# भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए घर पर इस आसान विधि से तैयार करें तीखा और चटपटा राजस्थानी हरी मिर्च का अचार

> भीलवाड़ा की एक गृहणी द्वारा बताई गई इस पारंपरिक विधि से आप घर पर ही बेहद स्वादिष्ट और लंबे समय तक चलने वाला हरी मिर्च का अचार तैयार कर सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/bhojana-ka-svada-barhane-ke-lie-ghara-para-isa-asana-vidhi-se-taiyara-karen-tikha-aura-chatapata-rajasthani-hari-mircha-ka-achara-5804 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरी मिर्च का अचार, राजस्थानी रेसिपी, अचार रेसिपी, भीलवाड़ा समाचार, घरेलू उपचार

राजस्थान और मेवाड़ के पारंपरिक खानपान में तीखे और चटपटे व्यंजनों का हमेशा से एक खास स्थान रहा है। यहां के लोगों के भोजन की थाली बिना किसी तीखे स्वाद के अधूरी सी लगती है। चाहे रोज का सादा भोजन हो या कोई विशेष पकवान, थाली में मौजूद अचार खाने के जायके को कई गुना बढ़ा देता है। अगर आप भी अपने भोजन के स्वाद को एक नया मोड़ देना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से बनने वाला हरी मिर्च का पारंपरिक अचार एक बेहतरीन विकल्प है। यह अचार दाल, रोटी, पराठा, पूरी और विभिन्न प्रकार की सब्जियों के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है और हर निवाले का मजा बढ़ा देता है। इसे कम मेहनत में रसोई के बुनियादी मसालों से ही तैयार किया जा सकता है।

## पारंपरिक अचारों से अलग एक बेहतरीन विकल्प
यदि आप लगातार कच्ची कैरी, लसूड़े या कैर का अचार खाकर कुछ नया आजमाना चाहते हैं, तो हरी मिर्च का यह अचार आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है। भीलवाड़ा शहर की राधा कृष्ण कॉलोनी की रहने वाली गृहणी मंजू देवी बताती हैं कि अचार भोजन की थाली की रौनक और स्वाद बढ़ाने का काम करता है। घर पर तैयार होने वाला मिर्च का यह अचार न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसे बनाना भी काफी आसान है। ताजी हरी मिर्च, सरसों का तेल और रसोई में आसानी से मिलने वाले मसालों से तैयार होने वाला यह अचार सेहत के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। इस अचार की सबसे अच्छी बात यह है कि यह बहुत जल्दी बनकर तैयार हो जाता है और सालों-साल खराब भी नहीं होता है।

## अचार बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस स्वादिष्ट राजस्थानी अचार को तैयार करने के लिए सबसे पहले आपको लगभग 500 ग्राम ताजी और मोटी हरी मिर्च की आवश्यकता होगी। अचार के लिए मोटी मिर्च सबसे उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि इनमें मसाला भरना आसान होता है और इनका तीखापन भी मध्यम होता है। इसके साथ ही आपको कुछ खास मसालों की जरूरत पड़ेगी, जिनमें दरदरा पिसा हुआ राई का पाउडर, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हींग और खटास के लिए थोड़ा अमचूर पाउडर या नींबू का रस शामिल है। इसके अलावा, अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और उसका असली स्वाद लाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले सरसों के तेल की आवश्यकता होगी। ये सभी सामग्री आसानी से किसी भी भारतीय रसोई में मिल जाती हैं।

## तैयारी और मसाला भरने की विधि
अचार बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहला और महत्वपूर्ण काम हरी मिर्च को अच्छी तरह से धोना है। धोने के बाद मिर्च को पूरी तरह से सुखाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यदि मिर्च में थोड़ी सी भी नमी रह गई तो अचार बहुत जल्दी खराब हो सकता है। जब मिर्च पूरी तरह सूख जाए, तो उसके बीच में लंबाई में एक हल्का चीरा लगाएं। अब एक अलग बर्तन में दरदरी पिसी राई, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हींग और अमचूर पाउडर या नींबू के रस को आपस में अच्छी तरह मिलाकर एक सूखा मसाला तैयार कर लें। इसके बाद, तैयार मसाले को चीरा लगाई गई सभी हरी मिर्चों के अंदर अच्छी तरह से भर दें। ध्यान रखें कि मसाला हर मिर्च में बराबर और अंदर तक भरा होना चाहिए।

## संरक्षण और धूप में पकाने का तरीका
मिर्चों में मसाला भरने के बाद, एक कड़ाही में सरसों का तेल डालकर उसे तब तक गर्म करें जब तक कि उसमें से धुआं न निकलने लगे। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को पूरी तरह से ठंडा होने के लिए रख दें। इस बीच, मसाला भरी हुई मिर्चों को एक साफ और सूखे कांच के जार में व्यवस्थित तरीके से रख लें। जब सरसों का तेल पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो उसे जार में ऊपर से डालें। ध्यान रखें कि तेल इतनी मात्रा में होना चाहिए कि सभी मिर्च उसमें अच्छी तरह से डूब जाएं। तेल में डूबा रहने के कारण अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता है। अब जार का ढक्कन बंद करके उसे लगभग 3 से 5 दिनों के लिए धूप में रखें। हर दिन एक बार साफ और सूखे चम्मच से अचार को हल्के हाथों से हिलाएं ताकि मसाले और तेल ठीक से मिल जाएं। कुछ ही दिनों में आपका तीखा और चटपटा राजस्थानी हरी मिर्च का अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा। इसे निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का ही उपयोग करें ताकि इसमें नमी न जा सके।

## इसका आप पर असर
**पाठकों के लिए व्यावहारिक प्रभाव:**

- यह पारंपरिक रेसिपी भोजन प्रेमियों और घरेलू रसोइयों को बिना किसी कृत्रिम प्रिजर्वेटिव के घर पर ही एक स्वादिष्ट, हाइजीनिक और लंबे समय तक चलने वाला अचार बनाने में मदद करती है, जिससे रोजाना के भोजन का स्वाद बढ़ जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. हरी मिर्च के अचार को खराब होने से बचाने का मुख्य उपाय क्या है?
मिर्च को धोने के बाद पूरी तरह सुखाना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, अचार को कांच के सूखे जार में रखें और उसमें इतना ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डालें कि मिर्च पूरी तरह से डूब जाएं।

### 2. अचार तैयार करने में कितने दिनों की धूप की आवश्यकता होती है?
मसाला भरी मिर्चों को जार में तेल डालकर बंद करने के बाद लगभग 3 से 5 दिनों के लिए धूप में रखना चाहिए।

### 3. मसाले के मिश्रण में कौन-कौन सी सामग्रियां इस्तेमाल की जाती हैं?
स्टफिंग के लिए दरदरी पिसी राई, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हींग और खटास के लिए अमचूर पाउडर या नींबू के रस का मिश्रण तैयार किया जाता है।

### 4. अचार में डालने से पहले सरसों के तेल को गर्म क्यों किया जाता है?
सरसों के तेल को धुआं निकलने तक गर्म करने से उसका कच्चापन और तीखी गंध दूर हो जाती है, जिससे ठंडा होने पर यह अचार को सुरक्षित रखने का बेहतर काम करता है।

### 5. यह अचार किन व्यंजनों के साथ सबसे अच्छा मेल खाता है?
यह तीखा और चटपटा अचार दाल, रोटी, पराठा, पूरी और लगभग सभी तरह की सूखी व रसेदार सब्जियों के साथ खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है।

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