बचे हुए भात से तैयार करें स्वादिष्ट और मसालेदार लौकी पुलाव रात के बचे हुए पके चावल को फेंकने या सादा गर्म करने के बजाय घिया और खुशबूदार मसालों के मेल से एक नया जायकेदार भोजन तैयार किया जा सकता है। रात के भोजन के उपरांत यदि पके हुए चावल बच जाएं, तो उन्हें बिना किसी बदलाव के सादा गर्म करके परोसने की बाध्यता नहीं रहती। ऐसे चावल का इस्तेमाल करके रसोई में एक बिल्कुल नया और पौष्टिक पकवान तैयार किया जा सकता है। घरों में अक्सर छोटे बच्चे या वयस्क लौकी जैसी हरी सब्जी खाने में आनाकानी करते हैं। ऐसे सदस्यों को बिना किसी झंझट के घिया खिलाने के लिए चावल के साथ इसका मेल एक बेहतरीन उपाय साबित होता है। जब लौकी को हींग, जीरा और विभिन्न पिसे मसालों के साथ पकाया जाता है, तो इसकी स्वाभाविक फीकी बनावट बदल जाती है और इसका स्वाद सीधे चावल के दानों में समा जाता है। इस व्यंजन की तैयारी में बहुत अधिक समय अथवा विशेष सामग्री की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। आवश्यक सामग्री का माप और अनुपात इस स्वादिष्ट पकवान को बनाने के लिए रसोई में सहज उपलब्ध सामग्रियों का निश्चित अनुपात में होना आवश्यक है। इसमें मुख्य रूप से दो कप पके हुए या पिछली रात के बचे हुए चावल की जरूरत होती है। इसके साथ ही एक कप लौकी की आवश्यकता पड़ती है, जिसे अपनी सुविधानुसार बारीक टुकड़ों में काट लें अथवा कद्दूकस कर लें। स्वाद बढ़ाने के लिए एक मध्यम आकार का बारीक कटा प्याज ले सकते हैं, जिसे डालना पूरी तरह वैकल्पिक है। मसालों और तड़के के लिए दो हरी मिर्च बीच से कटी हुई, एक छोटा चम्मच अदरक और लहसुन का पेस्ट, आधा छोटा चम्मच हल्दी, धनिया पाउडर और आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर या गरम मसाला आवश्यक होता है। तड़का लगाने के लिए दो बड़े चम्मच तेल या शुद्ध घी, हींग, साबुत जीरा और स्वादानुसार नमक की जरूरत होती है। अंत में सजावट और ताजगी के लिए दो से तीन बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया और एक छोटा चम्मच ताजा नींबू का रस चाहिए। सब्जी और तड़के की प्रारंभिक तैयारी पकाने की शुरुआत में लौकी का छिलका उतार लें। यदि लौकी के अंदर कड़े और पके हुए बीज मौजूद हों, तो गूदे से उन्हें अलग करके हटा देना चाहिए। इसके बाद लौकी को या तो छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काटें या फिर कद्दूकस की मदद से बारीक लच्छों में बदल लें। गैस चूल्हे पर एक भारी तले की कढ़ाई रखें और उसमें दो बड़े चम्मच कुकिंग ऑयल अथवा देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उसमें चुटकी भर हींग और साबुत जीरा डालें। जीरे के दानों के चटकते ही कढ़ाई में बारीक कटा प्याज और बीच से कटी हरी मिर्च शामिल करें। प्याज को लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। इसके तुरंत बाद एक छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और कुछ क्षणों तक भूनें, जिससे लहसुन का कच्चापन पूरी तरह समाप्त हो जाए। फिर आंच धीमी करके हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर अथवा गरम मसाला डालकर मसालों को हल्का सा सेंक लें। लौकी पकाने और चावल मिलाने की विधि मसाले अच्छी तरह भुन जाने के बाद कढ़ाई में कद्दूकस की हुई या कटी हुई लौकी डालें और साथ ही स्वादानुसार नमक मिलाएं। करछुल से सभी मसालों और लौकी को एकसार मिला लें। इसके बाद कढ़ाई पर ढक्कन लगाएं और धीमी आंच पर लगभग 4 से 5 मिनट तक पकने दें। लौकी पकने के दौरान स्वाभाविक रूप से अपना पानी छोड़ती है और उसी भाप में नरम हो जाती है, इसलिए इस प्रक्रिया में ऊपर से अतिरिक्त पानी डालने की कोई जरूरत नहीं होती। जब लौकी पूरी तरह गल जाए और तेल मसालों से अलग दिखने लगे, तब इसमें दो कप बचे हुए पके चावल डालें। चावल डालते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें बहुत तेज हाथों से न चलाएं। हल्के हाथ से नीचे से ऊपर की ओर पलटते हुए