बहराइच में मात्र 75 रुपये में मिल रही है घर जैसी थाली, श्री अन्न गैलरी में मिलेट्स और मोटे अनाजों का स्वाद उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कृषि भवन परिसर में श्री अन्न गैलरी नाम से एक नई मिलेट्स कैंटीन शुरू की गई है। यहां मात्र 75 रुपये में दाल, चावल, रोटी और रायते जैसी घरेलू थाली के साथ पारंपरिक मोटे अनाजों के व्यंजन परोसे जा रहे हैं। बहराइच के कृषि भवन परिसर में शुरू की गई श्री अन्न गैलरी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार और कृषि विभाग के सहयोग से संचालित इस मिलेट्स कैंटीन में शुद्ध और पौष्टिक खानपान को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां पारंपरिक मोटे अनाजों से तैयार व्यंजनों के साथ आगंतुकों को पूरी तरह घर जैसा भोजन परोसा जा रहा है, जिससे शहर के स्थानीय निवासियों के अलावा बाहर से आकर नौकरी करने वाले कामकाजी लोग भी बड़ी संख्या में यहां भोजन करने पहुंच रहे हैं। मात्र 75 रुपये में मिलती है संपूर्ण थाली कैंटीन के संचालक शिवांग जायसवाल का कहना है कि उनकी प्राथमिकता ग्राहकों को किफायती दाम पर घर जैसा स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराने की है। यहाँ मात्र 75 रुपये की एक थाली में ग्राहकों को अरहर की देसी छिलके वाली दाल, जैविक खेती के जरिए उपजाया गया चावल, गेहूं के आटे की रोटियां, ताजी मौसमी हरी सब्जी, सलाद और बूंदी का रायता परोसा जाता है। यहाँ भोजन करने वाले स्थानीय निवासी विनोद कुमार शुक्ला ने इस खाने की गुणवत्ता की तारीफ करते हुए बताया कि इसका स्वाद पूरी तरह घरेलू भोजन जैसा है। इसके अलावा, उन्होंने भोजन के दौरान पीने के पानी के लिए मिट्टी की बोतलों के इस्तेमाल की भी खास सराहना की है। सुबह से रात तक मिलता है नाश्ता और भोजन यह कैंटीन सुबह 8 बजे से लेकर रात 9 बजे तक ग्राहकों के लिए खुली रहती है। सुबह के समय नाश्ते के रूप में मिलेट्स पोहा, मिलेट्स बिस्किट, गरमागरम पराठे और चाय जैसे कई विकल्प उपलब्ध कराए जाते हैं। कैंटीन के मेनू के मुताबिक, दो पराठों की कीमत 30 रुपये रखी गई है, जबकि पकौड़ी की एक प्लेट 20 रुपये और चाय 12 रुपये में मिलती है। सादा भोजन पसंद करने वाले लोगों के लिए भी यहाँ उचित प्रबंध किए गए हैं। भोजन करते समय मेज पर पानी की व्यवस्था के लिए विशेष तौर पर मिट्टी की बोतलों का उपयोग किया जाता है, जिससे आधुनिकता के बीच पारंपरिक संस्कृति की झलक भी मिलती है। स्थानीय किसानों को मिलता है सीधा बढ़ावा कैंटीन के संचालन से जुड़े शिवांग जायसवाल ने जानकारी दी है कि यहाँ बनने वाले व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्रियां और मसाले सीधे स्थानीय किसानों से खरीदे जाते हैं। प्रबंधन का मुख्य जोर भोजन में मिलावट को रोकने और इसकी उच्च गुणवत्ता को लगातार बनाए रखने पर रहता है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कैंटीन के भीतर प्लास्टिक के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज किया जाता है और पानी केवल मिट्टी की बोतलों में ही परोसा जाता है। इसके अलावा, कैंटीन परिसर में किसान उत्पादक संगठनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री भी की जाती है, जिनमें कोल्ड प्रेस्ड घानी सरसों का तेल, बहराइच का स्थानीय शहद, ज्वार और बाजरे का आटा, तथा