बिना दाल भिगोए झटपट बनाएं सूजी के क्रिस्पी वड़े, तीखी हरी और टमाटर की चटनी के साथ परोसें दाल भिगोने और पीसने के लंबे झंझट के बिना सूजी से तैयार करें बेहद कुरकुरे वड़े। केवल कुछ बुनियादी मसालों और पानी के साथ यह स्वादिष्ट नाश्ता बेहद कम समय में बनकर तैयार हो जाता है। पारंपरिक वड़ा बनाने के लिए अक्सर दाल को घंटों पहले भिगोना और फिर बारीक पीसना पड़ता है, जिसमें काफी समय खर्च होता है। यदि आप बिना किसी लंबी तैयारी के अचानक कुछ गरमागरम और बेहद कुरकुरा नाश्ता बनाना चाहते हैं, तो सूजी का वड़ा एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने के लिए रसोई में मौजूद सामान्य सामग्री का ही इस्तेमाल होता है, जिससे यह बहुत ही सरल और स्वादिष्ट व्यंजन बन जाता है। आवश्यक सामग्री का सही नाप इस नाश्ते को तैयार करने के लिए बहुत सीमित और बुनियादी चीजों की आवश्यकता पड़ती है। इसमें मुख्य सामग्री के रूप में एक कटोरी सूजी का उपयोग होता है। इसके अलावा तड़के और तलने के लिए दो चम्मच तेल, स्वादानुसार नमक, एक चम्मच भुना हुआ जीरा तथा एक चम्मच कुटी हुई लाल मिर्च या लाल मिर्च के दाने आवश्यक होते हैं। तरल मिश्रण तैयार करने के लिए करीब दो गिलास सामान्य पानी की जरूरत पड़ती है। मिश्रण पकाने की आसान विधि सबसे पहले गैस पर एक कड़ाही चढ़ाकर उसे मध्यम आंच पर गर्म होने दें। कड़ाही में दो चम्मच तेल डालें और तेल के गर्म होते ही उसमें भुना जीरा और लाल मिर्च के दाने डाल दें। इन मसालों को कुछ सेकंड के लिए हल्का भून लें ताकि उनका स्वाद तेल में अच्छी तरह उतर जाए। इसके तुरंत बाद कड़ाही में लगभग दो गिलास पानी डालें और साथ में स्वादानुसार नमक मिला दें। पानी को तब तक गर्म करें जब तक उसमें उबाल के लक्षण न दिखने लगें। जैसे ही पानी पर्याप्त गर्म हो जाए, उसमें एक कटोरी सूजी को धीरे-धीरे डालते हुए लगातार कलछी से चलाते रहें। इस दौरान सूजी को बिना रुके मिलाना बहुत जरूरी होता है ताकि किसी भी तरह की गांठ न बने। सूजी को पानी में तब तक पकाना चाहिए जब तक कि वह सारा पानी सोख न ले और गाढ़ा होकर किसी मुलायम आटे की तरह सिमटने न लगे। जब मिश्रण पूरी तरह गाढ़ा और एकसार हो जाए, तो आंच बंद कर दें। पेड़े बनाने और आकार देने का तरीका पके हुए सूजी के गाढ़े मिश्रण को एक चौड़ी थाली या किसी दूसरे बर्तन में निकाल लें और कुछ समय के लिए खुला छोड़ दें ताकि वह छूने लायक ठंडा हो जाए। जब मिश्रण हल्का गुनगुना या ठंडा हो जाए, तो हाथों की मदद से उसे अच्छी तरह मसलकर एक जैसा कर लें। इसके बाद मिश्रण में से छोटे-छोटे हिस्से लेकर गोल पेड़े बना लें। प्रत्येक पेड़े को दोनों हथेलियों के बीच रखकर हल्का सा दबाएं और उसे सुंदर वड़े का गोल चपटा आकार दे दें। इसी तरह पूरे मिश्रण से सभी वड़े बनाकर प्लेट में रख लें। मध्यम आंच पर तलने और परोसने का नियम वड़े तलने के लिए कड़ाही में पर्याप्त तेल डालकर उसे अच्छी तरह गर्म कर लें। जब तेल सही तापमान पर आ जाए, तो तैयार किए गए वड़ों को सावधानीपूर्वक एक-एक करके कड़ाही में छोड़ें। आंच को मध्यम रखें और वड़ों को दोनों तरफ से पलटते हुए तब तक तलें जब तक कि उनका बाहरी हिस्सा पूरी तरह कुरकुरा न हो जाए और रंग आकर्षक सुनहरा भूरा न दिखे। जब वड़े अच्छी तरह पक जाएं, तो उन्हें तेल से निकालकर टिशू या प्लेट में रख लें। इन गरमागरम वड़ों को खट्टी-मीठी टमाटर की चटनी, तीखी