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  "title": "विजयपुरा में OMR कोड पर गलतफहमी के बाद पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का बहिष्कार, अधिकारियों ने KEA SOP लागू किया",
  "summary": "कर्नाटक के विजयपुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर OMR शीट और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर को लेकर विवाद के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का बहिष्कार किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत OMR और प्रश्न पत्र का नंबर एक होना जरूरी नहीं है।",
  "content": "कर्नाटक के विजयपुरा जिले में रविवार को आयोजित पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया और परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। यह पूरा मामला टिकोटा स्थित शारदाम्बा पीयू कॉलेज का है, जहां OMR उत्तर पत्रक और प्रश्न पत्र पर दर्ज सीरियल नंबर को लेकर अभ्यर्थियों के बीच गलतफहमी फैल गई। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि दोनों नंबर आपस में मेल नहीं खा रहे हैं और परीक्षा छोड़कर बाहर निकल आए। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने स्थिति पर तुरंत काबू पाते हुए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन कराया, जिससे केंद्र के भीतर अधिकांश अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्वक अपनी परीक्षा पूरी की।\n\nप्रश्न पत्र और OMR शीट के नंबरों को लेकर शुरू हुआ विवाद\nप्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, घटना रविवार सुबह 9:30 बजे निर्धारित समय पर प्रश्न पत्र वितरित किए जाने के तुरंत बाद सामने आई। नियमों के मुताबिक अभ्यर्थियों में से चुने गए गवाहों की मौजूदगी में परीक्षा सामग्री के लिफाफे खोले गए और उन्हें कमरे में बांटा गया। सामग्री मिलते ही अभ्यर्थियों के एक समूह ने दावा किया कि उनके प्रश्न पत्र का सीरियल नंबर OMR शीट पर छपे नंबर से अलग है। इस बात को लेकर परीक्षा कक्षों में असमंजस की स्थिति बन गई और अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया।\n\nकर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण के नियमों पर प्रशासन का स्पष्टीकरण\nमामले की गंभीरता को देखते हुए विजयपुरा के उपायुक्त (डीसी) डॉ. आनंद के. ने स्थिति की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र पर्यवेक्षकों ने तुरंत अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया और कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) के दिशानिर्देशों का हवाला दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि KEA के नियमों के तहत प्रश्न पत्र और OMR शीट का सीरियल नंबर एक जैसा होना बिल्कुल आवश्यक नहीं है। प्रश्न पत्रों पर विशेष वर्जन कोड (जैसे A1, A2, B1 आदि) अंकित होते हैं। अभ्यर्थियों को केवल अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज पंजीकरण संख्या और प्रश्न पत्र का वर्जन कोड OMR शीट में सही स्थान पर भरना होता है। जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह का भ्रम उत्पन्न हुआ था, लेकिन वहां पर्यवेक्षकों के समझाने पर अभ्यर्थियों ने बात मान ली और परीक्षा जारी रखी।\n\nकॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन और पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग\nशारदाम्बा पीयू कॉलेज में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का समूह अधिकारियों के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ। वे अपने प्रश्न पत्र लेकर परीक्षा हॉल से बाहर निकल आए और कैंपस के बाहर चले गए। इस दौरान उन्होंने कुछ अन्य अभ्यर्थियों को भी परीक्षा का बहिष्कार करने के लिए उकसाया। थोड़ी देर बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा केंद्र में घुसने का प्रयास किया। उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार को धक्का दिया और तेज नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाया। इससे अंदर शांतिपूर्वक उत्तर लिख रहे अभ्यर्थियों की एकाग्रता प्रभावित हुई। माहौल बिगड़ता देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग करके व्यवस्था बहाल की।\n\nपरीक्षा केंद्र में दोबारा प्रवेश पर रोक और SOP की अनिवार्यता\nउपायुक्त डॉ. आनंद के. ने अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा हॉल में प्रवेश न देने के फैसले को पूरी तरह नियमानुकूल और सही ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि KEA के नियमों के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी प्रश्न पत्र लेकर परीक्षा कक्ष से बाहर चला जाता है, तो उसे दोबारा अंदर आने की अनुमति देना सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।\n\n प्रश्न पत्र लेकर बाहर जाने के बाद किसी अभ्यर्थी को दोबारा प्रवेश देना परीक्षा SOP का गंभीर उल्लंघन है।\nअधिकारी ने जोर देकर कहा कि अंतिम घंटी बजने से पहले परीक्षा सामग्री को हॉल से बाहर ले जाना सख्त वर्जित है। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा समय से पहले पूरी होने पर भी सामग्री निरीक्षक को सौंपकर कक्ष में ही उपस्थित रहना अनिवार्य है।\n\nप्रभावित अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय और KEA को भेजी जाएगी रिपोर्ट\nबाहरी हंगामे के कारण अंदर परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों का जो 5 से 10 मिनट का समय बर्बाद हुआ था, प्रशासन ने उसकी भरपाई के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया। अतिरिक्त समय मिलने के बाद अंदर मौजूद सभी अभ्यर्थियों ने सुचारू रूप से अपनी परीक्षा पूरी की और अपनी OMR शीट निरीक्षकों को जमा कराईं। विजयपुरा जिला प्रशासन इस पूरे वाकये की एक विस्तृत और समय-बद्ध जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है। यह रिपोर्ट कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: प्रतियोगी परीक्षाओं में OMR और प्रश्न पत्र को लेकर KEA जैसी एजेंसियों के नियमों की सही जानकारी रखना अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी है।\n\nकर्नाटक में: परीक्षा हॉल से बाहर निकलने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ KEA नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है, जबकि केंद्र में उपस्थित परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. विजयपुरा के परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने क्यों हंगामा किया?\nअभ्यर्थियों में यह गलतफहमी फैल गई थी कि उनके प्रश्न पत्र का सीरियल नंबर OMR शीट पर छपे सीरियल नंबर से मेल नहीं खा रहा है।\n\n2. क्या OMR शीट और प्रश्न पत्र का सीरियल नंबर समान होना आवश्यक है?\nनहीं, KEA के नियमानुसार प्रश्न पत्र और OMR शीट के सीरियल नंबर समान होना जरूरी नहीं है; अभ्यर्थियों को केवल प्रश्न पत्र का सही वर्जन कोड ओएमआर में भरना होता है।\n\n3. क्या परीक्षा केंद्र छोड़कर बाहर गए अभ्यर्थियों को दोबारा प्रवेश मिला?\nनहीं, उपायुक्त डॉ. आनंद के. ने स्पष्ट किया कि प्रश्न पत्र लेकर बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा अंदर आने देना SOP का उल्लंघन है।\n\n4. अंदर परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों को कितना अतिरिक्त समय दिया गया?\nहंगामे के कारण हुई 5 से 10 मिनट की देरी की भरपाई के लिए अंदर मौजूद परीक्षार्थियों को 5 से 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया।",
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  "category": "परीक्षा",
  "publishedAt": "2026-08-02",
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    "कर्नाटक पुलिस भर्ती",
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