# ओणम उत्सव के बीच केरल में भारी बारिश का खतरा, तटीय क्षेत्रों के लिए जारी हुई चेतावनी

> उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण केरल में ओणम के दौरान भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने आठ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है और तटीय इलाकों में 1.3 मीटर ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी है।

**Type:** article · **Category:** त्योहार · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/festivals/onam-ki-khushiyon-ke-bicha-kerala-men-bhari-barisha-ka-khatara-tatiya-kshetron-ke-lie-jari-hui-chetavani-21069 · **Language:** Hindi
**Tags:** केरल मौसम, ओणम 2024, थिरुवोणम, आईएमडी अलर्ट, कल्लकाडल, भारी बारिश, केरल बारिश

केरल में ओणम के भव्य उत्सव के बीच मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है, जिससे त्योहार की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे एक कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस साल 25 अगस्त को पहला ओणम है, जबकि उत्सव का सबसे प्रमुख दिन 'थिरुवोणम' 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके बाद तीसरे और चौथे ओणम का आयोजन होना है, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान ने प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।

## आठ जिलों में येलो अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम की स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में मुसलाधार बारिश की संभावना जताई है। इसी क्रम में सोमवार को केरल के आठ जिलों, जिनमें कासरगोड, कन्नूर, त्रिशूर, इडुक्की, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम शामिल हैं, में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इसके अलावा, मंगलवार को भी तीन जिलों में यह चेतावनी बरकरार रहेगी और राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा।

राज्य भर के बाजारों, सड़कों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस समय ओणम की जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। लोग परिवार के साथ मिलकर पारंपरिक ओणम दावत और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। केरल में ओणम का त्योहार केवल एक पारिवारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक और सामाजिक रूप से भी बड़े स्तर पर मनाया जाता है। ऐसे में बारिश की आशंका ने तैयारियों को प्रभावित किया है और अधिकारी लगातार बदलती स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

## तटीय इलाकों के लिए 'कल्लकाडल' और ऊंची लहरों की चेतावनी
भारी बारिश के खतरे के साथ-साथ केरल और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए दोनों तटों पर समुद्र में मछली पकड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने तटीय क्षेत्रों में पानी भरने की चेतावनी दी है, जो 'कल्लकाडल' नामक मौसमी घटना के कारण उत्पन्न हो सकती है। अनुमान के अनुसार, सोमवार रात 11.30 बजे तक केरल के तटों पर 0.9 से 1.3 मीटर तक ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं।

## स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए सुरक्षा निर्देश
समुद्र में उठती ऊंची लहरों और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तटीय बस्तियों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। आधिकारिक चेतावनी वापस लिए जाने तक सभी लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने और पानी से जुड़ी किसी भी मनोरंजक गतिविधि में भाग न लेने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही मछुआरों को अपनी नौकाओं को बंदरगाहों में सुरक्षित रूप से बांधकर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।

## इसका आप पर असर
**भारत भर में:** त्योहारों की छुट्टियों के दौरान दक्षिण भारत और विशेष रूप से केरल की यात्रा करने वाले पर्यटकों को तटीय इलाकों और भारी बारिश की चेतावनियों का ध्यान रखते हुए अपनी यात्रा योजना बनानी चाहिए।

**केरल में:** स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और पर्यटकों को 25 और 26 अगस्त को ओणम उत्सव के दौरान जलभराव से बचने और समुद्र तटों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. ओणम के दौरान केरल में भारी बारिश का क्या कारण है?
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

### 2. केरल में पहला ओणम और 'थिरुवोणम' किस तारीख को है?
पहला ओणम 25 अगस्त को है और सबसे मुख्य उत्सव का दिन 'थिरुवोणम' 26 अगस्त को मनाया जाएगा।

### 3. सोमवार को केरल के किन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है?
सोमवार को कासरगोड, कन्नूर, त्रिशूर, इडुक्की, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम समेत आठ जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

### 4. तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति को लेकर क्या चेतावनी दी गई है?
अधिकारियों ने कल्लकाडल की घटना के कारण 0.9 से 1.3 मीटर ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में पानी भरने की चेतावनी दी है, जिसके चलते मछली पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._