विभिन्न प्रकार के मिलेट्स बिस्किट व कुकीज प्रमुख रूप से शामिल हैं। आधुनिक सुविधाएं और बैठने की उत्तम व्यवस्था बहराइच में बाहर से आकर नौकरी, व्यवसाय या अन्य सिलसिले में रहने वाले लोगों के लिए यह कैंटीन खानपान का एक बेहतरीन और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है। ग्राहकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए यहाँ एयर कंडीशनर युक्त बैठने की शानदार व्यवस्था भी पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई गई है, जहाँ लोग आराम से बैठकर अपने भोजन का आनंद ले सकते हैं। यदि आप भी बहराइच में पारंपरिक मिलेट्स व्यंजनों का स्वाद चखना चाहते हैं, तो यह कैंटीन शहर में मेडिकल कॉलेज के बिल्कुल बगल में स्थित कृषि भवन परिसर के भीतर संचालित हो रही है, जहाँ सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक नाश्ते और भोजन की सेवाएँ लगातार जारी रहती हैं। इसका आप पर असर बहराइच में शुरू हुई इस मिलेट्स कैंटीन से आम नागरिकों और कामकाजी लोगों को बेहद कम कीमत पर पौष्टिक भोजन मिलने की सुविधा हुई है। • बहराइच में: स्थानीय नागरिकों और बाहर से आकर नौकरी करने वाले लोगों को मात्र 75 रुपये में घर जैसा शुद्ध भोजन मिल रहा है। इससे कम आय वाले कामकाजी वर्ग के मासिक खर्च में राहत मिलेगी। • भारत में: देश भर में मोटे अनाजों और मिलेट्स के सेवन को बढ़ावा देने की सरकारी मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है। ऐसे केंद्रों से स्थानीय किसानों और कृषि उत्पादों को सीधा बाजार मिल रहा है। ऐसा क्यों हुआ उत्तर प्रदेश सरकार और कृषि विभाग द्वारा पारंपरिक मोटे अनाजों के उपयोग को बढ़ावा देने और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस कैंटीन की शुरुआत की गई है। • सरकारी पहल: मिलेट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि भवन परिसर में इस गैलरी को स्थापित किया गया है। • स्थानीय समर्थन: बाजार में मिलावट से बचने और किसानों को सीधे लाभ पहुँचाने के लिए खाद्य सामग्री स्थानीय उत्पादकों से ही खरीदी जा रही है। • पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक मुक्त पहल के तहत भोजन और पानी की व्यवस्था में मिट्टी के बर्तनों का उपयोग प्राथमिकता से किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. श्री अन्न गैलरी कैंटीन कहाँ स्थित है? यह कैंटीन बहराइच शहर में मेडिकल कॉलेज के बगल में स्थित कृषि भवन परिसर के भीतर संचालित हो रही है। 2. सामान्य थाली की कीमत कितनी है और उसमें क्या मिलता है? मात्र 75 रुपये की थाली में अरहर की दाल, जैविक चावल, रोटी, मौसमी सब्जी, सलाद और बूंदी का रायता दिया जाता है। 3. कैंटीन खुलने और बंद होने का समय क्या है? यह कैंटीन प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहती है। 4. कैंटीन में पीने के पानी के लिए क्या व्यवस्था है? ग्राहकों को टेबल पर पीने का पानी विशेष रूप से मिट्टी की बोतलों में परोसा जाता है। 5. यहाँ कौन-कौन से अतिरिक्त उत्पाद बिकते हैं? यहाँ किसान उत्पादक संगठनों के उत्पाद जैसे घानी सरसों का तेल, स्थानीय शहद, ज्वार-बाजरे का आटा और मिलेट्स बिस्किट मिलते हैं। https://trendkia.com/food/bahraich-mein-75-rupaye-mein-mil-rahi-hai-ghar-jaisi-thali-47152 TrendKia — Har trend, sabse pehle.