नवरात्रि की महाष्टमी पर होगी माता महागौरी की विशेष पूजा, जानिए प्रिय पुष्प और शुभ रंग नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। महाष्टमी पर देवी को मोगरे का फूल और नारियल का भोग अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व का आठवां दिन बेहद खास होता है क्योंकि इस तिथि पर मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी की उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस खास दिन को महाष्टमी या दुर्गा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर भक्त माता के दर्शन और पूजन के लिए मंदिरों में लंबी कतारों में खड़े होते हैं और अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। मां महागौरी का स्वभाव और स्वरूप बहुत ही शांत, सुंदर और गौर वर्ण का माना गया है, जिसके कारण उनकी पूजा-अर्चना में रंगों और पुष्पों का विशेष स्थान होता है। इस विशेष दिन पर देवी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार की पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। माता महागौरी का दिव्य और सौम्य स्वरूप धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में मां महागौरी को मां दुर्गा का आठवां स्वरूप बताया गया है। उनका व्यक्तित्व अत्यंत शांत, सौम्य और मन को मोहने वाला है। माता की चार भुजाएं हैं जिनमें से ऊपरी दाहिने हाथ में त्रिशूल सुशोभित है और नीचे वाले दाहिने हाथ में डमरू रहता है। इसके अलावा उनके बाएं हाथ अभय और वर मुद्रा में रहते हैं जो भक्तों को निर्भयता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्हें पवित्रता, करुणा और ममता की मूरत माना जाता है। महाष्टमी के मौके पर तमाम भक्त उनकी आराधना करके अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन चाहते हैं। महाष्टमी पर पहनें इन शुभ रंगों के वस्त्र मां महागौरी की पूजा के दौरान सफेद रंग को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है क्योंकि यह शांति, पवित्रता और सौम्यता का परिचायक है। चूंकि माता का वर्ण भी गौर है इसलिए इस रंग से उनका गहरा संबंध बनता है। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति में लाल रंग को भी शुभता और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। महाष्टमी के पवित्र दिन पर पूजा के वक्त लोग सफेद या लाल रंग के नए या साफ-सुथरे वस्त्र धारण करना पसंद करते हैं। इस दिन पूरी तरह से साफ-सुथरे और सादे कपड़े पहनकर पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ माता की आराधना करना अत्यंत फलदायी साबित होता है। मोगरे के फूल का है खास महत्व माता महागौरी को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा में मोगरे का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। इस फूल की भीनी-भीनी सुगंध और इसका सफेद रंग माता के शांत और निर्मल स्वरूप के साथ पूरी तरह मेल खाता है। महाष्टमी के दिन जब भक्त अपनी पूजा की थाली तैयार करते हैं तो उसमें मोगरे के फूलों को विशेष रूप से शामिल किया जाता है। हालांकि धार्मिक अनुष्ठानों में सबसे महत्वपूर्ण बात बाहरी दिखावे की जगह मन की सच्ची श्रद्धा और भक्ति का भाव होना है, जिसके बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है। नारियल का भोग और प्रसाद का विधान मां महागौरी को भोग लगाने की परंपरा में नारियल और उससे बनी हुई विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का विशेष स्थान है। भक्तगण माता को नारियल की बर्फी, लड्डू और साबुत नारियल श्रद्धा के साथ अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन और विधि-विधान के साथ माता की पूजा करता है, उसे मां का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है। महाष्टमी के इस पावन पर्व पर मां महागौरी की आराधना करते समय सभी पारंपरिक नियमों और पूजा की मर्यादाओं का पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि साधना का पूरा फल मिल सके। सवाल-जवाब 1. नवरात्रि के आठवें दिन किसकी पूजा की जाती है? नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी की पूजा की जाती है। 2. महाष्टमी पर कौन-से रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है? महाष्टमी के दिन सफेद या लाल रंग के साफ-सुथरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। 3. माता महागौरी को कौन-सा फूल सबसे ज्यादा पसंद है? माता महागौरी की पूजा में मोगरे का फूल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। 4. मां महागौरी को किस चीज का भोग लगाया जाता है? मां महागौरी को नारियल और नारियल से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित किया जाता है। https://trendkia.com/festivals/navratri-ki-mahashtami-par-hogi-mata-mahagauri-ki-vishesh-puja-jaaniye-priya-pushp-aur-shubh-rang-48816 TrendKia — Har trend, sabse pehle.