महाराष्ट्र में एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक पर बवाल, रोहित पवार ने सीबीआई जांच की मांग उठाई महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए रोहित पवार ने सीबीआई जांच की मांग की है, जबकि एमपीएससी ने आरोपों में विसंगतियां बताकर एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर जहां संसद में परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए नए कानून पर चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने का गंभीर दावा सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। दूसरी ओर, एमपीएससी ने शुरुआती जांच में शिकायत के भीतर कई विसंगतियां मिलने की बात कही है और अपने संस्थान की साख की सुरक्षा के लिए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया है। यह पूरा मामला 31,000 अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। परीक्षा का आयोजन, परिणाम और लीक के आरोपों का पूरा घटनाक्रम एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 22 मार्च को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में राज्य भर से लगभग 31,000 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लंबी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद आयोग ने 12 जून को लिखित परीक्षा के परिणाम घोषित किए। इसके पश्चात, सफल उम्मीदवारों के साक्षात्कार 1 जुलाई से 12 जुलाई के बीच आयोजित किए गए थे, जिसके बाद अंतिम मेरिट सूची भी प्रकाशित कर दी गई थी। हालांकि, चयन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद धांधली के आरोप लगने शुरू हो गए। आयोग को सबसे पहले 21 जुलाई को ईमेल के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं का हवाला देते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की गई थी। आयोग के अनुसार शुरुआती शिकायत काफी अस्पष्ट थी, इसलिए शिकायतकर्ता से पुख्ता सबूत मांगे गए। इसके बाद 23 जुलाई को एक और ईमेल भेजा गया, जिसके साथ व्हाट्सऐप चैट के कुछ स्क्रीनशॉट संलग्न थे। इन स्क्रीनशॉट के आधार पर दावा किया गया कि जो प्रश्न पत्र 22 मार्च को परीक्षा में दिया गया था, वह 20 मार्च को ही व्हाट्सऐप पर लीक और प्रसारित कर दिया गया था। आयोग की सफाई और एफआईआर दर्ज करने का फैसला विवाद बढ़ने पर एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने आयोग का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि साक्ष्य जमा करने के उद्देश्य से शिकायतकर्ताओं से लगातार संपर्क साधा गया और उन्हें अपने दावे साबित करने के लिए एमपीएससी के मुंबई स्थित कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अवसर भी दिया गया। हालांकि, निर्धारित समय और अवसर दिए जाने के बावजूद कोई भी व्यक्ति साक्ष्य लेकर आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुआ। विवेक भीमनवार ने कहा, "आयोग की साख और गरिमा बनाए रखने के लिए हम प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं।" आयोग का कहना है कि पुलिस जांच के माध्यम से ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। पुलिस जांच के दौरान जो भी तथ्य और निष्कर्ष निकलकर आएंगे, आयोग उसी के अनुसार आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। सीबीआई जांच की मांग और पिछले पेपर लीक के मामलों का जिक्र विधायक रोहित पवार ने इस मामले को लेकर सरकार और परीक्षा तंत्र पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने आयुक्त तुकाराम मुंढे से कथित प्रश्न पत्र लीक की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। मुंबई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए रोहित पवार ने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रश्न पत्र लीक मामले में शामिल एक आरोपी के तार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं। रोहित पवार ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान महाराष्ट्र में टीईटी, नीट, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) और एफडीए ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती जैसी कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा टूट रहा है। व्हाट्सऐप लीक का तरीका और चयन सूची पर उठाए गए सवाल रोहित पवार ने प्रश्न पत्र तैयार करने की गोपनीय प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, "प्रश्न पत्र तैयार करने वाले व्यक्ति की ईमानदारी संदिग्ध है।" उनके अनुसार, हो सकता है कि पूरी परीक्षा का प्रश्न पत्र बड़े पैमाने पर लीक न हुआ हो, लेकिन जिस तरीके से प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप पर भेजा गया और 5 मिनट के भीतर हटा दिया गया, वह एक सुनियोजित धांधली की ओर इशारा करता है। यह मामला तब उजागर हुआ जब डिजिटल रूप से पेपर प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में से एक व्यक्ति ने उसे अपने किसी मित्र को फॉरवर्ड कर दिया था। रोहित पवार ने आयोग के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों ने 21 जुलाई को ही एमपीएससी के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी थी, लेकिन आयोग ने उस पर त्वरित कार्रवाई करने के बजाय अभ्यर्थियों को पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अलावा, उन्होंने भर्ती परीक्षा के नतीजों पर सीधा सवाल उठाते हुए पूछा कि एक नायब तहसीलदार के बेटे और बेटी ने इस कठिन परीक्षा में क्रमशः 13वीं और 16वीं रैंक कैसे हासिल कर ली। उन्होंने कहा कि इन तमाम बिंदुओं की गहनता से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो। इसका आप पर असर पाठकों और अभ्यर्थियों पर इस खबर का असर: • भारत में: संसद में नया कानून बनने के बीच सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक रोधी व्यवस्था पर व्यापक बहस तेज होगी। • महाराष्ट्र में: ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में शामिल 31,000 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया और अंतिम परिणाम पुलिस जांच के नतीजों पर निर्भर करेंगे। सवाल-जवाब 1. एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा कब आयोजित की गई थी और कितने अभ्यर्थी शामिल हुए थे? लिखित परीक्षा 22 मार्च को आयोजित की गई थी और इसमें राज्य भर से लगभग 31,000 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 2. रोहित पवार ने इस मामले में क्या मुख्य मांगें रखी हैं? रोहित पवार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है और एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की अपील की है। 3. एमपीएससी आयोग का इस शिकायत पर क्या रुख है? एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने कहा कि शिकायत में कई विसंगतियां हैं और आयोग अपनी साख बचाने के लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज करा रहा है। 4. व्हाट्सऐप पर प्रश्न पत्र लीक होने का क्या दावा किया गया है? दावा किया गया है कि 22 मार्च की परीक्षा का प्रश्न पत्र 20 मार्च को ही व्हाट्सऐप पर भेज दिया गया था और 5 मिनट में डिलीट कर दिया गया था। 5. मेरिट लिस्ट में किन खास रैंकों पर सवाल खड़े किए गए हैं? रोहित पवार ने सवाल उठाया है कि एक नायब तहसीलदार के बेटे और बेटी ने परीक्षा में क्रमशः 13वीं और 16वीं रैंक कैसे हासिल की। https://trendkia.com/exam/maharashtra-men-mpsc-draga-inspektara-pariksha-pepara-lika-para-bavala-rohit-pawar-ne-cbi-jancha-ki-manga-uthai-11731 TrendKia — Har trend, sabse pehle.