बारिश के मौसम में घर पर बनाएं हलवाई जैसे कुरकुरे मूंग दाल के मंगौड़े, नोट करें यह आसान रेसिपी और खास सीक्रेट टिप्स मॉनसून के इस सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए बेहद आसान स्टेप्स में बनाएं खस्ता मूंग दाल के पकौड़े। जानिए हलवाई जैसा कुरकुरा स्वाद पाने के कुछ जादुई कुकिंग टिप्स। आसमान में काले बादल छाते ही और रिमझिम फुहारें शुरू होते ही हर किसी का मन गरमा-गरम चाय और खस्ता पकौड़े खाने के लिए मचलने लगता है। मॉनसून के इस बेहद खूबसूरत और सुहावने मौसम का मजा दोगुना करने के लिए मूंग दाल के पकौड़े एक बेहतरीन विकल्प हैं। भारत के कई हिस्सों में इन्हें मंगौड़े के नाम से भी जाना जाता है। ये पकौड़े स्वाद में तो लाजवाब होते ही हैं, साथ ही ये चने के बेसन से तैयार होने वाले पारंपरिक पकौड़ों के मुकाबले पेट के लिए काफी हल्के और आसानी से पचने वाले माने जाते हैं। अक्सर लोग यह शिकायत करते नजर आते हैं कि जब भी वे घर पर मंगौड़े बनाते हैं, तो वे बाजार या हलवाई की तरह कुरकुरे नहीं बनते। कई बार पकौड़े तलते समय बहुत ज्यादा तेल सोख लेते हैं, जिससे उनका स्वाद बिगड़ जाता है। अगर आप भी इसी तरह की समस्या का सामना करते हैं, तो अब आपको बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको हलवाई जैसे बेहद क्रिस्पी और स्वादिष्ट मूंग दाल के पकौड़े बनाने की बिल्कुल सटीक विधि और कुछ बेहद आसान मगर जरूरी टिप्स बताने जा रहे हैं। मंगौड़े बनाने के लिए आवश्यक सामग्री स्वादिष्ट और कुरकुरे मूंग दाल पकौड़े तैयार करने के लिए आपको नीचे दी गई सामग्रियों की आवश्यकता होगी। इन सभी सामग्रियों का सही अनुपात में होना बेहद जरूरी है: • मूंग दाल: 1 कप (पानी में अच्छी तरह भीगी हुई) • हरी मिर्च: 2 से 3 (बारीक कटी हुई) • अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ या बारीक कटा हुआ) • ताजा हरा धनिया: आधा कप (बारीक कटा हुआ) • साबुत धनिया: 1 छोटा चम्मच • सौंफ: 1 छोटा चम्मच • हींग: एक चौथाई छोटा चम्मच • मसाले: नमक और लाल मिर्च पाउडर (स्वादानुसार) • तेल: पकौड़ों को डीप फ्राई करने के लिए पर्याप्त मात्रा में दाल को पीसने की सही तकनीक पकौड़ों का कुरकुरापन इस बात पर निर्भर करता है कि आपने दाल को किस तरह पीसा है। सबसे पहले, पहले से भीगी हुई मूंग दाल को एक छलनी में रखकर उसका सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकाल दें। दाल में पानी बिल्कुल नहीं रहना चाहिए। इसके बाद, दाल को मिक्सी के जार में डालें। ध्यान रखें कि आपको पिसाई के दौरान पानी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है। दाल को मिक्सी में लगातार चलाने के बजाय रोक-रोक कर यानी पल्स मोड पर पीसें, ताकि वह एक दरदरा पेस्ट बने। अगर पेस्ट बहुत ज्यादा महीन या पतला हो गया, तो पकौड़े कभी भी कुरकुरे नहीं बनेंगे और वे कढ़ाई में जाते ही बहुत सारा तेल सोख लेंगे। मिश्रण तैयार करने की विधि दरदरी पिसी हुई मूंग दाल को मिक्सी के जार से निकालकर एक बड़े और गहरे बर्तन में डालें। अब इस पिसी हुई दाल में बारीक कटी हुई हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया शामिल करें। इसके साथ ही इसमें हींग, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें। पकौड़ों में असली हलवाई वाला स्वाद लाने के लिए साबुत धनिया और सौंफ को किसी खरल या ओखली में हल्का सा दरदरा कूट लें और फिर इस कुटे हुए मसाले को दाल के मिश्रण में अच्छी तरह मिला दें। सौंफ और खड़ा धनिया पकौड़ों को एक बेहतरीन खुशबू और अनूठा स्वाद प्रदान करते हैं। बैटर को फेंटने का सीक्रेट तरीका सारे मसाले और सामग्रियां डालने के बाद अब बारी आती है सबसे महत्वपूर्ण चरण की, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इस तैयार मिश्रण को अपने हाथों की मदद से केवल एक ही दिशा में लगातार 3 से 4 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें। इस प्रक्रिया से दाल के मिश्रण के भीतर हवा के बुलबुले बन जाते हैं, जिससे बैटर काफी हल्का और फूला हुआ हो जाता