# शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की होगी उपासना, जानें 12 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त और प्रमुख शहरों का राहुकाल

> शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन आश्विन शुक्ल द्वितीया पर देवी ब्रह्मचारिणी के पूजन का विधान है। इस दिन के सभी शुभ योग, नक्षत्र और विभिन्न शहरों के राहुकाल समय की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

**Type:** article · **Category:** त्योहार · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/festivals/shardiya-navratri-ke-dusare-dina-man-brahmacharini-ki-hogi-upasana-janen-12-october-ke-shubha-muhurta-aura-pramukha-shaharon-ka-ra-46451 · **Language:** Hindi
**Tags:** नवरात्रि 2026, मां ब्रह्मचारिणी, दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल समय, स्वाती नक्षत्र

शारदीय नवरात्रि का पावन उत्सव अपनी पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रहा है और 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को इस पर्व का दूसरा दिन रहेगा। पंचांगीय गणना के अनुसार यह दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का है। द्वितीया तिथि सोमवार को रात 10 बजकर 14 मिनट तक प्रभावी रहेगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार नवरात्रि के इस दूसरे दिन माता दुर्गा के दिव्य स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण योगों और नक्षत्रों का संयोग लेकर आ रहा है।

## 12 अक्टूबर 2026 की पंचांगीय स्थितियां और नक्षत्र
सोमवार को दिनभर ग्रह और नक्षत्रों की विशेष हलचल देखने को मिलेगी। पंचांग के अनुसार 12 अक्टूबर को रात 8 बजकर 32 मिनट तक विष्कुंभ योग रहेगा, जिसके उपरांत अगला योग आरंभ होगा। नक्षत्र गणना पर नजर डालें तो रात 11 बजकर 53 मिनट तक स्वाती नक्षत्र व्याप्त रहेगा। इसके अतिरिक्त ग्रहों की चाल के अंतर्गत एक बड़ा परिवर्तन भी इस दिन घटित हो रहा है, जिसमें शाम 6 बजकर 49 मिनट पर बुध ग्रह विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति इस दिन की ऊर्जा को और अधिक खास बनाती है।

## दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त और समय सारणी
धार्मिक अनुष्ठानों, जप और शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए दिनभर कई विशिष्ट मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय की बात करें तो सूर्योदय सुबह 06:19 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 05:54 बजे दर्ज किया जाएगा। दिन के मुख्य शुभ अवधियों का विवरण इस प्रकार है

- **ब्रह्म मुहूर्त:** सुबह 04:40 बजे से 05:30 बजे तक
- **प्रातः संध्या:** सुबह 05:05 बजे से 06:19 बजे तक
- **अभिजित मुहूर्त:** दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक
- **विजय मुहूर्त:** दोपहर 02:04 बजे से 02:50 बजे तक
- **गोधूलि मुहूर्त:** शाम 05:56 बजे से 06:21 बजे तक
- **सायाह्न संध्या:** शाम 05:56 बजे से 07:10 बजे तक
- **अमृत काल:** दोपहर 03:55 बजे से शाम 05:34 बजे तक
- **निशिता मुहूर्त:** रात 11:43 बजे से देर रात 12:33 बजे तक (12 अक्टूबर)
- **द्विपुष्कर योग:** रात 09:30 बजे से 10:32 बजे तक

## विभिन्न बड़े शहरों में राहुकाल का समय
किसी भी मांगलिक या नए कार्य को शुरू करने से पहले राहुकाल का विचार करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है, क्योंकि इस अवधि में किए गए कार्यों में विघ्न आने की संभावना रहती है। सोमवार 12 अक्टूबर को देश के विभिन्न प्रमुख नगरों में राहुकाल की समय सीमा इस प्रकार रहेगी

- **दिल्ली:** सुबह 07:47 बजे से सुबह 09:14 बजे तक
- **मुंबई:** सुबह 08:00 बजे से सुबह 09:29 बजे तक
- **चंडीगढ़:** सुबह 07:50 बजे से सुबह 09:16 बजे तक
- **लखनऊ:** सुबह 07:31 बजे से सुबह 08:59 बजे तक
- **भोपाल:** सुबह 07:44 बजे से सुबह 09:11 बजे तक
- **कोलकाता:** सुबह 07:00 बजे से सुबह 08:28 बजे तक
- **अहमदाबाद:** सुबह 08:03 बजे से सुबह 09:30 बजे तक
- **चेन्नई:** सुबह 07:28 बजे से सुबह 08:57 बजे तक

## मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप, महत्व और जप विधि
नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी जाने वाली देवी ब्रह्मचारिणी का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है। यहां ब्रह्म शब्द का तात्पर्य कठोर तपस्या से है, जबकि ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप का आचरण करने वाली देवी होता है। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से मां ब्रह्मचारिणी की आराधना करता है, उसे अपने जीवन के प्रत्येक कार्य और चुनौती में विजय प्राप्त होती है। साधक को हर क्षेत्र में सफलता और दृढ़ निश्चय का आशीर्वाद मिलता है।

यदि कोई व्यक्ति अपने किसी विशेष कार्य में सफलता सुनिश्चित करना चाहता है, तो उसे इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी के सिद्ध मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। मां का बीज मंत्र 'ऊं ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:' है। इस मंत्र का कम से कम एक माला यानी 108 बार विधिवत जप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विभिन्न कार्यों में आने वाली बाधाएं समाप्त होकर जीत निश्चित होती है।

## इसका आप पर असर
नवरात्रि के दूसरे दिन पूजा और शुभ कार्यों की योजना बनाने वाले श्रद्धालुओं को सही मुहूर्त और राहुकाल का विशेष ध्यान रखना होगा।

- **दैनिक पूजा अनुष्ठान:** पूजा-अर्चना के लिए अभिजित मुहूर्त (दोपहर 11:44 से 12:31) और विजय मुहूर्त (दोपहर 02:04 से 02:50) श्रेष्ठ रहेंगे। इन अवधियों में की गई साधना और संकल्प विशेष फलदायी माने जाते हैं।
- **राहुकाल से बचाव:** किसी भी नए कार्य की शुरुआत सुबह 7:00 बजे से 9:30 बजे के बीच अपने शहर के अनुसार न करें। इस समय राहुकाल का प्रभाव रहने से कार्यों में रुकावट आ सकती है।
- **मंत्र जप नियम:** मां ब्रह्मचारिणी के बीज मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। एकाग्रता के साथ किया गया यह जप कार्यों में सफलता और आत्मविश्वास दिलाता है।
- **तिथि का प्रभाव:** आश्विन शुक्ल द्वितीया तिथि रात 10:14 बजे तक ही मान्य रहेगी। इसलिए द्वितीया से संबंधित व्रत और विशेष पूजा इस समय से पूर्व ही संपन्न कर लें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पंचांगीय और धार्मिक विवरण हिंदू काल-गणना, ग्रह गोचर और शारदीय नवरात्रि के निर्धारित तिथि-क्रम पर आधारित है।

- **तिथि और नक्षत्र निर्धारण:** चंद्र गति के आधार पर आश्विन शुक्ल द्वितीया तिथि रात 10:14 बजे तक और स्वाती नक्षत्र रात 11:53 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके कारण दिन के विशेष धार्मिक योग और मुहूर्त निर्धारित हुए हैं।
- **ग्रह परिवर्तन की घटना:** बुध ग्रह का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश शाम 6:49 बजे होने से खगोलीय स्थिति में बदलाव आ रहा है। यह गोचर दिन के पंचांगीय समीकरणों को प्रभावित करता है।
- **नवरात्रि का परंपरा क्रम:** नवरात्रि की नौ रातों में नौ अलग-अलग देवियों के पूजन का शास्त्रसम्मत क्रम है। प्रथम दिन शैलपुत्री पूजन के बाद द्वितीया को ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना का विधान अनादि काल से चला आ रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. 12 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि का कौन सा दिन है और किस देवी की पूजा होगी?
12 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है और इस दिन देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी।

### 2. आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि कब तक रहेगी?
द्वितीया तिथि 12 अक्टूबर सोमवार को रात 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगी।

### 3. मां ब्रह्मचारिणी का सिद्ध मंत्र क्या है और कितनी बार जप करना चाहिए?
मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र 'ऊं ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:' है और इसका कम से कम 108 बार (एक माला) जप करना चाहिए।

### 4. 12 अक्टूबर 2026 को अभिजित और विजय मुहूर्त का समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 02:04 बजे से 02:50 बजे तक रहेगा।

### 5. दिल्ली और मुंबई में 12 अक्टूबर को राहुकाल कब से कब तक रहेगा?
दिल्ली में राहुकाल सुबह 07:47 बजे से 09:14 बजे तक और मुंबई में सुबह 08:00 बजे से 09:29 बजे तक रहेगा।

### 6. बुध ग्रह का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश किस समय होगा?
बुध ग्रह 12 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 49 मिनट पर विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।

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