4 सितंबर को जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में मनेगी जन्माष्टमी, आज से शुरू हुए संकीर्तन कार्यक्रम और बदला दर्शन का समय जयपुर के आराध्य गोविंद देव जी मंदिर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मंदिर प्रबंधन ने 4 सितंबर तक के लिए रोजाना की दर्शन झांकियों का नया समय जारी किया है, जबकि आज से 3 सितंबर तक विशेष संकीर्तन और भजन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर धार्मिक उत्साह और तैयारियां चरम पर पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर में जन्माष्टमी उत्सव की रौनक शुरू हो गई है। आगामी 4 सितंबर को आयोजित होने वाले मुख्य जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने दर्शनार्थियों के लिए झांकियों के समय में अस्थायी संशोधन किया है। इसके साथ ही आज से मंदिर प्रांगण में दैनिक संकीर्तन और भजन कार्यक्रमों की श्रृंखला भी आरंभ हो चुकी है, जो 3 सितंबर तक अनवरत जारी रहेगी। हर साल जन्माष्टमी उत्सव के इस एक महीने की अवधि में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गोविंद देव जी महाराज के दर्शन और भजनों का आनंद लेने जयपुर पहुंचते हैं। 4 सितंबर तक सामान्य दिनों में दर्शन का संशोधित समय मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा जारी की गई नई व्यवस्था के अनुसार 4 सितंबर तक श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न झांकियों के समय सारणी तय की गई है। हालांकि रविवार और एकादशी के विशेष अवसरों पर दर्शन का समय अलग रहेगा। सामान्य दिनों के लिए निर्धारित समय सारणी इस प्रकार है • मंगला झांकी: सुबह 5:00 बजे से 5:15 बजे तक • धूप झांकी: सुबह 7:45 बजे से 9:00 बजे तक • श्रृंगार झांकी: सुबह 9:30 बजे से 10:15 बजे तक • राजभोग झांकी: सुबह 10:45 बजे से 11:15 बजे तक • ग्वाल झांकी: शाम 5:00 बजे से 5:15 बजे तक • संध्या झांकी: शाम 5:45 बजे से 6:45 बजे तक • उत्सव झांकी: शाम 7:00 बजे से 8:30 बजे तक • शयन झांकी: रात 9:00 बजे से 9:15 बजे तक 4 सितंबर जन्माष्टमी के दिन विशेष दर्शन सारणी और धार्मिक अनुष्ठान इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्मोत्सव 4 सितंबर को अत्यंत भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस विशेष तिथि पर मंदिर में उमड़ने वाले जनसैलाब को ध्यान में रखते हुए दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर झांकियों का समय इस प्रकार रहेगा • मंगला झांकी: सुबह 4:00 बजे से 6:30 बजे तक • धूप झांकी: सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक • श्रृंगार झांकी: सुबह 9:30 बजे से 11:15 बजे तक • राजभोग झांकी: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक • ग्वाल झांकी: शाम 4:00 बजे से 6:30 बजे तक • संध्या झांकी: शाम 6:45 बजे से 8:30 बजे तक • शयन झांकी: रात 9:15 बजे से 10:30 बजे तक जन्माष्टमी के दिन तड़के मंगला झांकी से पूर्व ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक संपन्न कराया जाएगा। इसके उपरांत प्रभु को नवीन पीले वस्त्र धारण कराए जाएंगे तथा विशेष आभूषण, सिरपेच और मनमोहक पुष्पों से श्रृंगार किया जाएगा। शयन झांकी के पश्चात मध्यरात्रि में जन्मोत्सव से जुड़े मुख्य धार्मिक अनुष्ठान होंगे। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार मध्यरात्रि ठीक 12:00 बजे 31 तोपों की हवाई गर्जना और भव्य आतिशबाजी के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का स्वागत किया जाएगा। इसके तुरंत बाद श्रद्धालुओं को ठाकुर गोविंद देव जी के अभिषेक दर्शन प्राप्त होंगे। मध्यरात्रि के पूजन विधान में 6 वेदपाठी पंडितों द्वारा सस्वर वेद पाठ किया जाएगा। इसके बाद श्री शालिग्राम पूजन और पांच द्रव्यों के पूजन के साथ ठाकुर श्रीजी का दिव्य पंचामृत अभिषेक होगा। इस महाअभिषेक सेवा के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो शुद्ध घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद सामग्री ठाकुरजी को अर्पित की जाएगी। 