बलिया में खास गुड़ वाले आंवला हलवे की धूम, च्यवनप्राश को दे रहा कड़ी टक्कर उत्तर प्रदेश के बलिया में सर्दियों के मौसम में आंवले और गुड़ से बनने वाला विशेष हलवा काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसे तैयार करने में एक हफ्ते का समय लगता है और इसकी मांग आसपास के कई शहरों तक है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जैसे ही मौसम में बदलाव आता है, सेहत और स्वाद से भरपूर आंवले के हलवे की मांग काफी तेजी से बढ़ने लगती है। आम तौर पर लोगों ने सूजी, आटा, बेसन या गाजर का हलवा तो कई बार चखा होगा, लेकिन गुड़ और आंवले के मिश्रण से तैयार होने वाला यह खास व्यंजन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। पारंपरिक रूप से आंवले का इस्तेमाल तमाम घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है और ठंड के दिनों में इस अनोखे हलवे का लुत्फ उठाने के लिए दूर-दराज से लोग यहां पहुंचते हैं। पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री और कड़े तैयार करने की प्रक्रिया दुकान के मालिक प्रियांशु मदनवाल के अनुसार, इस विशेष आंवले के हलवे को बनाने में पूरी तरह से गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें चीनी का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं होता है। सेहत का पूरा ध्यान रखते हुए इसमें काजू और अन्य पौष्टिक मेवे भी मिलाए जाते हैं। इस स्वादिष्ट हलवे की कीमत 600 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जिसे ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक 60 रुपये में 100 ग्राम या 50 ग्राम की मात्रा में भी खरीद सकते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी और मेहनत वाली होती है। एक हफ्ते में तैयार होता है यह स्वास्थ्यवर्धक हलवा प्रियांशु बताते हैं कि इस हलवे को रोजाना सुबह महज एक चम्मच खाने से पूरे शरीर में दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। इसे नेचुरल तरीके से च्यवनप्राश के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है और इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता है। बड़े आकार के देसी गुड़ के साथ उबले और पिसे हुए आंवले का उपयोग होता है। इसके अलावा इसमें कुछ गुप्त मसालों को भी मिलाया जाता है, जो इसके स्वाद और औषधीय गुणों को और बढ़ाते हैं। इस लजीज हलवे को पूरी तरह से तैयार होने में लगभग सात दिन का वक्त लगता है, जिसमें आंवले को क्रश करना, उबालना, पीसना और धूप में सुखाना जैसे कई चरण शामिल होते हैं। दूर-दूर तक है मांग और कहां मिलेगी यह दुकान स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय होने के साथ-साथ इस सेहतमंद हलवे की मांग गोरखपुर, देवरिया और पटना जैसे दूरदराज के महानगरों तक फैली हुई है। अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो बलिया में रेलवे स्टेशन से थोड़ी ही दूरी पर आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के ठीक सामने जा सकते हैं। राज स्वीट्स नाम की इस दुकान पर पहुंचकर लोग इस पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन का आनंद लेते हैं। इसका आप पर असर यह स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन सर्दी के मौसम में लोगों को बेहतर पोषण और ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है। • भारत में: सर्दियों के दौरान पारंपरिक और प्राकृतिक सुपरफूड्स की मांग बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय कारीगरों और मिष्ठान विक्रेताओं को नया कारोबार मिलता है। • बलिया में: स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रेलवे स्टेशन के पास आर्य समाज रोड पर स्थित राज स्वीट्स पर यह खास उत्पाद आसानी से मिल जाता है। ऐसा क्यों हुआ इस विशेष हलवे को तैयार करने के पीछे पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियां और सर्दियों में स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले घरेलू नुस्खे मुख्य कारण हैं। • प्राकृतिक सामग्री का चयन: इसमें चीनी के स्थान पर देसी गुड़ और आंवले का उपयोग किया जाता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। • लंबी निर्माण प्रक्रिया: आंवले को क्रश करने, उबालने, पीसने और धूप में सुखाने की प्रक्रिया में पूरा एक हफ्ता लगता है जिससे इसका पोषक तत्व बरकरार रहता है। सवाल-जवाब 1. बलिया में यह विशेष आंवला हलवा कहां मिलता है? यह हलवा बलिया में रेलवे स्टेशन के पास आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के सामने स्थित राज स्वीट्स पर मिलता है। 2. आंवला हलवे की कीमत क्या है? यह हलवा 600 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है और ग्राहक इसे 60 रुपये में 100 ग्राम या 50 ग्राम भी खरीद सकते हैं। 3. इस हलवे को तैयार करने में कितना समय लगता है? इस स्वादिष्ट हलवे को पूरी तरह तैयार करने में लगभग एक हफ्ते का समय लगता है। 4. क्या इस हलवे में चीनी का इस्तेमाल होता है? नहीं, इस हलवे को पूरी तरह से गुड़ में तैयार किया जाता है और चीनी का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता। https://trendkia.com/food/ballia-mein-khas-gud-wale-amla-halwe-ki-dhoom-51513 TrendKia — Har trend, sabse pehle.