भानु सप्तमी के महासंयोग पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय, करियर और सेहत में मिलेगी बड़ी सफलता रविवार के दिन सप्तमी तिथि का होना एक दुर्लभ संयोग है जिसे भानु सप्तमी कहा जाता है। जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश से वो खास उपाय जो आपकी हर परेशानी को दूर कर सकते हैं। भानु सप्तमी का शुभ संयोग और महत्व हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि की अपनी एक खास अहमियत होती है, लेकिन जब यह तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। रविवार और सप्तमी तिथि, दोनों के ही अधिपति भगवान सूर्यदेव हैं। इसी वजह से इस अनूठे संयोग को भानु सप्तमी या रवि सप्तमी के नाम से पुकारा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन की गई सूर्यदेव की आराधना जातकों को सुख, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करती है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस विशेष दिन पर कुछ आसान और असरदार उपायों को आजमाकर आप अपने जीवन को एक नई और सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। आचार्य इंदु प्रकाश को ज्योतिष शास्त्र, वास्तु और सामुद्रिक शास्त्र का व्यापक अनुभव है, और TrendKia पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी कार्यक्रम में देखते हैं। करियर में तरक्की और व्यापार बढ़ाने के उपाय अगर आप अपनी नौकरी को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं या कार्यक्षेत्र में कोई सहकर्मी आपके काम में अड़चनें पैदा कर रहा है, तो भानु सप्तमी के दिन एक विशेष मंत्र का जाप करें। आसन पर बैठकर सूर्यदेव के मंत्र 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:।' का 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करने से कामकाजी जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।इसके अलावा, अगर आप आभूषणों या कीमती रत्नों के कारोबार से जुड़े हैं और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, तो इस शुभ दिन पर सूर्य भगवान को प्रणाम करें। इसके बाद जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर उन्हें अर्घ्य दें। वहीं, व्यापारिक प्रगति के लिए एक और आसान उपाय है, जिसके तहत आप एक नया लाल रंग का वस्त्र खरीदें और उसे अपने ताऊ या चाचा को उपहार स्वरूप भेंट करें। भेंट देने के बाद उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना न भूलें। बेहतर स्वास्थ्य और ऊर्जावान बने रहने के अचूक तरीके मौसम के बदलते ही जो लोग बहुत जल्दी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं या जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है, उन्हें भानु सप्तमी के पावन अवसर पर तांबे के पात्र से भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। अर्घ्य अर्पित करते समय दोनों हाथ जोड़कर उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें। शारीरिक आलस्य के कारण अगर आपके जरूरी काम अटक जाते हैं, तो इस दिन सूर्यदेव के निमित्त व्रत रखने का संकल्प लें। इस व्रत के दौरान आपको दिन में केवल एक बार ही भोजन ग्रहण करना है, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उस भोजन में नमक का इस्तेमाल बिल्कुल न किया गया हो। इसके अतिरिक्त, अगर आप आंखों की कमजोरी या नेत्र संबंधी किसी अन्य विकार से परेशान हैं, तो कुशा के आसन पर बैठकर भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए आदित्य हृदय स्रोत का नियमित पाठ करें। आर्थिक तंगी दूर करने और पारिवारिक सुख के लिए क्या करें? अगर आपके जीवन में धन का अभाव लगातार बना हुआ है और आप कर्ज या आर्थिक तंगी से घिरे हैं, तो रविवार के दिन चींटियों के बिल में आटा डालें। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यदि आटा लाल या भूरी चींटियों के बिल के पास डाला जाए, तो इसके परिणाम और भी जल्दी दिखाई देते हैं। अपने बच्चों के जीवन को सुख-सुविधाओं से संपन्न बनाने और उनके सुनहरे भविष्य के लिए इस दिन बच्चों के साथ सूर्यदेव की आराधना करें। इसके साथ ही किसी नजदीकी मंदिर में जाकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार गुड़ और बाजरे का दान करें। जीवन में नया उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए सूर्यदेव के एक अन्य मंत्र 'ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।' का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। सफलता की निरंतरता बनाए रखने के विशेष उपाय यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में सफलता का रथ कभी न रुके, तो अपने घर की पूर्व दिशा में सात घोड़ों के रथ पर सवार भगवान सूर्यदेव की एक सुंदर तस्वीर या चित्र स्थापित करें। इस तस्वीर को नियमित रूप से धूप-दीप दिखाकर नमन करें। भविष्य में अपनी तरक्की की निरंतरता को बरकरार रखने के लिए रविवार के दिन नीम के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और हाथ जोड़कर वृक्ष देव को प्रणाम करें। इस बात का खास ख्याल रखें कि रविवार के दिन नीम के पेड़ की पत्तियों या टहनियों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे। इसका आप पर असर • श्रद्धालुओं के लिए: रविवार और सप्तमी के इस खास संयोग पर इन आसान उपायों को अपनाकर लोग मानसिक तनाव, शारीरिक आलस्य और व्यापारिक बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। • स्वास्थ्य और समृद्धि: सूर्यदेव की आराधना और बताए गए दानों से पारिवारिक सुख-समृद्धि बढ़ती है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। सवाल-जवाब 1. भानु सप्तमी किसे कहते हैं? जब हिंदू पंचांग की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो उस विशेष संयोग को भानु सप्तमी या रवि सप्तमी कहा जाता है। 2. आंखों की समस्या से राहत पाने के लिए क्या उपाय करना चाहिए? नेत्र संबंधी विकारों से मुक्ति पाने के लिए भानु सप्तमी के दिन आसन पर बैठकर भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करना चाहिए। 3. नौकरी जाने के भय को दूर करने के लिए किस मंत्र का जाप करें? नौकरी में आ रही बाधाओं और असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए सूर्यदेव के मंत्र 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:।' का 108 बार जाप करना चाहिए। 4. भानु सप्तमी के दिन आलस्य दूर करने के लिए व्रत के क्या नियम हैं? इस दिन रखे जाने वाले व्रत में व्यक्ति को दिन में केवल एक बार ही भोजन करना चाहिए, और वह भोजन पूरी तरह से नमक रहित (बिना नमक का) होना चाहिए। https://trendkia.com/festivals/bhanu-saptami-ke-mahasnyoga-para-surya-dev-ko-prasanna-karane-ke-achuka-upaya-kariyara-aura-sehata-men-milegi-bari-saphalata-2026 TrendKia — Har trend, sabse pehle.