# धनतेरस पर सोना चांदी और बर्तनों की खरीदारी का पंचांग समय, जानें शुभ चौघड़िया मुहूर्त

> धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि का विस्तार 6 और 7 नवंबर दोनों दिन होने से बाजारों में खरीदारी के कई शुभ संयोग बन रहे हैं। जानिए धातुओं, बर्तनों और वाहनों की खरीद के लिए दिन व रात के चौघड़िया समय।

**Type:** article · **Category:** त्योहार · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/festivals/dhanteras-para-sona-chandi-aura-bartanon-ki-kharidari-ka-pnchanga-samaya-janen-shubha-chaughariya-muhurta-57861 · **Language:** Hindi
**Tags:** धनतेरस, खरीदारी मुहूर्त, सोना चांदी, चौघड़िया, दिवाली

दीपावली के महापर्व से ठीक दो दिन पहले मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार इस बार खरीदारी के कई विशेष योग लेकर आया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशिष्ट दिन पर नई वस्तुओं, मूल्यवान धातुओं और दैनिक उपयोग के सामान की खरीदारी करने से परिवार में सुख और समृद्धि का विस्तार होता है। ऐसी जनआस्था है कि इस पावन तिथि पर खरीदी गई चल अथवा अचल संपत्ति में निरंतर वृद्धि होती रहती है। इस पर्व के अवसर पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि के साथ माता लक्ष्मी, धन के अधिपति कुबेर और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाने वाले देव यमराज की पूजा अर्चना की जाती है।

## धनतेरस पर खरीदारी की प्रमुख वस्तुएं
पर्व के दिन विशेष चीजों को घर लाना मंगलकारी माना गया है। परंपराओं के अनुसार धनतेरस के दिन लोग अपनी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार निम्नलिखित वस्तुओं का क्रय करते हैं

- **आभूषण और धातुएं:** सोने और चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदना समृद्धि का परिचायक माना जाता है।
- **रसोई के नए बर्तन:** पीतल, तांबा, चांदी अथवा स्टील के नए बर्तनों की खरीद घर में अन्नपूर्णा का वास सुनिश्चित करती है।
- **झाड़ू की खरीदारी:** लोक परंपरा में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसे घर लाना दरिद्रता दूर करने वाला माना जाता है।
- **वाहन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स:** नए दोपहिया या चारपहिया वाहन, टीवी, फ्रिज और अन्य उपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीदारी भी इस दिन बेहद शुभ मानी जाती है।
- **पूजन सामग्री:** दीपावली की मुख्य पूजा हेतु भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की नवीन प्रतिमाएं, साबुत धनिया और खड़ा नमक खरीदना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।

## तिथि विस्तार और खरीदारी का मुख्य समय
पंचांग गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ होकर 7 नवंबर की सुबह 10:49 बजे तक प्रभावी रहेगी। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, तिथि का विस्तार दो दिन रहने के कारण खरीदारी का अवसर दोनों दिनों में उपलब्ध रहेगा। जो श्रद्धालु 6 नवंबर को खरीदारी करना चाहते हैं, वे पूर्वाह्न 10:30 बजे के बाद दिनभर में किसी भी समय खरीदारी संपन्न कर सकते हैं। वहीं जो लोग 7 नवंबर को खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उन्हें सुबह 10:49 बजे से पहले यह कार्य पूरा करना होगा, क्योंकि इसके पश्चात त्रयोदशी तिथि समाप्त हो जाएगी।

इसके अतिरिक्त पंचांग के सामान्य आंकलन के मुताबिक 6 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से लेकर 7 नवंबर की सुबह 06:37 बजे तक लगातार खरीदारी का उत्तम कालखंड बना रहेगा। चांदी अथवा चांदी के सिक्कों की खरीदारी के लिए भी 6 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से अगले दिन सुबह 06:37 बजे तक का समय अत्यधिक शुभ बताया गया है।

## दिन और रात के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
वाहन, मशीनरी और घरेलू उपयोग के उपकरणों को खरीदने के लिए चौघड़िया वेला का विशेष ध्यान रखा जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित चौघड़िया मुहूर्तों में भी खरीदारी कर सकते हैं

