चेहरे के पिंपल्स को दबाकर निकालना क्यों बन सकता है बड़ी आफत त्वचा विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि मुंहासों को फोड़ने से संक्रमण त्वचा की गहराई में फैल सकता है और चेहरे पर कभी न मिटने वाले स्थायी गड्ढे व दाग छोड़ सकता है। चेहरे पर अचानक उभर आने वाले दाने न सिर्फ असहनीय दर्द देते हैं बल्कि रूप-रंग और आत्मविश्वास को भी काफी चोट पहुंचाते हैं। आम तौर पर शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, त्वचा ग्रंथियों से निकलने वाले अतिरिक्त सीबम तेल, बाहरी धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया के जमावड़े के कारण यह समस्या पैदा होती है। कई लोग आईने के सामने खड़े होकर इन दानों से तुरंत छुटकारा पाने के चक्कर में इन्हें उंगलियों से दबाने या फोड़ने की गलती कर बैठते हैं। यह तात्कालिक उपाय असल में चेहरे की त्वचा के लिए एक गंभीर मुसीबत की शुरुआत साबित हो सकता है। मुंहासों को दबाने पर विशेषज्ञ क्या चेतावनी देते हैं त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार पिंपल्स को नोचना या फोड़ना त्वचा की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है। इस विषय पर सलाह देते हुए डॉ. ऋतुपर्णा डैश, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, मेदांता नोएडा स्पष्ट करती हैं कि जब चेहरे पर लाल, सूजे हुए या दर्दनाक दाने निकलें, तो उन्हें किसी भी हालत में दबाना नहीं चाहिए। ऐसा करने से त्वचा के भीतरी ऊतकों में सूजन और बैक्टीरिया का संक्रमण कई गुना बढ़ जाता है। जब कोई व्यक्ति दाने को बाहर निकालने के लिए जोर लगाता है, तो उसके भीतर मौजूद पस और मवाद का कुछ हिस्सा ही बाहर आता है, जबकि बाकी गंदगी त्वचा की गहरी परतों में धकेल दी जाती है। इस वजह से आसपास के स्वस्थ हिस्से में भी गंभीर सूजन और नई गांठें बनने लगती हैं। चेहरे पर पड़ सकते हैं कभी न मिटने वाले निशान मुंहासों को बार-बार छूने, खुरचने या दबाने से त्वचा के नाजुक टिश्यूज को गंभीर आंतरिक चोट पहुंचती है। इसका सीधा नतीजा यह होता है कि दाना सूखने के बाद भी वहां लाल या भूरे रंग के गहरे धब्बे छूट जाते हैं। कई मामलों में तो यह लापरवाही चेहरे पर परमानेंट गड्ढे और स्थायी निशान छोड़ जाती है, जिन्हें ठीक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। तात्कालिक राहत पाने के चक्कर में दाने को जबरन फोड़ना लंबे समय में चेहरे की सुंदरता को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। यदि चेहरे पर इक्का-दुक्का दाने नजर आएं, तो उन्हें बिल्कुल न छेड़ें। इसके बजाय त्वचा को किसी सौम्य क्लींजर से साफ रखें और ऐसा मॉइस्चराइजर लगाएं जो त्वचा के रोमछिद्रों को बंद न करता हो। स्किन केयर और सही इलाज का तरीका मुंहासों की रोकथाम और उपचार के लिए सैलिसिलिक एसिड और बेंज़ॉयल पेरॉक्साइड जैसे घटक काफी असरदार माने जाते हैं। हालांकि इनका इस्तेमाल हमेशा त्वचा के प्रकार, उसकी वर्तमान स्थिति और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए। चेहरे को साफ रखने की होड़ में बार-बार मुंह धोना या कठोर स्क्रब रगड़ना कतई सही नहीं है, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी छिन जाती है और जलन व खुजली बढ़ जाती है। यदि मुंहासे लगातार निकल रहे हों, असहनीय दर्द हो, त्वचा के काफी भीतर तक गांठें महसूस हों या चेहरे पर दाग-धब्बे बनने लगें, तो तुरंत स्किन केयर एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए। दाने को दबाकर खत्म करने के बजाय उसके मूल कारण की पहचान कर सही चिकित्सकीय उपचार लेना ही त्वचा को दाग-धब्बों से सुरक्षित