चावल को लौकी और भुने मसालों के साथ मिलाएं, ताकि चावल का कोई भी दाना टूटे नहीं और हर दाने पर मसालों की परत समान रूप से चढ़ जाए। अंतिम स्पर्श और परोसने का सुझाव चावल और सब्जियों का मिश्रण तैयार हो जाने पर इसमें एक छोटा चम्मच नींबू का रस छिड़कें और दो से तीन बड़े चम्मच बारीक कटा ताजा हरा धनिया ऊपर से डालें। सभी चीजों को एक बार फिर हल्के हाथों से मिलाएं और कढ़ाई को ढक्कन से ढककर ठीक 2 मिनट के लिए हल्की आंच पर रहने दें। ढक्कन बंद रखने से चावल भाप के कारण भीतर तक अच्छी तरह गर्म हो जाते हैं और मसालों, हींग और नींबू का पूरा रस चावल के भीतर समाहित हो जाता है। इस गरमागरम मसालेदार लौकी राइस को सीधे प्लेट में निकालें। इसे ताजे दही के रायते अथवा अपनी मनपसंद तीखी चटनी के साथ परोसा जा सकता है। यह तरीका न केवल भोजन की बर्बादी को रोकता है, बल्कि सादे बासी चावल को एक स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन में बदल देता है। इसका आप पर असर बचे हुए खाने को नया रूप देकर रसोई में खाद्य अपव्यय को रोकने और पोषण बढ़ाने का यह एक व्यावहारिक तरीका है। • किचन बजट और बचत: रात के बचे हुए चावल को फेंकने के बजाय नए भोजन में बदलने से भोजन की बर्बादी रुकती है। इससे घरेलू बजट संतुलित रहता है और कम खर्च में ताजा भोजन तैयार होता है। • आहार में हरी सब्जियां: लौकी न खाने वाले बच्चों और बड़ों को यह डिश बिना किसी विरोध के आवश्यक फाइबर उपलब्ध कराती है। मसालों के स्वाद के कारण सब्जी की फीकी प्रकृति का पता नहीं चलता। • समय की बचत: व्यस्त समय में जब पूरी रसोई तैयार करने का वक्त न हो, तब यह डिश 10 मिनट के भीतर पककर तैयार हो जाती है। यह सुबह के लंच बॉक्स या तुरंत नाश्ते के लिए अत्यंत उपयोगी विकल्प है। • पाचन और स्वास्थ्य: लौकी और जीरा-हींग का तड़का पेट के लिए हल्का और सुपाच्य भोजन तैयार करता है। अत्यधिक तले-भुने खाने से बचने के लिए यह एक संतुलित घरेलू विकल्प बनता है। ऐसा क्यों हुआ अक्सर घरों में रात का खाना बनने के बाद सादे चावल बच जाते हैं, जिन्हें अगली सुबह खाना लोग कम पसंद करते हैं। साथ ही लौकी जैसी पौष्टिक सब्जी को नियमित भोजन में शामिल करने की समस्या को हल करने के लिए इस सम्मिश्रण का उपयोग किया जाता है। • बचे भोजन का प्रबंधन: उबले हुए चावल लंबे समय तक रखने पर सूखने लगते हैं और दोबारा सादा गर्म करने पर उनका स्वाद फीका रहता है। मसालों और रसदार सब्जी के साथ भूनने पर उनमें नई ताजगी और नमी आ जाती है। • सब्जी की बनावट का लाभ: लौकी में जल की मात्रा अधिक होती है, जो धीमी आंच पर पकते समय भाप उत्पन्न करती है। यही प्राकृतिक भाप बिना अलग से पानी डाले पुराने चावल को नरम और गर्म कर देती है। • स्वाद संतुलन की आवश्यकता: लौकी का अपना स्वाद बहुत हल्का होता है, इसलिए हींग, जीरा, हरी मिर्च और नींबू का तड़का इसे तीखा और रुचिकर बना देता है। सवाल-जवाब 1. इस रेसिपी के लिए कितने बचे हुए चावल की आवश्यकता होती है? इस विधि में दो कप पके हुए या रात के बचे हुए चावल का इस्तेमाल किया जाता है। 2. क्या लौकी को पकाने के लिए अलग से पानी डालना पड़ता है? नहीं, लौकी ढककर पकाने पर खुद पानी छोड़ती है, इसलिए अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं होती। 3. लौकी को कितनी देर तक ढककर पकाना चाहिए? कढ़ाई को ढककर धीमी आंच पर लगभग 4 से 5 मिनट तक पकाने से लौकी पूरी तरह गल जाती है। 4. चावल को टूटने से बचाने के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए? चावल को मसालों और लौकी के साथ बहुत हल्के हाथों से मिलाना चाहिए ताकि उसके दाने न टूटें। 5. तैयार लौकी राइस को किसके साथ परोसा जा सकता है? इसे गरमागरम दही के रायते या किसी मनपसंद चटनी के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/bache-hue-bhata-se-taiyara-karen-svadishta-aura-masaledara-lauki-pulava-54018 TrendKia — Har trend, sabse pehle.