# बंगाली निकुटी रेसिपी: रसगुल्ले और संदेश को भूल जाएंगे, घर पर इस आसान विधि से बनाएं यह पारंपरिक मिठाई

> पारंपरिक बंगाली मिठाई निकुटी को घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। यह छेना और मैदे से बनती है जिसका स्वाद सभी को पसंद आता है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/bengali-nikuti-recipe-forget-rasgulla-and-sandesh-learn-how-to-make-this-traditional-sweet-at-home-10910 · **Language:** Hindi
**Tags:** बंगाली मिठाई, निकुटी रेसिपी, छेना रेसिपी, पारंपरिक मिठाई, भारतीय व्यंजन, त्योहारों की मिठाई

भारतीय मिठाइयों की विविधता दुनियाभर में प्रसिद्ध है और इसके साथ ही इसकी पारंपरिक रेसिपी भी काफी अनोखी हैं। ऐसी ही एक लजीज और पारंपरिक बंगाली मिठाई का नाम निकुटी है, जिसे देखने में कई लोग इसे गुलाब जामुन या लंगचा समझ बैठते हैं। हालांकि, इसका अनूठा स्वाद, खास बनावट और इसकी तैयारी का तरीका इसे अन्य मिठाइयों से बिल्कुल अलग ख्याति दिलाता है। बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से रस से भरपूर नरम निकुटी को बंगाल के घरों में विभिन्न पर्वों, पूजा अनुष्ठानों और खास उत्सवों के दौरान विशेष रूप से तैयार किया जाता है।

इस मिठाई की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी भी बहुत महंगी या दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं होती है। यदि आप रोज-रोज एक जैसी मिठाइयों का स्वाद ले लेकर थक चुके हैं और इस बार अपने परिवार को कुछ नया और पारंपरिक परोसना चाहते हैं, तो यह पारंपरिक बंगाली निकुटी रेसिपी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। आइए इसके इतिहास, जरूरी सामग्री और इसे घर पर ही आसानी से तैयार करने की विधि के बारे में विस्तार से जानते हैं।

## क्या है पारंपरिक बंगाली निकुटी की पहचान
पश्चिम बंगाल की खानपान संस्कृति में निकुटी का एक विशेष स्थान है और इसे वहां की पारंपरिक मिठाइयों की सूची में प्रमुखता से गिना जाता है। इस स्वादिष्ट मिठाई को मुख्य रूप से ताजे छेना, मैदा और चीनी की चाशनी का उपयोग करके तैयार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका बाहरी हिस्सा हल्का सा कुरकुरा होता है और अंदर का भाग रस से भरा हुआ बेहद मुलायम होता है। सही विधि से बनाई गई निकुटी मुंह में जाते ही आसानी से घुल जाती है। आज भी पश्चिम बंगाल के कई पारंपरिक परिवारों में दुर्गा पूजा, विवाह समारोहों और अन्य विशेष अवसरों पर इसे बड़े चाव से बनाया जाता है। वक्त के साथ अब यह अनोखी मिठाई देश के दूसरे राज्यों में भी काफी पसंद की जाने लगी है।

## निकुटी तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री और चाशनी बनाने की विधि
इस मिठाई को बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले चाशनी तैयार करने से होती है। इसके लिए एक बर्तन में उचित मात्रा में पानी और चीनी डालकर अच्छी तरह उबाल लें। इसमें फ्लेवर के लिए हरी इलायची मिला दें ताकि एक बेहतरीन और भीनी सी खुशबू आ जाए। इस मिश्रण को लगभग 8 से 10 मिनट तक पकने दें। निकुटी के लिए बहुत ज्यादा गाढ़ी चाशनी बनाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। एक तार से हल्की पतली चाशनी ही इस मिठाई के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है ताकि यह अंदर तक अच्छी तरह रस सोख सके।

अब एक बड़े बर्तन में ताजा छेना लें और उसे अपनी हथेली की मदद से अच्छी तरह मसल लें ताकि उसमें किसी भी प्रकार के दाने न रहें। इसके बाद इसमें मैदा, सूजी और बेकिंग पाउडर को अच्छी तरह मिलाते हुए एक मुलायम आटा गूंथकर तैयार कर लें। अब इस गुंथे हुए आटे से छोटे-छोटे हिस्से तोड़कर उन्हें लंबा या फिर अंडाकार आकार दे दें। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सभी पीस लगभग एक समान आकार के हों ताकि वे कड़ाही में बराबर और एक साथ पक सकें।

