मुजफ्फरपुर के इस्लामपुर बाजार में सावन से पहले हरी चूड़ियों की धूम, कीमत 30 से 5,000 रुपये तक मुजफ्फरपुर के इस्लामपुर बाजार में सावन से पहले ही हरी चूड़ियों और लाह की लहठी की खरीदारी तेज हो गई है, दुकानों में 30 रुपये से 5,000 रुपये तक के डिजाइन उपलब्ध हैं। सावन का महीना दस्तक देने वाला है और मुजफ्फरपुर के इस्लामपुर बाजार में इसकी रौनक अभी से दिखने लगी है। बाजार की गलियों में सुबह से देर शाम तक महिलाओं और युवतियों की भीड़ उमड़ रही है, जो हरे रंग की चूड़ियों और लाह की लहठी की खरीदारी में जुटी हैं। दुकानदारों ने भी इस बढ़ती मांग को भांपते हुए नए डिजाइन और रंगों का बड़ा स्टॉक पहले से तैयार कर रखा है। बरसों पुरानी पहचान, दूर-दूर से पहुंच रही महिलाएं इस्लामपुर बाजार कई वर्षों से चूड़ियों और श्रृंगार के सामान के लिए पहचाना जाता रहा है। सावन के मौसम में यह पहचान और मजबूत हो जाती है, क्योंकि आसपास के दूर-दराज इलाकों से भी महिलाएं यहां खासतौर पर खरीदारी करने पहुंचती हैं। हरे रंग की चूड़ियां और लाह की लहठी सबसे ज्यादा बिकती हैं, क्योंकि सावन के महीने में हरा रंग शुभ और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है, यही वजह है कि सुहागिन महिलाओं की पहली पसंद यही रंग बनता है। पारंपरिक लाख से लेकर वाटरप्रूफ लहठी तक का कलेक्शन स्थानीय दुकानदार मोहम्मद साकिब के मुताबिक सावन शुरू होने से पहले ही ग्राहकों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि इस बार बाजार में ग्राहकों की पसंद के मुताबिक हर तरह के डिजाइन मौजूद हैं। पारंपरिक लाख की लहठी के अलावा आधुनिक और वाटरप्रूफ लहठी का भी बड़ा कलेक्शन दुकानों में सजाया गया है। साकिब ने बताया कि आजकल महिलाएं वाटरप्रूफ लाख की लहठी को सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं, क्योंकि यह लंबे समय तक टिकती है और बारिश के मौसम में भी इसकी चमक फीकी नहीं पड़ती। इसी को देखते हुए इस बार दुकानों में वाटरप्रूफ कलेक्शन के लिए खास इंतजाम किया गया है। 30 रुपये से 5,000 रुपये तक में मिल रहीं चूड़ियां दुकानदारों के अनुसार इस्लामपुर बाजार में 30 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की चूड़ियां और लाह की लहठी उपलब्ध हैं। यानी हर बजट के ग्राहक के लिए यहां विकल्प मौजूद हैं। साधारण डिजाइन वाली चूड़ियों के साथ-साथ स्टोन वर्क, कुंदन और जरी वाली प्रीमियम चूड़ियां भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जो खासतौर पर उन ग्राहकों को लुभा रही हैं जो कुछ खास और अलग डिजाइन की तलाश में रहते हैं। किसी ग्राहक को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहते दुकानदार मोहम्मद साकिब ने बताया कि ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पहले से ही पर्याप्त स्टॉक मंगा लिया गया है, ताकि किसी महिला को अपनी पसंद की चूड़ियां न मिलने पर निराश होकर लौटना न पड़े। उन्होंने कहा कि ग्राहक जिस तरह के डिजाइन की मांग करेंगे, उसी के मुताबिक कलेक्शन उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। इसका आप पर असर • भारत में: सावन के मौसम में हरी चूड़ियों और लाह की लहठी की मांग हर साल बढ़ती है, जिससे देशभर के परंपरागत बाजारों में सुहागिन महिलाओं के लिए यह खरीदारी का बड़ा मौका बनता है। • मुजफ्फरपुर में: इस्लामपुर बाजार में 30 रुपये से 5,000 रुपये तक की चूड़ियां उपलब्ध होने से शहर और आसपास के इलाकों की महिलाओं को अपने बजट के मुताबिक सावन की खरीदारी करने का विकल्प मिलेगा। सवाल-जवाब 1. इस्लामपुर बाजार किस लिए जाना जाता है? यह मुजफ्फरपुर का एक प्रसिद्ध बाजार है जो कई वर्षों से चूड़ियों और श्रृंगार के सामान के लिए जाना जाता है। 2. सावन में हरे रंग की चूड़ियां क्यों खरीदी जाती हैं? सावन के महीने में हरा रंग शुभ और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए सुहागिन महिलाएं इसे खासतौर पर पसंद करती हैं। 3. बाजार में चूड़ियों की कीमत कितनी है? यहां 30 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की चूड़ियां और लाह की लहठी उपलब्ध हैं। 4. वाटरप्रूफ लाख की लहठी क्यों लोकप्रिय हो रही है? यह लंबे समय तक खराब नहीं होती और बारिश के मौसम में भी इसकी चमक बनी रहती है, इसलिए महिलाएं इसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। 5. बाजार में और कौन-कौन से डिजाइन उपलब्ध हैं? साधारण डिजाइन के अलावा स्टोन वर्क, कुंदन और जरी वाली प्रीमियम चूड़ियां भी उपलब्ध हैं। 6. दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए क्या तैयारी की है? दुकानदार मोहम्मद साकिब के मुताबिक ग्राहकों की पसंद को देखते हुए पहले से ही पर्याप्त स्टॉक मंगाया गया है ताकि कोई खाली हाथ न लौटे। https://trendkia.com/festivals/muzaffarpur-ke-islampur-bajara-men-savana-se-pahale-hari-churiyon-ki-dhuma-kimata-30-se-5-000-rupaye-taka-8804 TrendKia — Har trend, sabse pehle.