# बहराइच में बढ़ा इको-फ्रेंडली मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों का क्रेज, प्रेशर कुकर से लेकर टी-सेट तक उपलब्ध

> उत्तर प्रदेश के बहराइच में दिवाली और छठ पूजा के मद्देनजर मिट्टी से बने इको-फ्रेंडली उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। महिला महाविद्यालय के पास लगे स्टॉल पर कुकर, मग, गणेश प्रतिमाएं और टी-सेट उपलब्ध हैं।

**Type:** article · **Category:** त्योहार · **Published:** 2026-11-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/festivals/bahraich-men-barha-eco-friendly-mitti-ke-bartanon-aura-murtiyon-ka-kreja-pressure-cooker-se-lekara-tea-set-taka-upalabdha-57068 · **Language:** Hindi
**Tags:** बहराइच, दिवाली 2024, छठ पूजा, इको फ्रेंडली मिट्टी के बर्तन, सोंधी माटी, उत्तर प्रदेश समाचार

त्योहारों के इस मौसम में उत्तर प्रदेश के बहराइच शहर में प्लास्टिक और चीनी सजावटी सामानों के मुकाबले पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है। दीपावली और आगामी छठ पूजा के उपलक्ष्य में लोग पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को तरजीह दे रहे हैं। शहर के महिला महाविद्यालय के पास पानी की टंकी के समीप लगा सोंधी माटी का एक विशेष स्टॉल इन दिनों स्थानीय खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां रसोई के उपयोगी बर्तनों से लेकर घर को सजाने वाले कई अनोखे उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

## रसोई के उपयोग से लेकर सजावटी मूर्तियों तक की विस्तृत श्रृंखला
इस अनूठे स्टॉल के संचालक अंकित ने बताया कि त्यौहारों के अवसर पर ग्राहकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखकर मिट्टी से निर्मित उत्पादों की एक बड़ी श्रृंखला पेश की गई है। इस स्टॉल पर केवल पारंपरिक दीये और मूर्तियां ही नहीं, बल्कि आधुनिक जरूरत के हिसाब से डिजाइन किए गए मिट्टी के मग, पानी की बोतलें, ग्लास, जार और दही जमाने के विशेष डिब्बे उपलब्ध हैं। सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली वस्तु मिट्टी का प्रेशर कुकर है, जो सेहत और परंपरा दोनों के लिहाज से काफी पसंद किया जा रहा है।

सजावटी सामानों की श्रेणी में कोलकाता शैली में बनी खूबसूरत मूर्तियां और शुद्ध प्राकृतिक मिट्टी से तैयार भगवान गणेश की प्रतिमाएं शामिल हैं। इसके अलावा हेड बुद्धा की प्रतिमाएं और कई आकर्षक होम डेकोर आइटम्स भी लोगों को बहुत आकर्षित कर रहे हैं। चाय प्रेमियों के लिए मिट्टी से बना पूरा कम्पलीट टी-सेट भी यहां बिक्री के लिए रखा गया है।

## प्लास्टिक और चीनी सामान के मुकाबले टिकाऊ और किफायती
मिट्टी के बर्तनों के फायदे उजागर करते हुए अंकित ने बताया कि जहां प्लास्टिक और चाइनीज सामान कुछ ही दिनों के इस्तेमाल में खराब हो जाते हैं, वहीं प्राकृतिक मिट्टी से बने इन बर्तनों का यदि सही रखरखाव किया जाए और टूटने से बचाया जाए तो ये लंबे समय तक चलते हैं। इनके उपयोग से पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता और भोजन या पेय पदार्थों का स्वाद भी प्राकृतिक बना रहता है।

कीमतों की बात करें तो ये उत्पाद आम जनता की जेब के अनुकूल हैं। स्टॉल पर मिट्टी के मग और छोटे बर्तन ₹150 की शुरुआती कीमत पर मिल रहे हैं। भगवान गणेश की विशेष प्रतिमाएं और विशेष बर्तनों की कीमत ₹400 से ₹500 तक रखी गई है। वहीं हेड बुद्धा की खूबसूरत प्रतिमा ₹450 में उपलब्ध है, जबकि कम्पलीट टी-सेट ₹850 तक की कीमत में खरीदा जा सकता है।

