भिंडी की लिसलिसाहट से पाएं हमेशा के लिए छुटकारा, कड़ाही में डालें नींबू के रस की बस 4 से 5 बूंदें भिंडी पकाते वक्त उसकी लिसलिसाहट से परेशान रहते हैं? कड़ाही में नींबू के रस की 4 से 5 बूंदें डालने की यह सरल किचन ट्रिक आजमाएं और पाएं खिली-खिली, कुरकुरी भिंडी हर बार। भिंडी भारतीय रसोई की उन खास सब्जियों में से है जो छोटे-बड़े सभी को पसंद आती है। लेकिन जब भी इसे बनाने की बारी आती है, एक परेशानी लगभग हर किसी का पीछा करती है और वह है इसकी लिसलिसाहट। कई बार अच्छी तरह पकाने के बाद भी भिंडी चिपचिपी रह जाती है, जिससे उसका स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं। अगर आप भी इस परेशानी से जूझते हैं, तो एक बेहद आसान किचन ट्रिक आपकी मदद कर सकती है। आखिर भिंडी लिसलिसी क्यों हो जाती है? भिंडी में प्राकृतिक रूप से म्यूसीलेज नाम का एक चिपचिपा पदार्थ पाया जाता है। जैसे ही इसे काटा या गर्म किया जाता है, यह पदार्थ बाहर आने लगता है और सब्जी को गाढ़ा एवं चिपचिपा बना देता है। अगर भिंडी में नमी ज्यादा हो, या उसे ढककर पकाया जाए, तो यह समस्या और भी बढ़ सकती है। नींबू के रस की 4 से 5 बूंदें बदल देंगी पूरा खेल कई फूड एक्सपर्ट्स का मानना है कि भिंडी बनाते वक्त कड़ाही में नींबू के रस की कुछ बूंदें मिला देने से इस परेशानी से काफी हद तक निजात मिल सकती है। नींबू में मौजूद एसिडिक तत्व भिंडी के चिपचिपेपन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह ट्रिक बेहद आसान है: जब भिंडी आधी पक जाए, उसी वक्त 4 से 5 बूंदें नींबू का रस उसमें डाल दें। बस इतने से भिंडी खिली-खिली और कुरकुरी बनेगी और खाने में भी ज्यादा स्वादिष्ट लगेगी। टमाटर और अमचूर पाउडर भी हैं कारगर विकल्प कुछ लोग भिंडी में टमाटर या अमचूर पाउडर का इस्तेमाल करते हैं और यह भी अच्छा विकल्प है। इन दोनों में हल्की अम्लीयता होती है जो लिसलिसाहट को कम करने में सहायक होती है। हालांकि इन्हें स्वाद के अनुसार ही इस्तेमाल करना चाहिए ताकि भिंडी का असली जायका बना रहे। पकाने से पहले इन बातों का रखें पूरा ध्यान भिंडी को धोने के बाद उसे किसी साफ कपड़े या टिश्यू पेपर से अच्छी तरह पोंछ लेना बहुत जरूरी है। अगर उसमें जरा भी पानी बचा रह गया, तो पकाते समय वह और ज्यादा चिपचिपी हो जाएगी। इसी तरह, काटने से पहले यह सुनिश्चित करें कि चाकू और कटिंग बोर्ड भी पूरी तरह सूखे हों। भिंडी को हमेशा तेज आंच पर पकाएं। तेज आंच से उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी जल्दी उड़ जाती है और वह चिपचिपी नहीं होती। शुरुआत में बार-बार चलाते रहने की बजाय उसे थोड़ी देर खुद पकने दें, इससे वह जल्दी कुरकुरी बनेगी। इन मसालों से निखरेगा भिंडी का स्वाद अगर कुरकुरी भिंडी पसंद है तो उसे जरूरत से ज्यादा न पकाएं। पक जाने के बाद ऊपर से भुना जीरा, धनिया पाउडर और हल्का चाट मसाला छिड़कें, इससे उसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। प्याज के साथ बनाई गई भिंडी भी खूब लाजवाब होती है और उसमें लिसलिसाहट भी कम रहती है। इसका आप पर असर घर पर भिंडी बनाने वालों के लिए यह ट्रिक रोजाना की रसोई को बेहतर बना सकती है: • चिपचिपाहट से मुक्ति: नींबू रस की 4 से 5 बूंदें डालने से भिंडी खिली-खिली बनेगी और उसका स्वाद एवं टेक्सचर दोनों बेहतर होंगे। • बिना अतिरिक्त खर्च के: नींबू, अमचूर पाउडर या टमाटर जैसी आसानी से मिलने वाली चीजें इस समस्या को आसानी से दूर कर सकती हैं। सवाल-जवाब 1. भिंडी में लिसलिसाहट की असली वजह क्या है? भिंडी में प्राकृतिक रूप से म्यूसीलेज नाम का एक चिपचिपा पदार्थ होता है, जो काटने या गर्म करने पर बाहर निकलने लगता है और सब्जी को चिपचिपा बना देता है। 2. नींबू का रस भिंडी में कब और कितनी मात्रा में डालना चाहिए? जब भिंडी आधी पक जाए, उसी वक्त कड़ाही में नींबू के रस की 4 से 5 बूंदें डाल दें। 3. क्या भिंडी को धोने के बाद सीधे काटकर पका सकते हैं? नहीं, धोने के बाद भिंडी को कपड़े या टिश्यू पेपर से अच्छी तरह सुखाना जरूरी है, वरना पकाते वक्त उसकी लिसलिसाहट बढ़ सकती है। 4. नींबू के रस के अलावा और कौन सी चीज इस्तेमाल कर सकते हैं? टमाटर या अमचूर पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि दोनों में हल्की अम्लीयता होती है जो भिंडी की चिपचिपाहट कम करती है। 5. भिंडी को किस आंच पर पकाना चाहिए? तेज आंच पर पकाना बेहतर रहता है क्योंकि इससे अतिरिक्त नमी जल्दी उड़ जाती है और भिंडी चिपचिपी नहीं होती। 6. कुरकुरी भिंडी बनाने के लिए और क्या करें? भिंडी को जरूरत से ज्यादा न पकाएं और पकने के बाद ऊपर से भुना जीरा, धनिया पाउडर और चाट मसाला छिड़कें। प्याज के साथ बनाई भिंडी भी बेहद स्वादिष्ट होती है। https://trendkia.com/food/bhindi-ki-lisalisahata-se-paen-hamesha-ke-lie-chhutakara-karahi-men-dalen-ninbu-ke-rasa-ki-basa-4-se-5-bunden-2475 TrendKia — Har trend, sabse pehle.