बहराइच की पारंपरिक अनरसा मिठाई का जादू, चावल और चीनी से ऐसे तैयार होती है यह खास सौगात बहराइच में त्योहारों के सीजन के दौरान पारंपरिक अनरसा मिठाई की मांग काफी बढ़ जाती है। चावल, चीनी और घी से बनने वाली इस मिठाई का भाव 250 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है और मिठाई की दुकानों पर तरह-तरह के पकवान सजने लगते हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में इस दौरान एक खास पारंपरिक मिठाई की डिमांड आसमान छूने लगती है। यह खास व्यंजन अनरसा है, जिसे मुख्य रूप से चावल और चीनी के मिश्रण से तैयार किया जाता है। स्थानीय स्तर पर इसे बेहद चाव से खाया जाता है और इसका स्वाद लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। कारीगरों की पारंपरिक शैली और व्यापक मांग बहराइच शहर के भीतर आज भी कई कुशल कारीगर पुरानी और पारंपरिक पद्धतियों का पालन करते हुए अनरसा बनाते हैं। जैसे-जैसे पर्व नजदीक आते हैं, वैसे-वैसे इन हलवाइयों की व्यस्तता काफी बढ़ जाती है। इस पारंपरिक मिठाई की पहुंच सिर्फ बहराइच की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके आसपास के पड़ोसी जिलों और कई दूरदराज के क्षेत्रों में भी इसकी नियमित सप्लाई की जाती है। आधुनिक और फैंसी मिठाइयों के बाजार में आने के बाद भी इस पारंपरिक व्यंजन ने अपनी खास जगह और पहचान को बरकरार रखा है। कीमत और स्वाद का अनूठा मेल शहर में बीते कई सालों से अनरसा बनाने और बेचने का काम करने वाले स्थानीय कारीगर आकाश का कहना है कि इस बार बाजार में अनरसा की कीमत 250 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। उनके अनुसार, इसका असली आकर्षण इसका पारंपरिक स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता है, जिसके चलते खरीदार आज भी इसकी ओर खींचे चले आते हैं। बाजार में नए दौर की तमाम मिठाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद बहराइच के इस पारंपरिक अनरसे की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। अनरसा बनाने की आवश्यक सामग्री और शुरुआती तैयारी इस पारंपरिक मिठाई को घर पर या व्यावसायिक स्तर पर तैयार करने के लिए मुख्य तौर पर अरवा चावल, तिल, चीनी, घी और कुकिंग ऑयल की आवश्यकता पड़ती है। प्रक्रिया की शुरुआत में सबसे पहले चावल को साफ पानी से अच्छी तरह धोया जाता है और फिर कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद पानी को पूरी तरह बाहर निकालकर चावल को भली-भांति छाना जाता है, जिससे उसकी अतिरिक्त नमी पूरी तरह निकल जाए। इसके बाद इस सूखे चावल को दरदरा पीसकर एक बढ़िया आटा तैयार किया जाता है। अनरसा के अंदर बेहतरीन स्वाद और सौंधी खुशबू लाने के लिए इसमें तिल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके लिए तिल को पहले से हल्का भून लेना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है कि तिल को बहुत तेज आंच पर न भूना जाए, अन्यथा इसका प्राकृतिक स्वाद और सुगंध खराब हो सकती है। चाशनी बनाने की प्रक्रिया और पेड़े तैयार करना इसके अगले चरण में एक बर्तन के अंदर एक कटोरी चीनी और एक कटोरी पानी को मिलाकर चाशनी उबाली जाती है। इस चाशनी को तब तक पकाया जाता है जब तक कि वह एक तार की स्थिति में न पहुंच जाए। इसके बाद तैयार की गई इस चाशनी में दरदरे पिसे हुए चावल के आटे को डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है। मिश्रण के अंदर जरूरी नरमी और बढ़िया स्वाद जोड़ने के लिए लगभग एक चम्मच शुद्ध घी डालकर इसे अच्छी तरह मिलाया जाता है। इस तैयार मिश्रण को कुछ देर के लिए ठंडा होने के वास्ते छोड़ दिया जाता है। जब यह मिश्रण हाथों से संभालने लायक हो जाता है, तब इसे हाथों की मदद से छोटे-छोटे पेड़े के आकार में ढाल लिया जाता है। तलने की सही विधि और सुनहरी बनावट आकार देने के बाद कड़ाही या किसी गहरे बर्तन में कुकिंग ऑयल को गर्म किया जाता है। तेल को बहुत अधिक खौलता हुआ गर्म करने की बजाय मध्यम तापमान पर रखना सही रहता है। इसके पश्चात तैयार किए गए अनरसा को एक-एक करके सावधानी के साथ कड़ाही के अंदर डाला जाता है और मध्यम आंच पर पकाया जाता है। कुछ देर तक तलने के बाद जब अनरसा अंदर तक अच्छी तरह पक जाता है और उसका बाहरी आवरण सुनहरा नजर आने लगता है, तब उसे तेल से बाहर निकाल लिया जाता है। इसका आप पर असर पारंपरिक अनरसा मिठाई की यह जानकारी स्थानीय खरीदारों, पर्यटकों और त्योहारी सीजन में पकवान खरीदने वाले ग्राहकों के लिए उपयोगी है। • बहराइच में: स्थानीय ग्राहकों और आसपास के जिलों के लोगों को इस पारंपरिक मिठाई के लिए 250 रुपये प्रति किलोग्राम का भुगतान करना होगा। लोग त्योहार के अवसरों पर इसे आसानी से स्थानीय बाजारों से खरीद सकते हैं। • त्योहारी खरीदारी: त्योहारों के दौरान मिष्ठान्न बाजारों में अनरसा की उपलब्धता से पारंपरिक व्यंजनों के शौकीनों को प्रामाणिक स्वाद का विकल्प मिलता है। कारीगरों द्वारा की जाने वाली सप्लाई से मांग और आपूर्ति का संतुलन बना रहता है। सवाल-जवाब 1. बहराइच में अनरसा मिठाई की कीमत क्या है? बहराइच में इस पारंपरिक अनरसा मिठाई की कीमत 250 रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है। 2. अनरसा मुख्य रूप से किन चीजों से तैयार किया जाता है? अनरसा मुख्य रूप से अरवा चावल, तिल, चीनी, घी और कुकिंग ऑयल से तैयार किया जाता है। 3. चावल के आटे में क्या मिलाया जाता है? चावल के आटे में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए हल्के भुने हुए तिल मिलाए जाते हैं। 4. चाशनी की क्या स्थिति होनी चाहिए? चाशनी को तब तक पकाया जाता है जब तक कि वह एक तार की स्थिति में न आ जाए। 5. अनरसा को किस तापमान पर तला जाता है? अनरसा को बहुत तेज गर्म तेल की बजाय मध्यम तापमान वाले तेल में मध्यम आंच पर तला जाता है। https://trendkia.com/food/bahraich-traditional-anarsa-sweet-guide-rice-and-sugar-delicacy-priced-at-rs-250-a-kilo-27652 TrendKia — Har trend, sabse pehle.