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  "title": "बिना मिलावटी तेल के घर पर ही तैयार करें बेहद कुरकुरी और मसालेदार चना दाल नमकीन, जानें आसान तरीका",
  "summary": "बाजार की डिब्बाबंद नमकीन में पुराने तेल की बदबू से परेशान हैं, तो घर पर ही शुद्ध तेल और खास मसालों से कुरकुरी चना दाल नमकीन बनाएं। भिगोने से लेकर तलने और मसाला मिलाने की पूरी आसान विधि यहाँ देखें।",
  "content": "चाय का समय हो और साथ में कुछ चटपटा, कुरकुरा और तीखा खाने को न मिले, तो स्नैक टाइम अधूरा सा लगता है। अक्सर लोग बाजार में मिलने वाली डिब्बाबंद चना दाल नमकीन खरीदते हैं, लेकिन बाजार की नमकीन में कई बार एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जाता है। इससे नमकीन में पुराने या जले हुए तेल की अजीब महक आने लगती है जो सेहत के लिए भी सही नहीं होती। इसके बजाय आप अपने घर में बहुत ही आसानी से शुद्ध तेल और अपनी पसंद के मसालों का उपयोग करके एकदम क्रंची चना दाल नमकीन तैयार कर सकते हैं। सही विधि और सही नाप के साथ बनाई गई यह नमकीन न केवल स्वाद में बाजार से बेहतर होती है, बल्कि इसे हफ़्तों तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है।\n\nचना दाल को भिगोने और सुखाने की प्रक्रिया\nस्वादिष्ट और खस्ता नमकीन बनाने के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण दाल की सही तैयारी है। इसके लिए सबसे पहले 1 कप साधारण चना दाल लें, जिसे आप रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल करते हैं। इस दाल को एक बड़े बर्तन में निकालें और उसमें पर्याप्त मात्रा में पानी डालें। अब इसमें एक चौथाई चम्मच मीठा सोडा (बेकिंग सोडा) मिला दें। मीठा सोडा डालने से चना दाल अंदर तक अच्छी तरह फूलती है और तलने के बाद ज्यादा कुरकुरी बनती है। दाल को लगभग 6 से 8 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। समय पूरा होने पर आप पाएंगे कि चना दाल का आकार फूलकर दोगुना हो चुका है।\n\nभिगोने के बाद अगला कदम सोडा को पूरी तरह से साफ करना है। इसके लिए भीगी हुई चना दाल को 3 से 4 बार साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। दाल को तब तक धोते रहें जब तक कि बर्तन से निकलने वाला पानी एकदम साफ न दिखने लगे। जब पानी पूरी तरह से साफ होने लगे, तब धोना बंद कर दें और सारा पानी छान लें। इसके बाद एक साफ और मोटा सूती कपड़ा लें और उस पर धुली हुई दाल को फैला दें। दाल के ऊपर एक दूसरा कपड़ा डालकर हल्का दबाएं ताकि दाल की ऊपरी सतह की अतिरिक्त नमी सूख जाए। ध्यान रखें कि दाल को सिर्फ सुखाना है, उसे धूप में कड़ा नहीं करना है।\n\nदो खास तरह के मसालों का संयोजन\nनमकीन का असली स्वाद उसके मसालों में छिपा होता है। इस रेसिपी में दो अलग-अलग मसालों का बेहतरीन तालमेल तैयार किया जाता है। पहला तीखा और खट्टा मसाला बनाने के लिए 1 चम्मच चाट मसाला लें। इसके साथ एक चौथाई चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 चम्मच आमचूर पाउडर, थोड़ा सा सादा नमक, थोड़ा काला नमक, एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर और स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर लें। इन सभी सूखे मसालों को मिक्सी के जार में डालें और एक बार अच्छी तरह चलाकर बारीक पाउडर बना लें। यह मसाला नमकीन को पारंपरिक चटपटा स्वाद देता है।\n\nइसके साथ ही नमकीन में अनोखा खट्टा-मीठा और ताजा स्वाद जोड़ने के लिए दूसरा मसाला तैयार किया जाता है। इसके लिए 1 चम्मच सौंफ, 1 से डेढ़ चम्मच खसखस (पोस्ता दाना), 2 चम्मच सूखा पुदीना और 1 चम्मच पिसी हुई चीनी लें। एक छोटी कढ़ाई या पैन में सौंफ और खसखस को धीमी आंच पर हल्का रोस्ट कर लें ताकि उनकी नमी निकल जाए और खुशबू आने लगे। इसके बाद इसमें सूखा पुदीना मिलाएं और हल्का चलाएं। अब अंत में पिसी चीनी मिलाकर इन सभी चीजों को मिक्सी में डालकर पीस लें। यह सौंफ-पुदीना मसाला नमकीन को बेहद रिफ्रेशिंग स्वाद प्रदान करता है।\n\nतेज आंच पर तलने और मिलाने की सही तकनीक\nमसाले तैयार होने के बाद तलने की प्रक्रिया शुरू करें। एक कढ़ाई में नमकीन फ्राई करने के लिए साफ तेल डालें और उसे अच्छी तरह गर्म होने दें। जब तेल सही तरीके से गर्म हो जाए, तब कपड़े से पोंछकर हल्की सुकाई गई दाल को थोड़ा-थोड़ा करके तेल में डालें। दाल को तलते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गैस की फ्लेम तेज ही होनी चाहिए। तेज आंच पर थोड़ी-थोड़ी दाल डालकर तलने से दाल तेल नहीं सोखती और एकदम कुरकुरी फ्राई होती है।