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  "type": "article",
  "title": "बस्तर के भाटागुड़ा रोड पर लकड़ी की आंच का स्वाद, 10 रुपये में बिकती हैं 200 प्लेट देसी भजिया",
  "summary": "जगदलपुर से कुड़कनार मार्ग पर स्थित बघेल होटल में पारंपरिक आंच पर तैयार प्याज भजिया, दाल बड़ा और मीठा-नमकीन गुलगुला भजिया लोगों को खूब पसंद आ रहा है।",
  "content": "बस्तर जिले के जगदलपुर क्षेत्र में भाटागुड़ा रोड पर स्थित बघेल होटल अपने खास देसी स्वाद के लिए खानपान के शौकीनों के बीच चर्चा में रहता है। आधुनिक गैस चूल्हों के दौर में भी इस छोटे से भोजनालय में पारंपरिक तरीके से खुली आग पर भजिया तैयार की जाती है। इसी पारंपरिक स्वाद का आनंद लेने के लिए न सिर्फ आसपास के ग्रामीण बल्कि जगदलपुर शहर से भी लोग खास तौर पर यहां पहुंचते हैं। रोजाना इस दुकान पर लगभग 200 प्लेट भजिया की बिक्री आसानी से हो जाती है।\n\nकुड़कनार मार्ग पर शाम के वक्त उमड़ती है भीड़\nजगदलपुर से कुड़कनार की तरफ जाने वाले रास्ते पर स्थित यह दुकान शाम होते ही गुलजार हो जाती है। कुड़कनार पुल की सैर करने आने वाले लोग वापसी में गर्मागर्म नाश्ते के लिए यहां रुकना पसंद करते हैं। दुकान पर आने वाले ग्राहकों को केवल 10 रुपये में एक प्लेट स्वादिष्ट भजिया परोसी जाती है, जो इसे बेहद किफायती और लोकप्रिय बनाती है।\n\nसुकल बघेल की 5-6 साल की मेहनत और देसी रेसिपी\nइस होटल का संचालन सुकल बघेल करते हैं, जो पिछले 5 से 6 वर्षों से लगातार इस काम में लगे हुए हैं। सुकल बघेल बताते हैं कि वह देसी तौर-तरीकों का पालन करते हुए लकड़ी की आग पर ही सारा नाश्ता पकाते हैं। ग्राहकों की भारी मांग को देखते हुए सुबह के वक्त से ही कड़ाही चढ़ा दी जाती है और तैयारी शुरू हो जाती है। उनके मेनू में पारंपरिक प्याज भजिया के अलावा दाल बड़ा और बस्तर की पहचान माना जाने वाला प्रसिद्ध गुलगुला भजिया मुख्य रूप से शामिल है।\n\nगुलगुला भजिया और मौसम के अनुसार तैयार चटनी\nयहां बनने वाली प्याज भजिया को बेसन, बारीक कटी प्याज, हरी मिर्च और नमक के मिश्रण से कुरकुरा तला जाता है। वहीं बस्तर के मशहूर गुलगुला भजिया को गेहूं के आटे में चीनी और चुटकी भर नमक मिलाकर बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद हल्का मीठा और नमकीन रहता है। भजिया के साथ परोसी जाने वाली चटनी भी मौसम के अनुसार बदलती रहती है। गर्मियों के दिनों में यहां पुदीने की ठंडक देने वाली चटनी मिलती है, जबकि मौजूदा समय में ग्राहकों को तीखी अदरक और लहसुन की चटनी परोसी जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nसड़क किनारे मिलने वाले इस पारंपरिक नाश्ते से यात्रियों और स्थानीय निवासियों को कम बजट में ताजगी भरा खानपान मिल रहा है।\n\n• बस्तर क्षेत्र में: कुड़कनार पुल और जगदलपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को मात्र 10 रुपये में ताजा और पारंपरिक नाश्ता मिल जाता है। शाम के समय घूमने निकलने वाले लोग कम खर्च में स्थानीय खानपान का आनंद ले सकते हैं।\n• पारंपरिक स्वाद के प्रेमियों के लिए: आधुनिक गैस चूल्हों से दूर लकड़ी की आंच पर बनी चीजें खाने के शौकीनों को असली ग्रामीण स्वाद मिलता है। मौसम के अनुसार मिलने वाली पुदीने या अदरक-लहसुन की चटनी नाश्ते के अनुभव को और बेहतर बनाती है।\n• स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए: रोजाना 200 प्लेटों की लगातार खपत से छोटे स्थानीय ग्रामीण उद्यमियों को सीधा सहारा मिलता है। इससे क्षेत्रीय खानपान की पारंपरिक पहचान भी नई पीढ़ी के बीच बनी रहती है।