# नीट यूजी 2026 धांधली में अदालत का बड़ा आदेश, एनटीए के तीन विशेषज्ञों समेत 13 आरोपियों पर चलेगा सख्त मुकदमा

> नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में स्पेशल जज अजय गुप्ता की अदालत ने 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश का प्रथम दृष्टया मामला पाते हुए कड़ा आदेश जारी किया है, जिसमें एनटीए के 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पर भी विश्वासघात का आरोप है।

**Type:** article · **Category:** परीक्षा · **Published:** 2026-08-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/exam/neet-ug-2026-dhandhali-men-adalata-ka-bara-adesha-nta-ke-tina-visheshajnon-sameta-13-aropiyon-para-chalega-sakhta-mukadama-16511 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीट यूजी 2026, पेपर लीक, एनटीए, अदालत का आदेश, अजय गुप्ता, सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, मेडिकल प्रवेश परीक्षा

देश भर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों से जुड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में अदालत की तरफ से एक बेहद महत्वपूर्ण और विस्तृत आदेश सामने आया है। 12 अगस्त 2026 को स्पेशल जज अजय गुप्ता की अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया कि मामले में नामजद सभी 13 आरोपी प्रथम दृष्टया एक संगठित पेपर लीक सिंडिकेट का हिस्सा थे। अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली की इस बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए बहुत गहराई तक ताना-बाना बुना गया था। जांच अधिकारियों द्वारा एकत्र किए गए ठोस और भारी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना है कि सभी आरोपियों की इस आपराधिक तंत्र में सीधी और सक्रिय भूमिका रही है।

## एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञों पर लगा विश्वासघात का आरोप
इस पूरे मामले में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली और चिंताजनक बात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों की भूमिका रही है। परीक्षा आयोजन की व्यवस्था के तहत इन तीनों एक्सपर्ट्स पर प्रश्नपत्र की पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके लिए उनसे बाकायदा एक लिखित हलफनामा भी लिया गया था कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी या सामग्री किसी अन्य व्यक्ति से साझा नहीं करेंगे। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, इन तीनों विशेषज्ञों ने पैसों के लालच में आकर अपनी गोपनीयता की शपथ को पूरी तरह तोड़ दिया और एनटीए के साथ घोर विश्वासघात किया।

कोर्ट ने अपने सख्त रुख में यह रेखांकित किया कि इन तीनों विषय विशेषज्ञों का यह कृत्य केवल नैतिक आधार पर गलत नहीं है, बल्कि कानूनी रूप से यह आपराधिक विश्वासघात की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही सार्वजनिक पद या जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते हुए पैसों की खातिर परीक्षा सामग्री लीक करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक दुराचार का स्पष्ट मामला बनता है। इन विशेषज्ञों द्वारा परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में किए गए इस छेद ने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

## 13 आरोपियों का संगठित सिंडिकेट और कोचिंग की आड़ में खेल
अदालत के फैसले से नीट यूजी 2026 के प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह के काम करने के तरीके की पूरी तस्वीर साफ हो गई है। आदेश में कहा गया है कि मामले के सभी 13 आरोपियों ने मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश रची थी। इस सिंडिकेट के भीतर काम का बंटवारा बेहद व्यवस्थित तरीके से किया गया था। गिरोह का प्रत्येक सदस्य पेपर को लीक कराने, उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, उत्तर तैयार करने और फिर उसे परीक्षार्थियों तक बेचने की कड़ियों में बराबर का भागीदार था।

जांच के निष्कर्षों के हवाले से अदालत ने बताया कि मुख्य आरोपी, जिन्हें ए-1 से ए-3 के रूप में चिह्नित किया गया है, अपने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर अवैध कमाई के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। ये आरोपी मेडिकल कोचिंग देने का दावा करने वाले संस्थानों और व्यवस्थाओं की आड़ ले रहे थे। पढ़ाई कराने और छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराने के नाम पर दरअसल लीक प्रश्नपत्रों और उनके उत्तरों की सौदेबाजी की जा रही थी। अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें लीक प्रश्नपत्र मुहैया कराए जा रहे थे, जिससे कोचिंग की आड़ में धांधली का एक समानांतर व्यापार चलाया जा रहा था।

## डिजिटल सबूत मिटाने और उपकरण नष्ट करने की नाकाम कोशिश
अदालत ने अपने आदेश में इस बात को भी प्रमुखता से दर्ज किया है कि धांधली का भंडाफोड़ होने की आशंका होते ही आरोपियों ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए तेजी से सबूत मिटाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने नीट यूजी पेपर लीक से संबंधित व्हाट्सएप चैट, इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों को या तो नष्ट कर दिया था या फिर उन्हें गायब कर दिया था।

इसके बावजूद, जांच एजेंसियों ने गहन छानबीन और वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लेते हुए आरोपियों के खिलाफ ऐसे अकाट्य और पुख्ता सबूत हासिल कर लिए, जो साजिश में उनकी सीधी संलिप्तता को साबित करते हैं। आरोपियों द्वारा सबूत नष्ट करने की यह कोशिश उनके आपराधिक इरादे को और अधिक स्पष्ट करती है, जिसे अदालत ने अपने फैसले में विशेष रूप से संज्ञान में लिया है।

## एंटी-पेपर लीक कानून और सख्त धाराओं के तहत चलेगा केस
स्पेशल जज अजय गुप्ता ने स्पष्ट किया कि आरोपियों द्वारा अंजाम दी गई ये तमाम अवैध गतिविधियां केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत सीधे तौर पर दंडनीय अपराध हैं। परीक्षा प्रणाली की शुचिता भंग करने और लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के इस मामले को कोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है।

अदालत ने नए एंटी-पेपर लीक कानून की सख्त धाराओं के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत इस पूरे मामले पर औपचारिक संज्ञान ले लिया है। अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अब इन सभी 13 आरोपियों के खिलाफ अदालत में सख्त आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा। कानून के इन कड़े प्रावधानों के तहत चलने वाली इस अदालती कार्रवाई से आने वाले समय में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ एक नजीर कायम होने की उम्मीद है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** मेडिकल की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह आदेश राहत लेकर आया है क्योंकि एंटी-पेपर लीक कानून 2024 के तहत सख्त मुकदमे से भविष्य में निष्पक्ष परीक्षाएं सुनिश्चित होंगी।
- **नई दिल्ली में:** स्पेशल जज अजय गुप्ता की अदालत द्वारा लिया गया संज्ञान इस धांधली में शामिल एनटीए विशेषज्ञों और कोचिंग माफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की राह साफ करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अदालत ने क्या आदेश दिया है?
अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया सभी 13 आरोपी पेपर लीक सिंडिकेट का हिस्सा थे और उनके खिलाफ नए एंटी-पेपर लीक कानून समेत सख्त धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

### 2. एनटीए के विषय विशेषज्ञों पर क्या आरोप लगे हैं?
एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञों पर आरोप है कि उन्होंने गोपनीयता का हलफनामा तोड़ने के बाद पैसों के लालच में प्रश्नपत्र लीक कराया, जो आपराधिक विश्वासघात और दुराचार है।

### 3. आरोपियों ने इस धांधली को अंजाम देने के लिए क्या तरीका अपनाया?
आरोपियों ने कोचिंग देने के बहाने लीक प्रश्नपत्रों और उत्तरों को परीक्षार्थियों और अन्य सह-आरोपियों को मोटी रकम लेकर बेचा।

### 4. मामले में किन कानूनों के तहत संज्ञान लिया गया है?
अदालत ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024, भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत संज्ञान लिया है।

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