# गाजीपुर में री-नीट परीक्षा सख्त पहरे में हुई पूरी, फिजिक्स ने सबको चौंकाया, कट-ऑफ 620 तक संभव

> गाजीपुर के तीन परीक्षा केंद्रों पर री-नीट परीक्षा बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुई। छात्रों ने फिजिक्स को सबसे कठिन बताया, बायोलॉजी ने राहत दी और कट-ऑफ 600 से 620 के बीच रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** परीक्षा · **Published:** 2026-06-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/exam/ghazipur-men-re-neet-pariksha-sakhta-pahare-men-hui-puri-phijiksa-ne-sabako-chaunkaya-kata-pha-620-taka-snbhava-2219 · **Language:** Hindi
**Tags:** री-नीट परीक्षा, गाजीपुर, नीट पेपर लीक, नीट कट-ऑफ, फिजिक्स कठिन, मेडिकल प्रवेश परीक्षा, नीट सुरक्षा, नीट परिणाम

## तीन केंद्रों पर लोहे जैसी सुरक्षा व्यवस्था
नीट पेपर लीक विवाद की छाया में देश भर में आयोजित री-नीट परीक्षा गाजीपुर जिले के आदर्श स्कूल, महिला डिग्री कॉलेज और लूर्डेस कॉन्वेंट स्कूल में सफलतापूर्वक पूरी हुई। प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के मामले में कोई कोताही नहीं बरती। जो अभ्यर्थी पिछले विवादों की वजह से मानसिक दबाव झेल रहे थे, उनके लिए यह परीक्षा सिर्फ एक अकादमिक चुनौती नहीं थी, बल्कि यह अपनी लगन और परिश्रम की सच्चाई साबित करने का अवसर भी था।

## सोशल मीडिया की अफवाहों ने डराया, केंद्रों पर मिली राहत
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर तेजी से यह अफवाह फैली कि पेपर मात्र 1000 रुपये में मिल रहा है। पुराने पेपर लीक की यादों के साथ इन अफवाहों ने अभ्यर्थियों के मन में गहरी बेचैनी भर दी। लेकिन जब वे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो माहौल बिल्कुल अलग था। छात्रा सिमरन ने बताया कि इस बार सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि पेपर लीक की कोई भी संभावना पूरी तरह खत्म हो गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि सिलेबस से बाहर का एक भी सवाल नहीं था, जिससे बड़ी राहत मिली।

## बायोलॉजी ने दिया आत्मविश्वास, फिजिक्स ने किया परेशान
परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों ने तीनों विषयों के बारे में खुलकर अपने अनुभव साझा किए। बायोलॉजी के बारे में सभी की राय एक जैसी रही कि यह खंड सरल और सीधा था। केमिस्ट्री का स्तर औसत दर्जे का रहा, यानी न बहुत आसान और न बहुत कठिन। लेकिन फिजिक्स ने सबसे ज्यादा उलझाया। छात्रों का कहना है कि इस बार फिजिक्स का पेपर पिछली बार की तुलना में भी ज्यादा कठिन था।

## कोटा में तीन साल की साधना, अब इंतजार है नतीजे का
कोटा में पिछले तीन साल से पढ़ाई कर रहे नीतीश कुशवाहा ने बताया कि बार-बार के विवादों और अनिश्चितता की वजह से उनका मानसिक तनाव बेहद बढ़ गया था। उनके जैसे युवाओं के लिए यह परीक्षा केवल मेडिकल कॉलेज में दाखिले की राह नहीं थी, बल्कि इस पूरे विवाद के बीच अपनी प्रतिभा और मेहनत को सही साबित करने का कठिन मौका भी था।

## 600 से 620 के बीच रह सकता है कट-ऑफ
पेपर के स्तर के आधार पर रजा हुसैन समेत कई छात्रों का अनुमान है कि इस बार का कट-ऑफ 600 से 620 अंकों के बीच रह सकता है। गाजीपुर में री-नीट परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब तमाम अभ्यर्थियों की नजरें परिणाम पर टिकी हैं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** नीट के सभी अभ्यर्थी कट-ऑफ 600 से 620 के अनुमान के आधार पर अपने स्कोर की तुलना कर सकते हैं और आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।
- **गाजीपुर में:** जिले के जिन छात्रों ने री-नीट दी, उन्हें यह राहत है कि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के पूरी हुई, इसलिए उनके प्रयास पर किसी विवाद की छाया नहीं पड़ेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. गाजीपुर में री-नीट परीक्षा किन केंद्रों पर आयोजित हुई?
परीक्षा आदर्श स्कूल, महिला डिग्री कॉलेज और लूर्डेस कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित की गई।

### 2. इस बार सुरक्षा व्यवस्था पिछली बार से कितनी अलग थी?
छात्रा सिमरन के अनुसार सुरक्षा बेहद कड़ी थी और पेपर लीक की कोई भी संभावना पूरी तरह खत्म हो गई थी, जो पिछली बार के मुकाबले काफी बेहतर था।

### 3. किस विषय का पेपर सबसे कठिन रहा?
फिजिक्स सबसे कठिन रहा और छात्रों ने बताया कि यह पिछली बार से भी ज्यादा मुश्किल था।

### 4. बायोलॉजी और केमिस्ट्री का स्तर कैसा रहा?
बायोलॉजी का खंड सरल और सीधा था जबकि केमिस्ट्री का स्तर औसत रहा।

### 5. कट-ऑफ कितनी रह सकती है?
छात्र रजा हुसैन सहित कई अभ्यर्थियों के अनुसार कट-ऑफ 600 से 620 अंकों के बीच रह सकती है।

### 6. नीतीश कुशवाहा कहां और कितने समय से तैयारी कर रहे थे?
नीतीश कुशवाहा पिछले तीन साल से कोटा में तैयारी कर रहे थे।

### 7. पेपर लीक की अफवाहें किस बारे में थीं?
सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली थी कि पेपर मात्र 1000 रुपये में उपलब्ध है।

### 8. क्या पेपर में सिलेबस से बाहर के सवाल थे?
नहीं, सिमरन ने बताया कि सभी सवाल निर्धारित सिलेबस के भीतर ही थे, जिससे छात्रों को राहत मिली।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._