बहराइच के मेवतीपुरा का पारंपरिक स्वाद, ₹200 रुपये किलो वाली इस खास मिठाई के आगे फीका पड़ा गुलाब जामुन का क्रेज उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित मेवतीपुरा में वर्षों पुरानी परंपरा से बनने वाली यह खास मिठाई ₹200 प्रति किलोग्राम के किफायती दाम पर मिलती है। 12 रबी उल अव्वल के अवसर पर इसकी मांग इतनी बढ़ जाती है कि प्रतिदिन क्विंटल के हिसाब से बिक्री होती है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में खान-पान का एक ऐसा पारंपरिक स्वाद मौजूद है जो वर्षों से लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। यहाँ मैदा और चीनी की चाशनी से तैयार होने वाली एक बेहद खास मिठाई अपने लाजवाब जायके के कारण पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। मात्र ₹200 प्रति किलोग्राम के किफायती मूल्य पर उपलब्ध यह मिठाई स्वाद के मामले में गुलाब जामुन जैसी लोकप्रिय मिठाइयों को भी पीछे छोड़ देती है। हालाँकि इसकी मांग साल के बारह महीने बनी रहती है, लेकिन विशेष मौकों पर इसकी लोकप्रियता चरम पर पहुँच जाती है। मेवतीपुरा स्थित डेविड होटल की ऐतिहासिक परंपरा बहराइच शहर के प्रसिद्ध मोहल्ला मेवतीपुरा में स्थित डेविड होटल इस पारंपरिक मिठाई का मुख्य केंद्र है। इस प्रतिष्ठान में पिछले कई दशकों से इस स्वादिष्ट मिठाई का निर्माण लगातार किया जा रहा है। यहाँ के कुशल कारीगर पूरी लगन और पुरानी तकनीक के साथ इसे तैयार करते हैं, जिससे इसका मूल स्वाद सालों बाद भी पूरी तरह बरकरार है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इसका स्वाद बड़े-बड़े ब्रांड की मिठाइयों से कहीं अधिक बेहतर है। विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के पवित्र त्योहार 12 रबी उल अव्वल के अवसर पर इस मिठाई की अत्यधिक मांग रहती है। इस धार्मिक उत्सव के दौरान मिठाई की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता होती है। यही कारण है कि 12 रबी उल अव्वल के दौरान डेविड होटल से रोजाना क्विंटल के हिसाब से इस मिठाई की बिक्री होती है और खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती है। पड़ोसी जिलों में भी जबरदस्त क्रेज और दीवानगी इस अनूठी मिठाई की ख्याति केवल बहराइच शहर तक ही सीमित नहीं है। आसपास के पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग खास तौर पर इस मिठाई को खरीदने के लिए मेवतीपुरा पहुँचते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग इस पारंपरिक पकवान का स्वाद बड़े चाव से लेते हैं। किफायती दाम और बेहतरीन स्वाद का यह संगम हर किसी को अपना दीवाना बना लेता है। घर पर बनाने की पूरी विधि और आसान स्टेप्स हालाँकि हलवाइयों का दावा है कि डेविड होटल जैसा हुबहू स्वाद घर पर तैयार करना कठिन है, फिर भी यदि आप इसे अपने रसोईघर में बनाना चाहते हैं तो इसकी रेसिपी काफी सरल है। • मैदा और मोयन तैयार करना: सबसे पहले उत्तम गुणवत्ता का मैदा लें। इसमें डालडा, रिफाइंड तेल या शुद्ध घी मिलाकर अच्छी तरह मोयन दें और पानी की मदद से आटा गूंथ लें। • आकार देना: गूंथे हुए मैदे से गुलाब जामुन के आकार की छोटी-छोटी गोलियाँ बना लें। इसके बाद इन गोलियों को अपनी हथेलियों की मदद से हल्का सा चिपटा कर लें। • तलने की प्रक्रिया: एक कढ़ाई में रिफाइंड तेल या घी गर्म करें और इन चिपटी गोलियों को हल्की और धीमी आँच पर सुनहरा होने तक तल लें। • चाशनी में डुबोना: तलने के बाद इन्हें कढ़ाई से निकालकर हल्का ठंडा होने दें। इसके बाद पहले से तैयार की गई चीनी की स्वादिष्ट चाशनी में इन टुकड़ों को डालें और मात्र 2 मिनट तक उलट-पुलटकर चाशनी पिलाएं। • परोसना: चाशनी से निकालकर 2 मिनट बाद ही यह स्वादिष्ट मिठाई परोसने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसका आप पर असर यह समाचार स्थानीय मिठाई संस्कृति और बजट-अनुकूल खान-पान के विकल्पों को रेखांकित करता है। • भारत भर में: पारंपरिक क्षेत्रीय मिठाइयों की मांग बढ़ने से स्थानीय खाद्य व्यवसायों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उपभोक्ता ब्रांडेड मिठाइयों के बजाय ₹200 प्रति किलोग्राम जैसे बजट-अनुकूल विकल्पों को पसंद कर रहे हैं। • बहराइच और यूपी में: बहराइच के मेवतीपुरा स्थित डेविड होटल से लोग ₹200 किलो की दर से ताजा मिठाई खरीद सकते हैं। त्योहारों के दौरान 12 रबी उल अव्वल पर भारी मांग के कारण समय रहते ऑर्डर देना फायदेमंद रहता है। • घरेलू रसोइयों के लिए: दी गई 2 मिनट चाशनी soaking प्रक्रिया से लोग घर पर भी कम लागत में यह मिठाई तैयार कर सकते हैं। इससे किसी भी पारिवारिक आयोजन पर मिठाई का खर्च काफी घट जाता है। • पर्यटकों के लिए: बहराइच की यात्रा करने वाले लोग मेवतीपुरा जाकर इस प्रामाणिक स्थानीय जायके का आनंद ले सकते हैं। कम दाम में यह मिठाई उपहार के रूप में भी बेहतरीन विकल्प है। सवाल-जवाब 1. बहराइच की इस खास मिठाई का मूल्य कितना है? यह पारंपरिक मिठाई बहराइच में ₹200 प्रति किलोग्राम के किफायती मूल्य पर उपलब्ध है। 2. यह प्रसिद्ध मिठाई बहराइच में कहाँ बनाई जाती है? यह मिठाई बहराइच शहर के मोहल्ला मेवतीपुरा स्थित प्रसिद्ध डेविड होटल में बनाई जाती है। 3. किस त्योहार पर इस मिठाई की मांग सबसे ज्यादा होती है? मुस्लिम समुदाय के पवित्र पर्व 12 रबी उल अव्वल के अवसर पर इस मिठाई की मांग चरम पर होती है। 4. घर पर इस मिठाई को चाशनी में कितनी देर डुबोकर रखा जाता है? तली हुई गोलियों को चाशनी में डालकर मात्र 2 मिनट तक उलट-पुलटकर बाहर निकाल लिया जाता है। 5. क्या बहराइच के बाहर के लोग भी इसे खरीदने आते हैं? हाँ, बहराइच के पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग विशेष रूप से इस मिठाई को खरीदने मेवतीपुरा पहुँचते हैं। https://trendkia.com/food/bahraich-ke-mewatipura-ka-parnparika-svada-200-rupaye-kilo-vali-isa-khasa-mithai-ke-age-phika-para-gulaba-jamuna-ka-kreja-22875 TrendKia — Har trend, sabse pehle.