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  "title": "आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट में खुलासा, जेईई एडवांस्ड में फिजिक्स के एक सवाल ने छुड़ाए 71 फीसदी छात्रों के पसीने",
  "summary": "जेईई एडवांस्ड 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार फिजिक्स पेपर 1 के दूसरे सवाल को 71.89 फीसदी छात्रों ने छोड़ दिया, जबकि केमिस्ट्री के चार सवालों से भी 60 फीसदी से ज्यादा परीक्षार्थियों ने दूरी बनाई।",
  "content": "देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा को लेकर एक विस्तृत विश्लेषण सामने आया है। इस वर्ष इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा के आयोजन का जिम्मा आईआईटी रुड़की के पास था। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जॉइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक की है, जिसमें प्रत्येक प्रश्न का बारीक मूल्यांकन शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट के सांख्यिकीय आंकड़े बताते हैं कि किस तरह कुछ बेहद जटिल सवालों ने परीक्षा कक्ष में बैठे मेधावी विद्यार्थियों को भी उलझा दिया और उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।\n\n \n\nपरीक्षा संरचना और विषयों का संतुलन\n\nजेईई एडवांस्ड की पूरी परीक्षा प्रणाली दो अनिवार्य चरणों यानी पेपर 1 और पेपर 2 में विभाजित रहती है। इन दोनों ही प्रश्नपत्रों में परीक्षार्थियों की समझ को परखने के लिए गणित, फिजिक्स और केमिस्ट्री तीनों विषयों से प्रश्न शामिल किए जाते हैं। परीक्षा के प्रारूप के तहत पेपर 1 में तीनों विषयों से 16-16 प्रश्न पूछे गए थे, जिससे इस पहले भाग में कुल प्रश्नों की संख्या 48 रही। इसके बाद पेपर 2 के चरण में प्रत्येक विषय से 18-18 प्रश्न पूछे गए, जिससे कुल मिलाकर 54 प्रश्नों का सेट तैयार हुआ।\n\n इस साल इस राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगिता में कुल 1.79 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। प्रश्नपत्र के समग्र स्तर का मूल्यांकन करें तो समग्र कठिनाई काफी चुनौतीपूर्ण स्तर पर आंकी गई। हालांकि गणित के खंड में पिछले वर्षों के मुकाबले छात्रों को थोड़ी राहत महसूस हुई, लेकिन इसके विपरीत फिजिक्स और केमिस्ट्री के हिस्सों ने उम्मीदवारों के गहन ज्ञान और धैर्य की कड़ी परीक्षा ली।\n\n \n\nफिजिक्स पेपर 1 का दूसरा प्रश्न साबित हुआ सबसे बड़ी बाधा\n\nआईआईटी रुड़की के आधिकारिक डेटा के मुताबिक, फिजिक्स पेपर 1 के प्रश्न संख्या 2 को पूरे इम्तिहान का सबसे जटिल और कठिन सवाल दर्ज किया गया है। इस एकल प्रश्न ने मेरिट की दौड़ में शामिल हजारों होनहारों के कदम रोक दिए। परीक्षा में शामिल कुल 1.79 लाख उम्मीदवारों में से 1.28 लाख छात्रों, यानी 71.89 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने इस प्रश्न को हल करने का जोखिम तक नहीं उठाया और इसे पूरी तरह अनछुआ छोड़ दिया।\n\n जिन साहसी छात्रों ने इसे हल करने का प्रयास किया, उनमें से भी एक बड़ा हिस्सा सटीक परिणाम तक नहीं पहुंच सका। लगभग 24,933 परीक्षार्थियों यानी 13.88 प्रतिशत के उत्तर गलत निकले। इस प्रकार नकारात्मक अंकन और छूटे हुए प्रयासों को मिलाकर देखा जाए तो लगभग 85 प्रतिशत अभ्यर्थियों को इस विशेष सवाल पर शून्य अंक से ही संतोष करना पड़ा।\n\n \n\nकेमिस्ट्री के चार सवालों से 60 प्रतिशत से ज्यादा ने बनाई दूरी\n\nकठिनाई का यह दौर केवल भौतिक विज्ञान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि रसायन विज्ञान के पर्चे ने भी छात्रों को गहरे असमंजस में डाला। विश्लेषण के अनुसार केमिस्ट्री के खंड में चार ऐसे विशिष्ट प्रश्न सामने आए, जिन्हें 60 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने हल करने की कोशिश ही नहीं की।\n\n केमिस्ट्री पेपर 1 के प्रश्न संख्या 1 पर नजर डालें तो 66.59 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने इससे पूरी तरह दूरी बना ली, जबकि प्रयास करने वाले 19 प्रतिशत छात्रों ने गलत उत्तर दर्ज किया। इस तरह कुल 85 प्रतिशत छात्र इसमें अंक हासिल करने में असफल रहे। इसी पेपर के प्रश्न संख्या 4 की स्थिति और भी विकट रही, जहां 62.27 प्रतिशत छात्रों ने सवाल छोड़ दिया और 27 प्रतिशत ने त्रुटिपूर्ण गणना की, जिससे 90 प्रतिशत उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी।\n\n पेपर 2 में भी केमिस्ट्री की यही प्रवृत्ति बरकरार रही। केमिस्ट्री पेपर 2 के पहले सवाल को 67.42 प्रतिशत छात्रों ने छुआ तक नहीं और 20 प्रतिशत ने गलत हल दिया। वहीं पेपर 2 के प्रश्न संख्या 3 को 62.45 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने अनछुआ छोड़ दिया और 27 प्रतिशत का जवाब गलत रहा, जिसके चलते 89 प्रतिशत उम्मीदवारों को इस प्रश्न से कोई अंक प्राप्त नहीं हो सके। आगामी 2027 सत्र की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों के लिए प्रश्नों का यह चयन और छोड़ने की रणनीति अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।\n\nइसका आप पर असर\nयह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि नकारात्मक अंकन से बचने के लिए कठिन प्रश्नों की पहचान और उन्हें छोड़ना ही चयन का मुख्य आधार है।\n\n• 2027 के अभ्यर्थियों के लिए: परीक्षा की तैयारी के दौरान केवल पाठ्यक्रम पूरा करने के बजाय अत्यधिक पेचीदा प्रश्नों को तुरंत पहचान कर छोड़ने की रणनीति विकसित करनी होगी। इससे परीक्षा हॉल में समय और अंक दोनों की भारी बचत होगी।\n• मार्क्स रणनीति पर प्रभाव: कठिन प्रश्नों में समय गंवाने के बजाय आसान और मध्यम स्तर के सवालों को पहले हल करने से कटऑफ पार करना आसान हो जाता है। 85 से 90 प्रतिशत छात्रों द्वारा अंक गंवाने का आंकड़ा बताता है कि गलत प्रयास रैंक बिगाड़ सकते हैं।\n• विषय संतुलन: गणित के अपेक्षाकृत सरल होने के बावजूद फिजिक्स और केमिस्ट्री के कोर कॉन्सेप्ट्स पर गहरी पकड़ बनाए बिना उच्च रैंक हासिल करना संभव नहीं है। छात्रों को मॉक टेस्ट में सवाल चुनने के विवेक पर अतिरिक्त अभ्यास करना चाहिए।\n• कोचिंग व मेंटरशिप दिशा: संस्थान अब छात्रों को सभी प्रश्न हल करने के बजाय उच्च जोखिम वाले प्रश्नों से दूरी बनाने की विशेष मॉक ट्रेनिंग दे सकते हैं। इससे वास्तविक परीक्षा के दिन परीक्षार्थी घबराहट और नेगेटिव मार्किंग से बच सकेंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह विश्लेषण इसलिए जारी किया गया क्योंकि जॉइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी हर वर्ष परीक्षा के बाद प्रत्येक प्रश्न के कठिनाई स्तर और छात्र व्यवहार का आधिकारिक लेखा-जोखा तैयार करती है।\n\n• मूल कारण: आईआईटी रुड़की की जॉइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी ने परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रिया और अंकों के वितरण का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए यह आधिकारिक रिपोर्ट जारी की। इसका उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और प्रश्नों के वास्तविक कठिनाई स्तर को दर्ज करना है।\n• जटिलता की पृष्ठभूमि: फिजिक्स पेपर 1 का दूसरा प्रश्न और केमिस्ट्री के चार प्रश्न अत्यधिक उलझाऊ और उच्च स्तरीय कॉन्सेप्ट पर आधारित थे। इसी वजह से 1.79 लाख में से सवा लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने निगेटिव मार्किंग के डर से इन्हें छोड़ना ही बेहतर समझा।\n• आगामी दिशा: इस तरह की आधिकारिक समीक्षाएं भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं जैसे जेईई एडवांस्ड 2027 के प्रश्न निर्माण और अभ्यर्थियों की तैयारी की रणनीति को नया दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जेईई एडवांस्ड 2026 की यह रिपोर्ट किस संस्थान ने जारी की है?\nइस साल परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थान आईआईटी रुड़की की जॉइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी ने यह आधिकारिक रिपोर्ट जारी की है।\n\n2. परीक्षा का सबसे कठिन सवाल कौन-सा दर्ज किया गया?\nफिजिक्स पेपर 1 का प्रश्न संख्या 2 सबसे कठिन रहा, जिसे 71.89 प्रतिशत छात्रों ने हल करने का प्रयास ही नहीं किया।\n\n3. इस साल कितने छात्रों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा दी थी?\nइस वर्ष कुल 1.79 लाख अभ्यर्थियों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा में भाग लिया था।\n\n4. केमिस्ट्री के किन सवालों से छात्रों ने सबसे ज्यादा दूरी बनाई?\nकेमिस्ट्री पेपर 1 के सवाल नंबर 1 और 4, तथा पेपर 2 के सवाल नंबर 1 और 3 से 60 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों ने दूरी बनाई।\n\n5. जेईई एडवांस्ड 2026 में पेपर का पैटर्न क्या था?\nपरीक्षा दो भागों में थी, जिसमें पेपर 1 में कुल 48 सवाल और पेपर 2 में कुल 54 सवाल तीनों विषयों से पूछे गए थे।",
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  "category": "परीक्षा",
  "publishedAt": "2026-10-05",
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