\n\nजब दाल अच्छी तरह से तलकर सुनहरी और क्रंची हो जाए, तो उसे तेल से निकालकर किसी बर्तन में रखें। अब गरम-गरम तली हुई दाल में ही अपनी पसंद के अनुसार तैयार किया गया पहला तीखा मसाला मिलाएं। गरम दाल में मसाला मिलाने से वह दाल पर अच्छी तरह चिपक जाता है। इसके साथ ही स्वाद और रंगत बढ़ाने के लिए थोड़े से करी पत्ते लें और उन्हें भी तेज गर्म तेल में कुरकुरा होने तक फ्राई कर लें। इन फ्राई किए हुए करी पत्तों को भी नमकीन में मिला दें।\n\nसौंफ का मसाला मिलाने और स्टोर करने का तरीका\nदाल में पहला मसाला और करी पत्ता मिलाने के बाद उसे पूरी तरह से ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब तली हुई चना दाल पूरी तरह से ठंडी हो जाए, तब इसमें पहले से तैयार किया गया सौंफ, खसखस और पुदीने वाला दूसरा मसाला मिलाएं। इस सौंफ वाले मसाले को हमेशा नमकीन ठंडी होने पर ही मिलाना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस मसाले में पिसी चीनी मौजूद होती है और अगर इसे गरम दाल में मिला दिया जाएगा, तो चीनी पिघलकर नमी छोड़ देगी जिससे नमकीन का कुरकुरापन खत्म हो सकता है।\n\nजब दोनों मसाले और करी पत्ता चना दाल में अच्छी तरह मिक्स हो जाएं और नमकीन पूरी तरह से कमरे के तापमान पर आ जाए, तब इसे स्टोर करने की बारी आती है। इस नमकीन को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए हमेशा किसी कांच के एयर टाइट डिब्बे में ही भरकर रखें। कांच के एयर टाइट जार में बंद करके रखने से इसमें नमी प्रवेश नहीं कर पाती और नमकीन कई हफ़्तों तक वैसी ही क्रंची और चटपटी बनी रहती है।\n\nइसका आप पर असर\nघर में शुद्ध तेल और ताजे मसालों से चना दाल नमकीन बनाने का सीधा असर आपकी सेहत और जेब दोनों पर पड़ता है।\n\n• सेहत के लिए: बाजार में कई बार तली जाने वाली नमकीन में इस्तेमाल तेल बार-बार गर्म होने से नुकसानदायक हो जाता है, जबकि घर पर आप साफ तेल इस्तेमाल करके पाचन संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।\n• बचत के लिए: 1 कप चना दाल और घर के साधारण मसालों से कम लागत में बड़ी मात्रा में शुद्ध नमकीन तैयार हो जाती है।\n• लंबे समय तक इस्तेमाल: सही तरीके से सुखाकर और कांच के एयर टाइट डिब्बे में रखकर इसे हफ्तों तक बिना खराब हुए क्रंची रखा जा सकता है।\n• स्वाद में विविधता: अपनी पसंद के अनुसार तीखेपन और खट्टा-मीठा स्वाद तय करने की पूरी आजादी मिलती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबाजार की नमकीन छोड़कर घर पर ही चना दाल नमकीन बनाने की मुख्य वजह सेहत और गुणवत्ता से जुड़ी चिंताएं हैं।\n\n• पुराने तेल की समस्या: व्यावसायिक उत्पादन में एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, जिससे नमकीन में बासी तेल की दुर्गंध आने लगती है।\n• मीठे सोडे की भूमिका: चने की दाल को 6 से 8 घंटे भिगोते समय मीठा सोडा डालने से दाल अंदर तक फूलकर आकार में दोगुनी हो जाती है और तलने के बाद बेहद खस्ता बनती है।\n• चीनी का पिघलना रोकना: सौंफ और चीनी वाले मसाले को ठंडी दाल में मिलाने की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि चीनी गर्मी से पिघलकर नमकीन को सीलन भरा न कर दे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चना दाल नमकीन बनाने के लिए दाल को कितने घंटे भिगोना चाहिए?\nचना दाल में एक चौथाई चम्मच मीठा सोडा मिलाकर उसे 6 से 8 घंटे के लिए भिगोना चाहिए ताकि दाल फूलकर आकार में दोगुनी हो जाए।\n\n2. चना दाल को तलने से पहले सुखाना क्यों जरूरी है?\nधोने के बाद कपड़े पर रखकर दाल की ऊपरी नमी को सुखाया जाता है ताकि तलते समय तेल के छींटे न उड़ें और दाल कुरकुरी बने।\n\n3. सौंफ और पुदीने वाला मसाला कब मिलाना चाहिए?\nसौंफ और चीनी वाले मसाले को चना दाल के पूरी तरह ठंडे होने के बाद ही मिलाना चाहिए, वरना चीनी पिघलकर नमकीन को नम कर सकती है।\n\n4. इस नमकीन को कितने समय तक स्टोर किया जा सकता है?\nपूरी तरह ठंडी होने के बाद इसे कांच के एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रखें तो यह कई हफ्तों तक एकदम क्रंची बनी रहती है।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-09-09",
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