## तलने का सही तरीका और चाशनी में भिगोने की प्रक्रिया
आकार देने के बाद एक कढ़ाही में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। अब तैयार की गई निकुटी के टुकड़ों को धीरे-धीरे तेल में डालें और लगातार पलटते हुए सुनहरा भूरा होने तक तलें। यदि आप इन्हें बहुत तेज आंच पर तलेंगे तो बाहर का हिस्सा तो जल्दी पक जाएगा लेकिन अंदर से कच्चा ही रह जाएगा। इसलिए मध्यम आंच पर ही इन्हें पकाना सही रहता है। तलने के तुरंत बाद इन गर्म निकुटी को हल्की गर्म चाशनी के अंदर डाल देना चाहिए। इन्हें लगभग 2 से 3 घंटे तक चाशनी के अंदर ही डूबे रहने दें ताकि मिठाई अंदर तक अच्छी तरह रस सोख ले और खाने में बेहद मुलायम लगे।

## बेहतरीन स्वाद के लिए इन बातों का रखें खास ध्यान
निकुटी का स्वाद मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि आपने छेना किस गुणवत्ता का इस्तेमाल किया है। हमेशा ताजा और मुलायम छेना प्रयोग करने से मिठाई का स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है। कड़ाही में मध्यम आंच पर तलने से निकुटी एक समान रूप से पकती है और उसका रंग भी बहुत आकर्षक नजर आता है। चाशनी की कंसिस्टेंसी का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि अगर चाशनी अत्यधिक गाढ़ी होगी तो निकुटी उसके अंदर ठीक से रस नहीं सोख पाएगी। हल्की और एक तार से कम गाढ़ी चाशनी ही इसका असली स्वाद बरकरार रखती है।

इस पारंपरिक मिठाई को किसी भी त्योहार, जन्मदिन के मौके, पूजा-पाठ, घर आने वाले मेहमानों के स्वागत या फिर वीकेंड की फैमिली गेट-टुगेदर के दौरान आसानी से परोसा जा सकता है। इसे हल्का सा ठंडा करके खाने पर इसका स्वाद और भी अधिक बढ़ जाता है। कई लोग अपनी पसंद के अनुसार इसे मलाईदार रबड़ी या फिर केसर वाले दूध के साथ भी सर्व करते हैं। आज के समय में लोग बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों की तुलना में घर पर ही साफ-सुथरी और ताजी मिठाइयां बनाना ज्यादा पसंद करते हैं। निकुटी जैसी पारंपरिक रेसिपी न केवल स्वाद प्रदान करती है, बल्कि लोगों को भारतीय खानपान की समृद्ध और पुरानी विरासत से भी जोड़ती है। यदि आपने अभी तक अपने घर पर इस अद्भुत मिठाई को नहीं आजमाया है, तो आने वाले अवसरों पर इसे जरूर बनाकर देखें।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** पारंपरिक भारतीय मिठाइयों और घर पर साफ-सुथरे तरीके से पकवान बनाने का शौक रखने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतरीन और नई रेसिपी है जो त्योहारों के मौके पर मिष्ठान्न विकल्पों को बढ़ाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. बंगाली निकुटी मुख्य रूप से किन चीजों से बनाई जाती है?
बंगाली निकुटी मुख्य रूप से ताजे छेना, मैदा, सूजी, बेकिंग पाउडर और चीनी की चाशनी से तैयार की जाती है।

### 2. निकुटी को चाशनी में कितनी देर तक डुबोकर रखना चाहिए?
तले हुए निकुटी के टुकड़ों को लगभग 2 से 3 घंटे तक हल्की गर्म चाशनी में रहने देना चाहिए ताकि वे अच्छी तरह रस सोख सकें।

### 3. निकुटी बनाते समय चाशनी की कंसिस्टेंसी कैसी होनी चाहिए?
निकुटी के लिए बहुत गाढ़ी चाशनी की जरूरत नहीं होती है, एक तार से हल्की पतली चाशनी इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती है।

### 4. क्या निकुटी को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है?
हाँ, इसे घर पर बहुत सामान्य सामग्री और आसान चरणों के साथ आसानी से तैयार किया जा सकता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._