कोटा के प्रमुख बाजारों में रक्षाबंधन की भारी धूम, 16 इंच की देव राखी से लेकर अमेरिका तक राखियों का दबदबा कोटा के प्रमुख व्यावसायिक बाजारों में 1 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। 16 इंच की देव राखी, भाई-भाभी सेट और बच्चों की स्टेशनरी राखियों की भारी मांग बनी हुई है। रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर राजस्थान के कोटा शहर में उत्सवी माहौल चरम पर पहुंच चुका है। शहर के तमाम प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों की दुकानें सज गई हैं। पुरानी सब्जीमंडी, अग्रसेन बाजार, रामपुरा, गुमानपुरा, महावीर नगर प्रथम व द्वितीय तथा तलवंडी जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस बार बाजारों में पारंपरिक और आधुनिक कलाकृतियों से सजी राखियों की विशाल शृंखला उपलब्ध कराई गई है, जिसमें राजस्थानी, जोधपुरी, कश्मीरी, जरी वर्क, कच्चा मेटल और कोलकाता की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित राखियां मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। पारंपरिक कला और देव राखियों का खास आकर्षण स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार इस वर्ष हाथ से तैयार की गई पारंपरिक डिजाइन वाली राखियों की मांग में अत्यधिक वृद्धि दर्ज की गई है। श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष रूप से 16 इंच की हस्तनिर्मित राखी तैयार की गई है। भाई की कलाई पर सजाने से पहले श्रद्धालु इस लंबी राखी को भगवान को अर्पित करना बेहद शुभ मान रहे हैं। इसके साथ ही बाजारों में भाई-भाभी के लिए विशेष कपल राखी सेट और महिलाओं के लिए खूबसूरत लूंबा राखियों की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है, जिन्हें लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। बच्चों के लिए अनोखी स्टेशनरी और खिलौना राखियां बाल खरीदारों को लुभाने के लिए इस बार दुकानदारों ने बाजार में कई अनूठे प्रयोग उतारे हैं। पारंपरिक कार्टून पात्रों पर आधारित राखियों के अलावा इस बार पंखे से लैस राखियां, ज्योमेट्री या इंस्ट्रूमेंट बॉक्स वाली राखियां, पेंसिल पाउच राखियां और स्क्रैच कलर कार्ड जैसी अभिनव राखियां बच्चों की पहली पसंद बनी हुई हैं। मनोरंजन और अध्ययन सामग्री का यह अनोखा मेल बच्चों के बीच कौतूहल और खुशी का कारण बना हुआ है। कोटा कोचिंग हब से देश और अमेरिका तक डिलीवरी कोटा को देश का प्रमुख शैक्षणिक और कोचिंग हब माना जाता है, जहां देश भर से लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इन छात्रों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए व्यापारियों ने विशेष पोस्टल लिफाफों के साथ राखी भेजने के व्यापक इंतजाम किए हैं। कारोबारियों ने बताया कि त्योहार की तैयारियां लगभग दो महीने पहले ही शुरू कर दी जाती हैं। कोटा के थोक और खुदरा बाजारों से राखियां न केवल पूरे हाड़ौती अंचल और राजस्थान के जयपुर व जोधपुर जैसे शहरों में भेजी जा रही हैं, बल्कि दक्षिण भारत के चेन्नई तथा अमेरिका जैसे सुदूर देशों तक भी निर्यात की जा रही हैं। हर वर्ग के लिए किफायती दाम और डीआईवाई सामग्री ग्राहकों के हर वर्ग और बजट का ध्यान रखते हुए दुकानदारों ने 1 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की कीमत में राखियां उपलब्ध कराई हैं। हालांकि बाजार के आंकड़ों के अनुसार 200 रुपये से लेकर 300 रुपये की श्रेणी वाली फैंसी राखियां सबसे अधिक बिक रही हैं। व्यापारिक संघों का कहना है कि बीते 15 से 20 वर्षों की तुलना में इस बार थोक और खुदरा दोनों श्रेणियों में ग्राहकों का बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला है। इसके अलावा घर पर खुद राखी बनाने के शौकीन लोगों के लिए मोती, पैंडल और विभिन्न एसेसरीज की बिक्री भी काफी तेजी से हो रही है। इसका आप पर असर व्यापार और ग्राहकों पर असर: रक्षाबंधन पर कोटा के बाजारों में 1 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक के विकल्प उपलब्ध होने से हर वर्ग के लोग अपनी पसंद की राखी खरीद सकते हैं। • भारत में: कोटा के बाजार से चेन्नई और अमेरिका तक विशेष पोस्टल लिफाफों के माध्यम से राखियां भेजी जा रही हैं, जिससे दूर रहने वाले छात्रों और परिवारों के लिए समय पर राखी पहुंचाना आसान हो गया है। • कोटा में: शहर में 15-20 सालों बाद थोक और खुदरा कारोबार में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प कारीगरों और व्यापारियों की आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है। • बच्चों के लिए: स्टेशनरी और पंखे वाली राखियों के विकल्प से बच्चों के लिए त्योहार में पढ़ाई और खेल दोनों का आनंद शामिल हो गया है। • क्रिएटिव खरीदारों के लिए: बाजारों में मोती और पैंडल जैसी एसेसरीज आसानी से मिलने के कारण घर पर राखी बनाने के शौकीन लोग कम लागत में मनपसंद डिजाइन तैयार कर पा रहे हैं। सवाल-जवाब 1. कोटा के बाजारों में राखियों की कीमत की सीमा क्या है? बाजारों में 1 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं, हालांकि 200 से 300 रुपये की फैंसी राखियों की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। 2. कोटा से राखियां किन स्थानों पर भेजी जा रही हैं? कोटा से राखियां पूरे हाड़ौती क्षेत्र, जयपुर, जोधपुर, चेन्नई और अमेरिका जैसे विदेशी स्थानों तक भेजी जा रही हैं। 3. बच्चों के लिए बाजार में कौन सी नई राखियां आई हैं? बच्चों के लिए पंखे वाली राखी, इंस्ट्रूमेंट बॉक्स, पेंसिल पाउच और स्क्रैच कलर कार्ड जैसी अनोखी राखियां उपलब्ध कराई गई हैं। 4. देव राखी की क्या खासियत है? यह 16 इंच लंबी हाथ से बनी विशेष राखी है, जिसे भाई की कलाई पर बांधने से पहले भगवान को अर्पित करने के लिए श्रद्धालु पसंद कर रहे हैं। https://trendkia.com/festivals/kota-ke-pramukha-bajaron-men-rakshabndhana-ki-bhari-dhuma-16-incha-ki-deva-rakhi-se-lekara-america-taka-rakhiyon-ka-dabadaba-22867 TrendKia — Har trend, sabse pehle.