3 सितंबर तक संकीर्तन और भजन मंडलियों का दैनिक कार्यक्रम गोविंद देव जी मंदिर में जन्माष्टमी से पूर्व देश भर की प्रतिष्ठित संकीर्तन मंडलियों द्वारा भजन प्रस्तुत करने की समृद्ध परंपरा रही है। इन भक्तिमय प्रस्तुतियों में प्रतिदिन हजारों भक्त सम्मिलित होते हैं। आज से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलने वाले सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों की समय सारणी इस प्रकार है • 21 अगस्त: प्रातःकाल श्री बलराम महिला सत्संग मंडल तथा सायंकाल रेखा सैनी व दीपक माथुर द्वारा संकीर्तन। • 22 अगस्त: प्रातःकाल श्री गौरांग महाप्रभु मंदिर तथा सायंकाल श्री निम्बार्क सत्संग मंडल की प्रस्तुति। • 23 अगस्त: प्रातःकाल श्री हरिनाम संकीर्तन मंडल तथा सायंकाल श्री शिव सत्संग भवन ट्रस्ट जयपुर परिवार का कार्यक्रम। • 24 अगस्त: प्रातःकाल श्री निम्बार्क परिषद तथा सायंकाल श्री त्रिवेणी सत्संग मंडल की प्रस्तुति। • 25 अगस्त: प्रातःकाल श्री जगद्गुरु रामानंद संकीर्तन सत्संग मंडल तथा सायंकाल श्री मनु माधव गोइरेथर मंडल का आयोजन। • 26 अगस्त: प्रातःकाल श्री गौर गोविंद महिला मंडल तथा सायंकाल श्री आलोक भट्ट द्वारा भजन गायन। • 27 अगस्त: प्रातःकाल श्री हरिनाम संकीर्तन परिवार तथा सायंकाल श्री गुरुकृपा सत्संग मंडल की प्रस्तुति। • 28 अगस्त: संपूर्ण दिवस श्री गोविंद की गया संकीर्तन मंडल का विशेष संकीर्तन। • 29 अगस्त: प्रातःकाल श्री विठ्ठल भैया एवं परिवार तथा सायंकाल श्री संजय राज्यादा व मंजू शर्मा द्वारा संकीर्तन। • 30 अगस्त: प्रातःकाल श्री राधागोविंद देवजी मंडल तथा दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक ऑसम पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों की प्रस्तुति। • 31 अगस्त: प्रातःकाल श्री राधागोविंद सखी परिवार तथा सायंकाल श्री अविनाश जी शर्मा का भजन कार्यक्रम। • 1 सितंबर: प्रातःकाल श्री राधागोविंद कृपा प्रभात फेरी मंडल तथा सायंकाल श्री नारायण नाम संकीर्तन मंडल की प्रस्तुति। • 2 सितंबर: प्रातःकाल श्री गोगिनाथ महिला मंडल तथा सायंकाल श्री गौरांग महाप्रभु संकीर्तन मंडल का आयोजन। • 3 सितंबर: संकीर्तन उत्सव के अंतिम दिन प्रातःकाल अष्ट प्रहर वृंदावन संकीर्तन मंडल द्वारा भव्य प्रस्तुति दी जाएगी। सुरक्षा इंतजाम, पार्किंग व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए निर्देश जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली विशाल भीड़ की सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंदिर प्रबंधन ने सभी दर्शनार्थियों से अपील की है कि वे मर्यादा और परंपरा का पालन करते हुए भारतीय परिधान पहनकर ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस प्रशासन की ओर से परिसर में 8 से 10 मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। व्यवस्था संचालन में सहयोग के लिए लगभग 150 स्काउट कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है। संपूर्ण मंदिर परिसर की निगरानी के लिए विभिन्न चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दूर स्थित श्रद्धालुओं को दर्शन की स्पष्ट झलक दिखाने हेतु 13 LED स्क्रीन लगाई गई हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए रामनिवास बाग पार्किंग तथा चौगान स्टेडियम पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से मंदिर के भीतर कीमती सामान, बड़े बैग, थैले और महिलाओं के