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  "type": "article",
  "title": "छत्तीसगढ़ के बस्तर की प्रसिद्ध खेड़ा भाजी दाल रेसिपी, प्राकृतिक स्वाद के साथ ऐसे बनाएं आमट और सब्जी",
  "summary": "बस्तर के पारंपरिक खानपान में खेड़ा भाजी और उसकी आमट काफी लोकप्रिय है। बहुत कम मसालों से तैयार होने वाली यह पौष्टिक डिश राहल या चना दाल के साथ बनाई जाती है।",
  "content": "छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य बस्तर अंचल का खानपान अपनी सादगी और प्राकृतिक स्वाद के लिए जाना जाता है। यहां के स्थानीय व्यंजनों में खेड़ा भाजी का एक खास स्थान है। कम मसालों और पारंपरिक तरीकों से बनने के कारण इस हरी सब्जी का मूल स्वाद पूरी तरह बरकरार रहता है। बस्तर के ग्रामीण इलाकों में लोग इसे दाल के साथ पकाना पसंद करते हैं, जबकि इसकी आमट भी बेहद चाव से खाई जाती है। बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थानीय बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है।\n\nबरसात में बाड़ी से बाजारों तक की मांग\nबरसात के दिनों में बस्तर के ग्रामीण अपने घरों के पीछे बनी बाड़ियों में खेड़ा भाजी की खेती करते हैं। खेतों और बाड़ियों से तोड़ी गई एकदम ताजी भाजी को जब बाजारों में लाया जाता है, तो यह हाथों-हाथ बिक जाती है। बस्तर के हाट-बाजारों में इस भाजी की आवक होते ही स्थानीय ग्राहक इसे तुरंत खरीद लेते हैं। भारी मसालों से दूर रहने वाले लोग इसके प्राकृतिक स्वाद की वजह से इसे अपनी दैनिक खुराक में शामिल करते हैं।\n\nस्वादिष्ट दाल और खेड़ा भाजी के लिए आवश्यक सामग्री\nखेड़ा भाजी की सब्जी को राहल दाल या चना दाल के साथ आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसे बनाने के लिए 50 ग्राम राहल या चना दाल और 100 ग्राम ताजी खेड़ा भाजी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा दो कटे हुए टमाटर, एक बारीक कटी प्याज, दो कटी हरी मिर्च, एक-चौथाई (1/4) चम्मच हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक की जरूरत पड़ती है। तड़के के लिए थोड़े से तेल का इस्तेमाल किया जाता है।\n\nबनाने की आसान और पारंपरिक विधि\nसबसे पहले दाल को अच्छी तरह धोकर दो गिलास पानी के साथ एक बर्तन में उबलने के लिए रखें। जब दाल हल्की पक जाए, तो इसमें धोकर कटी हुई 100 ग्राम खेड़ा भाजी, कटी हरी मिर्च, हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं। थोड़ी देर पकने के बाद इसमें दो कटे टमाटर डालें। सभी सामग्रियों को धीमी आंच पर लगभग आधे घंटे तक अच्छी तरह गलने दें।\n\nजब दाल और भाजी पूरी तरह पककर एकसार हो जाएं, तब एक दूसरी कढ़ाई में थोड़ा तेल गरम करें। तेल में कटी प्याज और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें। प्याज के भुन जाने पर इसमें पहले से उबली हुई दाल और खेड़ा भाजी का मिश्रण डालकर अच्छी तरह मिला लें। थोड़ी देर पकाने के बाद आपकी देसी अंदाज की भाजी तैयार हो जाती है। इसे गरम चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: पारंपारिक और कम मसालों वाली क्षेत्रीय हरी सब्जियों के प्रति जागरूकता बढ़ती है, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं।\n• बस्तर में: स्थानीय ग्रामीणों को बाड़ी में उगाई गई खेड़ा भाजी की बिक्री से स्थानीय बाजारों में आय का अच्छा अवसर मिलता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. खेड़ा भाजी किस मौसम में उगाई जाती है?\nबस्तर में ग्रामीण बरसात के मौसम में अपने घरों के पीछे बाड़ियों में ताजी खेड़ा भाजी उगाते हैं।\n\n2. खेड़ा भाजी बनाने के लिए किस दाल का उपयोग किया जाता है?\nइस डिश को 50 ग्राम राहल (तुअर) दाल या चना दाल के साथ तैयार किया जाता है।\n\n3. खेड़ा भाजी दाल बनाने में कितनी सामग्री लगती है?\nइसमें 50 ग्राम दाल, 100 ग्राम खेड़ा भाजी, 2 कटे टमाटर, 1 कटी प्याज, 2 हरी मिर्च, 1/4 चम्मच हल्दी powder और स्वादानुसार नमक लगता है।\n\n4. दाल और भाजी को कितनी देर पकाना चाहिए?\nदाल, भाजी और टमाटर को धीमी आंच पर लगभग आधे घंटे तक पकने देना चाहिए।\n\n5. खेड़ा भाजी की सब्जी को किसके साथ परोसा जाता है?\nइस पारंपरिक सब्जी को गर्म चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है।",
  "url": "https://trendkia.com/food/bastar-ki-prasiddha-kheda-bhaji-dal-recipe-prakritika-svada-ke-satha-aise-banaen-aamat-aura-sabji-17377",
  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-08-16",
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    "बस्तर",
    "खेड़ा भाजी",
    "दाल रेसिपी",
    "छत्तीसगढ़ व्यंजन",
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  "site": "TrendKia"
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