अचार-चटनी भूल जाइए, राजस्थान की यह पारंपरिक करौंदा सब्जी सिर्फ 5 मिनट में बदल देगी थाली का स्वाद करौंदे को अब तक सिर्फ अचार और चटनी के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन राजस्थान के गांवों में इसकी खट्टी-मीठी सब्जी आज भी बड़े चाव से बनाई जाती है और महज पांच मिनट में तैयार हो जाती है। अचार और चटनी के लिए मशहूर करौंदा अब एक नए अंदाज़ में रसोई में वापसी कर रहा है। राजस्थान के कई गांव-कस्बों में आज भी करौंदे को सब्जी के रूप में पकाया जाता है और इसका खट्टा-मीठा स्वाद खाने वालों की थाली में एक अलग ही रंग भर देता है। सेहत का पिटारा है यह छोटा सा फल करौंदा दिखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके अंदर सेहत का पूरा खजाना छिपा है। इसमें विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद रहते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी यह फल कारगर माना जाता है। यही वजह है कि पारंपरिक रूप से इसे सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के नजरिए से भी अहम माना जाता रहा है। गर्मी और बरसात में बाजार में छा जाता है करौंदा गर्मियों की शुरुआत से लेकर बरसात के मौसम तक बाजार में ताजे करौंदे आसानी से देखने को मिलते हैं। इस सब्जी की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता, महज पांच मिनट में यह कढ़ाई से उतरकर थाली में परोसी जा सकती है। कम समय और कम मेहनत में तैयार होने वाली यह रेसिपी उन लोगों के लिए बेहद मुफीद है, जिनके पास रोज़ाना खाना बनाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं होता। भीलवाड़ा की निशा ने बताया करौंदे का किस्सा भीलवाड़ा में रहने वाली निशा के मुताबिक करौंदा वह फल है जो अमूमन गांव-देहात या खेतों के आसपास आसानी से मिल जाता है। उन्होंने बताया, "इसका आचार-चटनी तो बनता ही है, लेकिन इसकी सब्जी का स्वाद कहीं ज्यादा लाजवाब होता है." निशा के अनुसार इसे घर पर बनाना बेहद आसान काम है और ज्यादा सामान की भी जरूरत नहीं पड़ती। चंद मिनटों में तैयार होने वाली रेसिपी करौंदे की यह देसी सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले करौंदों को साफ पानी से धो लिया जाता है और फिर हर दाने को बीच से चीरकर उसके बीज अलग कर दिए जाते हैं। इसके बाद कढ़ाई में तेल डालकर गर्म किया जाता है और उसमें राई, जीरा तथा एक चुटकी हींग डालकर तड़का तैयार किया जाता है। तड़का लगने के बाद इसमें हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है। मसाले भुनने पर कटे हुए करौंदे कढ़ाई में डाल दिए जाते हैं और धीमी आंच पर करीब दस से पंद्रह मिनट तक पकने दिया जाता है। खट्टे स्वाद को संतुलित करने के लिए इसमें चुटकीभर गुड़ या चीनी भी मिलाई जा सकती है। पकने के बाद ऊपर से हरा धनिया डालकर इसे गरमागरम परोसा जाता है। बाजरे की रोटी से दाल-चावल तक, हर थाली में जंचेगा यह जायका इस सब्जी का असली मजा बाजरे की रोटी, गेहूं की फुल्की, पराठे या फिर दाल-चावल के साथ आता है। कम मसालों और कम सामग्री में बन जाने वाली यह रेसिपी उन लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प है, जो रोज़मर्रा के खाने में कुछ नया और परंपरागत स्वाद जोड़ना चाहते हैं। वक्त के साथ राजस्थान की रसोई से जुड़ी ऐसी कई देसी रेसिपियां धीरे-धीरे गायब होती जा रही हैं, और करौंदे की यह सब्जी भी उन्हीं भूली-बिसरी रेसिपियों में शामिल है, जिसे कम से कम एक बार जरूर आजमाना चाहिए। अगर घर पर कुछ हटकर, सेहतमंद और देसी अंदाज़ का खाना बनाने का मन हो, तो करौंदे की यह झटपट सब्जी थाली का स्वाद कई गुना बढ़ा सकती है। इसका आप पर असर • सेहत के लिहाज से: करौंदे में मौजूद विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद कर सकते हैं, इसलिए इसे खानपान में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. • राजस्थान में: गर्मी और बरसात के मौसम में करौंदा आसानी से उपलब्ध रहता है, इसलिए राजस्थान के घरों में यह सब्जी कम खर्च और कम समय में बनने वाला विकल्प बन सकती है. सवाल-जवाब 1. करौंदे की सब्जी बनाने में कितना समय लगता है? यह सब्जी करीब 5 मिनट में तैयार हो जाती है. 2. करौंदे में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? करौंदे में विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. 3. करौंदा किस मौसम में सबसे ज्यादा मिलता है? गर्मियों और बरसात के मौसम में बाजार में ताजे करौंदे आसानी से मिल जाते हैं. 4. यह सब्जी किसके साथ खाई जा सकती है? इसे बाजरे की रोटी, गेहूं की फुल्की, पराठे या दाल-चावल के साथ परोसा जा सकता है. 5. करौंदे की सब्जी बनाने की विधि किसने बताई? भीलवाड़ा निवासी निशा ने इस पारंपरिक रेसिपी की जानकारी दी. 6. करौंदा आमतौर पर कहां आसानी से मिलता है? करौंदा अक्सर ग्रामीण इलाकों या खेतों के आसपास आसानी से मिल जाता है. https://trendkia.com/food/achara-chatani-bhula-jaie-rajasthan-ki-yaha-parnparika-karaunda-sabji-sirpha-5-minata-men-badala-degi-thali-ka-svada-8555 TrendKia — Har trend, sabse pehle.