## छठ पूजा तक रहेगा स्टॉल, ऑनलाइन डिलीवरी की भी व्यवस्था
बहराइच के महिला महाविद्यालय के निकट पानी की टंकी के पास लगा यह स्टॉल आगामी छठ पूजा के पर्व तक निरंतर संचालित रहेगा। स्थानीय निवासी सीधे स्टॉल पर पहुंचकर इन प्राकृतिक उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही, जो ग्राहक घर बैठे खरीदारी करना चाहते हैं या दूरदराज के क्षेत्रों में रहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन ऑर्डर देने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस त्योहारी सीजन में प्राकृतिक सुंदरता अपनाने और मिट्टी की खुशबू के साथ इको-फ्रेंडली त्योहार मनाने का संदेश दिया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
त्योहारी सीजन में इको-फ्रेंडली और पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों को अपनाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय कारीगरों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

- **भारत में:** चाइनीज और प्लास्टिक सामानों के बजाय मिट्टी के उत्पाद खरीदने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और प्लास्टिक कचरे में कमी आती है। प्राकृतिक मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने और पानी पीने से सेहत को लाभ होता है।
- **बहराइच में:** महिला महाविद्यालय के पास स्थित स्टॉल से स्थानीय निवासी ₹150 से लेकर ₹850 तक की शुरुआती कीमत पर टिकाऊ मिट्टी के बर्तन और प्रतिमाएं खरीद सकते हैं। इसके अलावा लोग छठ पूजा तक ऑनलाइन डिलीवरी सुविधा का लाभ उठाकर उत्पाद घर मंगवा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
दीपावली और छठ पर्व के दौरान चाइनीज व प्लास्टिक सामानों को छोड़कर प्राकृतिक मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं।

- **पर्यावरण जागरूकता:** प्लास्टिक कचरे से होने वाले नुकसान और प्लास्टिक सजावटी सामानों के जल्दी खराब होने के कारण लोग टिकाऊ इको-फ्रेंडली विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
- **स्वास्थ्य लाभ:** मिट्टी के बर्तनों और कुकर में भोजन पकाने से भोजन के प्राकृतिक पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे पसंद कर रहे हैं।
- **त्योहारी परंपरा और सजावट:** दीवाली और छठ पूजा में सोंधी माटी की खुशबू और पारंपरिक कलाकृतियों जैसे कोलकाता स्टाइल मूर्तियों और गणेश प्रतिमाओं का विशेष सांस्कृतिक महत्व है।

## सवाल-जवाब

### 1. बहराइच में मिट्टी के बर्तनों का यह स्टॉल कहां लगा हुआ है?
यह स्टॉल बहराइच शहर में महिला महाविद्यालय के पास स्थित पानी की टंकी के समीप लगा हुआ है।

### 2. स्टॉल पर मिट्टी के कौन-कौन से बर्तन और सजावटी सामान उपलब्ध हैं?
स्टॉल पर मिट्टी के मग, पानी की बोतलें, ग्लास, जार, दही जमाने के डिब्बे, मिट्टी का प्रेशर कुकर, गणेश प्रतिमाएं, कोलकाता स्टाइल मूर्तियां, हेड बुद्धा और टी-सेट उपलब्ध हैं।

### 3. मिट्टी के इन उत्पादों की शुरुआती कीमतें क्या हैं?
छोटे बर्तनों और मग की कीमतें ₹150 से शुरू होती हैं, गणेश प्रतिमाएं ₹400 से ₹500 तक, हेड बुद्धा ₹450 और कम्पलीट टी-सेट ₹850 तक में उपलब्ध है।

### 4. क्या इन मिट्टी के सामानों को ऑनलाइन ऑर्डर करके मंगवाया जा सकता है?
जी हां, स्टॉल संचालक द्वारा उन लोगों के लिए ऑनलाइन ऑर्डर और डिलीवरी की सुविधा दी गई है जो घर बैठे खरीदारी करना चाहते हैं।

### 5. यह स्टॉल बहराइच में कब तक संचालित रहेगा?
यह स्टॉल आगामी छठ पूजा के पर्व तक महिला महाविद्यालय के पास निरंतर संचालित रहेगा।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._