# बारिश में चाय के साथ जमेगा रंग, बिना खोये मिनटों में तैयार होगी पलंगतोड़ मिठाई

> बारिश के मौसम में चाय के साथ खाने के लिए बिना खोये वाली पलंगतोड़ मिठाई घर पर कम सामग्री और आसान तरीके से तैयार की जा सकती है, जिसे बनाने में न ज्यादा सामान चाहिए न घंटों की मेहनत।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/barisha-men-chaya-ke-satha-jamega-rnga-bina-khoye-minaton-men-taiyara-hogi-palangtod-mithai-8171 · **Language:** Hindi
**Tags:** पलंगतोड़ मिठाई रेसिपी, बिना खोये मिठाई, बारिश के मौसम की मिठाई, घर पर मिठाई बनाने की विधि, देसी घी मिठाई, ड्राई फ्रूट्स मिठाई

बारिश की बूंदों के बीच अगर एक कप गरम चाय के साथ कुछ मीठा खाने का मन करे, तो बाजार भागने की जरूरत नहीं है। घर में बिना खोये के भी एक ऐसी मिठाई बनाई जा सकती है, जिसका स्वाद हलवाई की दुकान वाली मिठाइयों को टक्कर देता है। इसे नाम दिया गया है पलंगतोड़ मिठाई, और सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में न तो बहुत सारा सामान चाहिए और न ही घंटों की मेहनत लगती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर उम्र के लोगों को इसका स्वाद पसंद आता है।

## सामग्री क्या-क्या चाहिए
इस मिठाई को बनाने के लिए रसोई में मौजूद चीजें ही काफी हैं। इसके लिए 2 कप गेहूं का आटा, 1 कप देसी घी, 1 कप पिसी हुई चीनी, आधा कप कटे हुए बादाम और काजू, 2 बड़े चम्मच पिस्ता, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर और थोड़ी सी खसखस या सूखा नारियल चाहिए होता है। इतनी सामग्री जुटाकर कोई भी रसोई में उतर सकता है।

## बनाने की आसान विधि
सबसे पहले भारी तले वाले पैन में देसी घी गरम किया जाता है। इसमें गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूना जाता है, जब तक आटे का रंग सुनहरा भूरा न हो जाए। जैसे ही आटे से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का भूरा हो जाए, आंच बंद कर देनी चाहिए।

इसके बाद मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दिया जाता है। ठंडा होने पर इसमें पिसी हुई चीनी, इलायची पाउडर और कटे हुए सूखे मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है। तैयार मिश्रण को चिकनाई लगी ट्रे या प्लेट पर फैलाकर ऊपर से पिस्ता और खसखस या सूखा नारियल छिड़का जाता है।

जब यह मिश्रण जमने लगे, तो इसे चौकोर या डायमंड शेप जैसे मनचाहे आकार में काट लिया जाता है। पूरी तरह ठंडा होने के बाद यह मिठाई खाने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाती है।

## बारिश के मौसम में इसे खास क्यों माना जाता है
चाय के साथ इस मिठाई का स्वाद बारिश के मौसम में और भी निखर जाता है। घी और सूखे मेवों की वजह से इसका स्वाद भरपूर और शाही बन जाता है, और यह पूरी तरह घर पर तैयार होने वाली मिठाई है, इसलिए बाजार से खरीदी गई मिठाई में मिलावट की चिंता भी नहीं रहती।

## बिना खोये वाली मिठाई का फायदा
दूध के ठोस अंश यानी खोये का इंतजाम करना और उसे सही तरीके से पकाना हर किसी के लिए आसान काम नहीं होता। ऐसे में जो लोग कम मेहनत में घर पर स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं, उनके लिए पलंगतोड़ मिठाई एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। इसकी आसान रेसिपी, असली और भरपूर स्वाद, और कुरकुरे-मुलायम टेक्सचर का मेल ही इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है।

## इसका आप पर असर
यह रेसिपी सीधे तौर पर उन घरों के काम आएगी जो बारिश के मौसम में मिठाई पर होने वाला खर्च बचाना चाहते हैं और बिना खोये के आसान तरीके से घर पर शुद्ध व स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं।

- **घर के बजट पर असर:** बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय कम सामग्री में घर पर मिठाई बनाकर पैसे बचाए जा सकते हैं।
- **सेहत और शुद्धता:** घर पर बनने से मिलावट की चिंता खत्म हो जाती है और सामग्री की गुणवत्ता पर पूरा नियंत्रण रहता है।

## सवाल-जवाब

### 1. पलंगतोड़ मिठाई बनाने के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?
2 कप गेहूं का आटा, 1 कप देसी घी, 1 कप पिसी चीनी, आधा कप कटे बादाम-काजू, 2 बड़े चम्मच पिस्ता, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर और थोड़ी खसखस या सूखा नारियल चाहिए।

### 2. क्या इस मिठाई में खोया इस्तेमाल होता है?
नहीं, इस मिठाई को बिना खोये के तैयार किया जाता है।

### 3. आटे को कब तक भूनना चाहिए?
आटे को धीमी आंच पर तब तक भूना जाता है जब तक उसका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए और उसमें से खुशबू आने लगे।

### 4. मिठाई को किस आकार में काटा जाता है?
मिश्रण जमने पर इसे चौकोर या डायमंड शेप जैसे मनचाहे आकार में काटा जाता है।

### 5. यह मिठाई बारिश के मौसम में क्यों खास मानी जाती है?
घी और सूखे मेवों की वजह से इसका स्वाद चाय के साथ बहुत बढ़िया लगता है, इसलिए इसे बारिश के मौसम की खास मिठाई माना जाता है।

### 6. क्या यह मिठाई बनाना मुश्किल है?
नहीं, कम सामग्री और आसान तरीके से यह मिठाई घर पर आसानी से बनाई जा सकती है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._