यूरोपीय सुपरमार्केट्स के कूलिंग सिस्टम पर बड़ा साइबर हमला, फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री करके सड़ाया खाना स्वीडन, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और एस्टोनिया के सुपरमार्केट्स में कूलिंग सिस्टम हैक कर फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस कर दिया गया, जिससे भारी मात्रा में खाद्य सामग्री नष्ट हो गई। यूरोप के खुदरा बाजार पर एक सुनियोजित और अनोखा साइबर संकट गहरा गया है। अज्ञात साइबर हमलावरों ने इंटरनेट से जुड़े कूलिंग सिस्टम में सेंध लगाकर चार देशों के सुपरमार्केट्स में रखे फ्रीजर और फ्रिज को निशाना बनाया है। स्वीडन, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और एस्टोनिया में सोमवार को कई बड़े खुदरा स्टोर्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम अचानक बंद हो गए और उनका तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया। इस घटना की वजह से दुकानों में रखे ताजा मांस, डेयरी और फ्रोजन खाद्य पदार्थों के तेजी से खराब होने का संकट खड़ा हो गया और कई स्टोर्स को अलमारियों में रखा सामान फेंकना पड़ा। इससे पहले पिछले महीने फ्रांस में भी ठीक इसी कार्यशैली का साइबर हमला देखा गया था। उस दौरान फ्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट्स और स्वतंत्र किराना दुकानों के कूलिंग नेटवर्क को दूर बैठकर हैक किया गया था और उनके तापमान में मनमाना बदलाव कर दिया गया था। अब महाद्वीप के चार अन्य देशों में एक साथ हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि खुदरा सप्लाई चेन के बुनियादी डिजिटल ढांचे पर साइबर अपराधियों की नजर टिक चुकी है। स्वीडन में नामी खुदरा श्रृंखलाओं पर असर स्वीडन के खुदरा क्षेत्र की जानी-मानी श्रृंखला आईसीए (ICA) ग्रुप ने माना है कि रात के अंधेरे में उसके कुछ स्टोर्स इस डिजिटल हमले की चपेट में आ गए। आईसीए ग्रुप के प्रवक्ता गुस्ताफ निल्सन ने बताया कि रात के समय हुई इस घटना के चलते स्टोर्स के कूलिंग और फ्रीजिंग उपकरण बुरी तरह प्रभावित हुए, हालांकि उन्होंने प्रभावित कुल शाखाओं की निश्चित संख्या साझा करने से परहेज किया। दक्षिणी स्वीडन के स्जोबो इलाके में मौजूद आईसीए क्वांटम स्टोर ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर घटना का पूरा ब्योरा साझा किया। स्टोर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उनके फ्रिज और डीप-फ्रीजर सिस्टम को रिमोटली हैक कर लिया गया था और उपकरणों का आंतरिक तापमान बढ़ाकर सीधे 50 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर दिया गया। भीषण गर्मी के कारण अंदर रखा सारा स्टॉक नष्ट हो गया, जिसे अब बाहर निकालकर नष्ट करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी तरह कॉप सुपरमार्केट चेन के मध्य स्वीडन स्थित छह अलग-अलग स्टोर्स में भी रेफ्रिजरेशन सिस्टम अचानक ठप होने की शिकायतें दर्ज की गईं। बेल्जियम और लक्जमबर्ग के स्टोर्स में खाद्य संकट इस साइबर तोड़फोड़ की आंच बेल्जियम और पड़ोसी देश लक्जमबर्ग तक भी पहुंची। बेल्जियम की प्रमुख खुदरा चेन डेलहेज ने पुष्टि की कि उसके दर्जनों सुपरमार्केट्स के तापमान नियंत्रण कंप्यूटरों पर इसका सीधा असर पड़ा। प्रभावित आउटलेट्स में ज्यादातर बेल्जियम की सीमा में हैं, जबकि कुछ स्टोर लक्जमबर्ग में स्थित हैं। डेलहेज की प्रवक्ता सारा डी मीस्टर ने जानकारी दी कि फ्रीजर में तापमान बढ़ने