रखने का एकमात्र सही मार्ग है। इसका आप पर असर मुंहासों को गलत तरीके से फोड़ने से चेहरे पर पड़ने वाले स्थायी दाग-धब्बों और गहरे संक्रमण से सीधे बचा जा सकता है। • दैनिक आदतों में बदलाव: चेहरे के दानों को उंगलियों या नाखूनों से दबाना तुरंत बंद करना होगा। ऐसा करने से पस त्वचा की अंदरूनी परतों में जाने और नए दानों के फैलने का खतरा टल जाता है। • स्किनकेयर उत्पादों का सही चयन: रोमछिद्रों को बंद न करने वाले गैर-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर और हल्के क्लींजर का उपयोग करना जरूरी है। इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी सुरक्षित रहती है और अतिरिक्त तेल का बनना नियंत्रित होता है। • घरेलू स्क्रब से परहेज: दिन में बार-बार चेहरा धोने या कठोर स्क्रब रगड़ने की आदत तुरंत छोड़ देनी चाहिए। अत्यधिक रगड़ने से त्वचा में जलन, लाली और सूजन बढ़ सकती है। • विशेषज्ञ से परामर्श: लगातार बने रहने वाले दर्दनाक और गहरे दानों के लिए खुद इलाज करने के बजाय चर्म रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर सैलिसिलिक एसिड या बेंज़ॉयल पेरॉक्साइड जैसी दवाओं का निर्देशित उपयोग चेहरे को स्थायी गड्ढों से बचाएगा। ऐसा क्यों हुआ मुंहासे कई आंतरिक और बाहरी शारीरिक कारकों के मिलने से चेहरे पर विकसित होते हैं और गलत देखभाल से गंभीर रूप ले लेते हैं। • सीबम और रोमछिद्रों का अवरोध: त्वचा के भीतर स्थित तैलीय ग्रंथियां जब अतिरिक्त सीबम का उत्पादन करती हैं, तो वह बाहरी धूल और मृत कोशिकाओं के साथ मिलकर रोमछिद्रों को पूरी तरह बंद कर देता है। • हार्मोनल असंतुलन: शरीर के भीतर होने वाले विभिन्न हार्मोनल बदलाव तैलीय ग्रंथियों की गतिविधि को असामान्य रूप से तेज कर देते हैं, जिससे मुंहासों की शुरुआत होती है। • बैक्टीरिया का संक्रमण: बंद रोमछिद्रों में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिसके परिणामस्वरूप त्वचा पर लाल, दर्दनाक और मवाद से भरी सूजन दिखाई देने लगती है। • दबाने से गहरा आघात: पिंपल को बाहर से दबाने पर आंतरिक दबाव बनता है, जिससे त्वचा की सूक्ष्म दीवारें फट जाती हैं और संक्रमण गहरे ऊतकों में रिसकर स्थायी निशान का कारण बनता है। सवाल-जवाब 1. क्या चेहरे के मुंहासों को फोड़ना या दबाना सुरक्षित है? नहीं, त्वचा विशेषज्ञ इसे बिल्कुल असुरक्षित मानते हैं क्योंकि दबाने से संक्रमण त्वचा के भीतर फैलता है और सूजन बढ़ जाती है। 2. मुंहासा फोड़ने से चेहरे पर क्या स्थायी नुकसान हो सकता है? दाने को फोड़ने से त्वचा के ऊतक घायल हो जाते हैं, जिससे लाल-भूरे गहरे दाग और स्थायी गड्ढे बन सकते हैं। 3. मुंहासों के इलाज में कौन से चिकित्सीय घटक मददगार साबित होते हैं? सैलिसिलिक एसिड और बेंज़ॉयल पेरॉक्साइड जैसे घटक प्रभावी होते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल त्वचा की स्थिति और संवेदनशीलता देखकर करना चाहिए। 4. क्या बार-बार चेहरा धोने और स्क्रब करने से पिंपल्स ठीक हो सकते हैं? नहीं, बार-बार मुंह धोने या स्क्रब रगड़ने से त्वचा में जलन, लाली और रूखापन बढ़ सकता है, इसलिए हल्के क्लींजर का उपयोग करना चाहिए। 5. मुंहासों के लिए डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से कब संपर्क करना चाहिए? जब मुंहासे बार-बार निकल रहे हों, त्वचा के भीतर गहरी गांठें बन जाएं, अत्यधिक दर्द हो या निशान छूटने लगें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। https://trendkia.com/fashion/chehare-ke-pimples-ko-dabakara-nikalana-kyon-bana-sakata-hai-bari-aphata-41398 TrendKia — Har trend, sabse pehle.