिराए गए और रोस्तोव में गोदामों में आग लग गई। 6. यूक्रेन के भीतर रूसी हमलों से कितनी तबाही हुई? खारकीव में ड्रोन हमले में कई लोगों की मौत हो गई और वोलिन क्षेत्र में बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचने से लगभग 270,000 घरों की बिजली गुल हो गई। https://trendkia.com/europe/yuropiya-sngha-shikhara-sammelana-men-pahunche-zelensky-trump-ne-kaha-putin-ki-tulana-men-yukreni-rashtrapati-se-nipatana-adhika-k-48917 TrendKia — Har trend, sabse pehle.