के कारण प्रभावित दुकानों में ग्राहकों के लिए फ्रोजन और ताजा खाद्य पदार्थों की बिक्री फिलहाल सीमित कर दी गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि कंपनी के बड़े केंद्रीय वितरण केंद्र पूरी तरह सुरक्षित रहे और वे सामान्य रूप से चालू हैं, जिससे स्टोर तक माल की दैनिक सप्लाई बाधित नहीं हुई है। वहीं बेल्जियम में कैरेफोर ने अपने नेटवर्क की समीक्षा के बाद बताया कि देश भर के 700 से ज्यादा स्टोर्स में से महज 15 स्टोर पर ही इस घटना का हल्का असर देखा गया। एस्टोनिया में तकनीक प्रदाता का कंप्यूटर हैक बाल्टिक देश एस्टोनिया में भी सुपरमार्केट फ्रीजर को असामान्य तापमान पर पहुंचाने की साजिश सामने आई। व्यावसायिक कूलिंग तकनीक बनाने वाली कंपनी किटमैन कोल्डटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जान मुत्सो ने खुलासा किया कि हैकर्स ने सीधे उन केंद्रीय कंप्यूटरों में घुसपैठ की जो दुकानों के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को नियंत्रित करते हैं। हमलावरों ने सुरक्षा चक्र तोड़कर अंदर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। जान मुत्सो ने किसी खास प्रभावित स्टोर का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन दावा किया कि उनकी तकनीकी टीम ने कुछ ही मिनटों में हमले को भांपते हुए जवाबी कदम उठाए, जिससे दुकानों में कोई बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया गया। दूसरी तरफ सेल्वर सुपरमार्केट चेन ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकारा कि उसके नेटवर्क का एक स्टोर इस साइबर घटना से सीधे तौर पर प्रभावित हुआ था। पुराने औद्योगिक सिस्टम बने हैकर्स का आसान शिकार फ्रांस में पिछले महीने हुई घटनाओं की शुरुआती पड़ताल से यह सामने आया था कि साइबर अपराधी उन पुराने पड़ चुके रेफ्रिजरेशन सिस्टम को अपना आसान निशाना बना रहे हैं, जिनमें आधुनिक सुरक्षा पैच मौजूद नहीं हैं। अब चार और देशों में सिलसिलेवार ढंग से हुए इन हमलों ने यूरोपीय खुदरा उद्योग के सुरक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। चिंता की सबसे बड़ी वजह यह है कि हैकर्स को किसी दुकान में शारीरिक रूप से दाखिल होने की जरूरत नहीं पड़ी। वे हजारों किलोमीटर दूर बैठकर रिमोट एक्सेस के जरिए इंटरनेट से जुड़े फ्रिज का तापमान बढ़ाने और लाखों रुपये के खाद्य पदार्थों को भट्टी में तब्दील कर सड़ाने में कामयाब रहे। सुपरमार्केट संचालक अब अपने तापमान नियंत्रण नेटवर्क को इंटरनेट से अलग-थलग करने और साइबर सुरक्षा के कड़े उपाय लागू करने पर विचार कर रहे हैं। इसका आप पर असर इस साइबर हमले ने यूरोपीय खुदरा दुकानों में खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की नाजुकता को उजागर किया है। • दैनिक खरीदारों पर: प्रभावित सुपरमार्केट्स में ताजा और फ्रोजन खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सीमित हो गई है। ग्राहकों को दूध, फल, सब्जियां और फ्रोजन मीट जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए अस्थायी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। • खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य पर: फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से खराब हुए सामान को तुरंत नष्ट किया जा रहा है। दुकानों द्वारा दूषित भोजन को अलमारियों से हटाए जाने के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाव हुआ है। • खुदरा कारोबारियों पर: सुपरमार्केट ऑपरेटरों को तापमान नियंत्रण प्रणालियों की डिजिटल सुरक्षा तुरंत अपग्रेड करनी होगी। पुराने और इंटरनेट से जुड़े कूलिंग सिस्टम को मजबूत फायरवॉल और पासवर्ड से सुरक्षित करना अनिवार्य हो गया है। • वितरण और सप्लाई चेन पर: हालांकि केंद्रीय वितरण केंद्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय दुकानों को अपने स्टॉक की भरपाई करने में समय लग रहा है। इस घटना से खुदरा कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान और खाद्य सामग्री की बर्बादी झेलनी पड़ी है। ऐसा क्यों हुआ यह संकट इंटरनेट से जुड़ी पुरानी वाणिज्यिक कूलिंग तकनीकों में डिजिटल सुरक्षा खामियों के कारण पैदा हुआ है। फ्रांस में पिछले महीने हुए हमलों के बाद हैकर्स ने उसी कमजोर नेटवर्क का फायदा उठाकर कई अन्य यूरोपीय देशों में भी घुसपैठ की। • कमजोर रिमोट एक्सेस: हमलावरों ने उन केंद्रीय कंप्यूटरों में सेंध लगाई जो इंटरनेट के जरिए फ्रीजर और तापमान नियंत्रण प्रणालियों को दूर बैठकर प्रबंधित करते हैं। इन प्रणालियों में सख्त प्रमाणीकरण और सुरक्षा पैच का अभाव था। • पुराने सिस्टम का इस्तेमाल: फ्रांस की जांच में सामने आया था कि हैकर्स विशेष रूप से पुराने पड़ चुके रेफ्रिजरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं। आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल से वंचित ये उपकरण रिमोट हैकिंग के प्रति बेहद संवेदनशील पाए गए। • विस्तारित साइबर अभियान: पिछले महीने फ्रांस में सैकड़ों दुकानों को निशाना बनाने के बाद हमलावरों ने अपने दायरे का विस्तार किया। इस बार स्वीडन, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और एस्टोनिया के खुदरा विक्रेताओं को एक साथ निशाना बनाया गया ताकि व्यापक अव्यवस्था फैलाई जा सके। सवाल-जवाब 1. किन-किन देशों के सुपरमार्केट्स इस साइबर हमले से प्रभावित हुए हैं? इस साइबर हमले से स्वीडन, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और एस्टोनिया के सुपरमार्केट्स के कूलिंग सिस्टम प्रभावित हुए हैं। 2. हैकर्स ने सुपरमार्केट के फ्रीजर के साथ क्या छेड़छाड़ की? हैकर्स ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम को नियंत्रित करने वाले कंप्यूटरों को हैक करके फ्रीजर का तापमान बढ़ाकर 50 डिग्री सेल्सियस तक कर दिया। 3. स्वीडन में कौन-सी सुपरमार्केट चेन इस हमले की चपेट में आईं? स्वीडन में आईसीए ग्रुप और कॉप सुपरमार्केट चेन के स्टोर्स इस साइबर घटना से प्रभावित हुए। 4. क्या बेल्जियम में किराना सामान की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है? नहीं, डेलहेज और कैरेफोर के वितरण केंद्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित नहीं हुई है। 5. क्या इससे पहले भी यूरोप में ऐसा कोई साइबर हमला हुआ था? हां, पिछले महीने फ्रांस में भी सैकड़ों सुपरमार्केट्स और दुकानों के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को इसी तरह रिमोटली हैक किया गया था। 6. प्रभावित दुकानों ने खराब हुए खाद्य पदार्थों का क्या किया? सुरक्षा के लिहाज से दुकानों ने अत्यधिक तापमान के कारण खराब हुए खाद्य उत्पादों को अलमारियों से हटाकर नष्ट कर दिया। https://trendkia.com/europe/yuropiya-supermarkets-ke-kulinga-sistama-para-bara-saibara-hamala-phrijara-ka-tapamana-50-digri-karake-saraya-khana-55224 TrendKia — Har trend, sabse pehle.