पर्स ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। महिला श्रद्धालुओं से भी बहुमूल्य आभूषण न पहनकर आने की सलाह दी गई है। मंदिर में प्रवेश से पूर्व जूते, चप्पल और हेलमेट बाहर बने निर्धारित स्टैंड पर ही जमा कराने होंगे। भीड़ के दबाव को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी जारी किया गया है। हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, श्वास संबंधी बीमारियों अथवा अन्य गंभीर शारीरिक समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भीड़भाड़ वाले समय में मंदिर आने से बचें। यदि किसी श्रद्धालु को परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु नजर आए, तो उसकी सूचना तत्काल तैनात पुलिसकर्मियों या मंदिर प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है। इसका आप पर असर • भारत में: कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन के समय और व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन की योजना समय रहते बनाने में मदद मिलेगी। • जयपुर में: गोविंद देव जी मंदिर आने वाले स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को नए समय पत्रक के अनुसार दर्शन करने होंगे, साथ ही वाहनों की पार्किंग रामनिवास बाग और चौगान स्टेडियम में करनी होगी। सवाल-जवाब 1. गोविंद देव जी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य पर्व किस दिन मनाया जाएगा? गोविंद देव जी मंदिर में भव्य कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव 4 सितंबर को मनाया जाएगा। 2. जन्माष्टमी के दिन मंदिर में कौन-कौन सी मुख्य धार्मिक रस्में और अभिषेक संपन्न होंगे? जन्माष्टमी की सुबह मंगला झांकी से पहले ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा और नए पीले वस्त्र धारण कराए जाएंगे। रात 12 बजे 31 तोपों की गर्जना और आतिशबाजी के बाद 6 वेदपाठी पंडितों द्वारा वेद पाठ, शालिग्राम पूजन और मुख्य पंचामृत अभिषेक आयोजित होगा। 3. जन्माष्टमी के मुख्य अभिषेक के लिए किन-किन सामग्रियों का उपयोग किया जाएगा? ठाकुर जी के जन्माष्टमी अभिषेक के लिए 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद अर्पित किया जाएगा। 4. 4 सितंबर जन्माष्टमी के दिन दर्शन की समय सारणी क्या रहेगी? 4 सितंबर को मंगला झांकी सुबह 4:00 से 6:30, धूप 7:00 से 9:00, श्रृंगार 9:30 से 11:15, राजभोग 11:45 से दोपहर 1:15, ग्वाल शाम 4:00 से 6:30, संध्या शाम 6:45 से 8:30 और शयन झांकी रात 9:15 से 10:30 बजे तक रहेगी। 5. भजन और संकीर्तन कार्यक्रमों की समय सीमा और आयोजन कब तक चलेगा? मंदिर में 21 अगस्त से संकीर्तन और भजन कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है, जो 3 सितंबर तक रोजाना अलग-अलग मंडलियों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। 6. मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पार्किंग के लिए क्या विशेष इंतजाम किए हैं? सुरक्षा के लिए 150 स्काउट, 8 से 10 मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे और 13 LED स्क्रीन लगाई गई हैं। वाहनों की पार्किंग रामनिवास बाग और चौगान स्टेडियम में तय की गई है। 7. मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से क्या सावधानियां और अपील की गई हैं? श्रद्धालुओं से पारंपरिक भारतीय परिधान में आने, कीमती सामान या बैग न लाने, और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों से सुरक्षा के लिहाज से मंदिर न आने का अनुरोध किया गया है। https://trendkia.com/festivals/4-sitnbara-ko-jaipur-ke-prasiddha-govind-dev-ji-mndira-men-manegi-janmashtami-aja-se-shuru-hue-snkirtana-karyakrama-aura-badala-da-19606 TrendKia — Har trend, sabse pehle.