एमपीएससी ने रद्द की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा, रोहित पवार का आरोप 40 लाख के भाव में बेचे गए पर्चे पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पूरे राज्य में 40-40 लाख रुपये में पर्चे बेचने वाला गिरोह सक्रिय था। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित की गई ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया है। आयोग के इस कदम के बाद राज्य की प्रशासनिक और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता और विधायक रोहित पवार ने इस पूरे मामले को लेकर आयोग और राज्य प्रशासन पर हमला बोला है। उनका कहना है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना कोई मामूली बात नहीं है, बल्कि यह राज्य भर के हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पेपर लीक का यह खेल केवल एक केंद्र या कुछ छात्रों तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में 40-40 लाख रुपये में प्रश्नपत्र बेचने वाला एक बड़ा एजेंट गिरोह सक्रिय था। राज्यव्यापी एजेंट गिरोह और 40-40 लाख में पेपर बिक्री का आरोप ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द किए जाने की सूचना आने के तुरंत बाद रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा और अपनी बात मजबूती से रखी। उन्होंने अपने पोस्ट में राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को टैग करते हुए कहा कि विपक्षी दल ने पूरे सबूतों के साथ इस पेपर लीक का मुद्दा उठाया था। उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक साक्ष्य साझा किए थे, जिसके आधार पर हुई जांच में आखिरकार यह बात साबित हो गई कि पर्चा सचमुच लीक हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने आयोग के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया जिसमें दावा किया गया था कि प्रश्नपत्र केवल एक ही अभ्यर्थी के पास पहुंचा था। रोहित पवार के अनुसार, हमें मिली जानकारी से यह साफ होता है कि एक सुनियोजित एजेंट नेटवर्क के जरिए पूरे राज्य में 40-40 लाख रुपये की रकम लेकर अभ्यर्थियों को पेपर बेचे गए थे, और इस बात की जानकारी आयोग के अधिकारियों को भी पहले से थी। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और एजेंटों पर कार्रवाई की मांग रोहित पवार ने आयोग और सरकार से मांग की है कि इस संवेदनशील मामले को दबाने या लीपापोती करने की कोशिश करने के बजाय, जांच रिपोर्ट को तुरंत जनता के सामने सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन एजेंटों के नाम साक्ष्यों के साथ जांच एजेंसियों को सौंपे गए थे, उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है? क्या इस पूरे सिंडिकेट में आयोग के भीतर का भी कोई व्यक्ति शामिल है? और यह सब नेटवर्क किसके संरक्षण में संचालित हो रहा था? इन सभी सवालों के जवाब राज्य की जनता को मिलने चाहिए। पवार ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि आयोग इस पूरे मामले को छिपाने या आरोपियों को बचाने का प्रयास करेगा, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और इसके खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे। नैतिक जिम्मेदारी, अध्यक्ष का इस्तीफा और सरकार से जवाब की मांग एमपीएससी जैसी संवैधानिक और प्रतिष्ठित संस्था में पेपर लीक होने को रोहित पवार ने बेहद गंभीर मामला करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे आयोग की साख और विश्वसनीयता पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। इसलिए नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए आयोग के अध्यक्ष को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि राज्य सरकार को बिना किसी देरी के आयोग के अध्यक्ष पद पर किसी बेदाग और साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति की नियुक्ति करनी चाहिए। पवार ने यह भी कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभार संभाल रहे मंत्रियों को सरकार की ओर से सामने आकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और महाराष्ट्र की जनता के सामने पूरी सच्चाई रखनी चाहिए ताकि युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बहाल हो सके। इसका आप पर असर भारत में: प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता और सख्त पेपर लीक रोधी कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हुई है। महाराष्ट्र में: ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों की महीनों की तैयारी प्रभावित हुई है और उन्हें दोबारा परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. एमपीएससी ने ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा क्यों रद्द की? जांच में पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद निष्पक्षता बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने परीक्षा रद्द की। 2. रोहित पवार ने पेपर लीक को लेकर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं? रोहित पवार का आरोप है कि राज्य भर में फैले एक एजेंट नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र 40-40 लाख रुपये में बेचे गए थे। 3. क्या रोहित पवार ने आयोग के एक अभ्यर्थी वाले स्पष्टीकरण को स्वीकार किया? नहीं, उन्होंने आयोग के इस दावे को खारिज करते हुए इसे एक बड़ा राज्यव्यापी घोटाला बताया जिसकी जानकारी आयोग को भी थी। 4. रोहित पवार ने सरकार और आयोग से क्या मांगें की हैं? उन्होंने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे और आयोग में साफ छवि वाले नए अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग की है। https://trendkia.com/exam/mpsc-ne-radda-ki-draga-inspektara-pariksha-rohit-pawar-ka-aropa-40-lakha-ke-bhava-men-beche-gae-parche-22171 TrendKia — Har trend, sabse pehle.