\n• सैलानियों के लिए: बस्तर घूमने आने वाले पर्यटकों को यहां की अनूठी मीठी-नमकीन गुलगुला भजिया चखने का सीधा अवसर मिलता है। मुख्य मार्ग पर स्थित होने से यात्रा के दौरान बिना भटके यहां रुका जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबघेल होटल की लोकप्रियता आधुनिक शहरीकरण के बीच पारंपरिक चूल्हे के स्वाद और किफायती दामों की वजह से लगातार बढ़ रही है।\n\n• पारंपरिक चूल्हे का आकर्षण: सुकल बघेल ने भोजन पकाने के लिए आधुनिक उपकरणों के बजाय खुली लकड़ी की आंच को प्राथमिकता दी है। आग पर धीमी और लगातार आंच से पकने के कारण भजिया का स्वाद आम दुकानों से अलग और खास बन जाता है।\n• सामरिक भौगोलिक स्थिति: यह होटल भाटागुड़ा रोड पर जगदलपुर से कुड़कनार जाने वाले मुख्य रास्ते पर स्थित है। कुड़कनार पुल एक लोकप्रिय शाम का पिकनिक स्थल है, जिससे लौटने वाले राहगीर स्वाभाविक रूप से यहां नाश्ते के लिए रुकते हैं।\n• किफायती दाम और अनूठा मेनू: केवल 10 रुपये प्रति प्लेट की कीमत के साथ प्याज भजिया, दाल बड़ा और बस्तर की खास गुलगुला भजिया पेश की जाती है। मीठे और नमकीन के संतुलित स्वाद वाला गुलगुला भजिया ग्राहकों को बार-बार खींच लाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बघेल होटल कहां स्थित है?\nयह होटल बस्तर जिले के जगदलपुर में भाटागुड़ा रोड पर स्थित है, जो कुड़कनार की ओर जाने वाले रास्ते पर पड़ता है।\n\n2. इस होटल में भजिया की एक प्लेट की कीमत क्या है?\nयहां एक प्लेट भजिया मात्र 10 रुपये में मिलती है।\n\n3. बघेल होटल में रोजाना कितनी प्लेट भजिया बिकती है?\nइस दुकान पर रोजाना लगभग 200 प्लेट भजिया बिक जाती है।\n\n4. होटल के संचालक कौन हैं और वे इसे कितने समय से चला रहे हैं?\nइस दुकान के संचालक सुकल बघेल हैं, जो पिछले 5-6 वर्षों से यह होटल चला रहे हैं।\n\n5. दुकान पर नाश्ते में कौन-कौन सी चीजें मिलती हैं?\nयहां प्याज भजिया, दाल बड़ा और बस्तर का प्रसिद्ध गुलगुला भजिया मिलता है।\n\n6. गुलगुला भजिया किस चीज से बनता है और इसका स्वाद कैसा होता है?\nगुलगुला भजिया गेहूं के आटे में चीनी और नमक मिलाकर बनाया जाता है, जिसका स्वाद हल्का मीठा और नमकीन होता है।\n\n7. भजिया के साथ कौन सी चटनी परोसी जाती है?\nमौसम के अनुसार चटनी बदलती है; गर्मियों में पुदीने की चटनी और वर्तमान समय में अदरक-लहसुन की चटनी दी जाती है।\n\nप्रेरणा और सबक\nसुकल बघेल का यह छोटा व्यवसाय दिखाता है कि अपनी पारंपरिक जड़ों और सादगी पर टिके रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है।\n\n• परंपरा को ताकत बनाना: आधुनिक उपकरणों की होड़ में पड़े बिना पुरानी देसी पाक कला को बनाए रखना भी मजबूत पहचान दिला सकता है।\n• किफायती मूल्य पर गुणवत्ता: केवल 10 रुपये जैसी न्यूनतम कीमत रखकर भी ग्राहक आधार और रोजाना 200 प्लेटों की ठोस बिक्री तैयार की जा सकती है।\n• स्थानीय पहचान का सम्मान: बाहर की चीजों की नकल करने के बजाय बस्तर के पारंपरिक गुलगुला भजिया को आगे बढ़ाकर उन्होंने अपनी अलग साख बनाई।\n• मेहनत और निरंतरता: पिछले 5 से 6 वर्षों से सुबह जल्दी उठकर कड़ाही चढ़ाना और मौसम के हिसाब से चटनी बदलना लगातार काम के प्रति समर्पण को दर्शाता है।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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