हरी चटनी या अपनी किसी भी मनपसंद चटनी के साथ तुरंत परोसा जा सकता है। इसका आप पर असर यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक है जो दाल भिगोने के लंबे इंतजार के बिना तुरंत स्वादिष्ट और कुरकुरा नाश्ता तैयार करना चाहते हैं। • समय की बचत: दाल भिगोने और पीसने में लगने वाले घंटों की बचत होती है। अचानक मेहमान आ जाने पर इसे केवल 15 से 20 मिनट के भीतर बनाया जा सकता है। • किफायती सामग्री: इसमें किसी भी महंगी या खास सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। रसोई में मौजूद सूजी, नमक, जीरा और मिर्च जैसी बुनियादी चीजों से ही यह नाश्ता बन जाता है। • परफेक्ट टेक्सचर: सूजी का आटा सही अनुपात में पकने से बाहर से बेहद कुरकुरा और अंदर से नरम बनता है। इसे चाय के समय या शाम के स्नैक्स में आसानी से शामिल किया जा सकता है। • परोसने में विविधता: यह नाश्ता हर तरह की पारंपरिक चटनी के साथ मेल खाता है। इसे टमाटर सॉस, नारियल चटनी या तीखी धनिया चटनी के साथ सर्व किया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक मेदू वड़ा या दाल वड़ा बनाने के लिए दाल को चार से छह घंटे पहले पानी में फुलाना और मिक्सी में पीसना अनिवार्य होता है, जिससे तुरंत नाश्ता बनाना संभव नहीं हो पाता। इसी समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए सूजी आधारित वड़े का तरीका अपनाया जाता है। • सूजी का प्राकृतिक गुण: सूजी गर्म पानी को तेजी से सोखकर तुरंत फूल जाती है और आटे जैसी सघन बनावट ले लेती है। इससे बिना किसी अतिरिक्त बाइंडिंग एजेंट के मिश्रण को पेड़े का आकार देना आसान हो जाता है। • मसालों का प्रारंभिक तड़का: उबलते पानी में भुना जीरा और कुटी लाल मिर्च डालने से मसालों का स्वाद पूरे आटे में एकसमान फैल जाता है। इससे तलते समय वड़े के हर हिस्से में संतुलित तीखापन और खुशबू बनी रहती है। • मध्यम आंच पर तलने की जरूरत: सूजी के आटे को यदि तेज आंच पर तला जाए तो वह बाहर से जल सकता है और अंदर से कच्चा रह सकता है। मध्यम आंच पर तलने से नमी धीरे-धीरे वाष्पीकृत होती है, जिससे बाहरी परत कुरकुरी और सुनहरी बनती है। सवाल-जवाब 1. सूजी के वड़े बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है? इसके लिए एक कटोरी सूजी, दो चम्मच तेल, स्वादानुसार नमक, एक चम्मच भुना जीरा, एक चम्मच लाल मिर्च के दाने और लगभग दो गिलास पानी की जरूरत होती है। 2. सूजी को पानी में कब तक पकाना चाहिए? सूजी को लगातार चलाते हुए तब तक पकाना चाहिए जब तक कि वह सारा पानी सोख न ले और गाढ़ा होकर आटे जैसा न बन जाए। 3. वड़ों को आकार देने से पहले मिश्रण को ठंडा करना क्यों जरूरी है? मिश्रण को थोड़ा ठंडा करने से वह छूने लायक हो जाता है और हाथों से मसलकर आसानी से पेड़े व वड़े का आकार दिया जा सकता है। 4. वड़ों को किस तरह की आंच पर तलना चाहिए? वड़ों को मध्यम आंच पर तब तक तलना चाहिए जब तक कि उनका रंग सुनहरा भूरा और बाहरी भाग पूरी तरह कुरकुरा न हो जाए। 5. इन गरमागरम वड़ों को किस चीज के साथ परोसा जा सकता है? इन्हें तीखी हरी चटनी, टमाटर की चटनी या अपनी किसी भी मनपसंद चटनी के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/bina-dala-bhigoe-jhatapata-banaen-suji-ke-krispi-vare-tikhi-hari-aura-tamatara-ki-chatani-ke-satha-parosen-46503 TrendKia — Har trend, sabse pehle.