- **प्रातःकालीन चौघड़िया (चर, लाभ, अमृत):** सुबह 10:30 बजे से सुबह 10:43 बजे तक।
- **अपराह्न चौघड़िया (शुभ):** दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 01:27 बजे तक।
- **अपराह्न चौघड़िया (चर):** शाम 04:11 बजे से शाम 05:33 बजे तक।
- **रात्रिकालीन चौघड़िया (लाभ):** रात 08:49 बजे से रात 10:27 बजे तक।
- **देर रात का चौघड़िया (शुभ, अमृत, चर):** 7 नवंबर की मध्यरात्रि 12:05 बजे से भोर 04:59 बजे तक।

इन निर्धारित समयावधियों के भीतर अपने बजट के अनुसार खरीदारी करके जातक पूरे वर्ष के लिए सौभाग्य, आरोग्य और वित्तीय स्थिरता की कामना कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
धनतेरस के इस शुभ मुहूर्त से खरीदारी की योजना बना रहे परिवारों को समय प्रबंधन और बचत में सीधी मदद मिलेगी।

- **बजट और समय प्रबंधन:** 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर सुबह 10:49 बजे तक लंबा समय मिलने से बाजारों में अंतिम समय की भगदड़ से बचा जा सकता है। खरीदार अपनी सुविधा के अनुसार भीड़भाड़ से बचते हुए योजना बना सकते हैं।
- **वाहन और आभूषण डिलीवरी:** चौघड़िया मुहूर्त की मदद से लोग अपने नए वाहनों और सोने-चांदी के आभूषणों की डिलीवरी का सटीक समय तय कर सकते हैं। शोरूम और ज्वेलर्स पर पहले से समय आरक्षित करने से देरी नहीं होगी।
- **परंपरागत पूजन सामग्री:** धनिया, नमक और झाड़ू जैसी आवश्यक सस्ती वस्तुओं की खरीद के लिए भी निश्चित समय मिल रहा है। इससे हर आय वर्ग के लोग शुभ काल में खरीदारी संपन्न कर सकेंगे।
- **डिजिटल और ऑनलाइन शॉपिंग:** जो लोग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी कर रहे हैं, वे भी 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे से अगले दिन सुबह तक ऑर्डर बुक कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि ऑनलाइन लेन-देन भी शुभ वेला के भीतर पूरा हो।

## ऐसा क्यों हुआ
धनतेरस पर खरीदारी के इस विशेष कार्यक्रम के पीछे हिंदू पंचांग की तिथि गणना और धार्मिक परंपराएं मुख्य आधार हैं।

- **त्रयोदशी तिथि का समय विस्तार:** कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर सुबह 10:49 बजे समाप्त हो रही है। तिथियों के सूर्योदय और मध्याह्न में पड़ने के कारण खरीदारी का शुभ संयोग दोनों दिनों में निर्मित हुआ है।
- **भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य:** धार्मिक ग्रंथों के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत कलश लेकर इसी दिन प्रकट हुए थे। इसी कारण इस दिन धातु के बर्तन, औषधियां और नई वस्तुएं खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
- **चौघड़िया प्रणाली का महत्व:** वैदिक ज्योतिष में यात्रा, व्यापार और नई संपत्ति खरीदने के लिए दिन और रात को आठ-आठ हिस्सों में बांटा जाता है जिन्हें चौघड़िया कहते हैं। इसमें चर, लाभ, अमृत और शुभ वेलाओं को श्रेष्ठ परिणाम देने वाला माना गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. धनतेरस पर खरीदारी का मुख्य मुहूर्त कब से कब तक रहेगा?
पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह 10:49 बजे तक रहेगी, जिस दौरान खरीदारी की जा सकती है।

### 2. धनतेरस के दिन कौन-कौन सी वस्तुएं खरीदना सबसे शुभ माना जाता है?
इस दिन सोना, चांदी, पीतल या तांबे के बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, झाड़ू, साबुत धनिया, नमक और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदना शुभ माना जाता है।

### 3. क्या 7 नवंबर को भी धनतेरस की खरीदारी की जा सकती है?
हां, 7 नवंबर को सुबह 10:49 बजे तक खरीदारी की जा सकती है क्योंकि इसके बाद त्रयोदशी तिथि समाप्त हो जाएगी।

### 4. चांदी खरीदने का विशिष्ट शुभ समय क्या है?
चांदी की खरीदारी के लिए 6 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से लेकर 7 नवंबर की सुबह 06:37 बजे तक का समय बहुत उत्तम बताया गया है।

### 5. धनतेरस के दिन किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है?
इस पावन दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और यमराज की पूजा करने का विधान है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._