है। मिश्रण को अच्छी तरह फेंटने का फायदा यह होता है कि पकौड़े तलने के बाद अंदर से बेहद नरम, जालीदार और हल्के बनते हैं, जबकि उनकी बाहरी परत बेहद कुरकुरी और खस्ता तैयार होती है। कढ़ाई में तलने की कला एक गहरी कढ़ाई में पकौड़े तलने के लिए तेल डालकर गैस पर मध्यम से तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म होने के लिए रख दें। जब तेल अच्छे से गर्म हो जाए, तो गैस की आंच को थोड़ा धीमा कर दें ताकि पकौड़े डालते ही जल न जाएं। अब अपने हाथों से या एक चम्मच की मदद से थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लेकर बेहद सावधानी के साथ गर्म तेल में छोटे-छोटे गोल आकार के पकौड़े डालते जाएं। कड़ाही की क्षमता के अनुसार ही पकौड़े डालें, कड़ाही को बहुत ज्यादा न भरें। सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें पकौड़ों को कड़ाही में डालने के तुरंत बाद करछी या कलछी से बिल्कुल न छुएं और न ही उन्हें तुरंत पलटने की कोशिश करें। उन्हें कुछ सेकंड के लिए तेल में सेट होने दें। जब पकौड़े नीचे की सतह से हल्के से पक जाएं और अपना आकार ले लें, तब उन्हें धीरे से पलटें। इसके बाद आंच को मध्यम से तेज के बीच रखें और पकौड़ों को अलट-पलट कर चारों तरफ से अच्छा सुनहरा भूरा और एकदम कुरकुरा होने तक तलें। जब वे पूरी तरह सुनहरे और क्रिस्पी हो जाएं, तो उन्हें कड़ाही से निकाल लें और एक्स्ट्रा तेल सुखाने के लिए किसी साफ टिश्यू पेपर पर रख दें। चाय और चटनी के साथ उठाएं लुत्फ अब आपके गरमा-गरम, मुंह में पानी ला देने वाले और हलवाई स्टाइल सुपर कुरकुरे मूंग दाल के भजिया यानी मंगौड़े बनकर पूरी तरह तैयार हैं। इन्हें गर्मागर्म परोसने के लिए आप तीखी हरी धनिया-पुदीने की चटनी और खट्टी-मीठी इमली की चटनी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही, एक कप कड़क अदरक वाली चाय बनाना बिल्कुल न भूलें। बारिश की बूंदों के बीच इस लाजवाब इवनिंग स्नैक का आनंद अपने परिवार और दोस्तों के साथ लें और इस हसीन मौसम को और भी खुशनुमा बनाएं। इसका आप पर असर घर पर खाना बनाने वालों के लिए: इस हलवाई-स्टाइल रेसिपी को अपनाकर आप बिना बाहर जाए बेहद कम खर्च में बाजार जैसे कुरकुरे और साफ-सुथरे मंगौड़े तैयार कर सकते हैं, जिससे परिवार का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और पैसे भी बचेंगे। सवाल-जवाब 1. मूंग दाल के पकौड़े अंदर से मुलायम और बाहर से कुरकुरे कैसे बनते हैं? दाल के मिश्रण को सभी मसाले मिलाने के बाद हाथों से एक ही दिशा में 3 से 4 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें। इससे मिश्रण में हवा भर जाती है और पकौड़े अंदर से सॉफ्ट व बाहर से क्रिस्पी बनते हैं। 2. पकौड़े बनाते समय दाल को पीसते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? भीगी हुई दाल से सारा पानी अच्छी तरह निकाल दें और पीसते समय पानी का बिल्कुल उपयोग न करें। दाल को मिक्सी में लगातार पीसने के बजाय पल्स मोड पर दरदरा ही पीसें। 3. मूंग दाल के मंगौड़े तलते समय बहुत अधिक तेल क्यों सोखते हैं और इससे कैसे बचें? यदि दाल बहुत बारीक या पतली पीस ली जाए, तो वे बहुत तेल सोखते हैं। इसके अलावा, तेल को पहले अच्छे से गर्म करें और फिर मध्यम आंच पर तलें। ठंडे तेल में डालने से पकौड़े तैलीय हो जाते हैं। 4. मंगौड़े बनाने में हींग, सौंफ और साबुत धनिया का क्या महत्व है? सौंफ और कुटा हुआ साबुत धनिया पकौड़ों को एक शानदार खुशबू और पारंपरिक हलवाई जैसा स्वाद देते हैं, जबकि हींग मूंग दाल को आसानी से पचाने में मदद करती है। 5. मूंग दाल के पकौड़ों को किस चीज के साथ परोसना सबसे अच्छा होता है? इन्हें तीखी हरी धनिया-पुदीने की चटनी, खट्टी-मीठी इमली की चटनी और कड़क अदरक वाली गरमा-गरम चाय के साथ परोसना सबसे अच्छा माना जाता है। https://trendkia.com/food/barisha-ke-mausama-men-ghara-para-banaen-halavai-jaise-kurakure-moong-dal-ke-mngaure-nota-karen-yaha-asana-resipi-aura-khasa-sikre-6163 TrendKia — Har trend, sabse pehle.